गुरुवार, 30 जुलाई 2015

70 कर्मचारियों का पीएफ का पैसा खा गई मोवीनियर कंपनी

-कर्मचारियों को लगाई लगभग 35 लाख रुपए की चपत


ग्वालियर। बिजली कंपनी की सर्विस प्रोवाइडर कंपनी ने अपने 70 कर्मचारियों का जीपीएफ जमा नहीं किया, न ही उन्हें जीपीएफ नंबर दिया तथा बाद में इन कर्मचारियों का पैसा खा गई। बिजली कंपनी ने इन कर्मचारियों के पीएफ का पैसा मोवीनियर कंपनी को दिया, लेकिन उसने जमा नहीं किया जिससे यह कर्मचारी अब ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

बिजली कंपनी ने मोवीनियर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को जुलाई 2012 में कर्मचारी नियुक्त करने का ठेका दिया था तथा उसके बाद फरवरी 2015 में उसका ठेका समाप्त कर दिया। मोवीनियर कंपनी को बिजली कंपनी बराबर उसके कर्मचारियों के हिस्से का जीपीएफ का पैसा देती रही, लेकिन मोवीनियर कंपनी ने उस पैसे को पीएफ कार्यालय में जमा ही नहीं कराया। जमा कराने का प्रश्न तो तब उठता जब इन कर्मचारियों का पीएफ एकाउंट खुलता। उस कंपनी ने अपने कर्मचारियों का पीएफ एकाउंट तक नहीं खुलवाया तथा उनके हिस्से का पैसा मोवीनियर कंपनी प्रबंधन अपने पास रखता रहा। बाद में जब कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो उसने कुछ कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जिससे कर्मचारी डर कर शांत रहे। बाद में जब फरवरी 2015 में बिजली कंपनी ने इस कंपनी का ठेका समाप्त कर दिया। जिन कर्मचारियों को जीपीएफ का पैसा कंपनी ने खाया है उन्होंने उसकी शिकायत बिजली कंपनी के अधिकारियों से की, जिस पर घोटाला उजागर हुआ तथा घोटाले का अंाकलन लगाया गया तो एक-एक कर्मचारी का 40 से 50 हजार रुपया तक जीपीएफ का निकल रहा है तथा 70 कर्मचारियों का पैसा खा गई हैं जो 30 से 35 लाख रुपए के बीच है।

बिजली कंपनी प्रबंधन की मिलीभगत 
सूत्रों की माने तो इस मामले में कंपनी प्रबंधन के तत्कालीन अधिकारियों की मिलीभगत बताई जा रही है। उस समय के उपमहाप्रबंधक, महाप्रबंधक व मुख्य महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी इस षडय़ंत्र में भागीदार बताए जा रहे हैं, लेकिन कुछ भी हो आज इन ठेके पर काम कर रहे गरीब कर्मचारियों का लाखों रुपया मोवीनियर सर्विस प्रोवाइडर कंपनी लेकर भाग गई जिसके जिम्मेदार बिजली कंपनी प्रबंधन भी है।

पीएफ कमिश्नर को करेंगे शिकायत 
जब हमें इस घोटाले की जानकारी मिली तो हमने मोवीनियर कंपनी के प्रबंधन से पत्राचार किया तथा उन्हें बुलाया, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। बिजलीं कंपनी ने तो सर्विस प्रोवाइडर को कर्मचारियों के पीएफ के पैसों का पूरा भुगतान किया है, अगर सर्विस प्रोवाइडर ने पीएफ नहीं जमा किया है तो उसके लिए सर्विस प्रोवाइडर जिम्मेदार है तो हम इसकी शिकायत पीएफ कमिश्नर कार्यालय में दर्ज कराएंगे।
अरुण शर्मा, महाप्रबंधक शहर वृत्त

मैं अभी बैठक में हूं, आप सीजीएम से बात कर लें।
- विवेक पोरवाल, एमडी, मक्षेविवि कंपनी, भोपाल

नहीं लगा फोन
जब इस संबंध में बिजली कंपनी के सीजीएम कप्तान सिंह से बात करना चाही तो उनका फोन ही नहीं लगा।


उद्घाटन के बाद भी नहीं खुला बायो टॉयलेट काउंटर




- उद्घाटन के बाद से ही लगा है ताला

ग्वालियर।
रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को ट्रेन व स्टेशन पर साफ सफाई रखने की बायो टॉयलेट की जानकारी देने के लिए रेलवे प्रबंधन द्वारा तैयार बायो टॉयलेट काउंटर का उद्घाटन हुए लगभग दो माह बीत चुके हैं, लेकिन आज तक काउंटर पर ताला लटका हुआ है, क्योंकि काउंटर का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। जबकि डीआरएम एसके अग्रवाल ग्वालियर निरीक्षण के दौरान काउंटर का उद्घाटन कर चुके हैं। प्रबंधन की उदासीनता के चलते यह काउंटर अभी तक पूरा तैयार नहीं हो सका है। उल्लेखनीय है कि रेलवे ट्रैक व ट्रेनों में यात्रियों द्वारा फैलाई जाने वाली से निजात पाने के रेल प्रबंधन ने कुछ ट्रेनों में बायो टॉयलेट की सुविधा उपलब्ध कराई थी, लेकिन अधिकांश यात्रियों को इस बायो टॉयलेट का उपयोग करने की जानकारी न होने के कारण ट्रेनों में लगे बायो टॉयलेट अक्सर जाम हो जाया करता था।

आधे अधूरे का उद्घाटन
स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर प्रबंधन द्वारा गत दो माह पहले बायो टॉयलेट काउंटर का निर्माण कराया गया था। जिससे स्टेशन पर यात्रियों को बायो टॉयलेट की जानकारी दी जा सके। डीआरएम के निरीक्षण के चलते प्रबंधन ने आधे-अधूरे काउंटर का ही उद्घाटन करा दिया और उद्घाटन के बाद से अभी काउंटर का बाकी पड़ा निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं सका है।

जानकारी के लिए बैठेगा स्टॉफ
बायो टॉयलेट काउंटर पर यात्रियों को जानकारी देने के लिए प्रबंधन द्वारा दो लोगों को नियुक्त किया जाएगा जो डेमोस्ट्रेशन और पोस्टर के माध्यम से यात्रियों को बायो टॉयलेट के प्रति जागरूक करेंगे। लेकिन प्रबंधन की उदासीनता के कारण दो माह बाद भी काउंटर शुरू नहीं हो सका है।

लगेंगे एलईडी और पोस्टर
स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को बायो टॉयलेट की जानकारी देने के लिए प्रबंधन द्वारा एलईडी तथा पोस्टर लगवाए जाएंगे। जिसकी मदद से काउंटर पर बैठने वाला स्टॉफ यात्रियों को बायो टॉयलेट के उपयोग करने की जानकारी देगा।


दुष्कर्म का आरोप लगाने की धमकी देकर करते थे ब्लेकमैल


- ब्लेकमैल करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश

ग्वालियर।
झांसा देकर ब्लेकमैल करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गोला का मंदिर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों ने शहर के एक व्यापारी को झांसा देकर उससे 15 हजार रुपए ऐंठे थे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद आरोपी बदमाश व्यापारी को छोड़ फरार हो गए थे। पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था। अब शेष को भी पकड़कर दाखिले हवालात कर दिया है।

थाना गोले का मन्दिर क्षेत्र में लोगों को फोन पर झांसा देकर ब्लेकमैल करने वाले गिरोह के तीन सदस्य ग्राम पुर थाना रिठौरा जिला मुरैना में मौजूद हैं। यह सूचना मुखबिर ने पुलिस अधिकारियों को दी थी। सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना अलर्ट हुई और मौके पर दबिश दी। पुलिस ने ग्राम पुर से एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपना नाम रवूदी गुर्जर, हरिया गुर्जर निवासीगण ग्राम पुर थाना रिठौरा जिला मुरैना एवं गिरोह की महिला सदस्य कमलेश जाटव निवासी रिठौराकला जिला मुरैना बताया है। गिरफ्तार आरोपियों से ठगी की अन्य वारदातों के संबंध में पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के दो सदस्य मोनू वाल्मीकि तथा किशोर जाटव को पूर्व में ही गोले का मन्दिर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरोह के शेष तीन आरोपियों की पुलिस को तलाश थी। जिन्हे 29 जुलाई की रात्रि में गिरफ्तार कर लिया।

व्यापारी को बनाया था निशाना 
ज्ञात हो कि 15 जून को टायर व्यापारी प्रवीण दांतरे निवासी प्रगति विहार कालोनी ने थाना गोले का मन्दिर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक महिला ने फोन पर उससे दोस्ती की और एक दिन उसे अपने घर बुलाया। जब व्यापारी महिला के घर पहुंचा तो उसके घर में पूर्व से ही चार अन्य लोग मौजूद थे। उन्होंने फरियादी को पकड़ लिया और कहा कि 15 हजार रुपए दो नहीं तो बलात्कार के केस में फंसा देंगे। गिरोह के पांचों आरोपी द्वारा फरियादी को लगातार ब्लेकमैल किया जाने लगा। दबाव में आकर व्यापारी ने आरोपियों को 15 हजार रुपए दे दिये थे। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू की। गिरोह द्वारा पूर्व में भी कुछ लोगों के साथ इस प्रकार की वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें प्रदीप गर्ग नामक व्यक्ति के साथ भी इसी प्रकार फोन पर झांसा देकर ब्लेकमैल कर पैसे ऐंठे गये थे। जिसकी फरियादी द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।

सावन के साथ आ सकती है बारिश







तापमान
अधिकतम- 32.6 डिसे (-0.4) 

न्यूनतम- 25.4 डिसे (-0.3) 
आद्र्रता- सुबह- 84 प्रतिशत (+05) 
शाम- 65 प्रतिशत (-06)

ग्वालियर। अगस्त और सावन आगमन एक साथ हो रहा है। इससे पहले वर्षाकाल का आधा समय समाप्त हो जाएगा। अगस्त और सावन के महीने जोरदार वर्षा के लिए जाने जाते हैं, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस दौरान अंचल में अ'छी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग भी इसकी संभावना व्यक्त कर रहा है।

इस सीजन में अब तक 417.6 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है। हालांकि जिस तरह की बारिश हुई है, उससे लोगों को लगा ही नहीं कि जोरदार वर्षा हुई है। यही कारण है कि अब भी लगातार अ'छी बारिश का इंतजार किया जा रहा है। पिछले दो दिन से वर्षा नहीं होने से गुरुवार को दिन और रात के तापमान में एक समान 1.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस तरह दिन का तापमान 32.6 और रात का 25.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को अंचल में कहीं-कहीं बौछारें आ सकती हैं। एक अगस्त से तीन-चार दिन अ'छी वर्षा होने की संभावना है। गौरतलब है कि अंचल में घने काले बादल तो कई दिनों से मंडरा रहे हैं, लेकिन उनकी स्थिति के अनुसार वर्षा नहीं हो सकी।

मंगलवार, 28 जुलाई 2015

अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि

 

आज दिनांक 28/07/2015 को दोपहर 01 बजे रवींद्र भवन मे नेशनल स्टूडेंट्स प्रोटक्शन राइट्स द्वारा भारत रत्न पुरस्कार प्राप्त कर चुके पूर्व राष्ट्रपती ए पी जे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी और पाँच मिनट का मोन रखा गया नेशनल स्टूडेंट्स प्रोटक्शन के म.प्र.के प्रेसीडेंट आमिर अल्वी ने शोक व्यक्त करते हुए बताया कि कलाम साहब ने पुरें देश को कई तरहा के अविष्कार दियें हैं

शनिवार, 25 जुलाई 2015

द डाउनटर्न ने सच्चाई के पीछे की सच्चाई उजागर की


- लेखक/जर्नलिस्ट वरुण सोनी की किताब रियल इस्टेट सेक्टर में जीवन के सच्चे अनुभवों से निर्मित पहली फिक्शन है


भोपाल। चंदना बुकहाउस, भोपाल  ने आज दिल्ली के मशहूर लेखक/जर्ऩलिस्ट वरुण सोनी के साथ मीट द ऑथर सत्र का आयोजन किया, जहां उन्होंने अपनी किताब 'द डाउनटर्नÓ के बारे में बताया, जो कि देश में रियल इस्टेट सेक्टर पर आधारित पहली फिक्शन किताब है। इस सत्र के दौरान लेखक ने बताया, कि डेवलपर्स प्रोजेक्ट क्यों लॉन्च करते हैं और उसने किस प्रकार फिक्शनल कहानी के जरिए रियल इस्टेट कंपनी के कार्यों को उजागर किया है। इसमें जीवन के सच्चे अनुभवों से प्रेरणा ली गई है। वरुण ने बताया, ''यह कहानी जीवन का सच्चा अनुभव है और एक रियल इस्टेट प्रोजेक्ट के लॉन्च की वजह के बारे में बताती है। यह बताती है, कि किस प्रकार डेवलपर्स भोलेभाले ग्राहकों को उनके सपनों के घर को पाने का लालच देते हैं।ÓÓ उन्होंने आगे बताया, ''ग्राहकों को यह जानना बहुत जरूरी है, कि कौन सा डेवलपर वास्तव में अपना वायदा पूरा करेगा। उन्हें ऐसे प्रोजेक्ट में निवेश नहीं करना चाहिए, जो आर्किटेक्चुरल ड्राईंग्स पर आधारित होते हैं।ÓÓ ''द डाउनटर्नÓÓ का लॉन्च पिछले साल यूनाईटेड अरब अमीरात (यूएई) के एम्बेसडर, एच. ई. मोहम्मद सुल्तान अब्दला अल ओवेस ने दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में किया था। लेखक वरुण सोनी ने इससे पूर्व दो कॉफी टेबल बुक्स 'लिविंग इन इंडियाÓ और 'लक्जऱी रिसॉटर््स एण्ड स्पॉज़ ऑफ इंडियाÓ पेश की हैं। 'द डाउनटर्नÓ एक मीडिया प्रोफेशनल प्रोमिक बोरा की यात्रा का चित्रण है, जो सोने के लालच में रियल इस्टेट सेक्टर में प्रवेश करता है। लेकिन दुर्भाग्य से जैसे ही वह असाईनमेंट लेता है, विश्व की अर्थव्यवस्था डगमगाने लगती है और वह आर्थिक मंदी का शिकार हो जाता है।  इस किताब को बड़ी ही सरल और सहज भाशा में लिखा गया है, लेखक अपने विशय से जुड़ा रहा है और मुख्य विशय से भटकाने वाले अनावश्यक विवरण या वृत्तांत पेश नहीं किए गए हैं। 'द डाउनटर्नÓ का प्रकाशन गुडग़ांव स्थित ज़ोरबा पब्लिशर्स ने किया है और इसका मूल्य 125 रु. है। यह किताब फ्लिपकार्ट, यूरीड, बुकअड्डा और इन्फीबीम पर पहले से ही उपलब्ध है। यह अमेजन पर भी उपलब्ध है और इसका ई-वजऱ्न किंडले से खरीदा जा सकता है।  भोपाल में यह चंदना बुकहाउस पर एक्सक्लुसिव रूप से उपलब्ध है।

क्या है पुस्तक में
प्रोमित बोरा रियल इस्टेट में एक बड़ा नाम है, उसने लगभग आठ सालों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। बाहर के लोगों के लिए सफल जर्नलिस्ट की उनकी यात्रा ईश्र्या पैदा करती है। वे एक सबसे बड़े न्यूजपेपर में नौकरी करते हैं, बिजनेस समुदाय उनपर काफी ध्यान देता है और उन्हें कई सारी सुर्खियां मिलती हैं। लेकिन सारे ग्लैमर और पहचान के बावजूद उनका वेतन बहुत कम है। वे अधिक वेतन के द्वारा दी जाने वाली शानदार सुविधाओं का लाभ उठाना चाहते हैं। जब बीडीबी इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर से उन्हें एक आकर्शक ऑफर मिलता है, जो वे इस लालच से बच नहीं पाते हैं और उनके कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन विभाग के अध्यक्ष का पद स्वीकार कर लेते हैं। उन्होंने सोचा कि एक पत्रकार के रूप में उन्होंने यह सब देखा है, लेकिन उनके भाग्य में क्या है, यह उन्हें नहीं मालूम है।  दुर्भाग्य से जैसे ही प्रोमित बीडीबी से जुड़ते हैं, अर्थव्यवस्था जमीन पर आ जाती है और बीडीबी डगमगाने लगती है। इसके बाद कुछ ऐसे मोड़ आते हैं, जो बीडीबी को नंगा कर देते हैं और प्रोमित इस भंवर में फंस जाते हैं।  जानिए धन, सेक्स और फूहड़पन की प्रोमित की यात्रा के बारे में।

लेखक के बारे में
वरुण सोनी का लेखनी से गहरा संबंध रहा है। चाहे लघु कथा हो, समाचार के लेख, अनुसंधान या किताबें- वरुण ने लेखन की हर विधा में अपना हाथ आजमाया है और अपनी योग्यता का परिचय दिया है। इंगलिश साहित्य में पोस्टग्रेजुएट इस लेखक का जन्म, पालन-पोशण और शिक्षा दिल्ली में ही हुई है। 1995 में एक अग्रणी पब्लिशिंग हाउस मीडिया ट्रांसएशिया के साथ अपना कॅरियर प्रारंभ करके उन्होंने वहां पर कई पत्रिकाओं के लिए अपना योगदान दिया है। लगभग दो सालों के बाद वे भारत की अग्रणी न्यूज़ एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में चले गए और अपनी रिपोर्टिंग की कलाओं का विकास किया। लेखन के प्रति उनका प्रेम उन्हें हिंदुस्तान टाईम्स और फिर उसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप में ले आया, जहां उन्होंने इंटीरियर, रियल इस्टेट, शिक्षा, मानव संसाधन और कॉर्पोरेट योजनाओं जैसे विविध विशयों पर लिखा। उन्होंने छ: साल पहले अपनी पहली किताब 'लिविंग इन इंडिया: लिव्स इन स्टाईलÓ के साथ किताब लेखन की शुरुआत की। यह देशभर में 50 सेलिब्रिटी और खूबसूरत डिज़ाईन वाले घरों की झलकी पेश करती थी। 2007 में लॉन्च की गई यह किताब आज भी बिक रही है। डिज़ाईन और इंटीरियर के प्रति अपने प्रेम के कारण वरुण ने अपनी दूसरी कॉफी टेबल बुक 'लक्जऱी रिसॉटर््स एण्ड स्पाज़ ऑफ इंडियाÓ पर काम किया। वरुण ने 'न्यू प्रिंसेसेस ऑफ अलवरÓ में एक जानकारीयुक्त अध्याय भी लिखा है। यह किताब राजस्थान में महिला सफाईकर्मियों का विवरण पेश करती है। वरुण सोनी नई दिल्ली में अपनी पत्नी डॉ. वंदना और पुत्र रुशिल के साथ रहते हैं। अधिक जानकारी के लिए www.varunsoniwrites.com पर लॉग ऑन करें।




शुक्रवार, 24 जुलाई 2015

उच्च शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में मनी चंद्रशेखर आजाद की जयंती



-  बीएल मारण

भोपाल । अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर आज उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नानके पेट्रोल पंप तथा गीतांजलि कालेज परिसर में आजाद जयंती का आयोजन किया। इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लीलेंद्रसिंह मारण, मंडल अध्यक्ष आशु तिवारी, राकेश जैन सहित राकेश सरवैया, राजेश खटीक और अन्य बड़ी संख्या में मौजूद महिला-पुरुष कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। 

बुधवार, 22 जुलाई 2015

मोबाइल से जोड़ें अपना आधार नंबर वोटर आईडी से


- योजना के प्रचार-प्रसार की प्रक्रिया और तेज हुई

 - बीएल मारण
भोपाल आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने की योजना के तहत अब मतदाता स्वयं अपने मोबाइल से एसएमएस करके अपना वोटर आईडी आधार कार्ड से जोड़ सकते हैं। इसके लिए वे 51969 पर एसएमएस करें। इससे उन्हें एसएमएस के जरिये लिंक होने की सूचना भी मिलेगी। इसी तरह इंटरनेट पर ‘नेशनल वोटर सर्विस’ पर जाकर कोई भी मतदाता घर बैठे या इंटरनेट कैफे जाकर अपना मोबाइल नंबर या ई-मेल पता और आधार नंबर वोटर आईडी से जोड़ सकता हैं। ई-मेल के जरिये भी कोई भी मतदाता अपना वोटर आईडी आधार कार्ड से जोड़ सकता है और ई-मेल कर सकते हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा इस अभियान का प्रचार-प्रसार जारी है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए आकाशवाणी और दूरदर्शन का भी सहयोग लिया जा रहा है, साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए पंपलेट्स भी छपवाए गए हैं। इसके अलावा बीएलओ द्वारा भी घर-घर जाकर आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने का काम तेज कर दिया गया है। योजना के अंतर्गत बीएलओ समग्र आईडी से भी मतदाताओं के आधार नंबर घर बैठे डाउनलोड कर सकते हैं। जो ग्राम पंचायत सचिव पहले से ही बीएलओ नियुक्त हैं, उनके लिए यह काम और भी आसान रहेगा। 
--------

जियोस में जिला पंचायत से तीन सदस्य निर्वाचित


- आम सहमति से चुने गए सभी प्रतिनिधि

 - बीएल मारण 
भोपाल जिला योजना समिति में जिला पंचायत के प्रतिनिधि सदस्यों के लिए बुधवार को हुए निर्वाचन मेंआम सहमति से तीन जिपं सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया। एडीएम विकास मिश्रा की विशेष उपस्थिति में चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें जिला पंचायत सदस्य वार्ड-5 से रीना विष्णु विश्वकर्मा (कांग्रेस), वार्ड-8 से आरती भीकमसिंह (राजू) मीणा व वार्ड-4 से माखनसिंह राजपूत (दोनों भाजपा) निर्वाचित हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष मनमोहन नागर ने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि जियोस के चुनाव में तीनों सदस्य सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। दरअसल सभी सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल अध्यक्ष की सहमति से होगा। इस कारण चुनाव की स्थिति नहीं बनी और अध्यक्ष की सहमति से एडीएम श्री मिश्रा ने तीनों सदस्यों की निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ पीसी शर्मा, जिपं उपाध्यक्ष रेखा राजू राजपूत, सदस्य खेलनसिंह दरबार, हटेसिंह सोलंकी, प्रियंका गोयल, रचना महेंद्र मीना, शिवनारायण अहिरवार मौजूद थे। 
ननि से जियोस के नए सदस्य निर्वाचित :
      उधर नगर निगम में भी जिला योजना समिति के नए सदस्यों की निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई। नगर निगम भोपाल से 12 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इनमें राजकुमारी राजू मीणा, वर्षा कमलेश कुशवाह, संतोष उईके, लक्ष्मी गोरेवर, मसर्रत बाबू मस्तान, संतोष हिरवे, सीमा यादव, रश्मि सुनील द्विवेदी, सुषमा चौहान, प्रकांत तिवारी, तुलसा वर्मा तथा पवन बोराना शामिल हैं। 


समस्या : जेपी अस्पताल में पानी को तरसे मरीज


भोपाल । शहर का सर्वसुविधायुक्त जेपी अस्पताल इन दिनों पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। फलस्वरूप अस्पताल में भर्ती और रोजाना आने वाले मरीजों को न केवल पीने के पानी का संकट झेलना पड़ रहा है, बल्कि शौच आदि के लिए भी बाहर  बने सुलभ शौचालयों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जेपीअस्पताल में पिछले दो दिन से पानी नहीं आया, जिससे न तो मरीजों को पीने का पानी मिला और न शौचालयों में पानी है। सूत्रों की मानें तो मेंटेनेंस में लापरवाही के चलते यहां दो दिन से खराब पड़ी मोटर को अब तक नहीं सुधरवाया गया, जिससे यह स्थिति निर्मित हुई है। गौरतलब है कि वर्तमान में अस्पताल में 150 से अधिक मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा प्रतिदिन लगभग 400 से अधिक मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। अस्पताल में पानी की सुविधा न होने के कारण वे बाहर दुकानों से पानी की बोतलें खरीद रह हैं, वहीं मरीजों को शौच और स्नान आदि के लिए बाहर सुलभ शौचालय की शरण में जाना पड़ रहा है। यह विडंबना ही है कि अस्पताल में पानी की चार मोटरें हैं, लेकिन किसी में भी पानी नहीं आ रहा है।
इनका कहना है :
मोटर सुधारने के लिए दे दी गई है। गुरुवार से किसी भी मरीज और उनके परिजनों को इस तरह की किसी परेशानी नहीं होगी। 
- डॉ. वीणा सिन्हा, सीएमएचओ

मनरेगा : पर्यावरण संतुलन के लिए सड़क किनारे होगा पौधारोपण


-प्रारंभिक चरण में सड़कों के चिन्हांकन करने के दिए निर्देश

 भोपाल ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव को कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण के माध्यम से राष्टÑीय मार्ग, राज्य मार्ग, पीएमजीएसवाय, मुख्यमंत्री सड़क और ग्राम पंचायतों के पहुंच मार्गों पर पौधारोपण किया जाएगा। पौधारोपण का कार्य मनरेगा के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि मनरेगा के पात्र हितग्राहियों और जॉब कार्डधारियों की आय में वृद्धि कर उनकी आजीविका को भी सुदृढ़ किया जा सके।  सड़क किनारे पौधारोपण की इस कार्ययोजना के संबंध में शासन द्वारा निर्देश जारी किए जाकर जिला पंचायत को दायित्व सौंपा गया है। निर्देशों के परिपालन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीसी शर्मा द्वारा कार्ययोजना के प्रारंभिक चरण में सड़कों का चिन्हांकन ग्राम पंचायत की सहमति से किए जाने के निर्देश जनपद पंचायत फंदा और बैरसिया के सीईओ को जारी कर दिए गए हंै। मार्ग चिन्हांकन के बाद ट्रांजिट वॉक करके मार्गों की लंबाई, उपलब्ध स्थल के अनुसार एक पंक्ति, दो पंक्ति या तीन पंक्ति में पौधारोपण किया जाएगा। 
निर्माण विभाग से ली जा रही सहमति :
जिला पंचायत सीईओ के अनुसार सड़कों के किनारे रोड़ शोल्डर से हटकर उपलब्ध शासकीय भूमि में, जिससे कि सड़क की सुरक्षा प्रभावित न हो, खंड पौधारोपण भी किया जा सकता है। उन्होंंने बताया कि इस संबंध में संबंधित निर्माण विभाग से समन्वय कर सहमति ली जा रही है। इसके लिए पौधों का चयन पट्टा प्रदाय हितग्राही व ग्रामसभा की सहमति से उस क्षेत्र में सफल हो सकने वाली प्रजातियों में से किया जायेगा।
मनरेगा अधिनियम के तहत होगा चयन :
इस कार्य के लिए हितग्राहियों का चयन मनरेगा अधिनियम के मद्देनजर ट्री पट्टा प्रदाय कर प्राथमिकता क्रमानुसार अनुसूचित जाति परिवार, अनुसूचित जनजाति परिवार, आदिम जनजाति परिवार अधिसूचित, अनुसूचित जनजाति परिवार, अन्य गरीबी रेखा के परिवार, ऐसा परिवार जिनके मुखिया विकलांग है, भूमि सुधार के लाभार्थी परिवार, इंदिरा आवास योजना के हितग्राही, वनाधिकार अधिनियम-2006 के अंतर्गत लाभान्वित हक प्रमाण-पत्र धारक एवं लघु व सीमांत कृषक का चयन किया जाएगा। चयनित हितग्राहियों को ‘वृ़क्ष मित्र ट्री पट्टाधारी’ के नाम से संबोधित किया जाएगा।

उद्यानिकी बीज विक्रेताओं को लायसेंस लेना जरूरी

- आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई

 भोपाल । उद्यानिकी के बीजों का व्यवसाय करने के लिए अब बीज विक्रेताओं को विभाग द्वारा प्रदत्त लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश राजपत्र 5 फरवरी, 2007 द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उप संचालक उद्यान को जिले में उद्यानिकी फसलों के बीज विक्रय के लिए लाइसेंस अ‍ॅथोरिटी घोषित किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक उद्यान विभाग द्वारा जिले के सभी कंपनी प्रबंधकों, व्यापारियों और दुकानदारों से अनुरोध किया गया है कि जो व्यक्ति उद्यानिकी बीजों का व्यापार करना चाहता है या कर रहा है, उसे बीज विक्रय के लिए उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी विभाग जिला द्वारा लाइसेंस प्राप्त किया जाना अनिवार्य है। बगैर लाइसेंस उद्यानिकी फसलों के बीज का विक्रय किया जाना बीज अधिनियम के नियमानुसार दंडनीय अपराध माना गया है। उप संचालक उद्यान ने बताया कि ऐसे व्यापारी और दुकानदार अंतिम तिथि आगामी 31 जुलाई तक अनिवार्य रूप से लाइसेंस प्राप्त कर लें। लाइसेंस के बिना उद्यानिकी बीज विक्रय के विरुद्ध किसी भी वैधानिक कार्यवाही के लिए व्यापारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि विभाग को आवेदन करने संबंधित प्रपत्र या आवेदन संबंधित दस्तावेज कार्यालय उप संचालक उद्यान की बीज लाइसेंस शाखा से प्राप्त किए जा सकते हैं।

बबीता ने शानदार बेली डांस परफार्मेंस दिया



भोपाल।
जेठालाल की पसंदीदा बबीता जी ने सब के अनोखे अवाड्र्स में अपने डांस से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। खूबसूरत अभिनेत्री ने मय्या मय्या पर जबर्दस्त परफार्मेंस दिया और अपने बेली डांसिंग के मूव्स दिखाकर सभी को चौंका दिया। ग्लैमरस बबिता लगभग 10 दिनों से अपने ऐक्ट के लिए प्रैक्टिस कर रही थीं और उन्होंने सुनिश्चित किया कि अंतिम परिणाम चौंकाने वाला और असाधारण होगा। अभिनेत्री ने स्टेज पर डांस कर दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं। सभी दर्शकों के लिए यह देखने लायक प्रस्तुति होगी, क्योंकि उन्हें अपनी पंसदीदा अभिनेत्री को आज से पहले कभी न देखे गये अवतार में देखने का मौका मिलेगा। सब के अनोखे अवाड्र्स पर बबीता के बेली डांस के मूव्स देखें। सब के अनोखे अवाड्र्स का प्रसारण 31 जुलाई, रात 9 बजे सिर्फ सब पर किया जा रहा है!

फिर भी न माने...बद्तमीज दिल में कुबेर मल्होत्रा की भूमिका निभाने वाले अयूब खान









अबीर और मेहर अपनी जबरदस्त केमिस्ट्री की वजह से होंगे अगले अर्नव और खुशी: अयूब खान


-फिर भी न माने...बद्तमीज दिल में कुबेर मल्होत्रा की भूमिका निभाने वाले अयूब खान स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाली प्रेम कहानी को प्रमोट करने भोपाल पहुंचे-

भोपाल। हर प्रेम कहानी में जोड़ों के खुशहाली से जिंदगी बिताने से पहले कई उतार चढ़ावों से गुजरना पड़ता है। लेकिन क्या आप किसी ऐसी प्रेम कहानी की कल्पना कर सकते हैं जिसमें आप खुद अपनी प्रेम कहानी के खलनायक हों। स्टार प्लस फिर भी न माने....बद्तमीज दिल के साथ किस्सागोई में एक और लंबी उड़ान भर रहा है। यह वीजे अबीर मल्होत्रा और बिजनेस हेड मेहर पुरोहित की जुनूनी और इंटेंस प्रेम कहानी है जो अपनी गलतफहमियों और दूसरों की चालबाजियों की वजह से सात साल पहले अलग हो गये थे और अब एक म्यूजिक चैनल में मिलने के बाद अपनी गलतफहमियों को दूर करते हैं। शो का निर्माण लोकप्रिय सौरभ तिवारी की कंपनी सौरभ तिवारी फिल्म्स ने किया है।
कुबेर मल्होत्रा की भूमिका में अयूब खान
कुबेर मल्होत्रा की भूमिका में अयूब खान हैं जो अबीर के पिता की भूमिका निभा रहे हैं जो देश की प्रमुख हस्तियों में से हैं जिनकी झलक अक्सर देश के बिजनसे डेलीज और न्यूज चैनल्स पर दिखायी देती हैं। कुबेर ने यह दौलत तेज दिमाग और चतुर तरीकों की वजह से हासिल की है लेकिन इन सब के बावजूद कुबेर खुश नहीं है क्योंकि उसके बेटे अबीर ने अपनी संगीत में दिलचस्पी की वजह से अपने पिता की बिजनेस ज्वाइन करने की जगह पर संगीत में अपना भविष्य आजमाने और एक लोकप्रिय चैनल का वीजे बनने की की सोची है। पिता पुत्र में इस मतभेद की वजह से कुबेर और अबीर में खास नहीं बनती।
टीवी के फॉर्मेट को तोड़ेगा यह शो
अयूब ने कहा कि मुझे व्यक्तिलगत तौर पर कुबेर मल्होत्रा का किरदार पसंद है। वह भले अधिकार जताने वाला और नकारात्मक हो सकता है लेकिन आज वह जहां है वहां अपनी इतने सालों की मेहनत से पहुंचा है। इस शो का कांसेप्ट पूरी तरह अलग है जो टीवी के फॉर्मेट को तोड़ेगा। मेरे लिये यह शो ताजी हवा का झोंका है न सिर्फ कुबेर मल्होत्रा के किरदार के लिये बल्कि इसकी कांसेप्ट की वजह से है जिससे जनता इससे और तरीकों से जुड़ सकेगी। मुझे इस शो से बहुत आशाएं हैं और मुझे पता है यह बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगा।
स्टार प्लस के पिछले शो एक हसीना थी की ही तरह जहां उनका किरदार राजनाथ गोयनका का था, यहां भी उनके किरदार में निगेटिव शेड्स हैं। वह अपने काम को दूसरों से चाहे जैसे करवा ही लेते हैं और उनका एक व्यक्तित्व है जिसका दर्शकों पर असर पड़ेगा। कुबेर के किरदार में अपनी पर्सनालिटी को मिलाने के लिये अयूब ने शो में अपना लुक खुद डिजाइन किया है और उनके लुक और किरदार को अधिक बेहतर बनाने के लिये उनके व्यक्तिगत विंटेज ग्लास का इस्तेमाल किया गया।
पहली बार किसी डेली सोप में 16 गीत होंगे
भारतीय टेलिविजन पर पहली बार किसी डेली सोप में 16 गीत होंगे जो खासकर शो के लिये होंगे जिन्हें इंडियाज रॉ स्टार के रनर अप दर्शन रावल ने गाया है। फिर भी न माने बद्तमीज दिल सोमवार से शनिवार रात 8.30 बजे सिर्फ  स्टार प्लस पर





सोमवार, 20 जुलाई 2015

जीआरएमसी: ईसी की बैठक के 21 दिन बाद भी शुरू नहीं हो सके काम




-तीन सप्ताह में प्रस्तावों पर हस्ताक्षर तक नहीं कर सके सदस्य


-ढुलमुल रवैए के चलते मरीज एवं चिकित्सा छात्रों को नहीं मिल पा रही सुविधा



दीपक तोमर

ग्वालियर।
गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की 39वीं कार्यकारिणी बैठक को हुए 21 दिन हो चुके हैं। लेकिन इस बैठक में स्वीकृत हुए प्रस्तावों पर काम शुरू नहीं हुआ है। हालात यह है कि प्रस्तावो पर सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं हुए हैं। इस लापरवाही के चलते न तो हॉस्टलों की दशा सुधारने का काम शुरू हुआ है और न ही डॉक्टरों के ड्यूटी रूम बेहतर हो सके। हद तो यह है कि जीआरएमसी एवं जेएएच के पूरे स्टाफ को प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा भी नहीं हो सका है। यह स्थिति अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

मरीजों को बेहतर उपचार मुहैया कराने के उद्देश्य से गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की कार्यकारिणी बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्ताव पास हुए थे। 29 जून को चिकित्सा शिक्षा प्रमुख सचिव विनोद सैमवाल की उपस्थिति में हुई इस बैठक में सीटी एमआरआई का किराया बाजार भाव से 50 प्रतिशत कम करना, डॉक्टरों के ड्यूटी रूम वातानुकूलित करना, हॉस्टल की दशा सुधारना, कॉलेज एवं जेएएच में सीसीटीवी कैमरे लगाने सहित महत्वपूर्ण प्रस्तावो पर सहमति बनी। सदस्यों ने जल्द से जल्द इन प्रस्तावों पर काम शुरू कराने की हिदायत भी दी। लेकिन तीन सप्ताह बाद भी प्रस्तावों पर सदस्यों के हस्ताक्षर तक नहीं हो सके हैं। ऐसे में काम कब शुरू होंगे, इसका कोई जवाब अधिकारियों के पास नहीं है।

सीटी स्कैन पर नहीं बनी सहमति

कार्यकारिणी की बैठक में जेएएच के अलावा अन्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सीटी स्कैन का लाभ देने की मांग भी उठी। इस पर पीएस ने कहा कि बाहर के मरीजों की सीटी करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन इससे जेएएच के मरीज प्रभावित नहीं होने चाहिए। हालांकि लिखित में न तो कोई प्रस्ताव बना और न ही अब तक ऐसे कोई आदेश जारी हुए।

चिकित्सा छात्रों में नाराजगी

प्रमुख सचिव की स्वीकृति के बाद भी कार्य शुरू नहीं होने से जूनियर डॉक्टरों में रोष व्याप्त है। दरअसल इस बैठक में सबसे ज्यादा कार्य जूनियर डॉक्टरों से संबंधित ही थे। सीसी टीवी कैमरों की मांग जूनियर डॉक्टरों द्वारा ही की गई थी, ताकि वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगे और मारपीट की घटनाएं में सच्चाई सामने आए। साथ ही हॉस्टल के संधारण कार्य एवं डॉक्टर ड्यूटी रूमों को वातानूकूलित बनाना शामिल है। तीन सप्ताह बाद भी कार्य शुरू नहीं होने से जूनियर डॉक्टर बेहद गुस्से में हैं। अगर जल्द ही कार्य शुरू नहीं हुए तो जूडॉ को मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।

इन बिंदुओं पर बनी थी सहमति

-एमसीआई द्वारा जीआर मेडीकल कॉलेज में बताई गईं कमियाँ दूर करना।

-लाइब्रेरी भवन के विस्तार, छात्र कॉमन रूम तथा छात्रावासों के सुदृढ़ीकरण व जीर्णोद्धार कार्य।

-छात्रावासों में एक टन के एसी पर साढ़े सात हजार और डेढ़ टन के एसी पर दस हजार रुपए वार्षिक विद्युत शुल्क।

-कमलाराजा चिकित्सालय एवं न्यूरोसर्जरी विभाग के दरवाजों पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाना।

-रेडियो थैरेपी विभाग में स्थापित कोबाल्ट मशीन की सीएमसी/एएमसी सीधे कंपनी से कराने की मंजूरी।

-जो जांचें रेडियो डायग्नोसिस विभाग में नहीं होती हैं उनके लिए आउटसोर्सिंग के माध्यम से व्यवस्था करना।

-जीआर मेडीकल के छात्रों को प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोडऩा।

इनका कहना

यह बात सही है कि प्रस्ताव पास होने के बाद अब तक सदस्यों के साइन नहीं हुए हैं। इससे कार्य शुरू करने में देरी अवश्य हुई है, लेकिन हम आवश्यक कार्यों की पूरी प्लानिंग कर चुके हैं और जल्द ही सदस्यों के हस्ताक्षर कराकर सभी कार्य शुरू कर देंगे।

डॉ. जीएस पटेल, डीन, जीआरएमसी

पीएस ने हॉस्टल की व्यवस्थाएं सुधारने के लिए हमें आश्वासन दिया था। लेकिन तीन सप्ताह बाद भी कोई काम शुरू नहीं हो सका है। हॉस्टल के कमरों में सीलन आ गई है और प्लाटर उपट रहा है। बदबू के कारण छात्र कमरों में रह नहीं पा रहे। ऐसी स्थिति में काम एवं पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। अगर जल्द ही कार्य शुरू नहीं हुआ तो हमें मजबूरन प्रदर्शन करना पड़ेगा।

डॉ. गिरीश चतुर्वेदी, अध्यक्ष, जूडॉ








Khusboo gupta, gwalior

Khusbu gupta, gwalior

सचिवों को पंजी में दर्ज करना होगी दौरे की जानकारी

- सख्ती से कराया जाएगा निर्देशों का पालन 

बीएल मारण
भोपाल  । ग्राम पंचायत सचिवों को अब गांव छोड़कर बाहर जाने का कारण अपने दफ्तर की सरकारी पंजी में दर्ज करना होगा। सचिवों को यह जानकारी सरकारी, निजी व अन्य कारणों से बाहर जाने से पहले ही पंजी में लिखना होगा। इसके लिए जिला पंचायत सीईओ ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को इस व्यवस्था का ग्राम सचिवों से प्रभावी तरीके से पालन कराने के  निर्देश दिये हैं। गौरतलब है कि ग्रामीणों को किसी न किसी काम से पंचायत सचिव के गांव में आने का इंतजार रहता है। यह बात शनिवार को उस समय सामने आई, जब ग्राम पंचायत कुठार में मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन यात्रा के लिए हितग्राहियों को सरपंच और सचिव दोनों का इंतजार करते देखा गया। ज्ञात हो कि इस पंचायत में जहां सरपंच शाहपुर गांव में रहते हैं, वहीं सचिव भी समीपस्थ ग्राम चंदेरी से आते हैं। इसी प्रकार शासकीय अधिकारियों द्वारा पूछे जाने पर भी सचिव द्वारा दौरा करने व शासकीय कार्य  से बाहर होने की बात कही जाती है। इतना ही नहीं पंचायतों में कई बार सचिव शासकीय काम का कहकर अपने निजी काम से बाहर चले जाते हैं। यही कारण है कि अब सचिव को पहले आॅफिस की पंजी रजिस्टर में जानकारी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह पंजी ग्राम पंचायत भवन में उपलब्ध रहेगी। इस तरह की कार्रवाई करने से अधिकारी और ग्रामीणों को पंजी के माध्यम से यह जानकारी मिल सकेगी कि सचिव अपने मुख्यालय पर उपस्थित है या नहीं ? और वह कहीं गया है तो कारण भी पता चल जाएगा, क्योंकि जाने का कारण भी पंजी में दर्ज होगा। 
ये प्रक्रिया अपनानी होगी :
- सचिव को गांव का दौरा करना है तो पहले पंजी में जाने का समय और काम लिखना होगा। 
- दौरे की जानकारी जनपद स्तर पर जिस अधिकारी को दी जाना है, उसकी जानकारी भी पंजी में होगी। 
- जिला व तहसील मुख्यालय जाने पर संबंधित जानकारी और कार्य भी पंजी में लिखना होगा। 
- अवकाश लेने पर अवकाश की स्वीकृति देने वाले अधिकारी का नाम भी पंजी में दर्ज होगा। 
इनका कहना है : 
कई बार ग्रामीणों व अधिकारियों से यह शिकायत मिलती है कि गांव के दौरे पर सचिव उन्हें नहीं मिलता है। दाअसल वह स्वयं यह कहकर जाते है कि  वह दौरे पर जा  रहे हैं। अब इस तरह की कसावट करने से सचिवों के दौरे की जानकारी पंजी में रहेगी, जिसे कोई भी देख सकता है। 
- पीसी शर्मा, सीईओ, जिला पंचायत भोपाल

पांच करोड़ की लागत से शीघ्र बनेगी भव्य फूल मंडी


- कृषि उपज मंडी समिति तैयार कर रही फूल मंडी का खाका 

- सीएम की मंशानुरूप खेती को बनाएंगे लाभ का व्यवसाय 

बीएल मारण
भोपाल ।  राजधानी सहित आसपास जिलों के फूल व्यवसायी और फूल उत्पादक किसानों को अपने फूलों का विक्रय करने के लिए न तो फूलों के निर्यात की जरूरत होगी और न ही फूलों के खराब होने का भय रहेगा।  जी हां, सर्वसुविधायुक्त और आदर्श मंडी की दौड़ में शामिल राजधानी की पं. लक्ष्मीनारायण शर्मा कृषि उपज मंडी करोंद में शीघ्र ही लगभग पांच करोड़ रुपए की लागत से भव्य फूल मंडी का निर्माण होगा।  विभिन्न प्रकार के फूलों का थोक व्यापार करने वाले फूल व्यवसायियों को अब एक बेहतर प्लेटफार्म और इन्हें सुव्यवस्थित स्थान मुहैया कराने अनाज मंडी परिसर में ही फूल मंडी की सौगात मिल जाएगी। इसके लिए मंडी प्रशासन द्वारा भव्य फूल मंडी का खाका भी तैयार कराया जा रहा है। कृषि उपज मंडी समिति सचिव योगेश नागले और सचिव-स उमेश बसेड़िया ने बताया कि फूल व्यवसायियों को मंडी परिसर में व्यवसाय हेतु उचित स्थान प्रदान किए जाने का  प्रस्ताव समिति में पारित हो गया है। अब मंडी समिति फूल मंडी कैसे बने? इसकी रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है। श्री नागले ने कहा कि राजधानी भोपाल में फूलों का व्यवसाय व्यापक स्तर पर हो रहा है। इन व्यवसायियों को अभी कई प्रकार की दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है, जिनके स्थायी समाधान की दिशा में यह प्रयास जरूरी है। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपए की लागत से मंडी परिसर में लगभग एक एकड़ क्षेत्र में वातानुकूलित डोम बनाया जाएगा। 
बैठक में पारित हुआ प्रस्ताव :
मंडी सचिव श्री नागले ने बताया कि खेती को लाभ का धंधा बनाने की मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की मंशा के अनुरूप कलेक्टर के आदेश पर 15 जुलाई को बुलाई गई मंडी समिति की विशेष बैठक में फूल मंडी निर्माण संबंधी प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि अभी प्रदेश में संभवत: इंदौर में ही फूल मंडी की व्यवस्था है। श्री नागले के अनुसार प्रस्तावित फूल मंडी में एक विशाल 30 फुट ऊंचा पूर्ण वातानुकूलित डोम बनेगा, जहां किसान अपने फूलों का लंबे समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। इतना ही नहीं फूलों के विक्रय हेतु स्थानीय आधार पर मार्केट की भी व्यवस्था हो सकेगी, जिससे फूल व्यवसायियों को काफी मुनाफा होगा और वास्तव में खेती लाभ का   व्यवसाय साबित होगी। उन्होंने बताया कि समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव के अनुरूप स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार कर मंडी बोर्ड को भेजे जा रहे हैं तथा स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। 
कब तक होगी फूल मंडी की शुरुआत :
इस सवाल के जवाब में सचिव श्री नागले ने बताया कि फूल मंडी के लिए फिलहाल एक शेड तैयार है। जिला प्रशासन चाहे तो हम अब भी इस शेड का उपयोग कर फूल मंडी प्रारंभ कर सकते हैं। इसके अलावा पांच शेड और आगामी 15 अगस्त तक तैयार हो जाएंगे। ये शेड फूलों के सुरक्षित भंडारण को ध्यान में रखते हुए ही बनाए जाएंगे। 
बढ़ेगी एक्सपोर्ट की सुविधा :
फूल मंडी के निर्माण के साथ-साथ किसानों को फूलों की खेती विधिवत और उन्नत तरीके सेकी जा सके, इसके लिए किसानों को ग्रेडिंग, बडिंग, कटिंग और वैक्सिंग की सुविधा भी मिल सकेगी। इससे किसान जहां स्थानीय आधार पर विभिन्न उन्नत और सुगंधित किस्मों के फूल उगा सकेंगे, वहीं इन फूलों के विक्रय हेतु एक्सपोर्ट की बेहतर सुविधा भी मुहैया कराई जा सकेगी।

लीलेंद्र मारण बने युवा शक्ति संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष


भोपाल
मप्र मीणा समाज शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामसिंह मीणा ने रविवार को एक नियुक्ति आदेश जारी करते हुए समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता लीलेंद्रसिंह मारण नीलबड़ को संगठन की युवा इकाई का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वर्मा, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हरिसिंह मीणा, राष्ट्रीय युवा संगठन मंत्री भीमसिंह मीणा तथा प्रदेश युवा अध्यक्ष राम मीणा सहित समाज के सैकड़ों पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामसिंह मीणा ने बताया कि यह पद तीन साल के लिए होगा, जिसमें श्री मारण मुख्य संगठन का हिस्सा बनकर कार्य करेंगे।

इस बार भी जल्द मिलेगी पेंशन और आपात निधि


भेल महारत्न बीएचईएल कारखाने में वर्ष 2007 से पहले रिटायर हो चुके कर्मचारियों को पिछले दो साल पहले शुरू हुई पेंशन इस साल भी जल्दी मिलने की उम्मीद है। रिटायर्ड कर्मचारियों या उनकी विधवाओं को इसके लिए सिंगल विंडो से फार्म वितरित किए जा रहे हैं। भेल रिटायर्ड एम्प्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष जेएस पुरी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल करीब 5500 रिटायर्ड कर्मचारियों व 3500 विधवाओं को 10 हजार रुपए की राशि दी गई थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल से हर साल रिटायर्ड कर्मचारियों, उनकी विधवाओं को आपात निधि के रूप में 10 हजार रुपए की राशि प्रतिवर्ष मिलना है। इसके लिए रिटायर्ड कर्मचारियों या उनकी विधवाओं को हर साल यह फार्म भरना जरूरी है। श्री पुरी ने बताया कि पेंशन की यह राशि भेल प्रबंधन द्वारा उन रिटायर्ड कर्मचारियों या उनकी विधवाओं को नहीं दी जा रही है, जो भेल के आवासों में रह रहे हैं। हालांकि इन आवासों में रहने वाले करीब 600 रिटायर्ड कर्मचारियों या उनकी विधवाओं की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, जबकि वे इसीकमजोरीके चलते भेल के आवासों में रहने पर विवश हैं।

राजधानी में मीणा समाज का पहला छात्रावास प्रारंभ


भोपाल। राजधानी के स्कूल, कॉलेजों में शिक्षा प्राप्त कर रहे समाज के विद्यार्थियों को आवास की समस्या न रहे, इस उद्देश्य से शहर में मीणा समाज का पहला छात्रावास शुरू हो गया है। डिपो चौराहा स्थित शिवशक्ति मंदिर स्थित इस छात्रावास का शुभारंभ रविवार को मीणा समाज शक्ति संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि बारवाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामसिंह मीणा, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष हरिंसह मीणा, प्रदेश युवा अध्यक्ष रामगोपाल मीणा, महिला प्रदेश अध्यक्ष आशा हरिकुमार जारेड़ा, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष लीलेंद्रसिंह मारण तथा जितेंद्र डोभवाल सहित संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

news pudate
















news update