रविवार, 27 दिसंबर 2015

क्रिसमिस संडे पर बच्चों ने किया नाटक का मंचन


दबंग रिपोर्टर, भोपाल
बाल्यावस्था से ही हम बच्चों में सेवा भाव के संस्कार देंगे तो बच्चे हमेशा आगे बढ़ेंगे और राष्टÑ निर्माण में सहायक होंगे। यह बात गोविंदपुरा स्थित सेंट जॉन्स चर्च में क्रिसमिस संडे पर आयोजित बच्चों के नाटक मंचन के शुभारंभ करते हुए चर्च के चेयरमैन रेव्ह. अनिल मार्टिन ने कही। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था से ही बच्चों में प्रभु यीशु मसीह के चरित्र का प्रभाव होता है, जिससे वे अध्ययन के साथ-साथ दूसरों की सेवा को संकल्प मान लेते हैं। चर्च के छात्र-छात्राओं नियोमी जार्ज, सोजल तिर्की, पूर्वा स्वरूप, विपिन रिचर्ड व सौरभ विलियम ने संडे क्रिसमिस के अवसर पर प्रभु यीशु मसीह के जन्म के समय स्वर्गदूतों द्वारा गाये गए गीतों को संगीतमय रूप में प्रस्तुत किया। इसी तरह अन्य छात्र-छात्राओं ने बैथलेहन नगर के यीशु जन्म से लेकर यीशु को क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटना को नाट्य रूपांतरण के माध्यम से मंचित किया। नाटक में प्रभु यीशु मसीह के जन्म की खुशियां और क्रूस पर चढ़ने की घटना को बड़े ही मार्मिक तरीके से मंचित किया गया, जिसे देखकर दर्शक हतप्रभ रह गए। 

4. 15 रिश्ते हुए तय, 350 ने युवक-युवतियों ने मंच से बताई अपनी पसंद

- गुफा मंदिर में जिझोतिया ब्राह्मण समाज का परिचय सम्मलेन आयोजित

दबंग रिपोर्टर, भोपाल

गुफा मंदिर में आयोजित जिझोतिया ब्राह्मण समाज के युवक-युवती परिचय सम्मलेन में जहां देश के कोने कोने से हजारों की संख्या में ब्राह्मण बंधु शामिल हुए, वहीं लगभग 350 अविवाहित युवक-युवतियों ने मंच से भावी जीवनसाथी के संबंध में अपनी पसंद व्यक्त की। अधिकांश युवक-युवतियों ने शिक्षित और संस्कारित जीवन साथी को ही पहली पसंद बताया। आयरलैंड से सम्मलेन में जीवन साथी तलाशने पहुंचे आशीष पटेरिया ने भी मंच से अपनी पसंद बताई। इस अवसर पर जहां अभिभावक अपने बच्चों की कुंडलियां मिलन करते रहे, वहीं करीब 15 रिश्ते मौके पर ही तय हो गए। सर्वप्रथम पूर्व मंत्रीद्वय मुकेश नायक एवं राजा पटेरिया, साध्वी प्रज्ञा भारती, गुफा मंदिर के महंत चंद्रमादास त्यागी, नेहरू युवा केंद्र के बीडी शर्मा एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पीसी शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मलेन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिझोतिया कल्याण परिषद के अध्यक्ष गौरीशंकर शर्मा गौरीश एवं महासचिव राकेश चतुर्वेदी सहित कार्यकारिणी सदस्यों, महिला बिंग की अध्यक्ष कल्पना रावत एवं युवा विंग के सचिन मिश्रा ने आगंतुकों का अभिनंदन किया। 
परिचायिका विमोचित : 
इस अवसर पर समाज की पुस्तिका परिचायिका का भी विमोचन किया गया। पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने ब्राह्मण संस्कारों तथा वेदों में वर्णित ब्राह्मण की तपस्या और उनके क्रिया कलापों का विस्तार से वर्णन किया, जबकि पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने आज के दौर में ऐसे सम्मेलनों को समाज की महती जरूरत बताया।  कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए संस्था के महासचिव राकेश चतुर्वेदी ने समाज की एकजुटता पर बल दिया ।
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बीएल मारण 

तीरंदाज की तरह हो युवाओं में एकाग्रता : सारंग


- जूनियर सब जूनियर और मिनी राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता शुरू

दबंग रिपोर्टर, भोपाल

जिस तरह तीरंदाजी का प्रदर्शनर करने के लिए खिलाड़ियों में अटूट एकाग्रता होती है, उसी प्रकार युवाओं में भी ऐसी ही एकाग्रता की जरूरत है। यह बात नरेला विधायक विश्वास सारंग ने रविवार को 6 नंबर स्टाप स्थित अंकुर खेल मैदान में 13वीं सब जूनियर, जूनियर एवं 8वीं मिनी राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कही। मप्र खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से जिला तीरंदाजी संघ भोपाल एवं मप्र तीरंदाजी संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य की उभरती हुई प्रतिभाओं का जमावड़ा रहा। इस अवसर पर राज्य के 13 जिलों से आए तीरंदाजों ने अपने निशाने आजमाये। श्री सारंग ने तीरंदाजी को बढ़ावा देने के लिए तीरंदाजी संघ को बधाई दी एवं खिलाड़ियों को इस एकाग्रता के खेल को चुनने के लिए शुभकामनाएं दी एवं जीवन में खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मप्र तीरंदाजी संघ के डीके विद्यार्थी, जिला तीरंदाजी संघ के अघ्यक्ष मृदुल आर्य, संरक्षक अनिल पिल्लई, एम. विनोद, अमित जैन आदि उपस्थित थे।
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बीएल मारण 

जो सहन करता है, वही जीवन में ऊपर उठता है- आर्यिका विज्ञानमति


धर्म संस्कार, संस्कृति और राष्टÑ की रक्षा के संकल्प के साथ रक्षाबंधन महामंडल विधान का समापन 

दबंग रिपोर्टर,भोपाल 

आर्यिका विज्ञानति माताजी ने कहा कि मनुष्य जीवन में ऊंचाईयों को स्पर्श करना है तो बड़े लोगों को देखकर कभी ईर्ष्या नहीं करना, बल्कि बड़ों के चरणों में बैठकर यह निहारना कि वह ज्येष्ठ कैसे बने हैं? जो श्रेष्ठ बनने का पुरुषार्थ करता है, वह स्वमेव ही ज्येष्ठ बन जाता है। चौक जैन धर्मशाला में चल रहे रक्षाबंधन महामंडल विधान के अंतिम दिन रविवार को उन्होंने हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित किया। आर्यिका जी ने कहा कि जो सहन करता, वही जीवन में ऊपर उठता है। सीखने के कुटना भी पड़ता है। सीखना है तो मिट्टी के घड़े सीखो, जहां मिट्टी को अग्नि में तपना पड़ता है और कुम्हार के पैरों तले कुटना पड़ता है। कुटकर और तप कर वही मिट्टी कलश बनकर शीश पर शोभायमान होती है और मांगलिक कार्यों की शोभा बढ़ाती है। 
विश्वशांति महायज्ञ के साथ हुआ समापन :
चार दिवसीय रक्षाबंधन महामंडल विधान का विश्वशांति महायज्ञ के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर जैन मंदिर चौक से गाजे-बाजे के साथ भगवान जिनेन्द्र की शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा में जहां सबसे आगे लहराती केसरिया धर्मध्वजाएं विश्वशांति और बंधुत्व का संदेश दे रही थीं, वहीं भगवान जिनेन्द्र की पालकी श्रद्धा, भक्ति और आस्था का केन्द्र थी। प्रवक्ता अंशुल ने बताया कि इससे पहले आर्यिका विज्ञानमति माताजी के सानिध्य में हुए विश्वशांति महायज्ञ में विधान के प्रमुख पात्रों एवं इन्द्राणियों ने विश्व में शांति और सद्भाव की कामना के साथ आहुतियां दीं। 
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बीएल मारण 

1. दफ्तर के चक्कर नहीं लगाएं, बीडीए पहुंचेगा आपके पास


- मंत्री गौर ने साकेत नगर के रहवासियों को सौँपी लीज रिन्युवल और रजिस्ट्री 
 बीएल मारण
दबंग रिपोर्टर, भेल
 गृह एवं जेल मंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि रहवासियों को अब बीडीए के दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। प्राधिकरण से लीज रिन्युवल हो या विकास आदि से संबंधित कोई कार्य, बीडीए के अधिकारी कालोनियों में रहवासियों के घर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व काम करना है, आराम करना नहीं। इसी तरह राजनीति भी सेवा भाव से ही करना चाहिए। श्री गौर रविवार को भेल के साकेत नगर विकास समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर बीडीए चेयरमैन ओम यादव, पूर्व महापौर कृष्णा गौर, एमआईसी केवल मिश्रा, पार्षद और साकेत नगर के रहवासी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान श्री गौर ने साकेत नगर में बीडीए द्वारा दिए गए भूखंडों के बड़े लीज रिन्युवल रेट को युक्तियुक्त कराने के बाद रजिस्ट्री के कार्य को तेजी से करने की बात कही। लगभग 100 रहवासियों की लीज रिन्युवल, रजिस्ट्री और संपदा अधिकारी अमले के साथ पहुंचे बीडीए चेयरमेन ओम यादव को भी कार्यक्रम में पहुंचे। श्री गौर ने कहा कि बीडीए के चेयरमैन का कार्यभार ग्रहण करने के बाद श्री यादव द्वारा बीडीए के काम काज पर इस तरह ध्यान दिया गया है, जिससे रहवासी राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि  पिछले दो वर्षों से लंबित लगभग 300 लोगों की रजिस्ट्री को अब पूरा किया जा रहा है।
विजन के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी :
श्री गौर ने भोपाल के विकास का हवाला देते हुए कहा कि दृढ इच्छाशक्ति और विकास का विजन होना चाहिए। उन्होंने वीआईपी रोड बनाने में, बड़े तालाब क्षेत्र से 5000 झुग्गियों का विस्थापन प्रशासन और जनता के सहयोग से किया है। उन्होेंने कहा कि प्रशासन और जनता के सहयोग से विकास की इबारत लिख सकते हैं। बीडीए के चेयरमैन श्री यादव ने कहा कि रहवासी पहले बीडीए कार्यालय के चक्कर लगाते थे, अब ऐसा नहीं है।  बीडीए के अधिकारी लीज रिन्युवल आदि के लिये तय तारीख से पहले उनके घर पहुंचेंगे और उनका काम होगा। पूर्व महापौर कृष्णा गौर ने कहा कि जनहितैषी और जनोन्मुख प्रशासन की झलक भोपाल विकास प्राधिकरण में दिखाई दे रही है। 
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रविवार, 13 दिसंबर 2015

फरार आरोपी राजू मीणा पर इनाम घोषित करने की तैयारी


- संपत्ति भी की जा सकती है कुर्क

भोपाल। क्राइम ब्रान्च भोपाल द्वारा इसी माह फर्जी जमानतदार गिरोह का पर्दाफाष किया गया था जिसमें चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया एवं उनसे फर्जी ऋण पुस्तिका (बही) एवं जमानत कराने के बाद फटे हुए पन्ने जप्त किये गये थे ।  पुलिस रिमांड पर फर्जी जमानतदारों से पूछतॉछ करने के बाद इन आरोपियों द्वारा यह बताया गया था कि इनका मुख्य सरगना राजू मीणा उर्फ राजाराम मीणा है वह हम लोगों को जमानत कराने के लिए बताता है और जमानत कराने के बाद कमीषन देता है हम सभी लोग राजू मीणा के कहने पर ही काम करते है । राजू मीणा एवं उसकी पूरी टीम भोपाल कोर्ट के बाहर, चाय के ठेले, पान के ठेले पर घूम-घूम कर ग्राहकों की तलाष करती रहती है ।
क्राइम ब्रांच के एडीशनल एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछतॉछ के आधार पर कोर्ट के बाहर चाय की दुकान, पान की दुकान एवं अन्य संभावित ठिकानो पर राजू मीणा एवं उसकी टीम के सदस्यों के बारे में जानकारी एकत्रित की गई जिसमें जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी राजू मीणा कई पिछले एक सप्ताह से यहॉं नहीं आ रहा है उसकी टीम के सभी सदस्य यहॉं से नदारद है ।
पुलिस रिमांड पर आरोपियों द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि राजू मीणा ऋण पुस्तिका (बही) के पन्ने, जिनमें कोर्ट द्वारा जमानत दिये जाने संबंधी सील लगाई जाती है वह पन्ना अपने आदमियों से खुद ही निकलवा देता है और नये पन्ने लगवाता है । इस काम के लिये उसकी टीम में अलग से आदमी लगे हुये है । उसकी टीम के हर आदमी अलग-अलग काम करते हैं, कोई जमानत आवेदन टाइप कराने का काम करता है कोई उस कोर्ट तक रास्ता दिखाने का काम करता है जिसमें उसकी जमानत ली जाना है, टीम मे लगे सभी आदमियों को पैसा वह पहले ही ग्राहक (जिसकी जमानत कराई जाना है उनके परिजनों से) तय कर लेता है । जमानत कराने वाला आदमी मरता क्या न करता वाली तर्ज पर उसकी सभी शर्ते मान लेता है और सौदा तय कर लेता है। उसकी टीम के सदस्यों को राजू मीणा रोज शाम के समय भुगतान करता है । हर आदमी के लिए उसने अलग-अलग रूपये निर्धारित किये है किसी को 300 रूपये किसी को 500/- रूपये प्रतिदिन देता है। राजू मीणा की तलाष क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा उसके ठिकानो पर लगातार की जा रही है परंतु वह अपने ठिकानो में नही मिल रहा है एवं टीम के साथ लुका-छिपी का खेल, खेल रहा है। क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा राजाराम मीणा उर्फ राजू मीणा की संपत्ति के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है एवं इसके साथ-साथ इस फरार आरोपी पर इनामी उद्घोषणा की भी तैयारी की जा रही है यदि फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आता है तो ऐसी स्थिति में क्राइम ब्रांच की टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर संपत्ति कुर्क किये जाने की कार्यवाही भी की जा सकती है।

महाजुड़ाव की ओर मीना समाज संगठन

- गुराड़ी घाट में 500 लोगों ने लिया समाज सुधार का संकल्प





बीएल मारण 

भोपाल। मप्र मीना समाज सेवा संगठन के नेतृत्व में अब मीना समाज निश्चित ही महाजुड़ाव की ओर  कदम बढ़ा रहा है। इसी उद्देश्य से रविवार को मिसरोद रोड स्थित ग्राम गुराड़ी घाट में मीना समाज सेवा संगठन की विशाल बैठक आयोजित हुई। भगवान मीनेष के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलन के साथ बैठक शुरू हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश लालाराम मीना ने समाज बंधुओं से आह्वान किया कि समाज में नासूर की तरह बढ़ रही नशाखोरी की लत तथा शादी-विवाह आदि मांगलिक अवसरों पर भारी-भरकम फिजूलखर्ची पर विशेष रूष से अंकुश लगाना होगा। उन्होंने समाज में शिक्षा, पूंजी और बाजार की आवश्यकता बताते हुए अपने बेटे-बेटियों को उच्च और तकनीकी शिक्षा दिलाने पर जोर दिया ताकि समाज को उत्थान और विकास की दिशा में सार्थक उपलब्धियां हासिल हो सकें। उन्होंने गुराड़ीवासियों के इस फल प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज विकास के लिए ऐसे प्रयासों की निरंतर आवश्यकता है। इस अवसर पर मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व सदस्य एवं मीना समाज सेवा संगठन के संरक्षक सूरजसिंह मारण(दद्दू) ने बैठक में उपस्थिति और वक्ताओं के प्रेरणादायी विचारों को लेकर कहा कि यही उत्साह और विश्वास समाज को आगे ले जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश संगठन महामंत्री एड. संतोष मीना ने समाज के इतिहास और समाज की प्रगति के संदर्भ में आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज विकास और युवा पीढ़ी को सकारात्मक सोचा के साथ आगे आने का आह्वान किया। सर्वप्रथम बैठक के संयोजक नाथूराम मीना गुराड़ी ने ग्रामवासियों की ओर से सभी पदाधिकारियों और समाज बंधुओं का पुष्पामालाओं से स्वागत किया, जबकि संचालन प्रदेश प्रवक्ता बृजेश मीना ने किया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महामंत्री भगवानसिंह मीना, कोषाध्यक्ष जगदीश मीना, महामंत्री अमृतलाल मीना एवं महेंद्रसिंह मीना, प्रचार मंत्री भैयालाल मारण, क्षेत्रीय पार्षद मनजीतसिंह मीारण, संगठन जिला अध्यक्ष परसराम मीना, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लखनसिंह मीना, जिला उपाध्यक्ष हरगोविंद मारण, भाजपा परवलिया मंडल अध्यक्ष तीरथसिंह मीना, पूर्व सरपंच मोहनसिंह मीना, एड. वीरेंद्रसिंह मीना, पूर्व सरपंच रामजीवन मीना, हरभजन मीना अग्निहोत्री तथा मंडीदीप से आए घनश्याम मीना आदि ने अपने ओजस्वी संबोधन से विशाल जनसमुदाय को उत्साहित किया। बैठक में भोपाल के अलावा सीहोर, शाजापुर, रायसेन, होशंगाबाद, राजगढ़, विदिशा आदि जिलों से सैकड़ों समाजबंधु शामिल हुए। 
लग्न-फलदान के विरुद्ध लिया संकल्प :
बैठक में सभी समाजबधुंओं ने केवल प्रस्तुत प्रस्तावों को ध्वनिमत से पारित करने का निर्णय लिया, बल्कि शादी के अवसर पर लग्न और फलदान प्रथा को पूरी तरह बंद करने का संकल्प भी लिया। सभी ने एक स्वर में सहमति दी कि भविष्य में इस तरह की फिजूलखर्ची और मिथ्या प्रदर्शन जैसी कुरीतियों को पूरे समाज में प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जाएगा। 


शनिवार, 5 दिसंबर 2015

चर्च में क्रिसमिस की तैयारियां शुरू



भोपाल। राजधानी में क्रिसमस महापर्व की तैयारियां सभी चर्च में शुरू हो गई हैं। सेंट जोन्स चर्च में शनिवार को थेंक गिविंग सर्विस में प्रोटेस्टेंट कर्लजी फैलोशिप भोपाल के अध्यक्ष रेव्ह. डॉ. अनिल मार्टिन ने कहा कि प्रभु यीशु मसीह का जन्म मानव जीवन में पाप और भय से छुटकारा दिलाने के लिए हुआ। प्रभु यीशु मसीह धर्म, पंथ, वर्ग, संप्रदाय व मनुष्यों द्वारा बनाये गए धार्मिक नीति, रीति की संकुचित विचारधारा से छुटकारा दिलाते हैं। इसलिए परम पिता परमेश्वर को धन्यवाद है- स्वतंत्रता के लिए। सेंट जोन्स चर्च , बेथलेहन चर्च व सीएनआई में शनिवार को कैरोल सिंगिंग कार्यक्रम युवक-युवतियों द्वारा प्रस्तुत किया गया। 6 दिसंबर को प्रात: 10 बजे सेंट जोंस चर्च गोविंदपुरा में युवक-युवती संघ द्वारा आराधना का संचालन व प्रीति-भोज का आयोजन किया जाएगा।

शनिवार, 14 नवंबर 2015

जिला सहकारी संघ में शुरू हुआ सहकारिता सप्ताह

 
बीएल मारण
दबंग रिपोर्टर, भोपाल
जिला सहकारी संघ कार्यालय में शनिवार को 62वां अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह शुरू हुआ।  इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में एड. संतोष मीना ने दीप प्रज्ज्वलित कर सप्ताह का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि आज के सहकारिता सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री के मार्गदर्शी सिद्धांत सहकारिता के माध्यम से ‘मेक इन इंडिया’ की तर्ज पर किया गया है। इसे अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह का वृहद रूप देकर सहकारिता के विकास में निरंतर और अपेक्षित सहयोग करना हम सभी का दायित्व है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष राजीव गुलाटी ने कहा कि सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाकर जनमानस में सहकारिता के प्रति जागरूकता लाई जाए। इससे संघ को भी और सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। संघ के प्रबंधक विष्णुप्रसाद मीना ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सप्ताह के दौरान मेक इन इंडिया के तहत कौशल विकास एवं रोजगार, सहकारिता के लिए अनुकूल कानून बनाना, स्वच्छ भारत अभियान में सहकारिता की भूमिका, सहकारिताओं के बीच सहकारिता को सुदृढ़ करना, सहकारी विपणन, प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्धन, सहकारिताओं के माध्यम से आपदा निवारण तथा वित्तीय समावेशन एवं सहकारिता आदि विषयों पर विस्तार से कार्यक्रम और चर्चाओं का आयोजन किया जाएगा। शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य रूप से संघ के उपाध्यक्ष हरगोविंद मारण तथा मेहरबानसिंह गुर्जर सहित अजब सिंह, सुरेश मीना, रजनसिंह सोलंकी, छाया सैनी, ताराचंद मारण, नारायणसिंह मीना देहरी, कमलसिंह जाट, मकसूद अहमद, एड. रेखा सिंह, राकेश बाजपेयी तथा मदन हरचंदानी आदि मौजूद थे।
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भेल की स्थापना की पं. नेहरू ने दी विकास की दिशा : त्रिपाठी


 - इंटक कार्यालय में श्रद्धा से मनी चाचा नेहरू की 126वीं जयंती

दबंग रिपोर्टर, भोपाल 

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू की जयंती शनिवार को भेल के इंटक कार्यालय में भी मनाई गई। इस अवसर पर पं. नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए इंटक अध्यक्ष आरडी त्रिपाठी ने कहा कि भेल कारखाने की स्थापना में उनकी महती भूमिका थी। उन्होंने वर्ष 1956 में प्रदेश की स्थापना के साथ ही भोपाल में भेल कारखाने की स्थापना करके भोपाल सहित मध्यप्रदेश और देश की आर्थिक सुदृढ़ता में बहुत बड़ा योगदान किया है। इस अवसर पर इंटक के कोषाध्यक्ष राजेश शुक्ला,  युवा सचिव दीपक गुप्ता सहित चंद्रप्रकाश साहू, कमलेश सिंह, रणजीत सिंह, आरके हुरडे, वीएस राठौर, धर्मेंद्र त्रिपाठी, अनु तिवारी, सतेंद्र शर्मा तथा अन्य पदाधिकारियों ने पं. नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण किया।

दीपावली की पूर्व संध्या पर सब्जी विक्रेताओं पर प्रशासन की बर्बरता


- गुस्साए व्यापारियों ने लगाए ‘विधायक मुर्दाबाद’ के नारे

दबंग रिपोर्टर, भोपाल

नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों पर सत्ता का नशा इस कदर हावी है कि वे सभी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर गरीबों के बर्बरता पर उतारू हो जाते हैं। इसका एक नजारा दीपावली की पूर्वसंध्या पर बैरसिया में उस समय दिखा, जब त्यौहार मनाने के लिए दो पैसे कमाने सब्जी-भाजी बेचने आए गरीब किसानों को प्रशासन की तानशाही कार्रवाई का शिकार होना पड़ा।  उनका कसूर इतना था कि उनके ठेलों के बीच एसडीएम का वाहन फंस गया था। जी हां, दीपावली के एक दिन पहले मंगलवार को बैरसिया में प्रशासन का अलग ही रूप देखने को मिला। अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन के एकाधिकार प्राप्त अधिकारी एसडीएम ने इन सब्जी बेचने वाले किसानों की दीपावली काली ही कर दी गई। गौरतलब है कि बैरसिया बस स्टैंड चौराहा और उसके आसपास कई साल से सब्जी विक्रेता किसान सब्जी बेचकर अपना जीवन-यापन करते हैं। मंगलवार दोपहर में अचानक प्रशासन को पता नहीं क्या सूझी कि बिना सूचना दिए ताबड़तोड़ कार्रवाई कर सब्जी के ठेले पलट दिएज्ञ इतना ही नहीं, सब्जी विक्रेताओं पर पुलिस ने जमकर लाठियां भी बरसाई, जिससे दो-तीन किसानों को चोट भी आई। इसके बाद उन्हें थाने में ठेलों सहित बैठा लिया। हालांकि बाद में छोड़ दिया गया। सूत्रों की मानें तो लगभग तीन घंटे तक सब्जी विक्रेता किसानों और प्रशासन के बीच विवाद और झूमा-झटकी चली। इस अफरा-तफरी के माहौल में आक्रोशित सब्जी विक्रेताओं ने क्षेत्रीय विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष के जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए। 

खोखला निकला विधायक का आश्वासन :

सब्जी विक्रेता मोहरसिंह कुशवाह ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक प्रत्याशी विष्णु खत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि विधायक बनने पर मैं आप सभी थोक और फुटकर विक्रेताओं के लिए सर्वसुविधायुक्त मंडी का निर्माण करवाकर दूंगा। वह विधायक तो बन गए, लेकिन आज तक उन्होंने इस मामले मेंं कोई ठोस कदम नही उठाया। 

किसानों की हालत खराब : 

इन दिनों थोक सब्जी विक्रेताओं द्वारा अदालत के पास वाले मैदान में नीलमी की जाती है। यहां अव्यवस्थाओं के चलते किसानों की हालत ख़राब है। धूल के कारण ताजी हरी सब्जी भी कुछ ही देर में खराब हो जाती है। गंदगी के चलते विक्रेताओं का नीलमी में बोली लगाना भी दूभर हो जाता है। इसी तरह फुटकर विक्रेताओं की भी विधायक द्धारा कोई व्यवस्था नहीं कराई गयी। उन्होंने बताया कि उधर नगरपालिका द्धारा भी पांच रुपए की जगह दस रुपए की अवैध वसूली भी इन फुटकर विक्रेताओं से की जाती है।

इनका कहना है : 

बैरसिया में सब्जी विक्रेताओं को किसी भी तरह की कोई उचित सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। जो अदालत के पास इनके लिए जगह आवंटित है। उसकी हालत बेहद खराब है। टूटे-फूटे चबूतरे, बिना चादर के जर्जर शेड, नालियों से बहता हुआ गंदा पानी, बदबू और गंदगी साथ में आवारा मवेशी इन सबके बीच में इनको नीलाम बोली लगानी पड़ती है। सवाल यह उठता है कि एक तो सब्जी विक्रेताओं के लिए कोई सुविधा नहीं, ऊपर से अतिक्रमण के नाम पर प्रशासन की निगरानी में इनकी बर्बरतापूर्ण पिटाई और सब्जी के ठेले पलटाकर किया गया भारी नुकसान। प्रशासन और नेताओं को क्या यह शोभा देता है? मैं शासन-प्रशासन के इस कृत्य की घोर निंदा करता हूं।
- रामभाई मेहर, कांग्रेस नेता 
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बीएल मारण

आहरण-संवितरण अधिकारियों को लॉगिन पासवर्ड बदलने के निर्देश


दबंग रिपोर्टर, भोपाल
जिला कोषालय अधिकारी ने जिले के सभी आहरण-संवितरण अधिकारियों से कहा है कि वे कोषालय द्वारा प्रदाय किए ई-मेल आईडी एवं पासवार्ड को वेबसाइट ँ३३स्र://ें्र’.ेस्र३१ीं२४१८.ॅङ्म५.्रल्ल/ङ्म६ं पर जाकर अपना लॉगिन व पासवर्ड बदल दें। यदि उन्हें कोषालय से ई-मेल लॉगिन व पासवर्ड प्राप्त नहीं हुआ है तो शीघ्र प्राप्त कर लें। इसके अलावा सभी आहरण-संवितरण अधिकारियो से यह भी कहा गया है कि वे आईएफएमआईएस साफ्टवेयर में बजट की जानकारी पूर्ण कर तत्काल प्रमाण पत्र कोषालय में जमा कराएं।

पोर्टल पर उपलब्ध है महत्वपूर्ण अधिनियम व नियमों की जानकारी


भोपाल। केन्द्र व राज्य के महत्वपूर्ण अधिनियम, अधिनियमों के आधार पर बनाए गए नियम व संशोधन आदि जानकारी एमपी कोड के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। यह जानकारी विधिक क्षेत्र से जुड़े नागरिकों और   आम आदमी को पोर्टल के माध्यम से आसानी से उपलब्ध होगी। इस वेबसाइट पर राज्य में लागू किसी भी कानून अथवा उसके अंश का अवलोकन भी किया जा सकता है। यह जानकारी वेबसाइट ँ३३स्र://ूङ्मीि-ेस्र-ॅङ्म५-्रल्ल के मुख्य पृष्ठ पर वांछित शीर्षक पर क्लिक कर प्राप्त की जा सकती है। 

सभी पात्र छात्र-छात्राओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के निर्देश


भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक जिले में फोटो मतदाता सूची संबंधी 2 नवंबर से चल रहे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य के तहत एक जनवरी 2016 को 18 वर्ष पूरे करने वाले शत-प्रतिशत स्कूली और महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे। इसके साथ ही प्राचार्यों को इस आशय का प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके संस्थान में एक जनवरी 2016 को 18 वर्ष पूरे करने जा रहे किसी भी छात्र-छात्रा का नाम मतदाता सूची में शामिल करने भेजी गई सूची से नहीं छूटा है।

. इज्तिमा की तैयारियों पर एडीएम नाराज


- अधिकारियों को लगाई फटकार, कहा- लापरवाही नहीं चलेगी

दबंग रिपोर्टर, भोपाल

Ñर्इंटखेड़ी में 28 से 30 नवंबर तक लगने वाले 68वें सालाना तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियों में बरती जा रही लापरवाही पर मंगलवार को एडीएम बीएस जामोद भड़क उठे। उन्होंने इस्लाम नगर की मुख्य सड़क के एक नाले पर बनाई जा रही पुलिया के काम में लेटलतीफी पर खासी नाराजगी जताई।  श्री जामोद ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारी से साफ कहा कि ऐसे काम नहीं चलेगा। यह कार्य तीन दिन के भीतर पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने तत्काल ठेकेदार अशफाक को भी बुलाया और जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यदि वह काम नहीं कर सकते हों तो बताएं, दूसरे से काम करा लिया जाए। इस फटकार का असर यह रहा कि ठेकेदार ने दोपहर में ही पुलिया निर्माण का काम शुरू कर दिया। गौरतलब है कि एडीएम बीएस जामोद व एसपी अरविंद सक्सेना मंगलवार को तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियों का जायजा लेने मौका स्थल पहुंचे थे। यहां उन्होंने देखा कि नगर निगम और पीडब्ल्यूडी का काम अब भी काफी पिछड़ा हुआ है। नाले पर पुलिया का काम अब तक चालू न होने पर पहले तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री अनंतसिंह रघुवंशी पर नाराजगी जताई। इसके बाद ठेकेदार को बुलाकर हिदायत दी कि वह तीन दिन के भीतर यह कार्य करे। उधर सड़कों के गड्ढे नहीं भरे जाने पर कार्यपालन यंत्री ने बीस नवंबर तक काम पूरा होने की बात कही है। मालूम हो कि इज्तिमा के दौरान इस बार 45 एकड़ में पांडाल लगाया जाएगा। दस एकड़ का पांडाल इस बार बढ़ाया गया है, जिसकी वजह से नाले पर तीन पुलियों का निर्माण किया गया है। इससे भीड़ को निकलने में आसानी होगी। एडीएम ने नगर निगम अधिकारियों की भी जमकर क्लास ली। उन्होंने निर्देशित किया कि वे पानी की टंकियां रखने में लेटलतीफी न करें। हर हाल में 20 नवंबर तक सभी टंकियां निर्धारित स्थान तक पहुंचा दी जाएं।
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बीएल मारण

2. निरीक्षकों की पदोन्नति को नहीं मिली सीएम की मंजूरी


- विभागीय प्रमोशन में लग सकता है और भी समय 

बीएल मारण, भोपाल

प्रदेश में उप पुलिस अधीक्षकों के सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाने वाले पदों को विभागीय पदोन्नित द्वारा भरने में अभी और देरी हो सकती है। दरअसल इस संबंध में पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को अब तक भी अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री तक नहीं भेजा जा सका है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक राज्य में उप पुलिस अधीक्षकों के 250 से अधिक पद रिक्त हैं और इसीलिए पुलिस विभाग ने इन पदों को विभागीय पदोन्नति से भरने की मंजूरी तीन माह पहले ही कैबिनेट से ली थी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस मुख्यालय से लगभग 225 निरीक्षकों को डीएसपी बनाने का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा गया है, जहां यह गृहमंत्री के पास और फिर मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। उधर गृह मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि सभी रिक्त पदों के विरुद्ध पदोन्नति संभव नहीं होगी, बल्कि पात्र अफसरों की संख्या कम होने से इन पदों को दो या तीन किश्तों में भरा जाएगा। ऐसी भी विभाग में चर्चा है कि राज्य शासन सभी डीएसपी को मैदानी पद नहीं देगा, बल्कि इन्हें क्रमश: मैदानी जिम्मेदारी दी जाएगी। 

कहां से लाएं निरीक्षक : 

विभागीय पदोन्नति से भरे जाने वाले इन पदों को लेकर सरकार की मुश्किल यह भी है कि निरीक्षकों को पदोन्नत करने के बाद कई थानों में निरीक्षकों के पद रिक्त हो जाएंगे। सूत्रों के अनुसार अकेले भोपाल जिले में ही आठ निरीक्षकों को विभागीय पदोन्नति मिलने वाली है। इसी तरह अन्य शहरों और जिलों में भी यही स्थिति होगी। उधर सिंहस्थ के मद्देनजर समुचित सुरक्षा इंतजामों के लिए मैदानी अफसरों की जरूरत देखते हुए भी पुलिस मुख्यालय व गृह विभाग निरीक्षकों की पदोन्नति के बाद आने वाली समस्या का भी हल खोज रहा है। इसके लिए उप निरीक्षकों को पदोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बताया जाता है कि फिलहाल 75 उप निरीक्षक ही पदोन्नत के पात्र मिल पा रहे हैं।

1. 80 लाख प्रॉफिट था, अब एक करोड़ का ओवर ड्यू


- निरंतर पतन की ओर अग्रसर भेल को-आॅपरेटिव सोसाइटी 

- सदस्य कर्मचारियों को सता रही संस्था के डूबने की चिंता

बीएल मारण, भेल

एक समय था, जब बीएचईएल के कर्मचारियों द्वारा कर्मचारियों के लिए ही गठित की सहकारी संस्था बीएचईई को-आॅपरेटिव सोसाइटी लगभग 80 लाख रुपए से भी अधिक का व्यवसाय कर रही थी, लेकिन वर्तमान में यह स्थिति है कि संस्था निरंतर घाटे की ओर अग्रसर है। इतना ही नहीं, संस्था की इस हालत के लिए सोसाइटी में पदस्थ सहकारिता विभाग द्वारा नियुक्त प्रशासक को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। सोसाइटी के सदस्य भेलकर्मियों का कहना है कि यहां जब से अध्यक्ष को हटाकर प्रशासक की नियुक्ति की गई है, तभी से संस्था नुकसान की गिनती शुरू हो गई है। उनका मानना है कि प्रशासक के नेतृत्व में संस्था का सुचारु संचालन होना तो दूर की बात, उल्टे सदस्यों को सामग्री सहित अन्य सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। इसके अलावा संस्था के कर्मचारियों में भी वेतन, भत्ते और संस्था की ओर से मिलने वाली सुविधाओं में भी भारी कटौती किए जाने से आक्रोश पनपने लगा है। कर्मचारियों का कहना है कि कुछ लोगों के आपसी मतभेद और स्वार्थपरक कारणों के चलते न केवल सदस्यों और कर्मचारियों को शोषण की चक्की में पिसना पड़ रहा है, बल्कि संस्था भी करोड़ों के घाटे में पहुंच गई है। गौरतलब है कि भेल कर्मियों तथा कारखाने के भीतर दाल, चावल से लेकर कुकिंग गैस और अन्य विभिन्न प्रकार की रोजमर्रा की उपभोक्ता सामग्री कराने के उद्देश्य से प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों की इस सहकारी संस्था का गठन किया था। सोसाइटी के संचालन को लेकर प्रजातांत्रिक चुनाव प्रक्रिया से संचालक मंडल का गठन किया जाता है, जबकि संस्था के मुखिया (अध्यक्ष) का जिम्मा प्रबंधन की ओर से जीएम(एचआर) को ही सौंपा जाता है। विडंबना यह है कि लगभग चार महीने पहले गड़बड़ी की शिकायतों के चलते प्रबंधन ने अध्यक्ष को वापस बुलाया, वहीं चुनाव और आॅडिट के नाम पर संस्था का कारोबार सहकारिता रजिस्ट्रार के हाथों में सौंप दिया गया है। 

सचिव पर आरोप लगाकर किया बाहर :

भेल कर्मचारी तथा सोसाइटी के सदस्य सीआर नामदेव का कहना है कि प्रशासक की नियुक्ति से पहले यहां के कर्मचारियों को नियमित वेतन भत्ते और सभी मूलभूत सुविधाएं मिल रही थीं, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्वों की साजिश के चलते जहां प्रबंधन ने जीएम चार को संस्था के अध्यक्ष पद से वापस लिया, वहीं संस्था सचिव को कतिपय आरोप लगाकर बाहर कर दिया गया। उसके बाद अध्यक्ष के स्थान पर प्रशासक की नियुक्ति कर दी गई, जिन्होंने कर्मचारियों और सदस्यों के हितों को ताक में रखकर संस्था का संचालन किया।  फलस्वरूप आज संस्था करीब एक करोड़ के घाटे में चल रही है। हालांकि प्रशासक की नियुक्ति से पहले लाखों रुपए के लाभ के आंकड़े संस्था की प्रगति को दर्शा रहे थे। 

साजिश का आरोप :

सीआर नामदेव सहित करीब एक दर्जन सदस्यों ने सचिव अनिल गौर को हटाने की कार्यवाही को साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के आपसी मतभेद के कारण वर्तमान समय में को-आॅपरेटिव सोसाइटी का संचालन सहकारिता उपायुक्त के निर्देशन में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आॅडिट के नाम पर सोसाइटी की बागडोर रजिस्ट्रार ने अपने हाथों में ली है, लेकिन इनके आते ही पुरानी फाइलों के पन्ने पलटने शुरू हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों ने सोसाइटी के संचालन में गड़बड़ी होने की शिकायत की थी, उन्हें शायद उम्मीद थी कि कोई घोटाला सामने आएगा और अगर नहीं आया तो भी वर्तमान संचालन समिति की इमेज तो खराब हो ही जाएगी। हालांकि इसका खामियाजा भी उन्हें चुनाव में भुगतना पड़ सकता है। उधर समिति के सचिव अनिल गौर इन सबसे बेपरवाह नजर आ रहे हैं। दरअसल उन्होंने संस्था का पहले ही गवर्नमेंट संस्था से विधिवत आॅडिट करा लिया है। ऐसे में अगर कोई अंतर आता भी है तो उसका जवाब सरकारी आॅडिटर देगा।

रसोई गैस को तरसे लोग : 

संस्था की वर्तमान कार्यप्रणाली से असंतुष्ट कई भेलकर्मियों ने कहा कि प्रशासक की नियुक्ति से फायदा किसका हुआ ये तो नहीं पता, लेकिन सभी सदस्य कर्मचारियों का नुकसान जरूर हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले जहां रसोई गैस की डिलेवरी टाइम पर होती थी, वहीं आज यह व्यवस्था मनमानी की शिकार हो गई। अब कभी सात  दिन में गैस सिलेंडर आ जाता है तो कभी एक-एक महीना भी लग जाता है। इसी तरह जिन कर्मचारियों ने पहले कनेक्शन नहीं लिए थे, उन्हें अब नए कनेक्शन देने में भी आना-कानी की जा रही है। गैस एजेंसी के कर्मियों के अनुसार नए बिलों पर जल्दी साइन नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि आज भेलकर्मी अपनी ही संस्था में रसोई गैस को तरस गए हैं। सदस्य सीआर नामदेव ने बताया कि रजिस्ट्रार के आने से पहले सोसाइटी वर्ष-2015 में 80 लाख रुपए के प्रॉफिट में थी, लेकिन रजिस्ट्रार के आने के बाद से अब एक करोड़ रुपए का ओवर ड्यू हो गया है। जबकि वर्ष-2005 में यही सोसाइटी मात्र पांच लाख रुपए के लाभ में थी। 

भेल प्रबंधन की खामोशी पर सवाल: 

उधर भेल की अधीनस्थ संस्था में कर्मचारियों की उपेक्षा और संस्था सदस्यों की समस्याओं को लेकर प्रबंधन की खामोशी पर भी सवाल उठने लगे   हैं। लोगों का कहना है कि जब परिवार(भेल) के मुखिया (ईडी) ही इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं तो फिर न्याय और व्यवस्था की आस भी किससे करें? हालांकि संस्था संचालक मंडल के सदस्य इस दिशा में शीघ्र ही ठोस और सक्रिय कदम उठाने का मन बना रहे हैं।
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शनिवार, 7 नवंबर 2015

पंचायत सचिव संगठन में नियुक्तियों का दौर


दबंग रिपोर्टर, भोपाल
त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के कर्णधार कहलाने वाले ग्राम पंचायत सचिव स्तर के कर्मचारियों का संगठन तहसील, जिला और प्रदेश स्तर पर भी मजबूत और सक्रियता की ओर तेजी से अग्रसर है। इतना ही नहीं संगठन में नवीन नियुक्तियों का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में मप्र सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने गत दिवस बरखेड़ा सालम पंचायत मुख्यालय पर संगठन की आवश्यक बैठक ली।  बैठक में संगठन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की। इसमें सचिव ओमप्रकाश शर्मा, परमसिंह मारण और गुलाब मेहरा को संगठन में प्रदेश संगठन मंत्री जैसे जिम्मेदार पद का दायित्व सौंपा गया। बैठक में इन नियुक्तियों की जानकारी देते हुए संगठन के प्रदेश प्रवक्ता दशरथ वैष्णव सहित सतीश नामदेव, घनश्याम मेवाड़ा, ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद यादव, राहुल रजक, अंतिम साहू, मंशाराम पाल, वीरेंद्र यादव, महेंद्र तिवारी, अर्जुनसिंह लवाना, अनारसिंह वर्मा, दिलीप जाट, तिलकसिंह ठाकुर, राजेश तिलक, मंसूर भाई, बूजमोहन शर्मा, पर्वत भारती आदि ने नवनियुक्त तीनों संगठन मंत्रियों को बधाई दी, साथ ही प्रदेश अध्यक्ष का आभार मानते हुए संगठन की सुदृढ़ता पर प्रसन्नता व्यक्त की। 

बुधवार, 4 नवंबर 2015

ईवेजंलिकल लूथरन चर्च के काउंसिल मेम्बर बने अनिल मार्टिन



भोपाल। ईवेजंलिकल लूथरन चर्च सिनड सभा-2015 के वार्षिक अधिवेशन में चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मेलन छिंदवाड़ा में विगत दिनों सम्पन्न हुआ।
जिसमें सेंट जॉन्स चर्च के पास्टर इन चीफ रेव्ह डॉ. अनिल मार्टिन को सर्वसम्मति से आगामी तीन वर्ष के लिए सभासद (काउंसिल मेम्बर) चुना गया। सेंट जॉन्स इवेंजलिकल लूथरन चर्च गोविंदपुरा के युवा सचिव अमन मार्टिन ने बताया कि 1 नवंबर को स्वीडन देश के प्रतिनिधि रेव्ह स्टीफन होमस्टांग, अमेरिका से बिशप इशिदा फ्रेकलीन, इम्मेनुएल पंचू और मप्र, छत्तीसगढ़ , चेन्नई, महाराष्ट्र, कोलकाता से प्रतिनिधि का चयन किया गया इसमें रेव्ह डॉ. अनिल मार्टिन को सर्वसम्मति से काउंसिल मेंबर के रूप में चुना गया। अनिल मार्टिन के मेम्बर बनने पर सालोमन प्रसाद बाबू, राइट रेव्ह. ई. पंचू, जीटी विश्वास, रेव्ह. एसपी दास, रेव्ह तिमोथी वानखेड़े, रेव्ह बिशप रार्बट अली, रेव्ह एसके सुक्का, रजनी रावत ने बधाई दी है।

पुष्य नक्षत्र में 55 करोड़ का कारोबार


-दोपहर बाद उमड़ा खरीददारों का सैलाब

-दुकानदारों एवं कारोबारियों के चेहरे खिले

-बुधवार को भी रहा बाजारों में मंगल

भोपाल। खरीददारी के महायोग पुष्य नक्षत्र के दौरान राजधानी के बाजारों में खरीददारों क ा सैलाब दूसरे तीसरे भी उमड़ पड़ा। बुधवार को अधिकांश बाजार बंद रहते हैं,लेकिन खरीददारी के महायोग के चलते मंगलवार को भी शहर के सभी छोटे-बड़े बाजार गुलजार रहे। पुष्य नक्षत्र के बाद भी को भी जमकर खरीददारी हुई, जिससे 55 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार हुआ।
मंगलवार को अपने घरों में आराम करने वाले दुकानदार पुष्य नक्षत्र के महायोग में ग्राहकों से घिरे हुए नजर आए। यहां बता दें कि मंगलवार को आमदिनों में शहर का बाजार बंद रहते हैं। दोपहर बाद शहर के बाजारों में भीड़ बढऩा शुरू हुई और शाम ढलने के बाद बाजारों में पैर रखने की भी जगह नहीं थी, जिससे राहगीरों को आवागमन में भले ही थोड़ी समस्या हुई, लेकिन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए थे। सराफा, इलेट्रोनिक्स, ऑटोमोबाइल, कपड़े के साथ ठंडे पड़े रीयल स्टेट के कारोबार में भी इस दौरान बूम देखने को मिला।

सराफा में 8 करोड़ का कारोबार
सोना-चांदी का खरीदना सदियों से सुख समृद्धि और भाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिसके चलते पुष्य नक्षत्र के दूसरे दिन भी सराफा बाजार में भारी ग्राहकी देखने को मिली। सराफा में इस दौरान 200 फीसदी अधिक खरीददारी हुई। इस दौरान एक-एक शोरूम संचालक ने  लाखों का कारोबार किया। जिसके चलते अकेला सराफा व्यवसाय ही 8 करोड़ तक जा पहुंचा। लोगों ने अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक सोने और चांदी के आभूषण खरीदे। आमजनों ने जहां सगुन के रूप में गोल्ड रिंग, चांदी के सिक्के तथा सस्ते आयटम खरीदे, वहीं धनाड्य वर्ग ने नैकलैस तथा लेटेस्ट डिजायन की च्वैलरी खरीदकर इस महायोग को यादगार बनाया।

ऑटोमोबाइल में 13 करोड़.....
गाडिय़ां खरीदने के लिए मौके की तलाश कर रहे लोगों ने जमकर दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों की खरीददारी की। शहर भर के शोरूमों में इस दौरान 1 सैकड़ा से अधिक वाहनों की खरीददारी की गई। जिसके चलते ऑटोमोबाइल सेक्टर में 13 करोड़ के करीब कारोबार हुआ।
कपड़ा बाजार में आए 5 करोड़......
कपड़ा मार्केट आमतौर पर सस्ता मार्केट माना जाता है, लेकिन दीपावली से पूर्व हर व्यक्ति अपने परिवार के लिए नए कपड़े खरीदता है, जिसके चलते कपड़ा बाजार में जर्बदस्त बूम देखने को मिला और लगातार दूसरे दिन भी शहर में कपड़े की भारी बिक्री हुई। छोटी दुकानों से लेकर शहर के हर छोटे-बड़े शोरूमों पर खरीददारों की भीड़ रही, जिसके चलते कपड़ा बाजार में 5 करोड़ रुपए आए।

इलेक्ट्रोनिक्स में 7 करोड़.....
भौतिकता के बढ़ते प्रभाव के चलते पुष्य नक्षत्र में लेटेस्ट डिजायन एवं तकनीक के इलेट्रोनिक्स उत्पादों की भारी खरीददारी हुई। लोकप्लाजा, मनीष सेल्स जैसे शोरूमों पर खरीददारी के लिए सुबह से शाम तक भीड़ उमड़ती रही। इलेक्ट्रोनिक्स उत्पादों में टीवी, फ्रीज के साथ वशिंग मशीन, गीजर, मिक्सर, ओवन, इंडक्शन जैसे ढेरों उत्पादों की जमकर खरीददारी हुई। जिसके चलते करीब 7 करोड़ रुपए के इलेक्ट्रोनिक आयटम बिके।

रीयल स्टेट में 12 करोड़ बूम
मंदी की मार झेल रहे रीयल स्टेट कारोबार में भी पुष्य नक्षत्र के दौरान हलचल देखी गई। रीयल स्टेट कंपनियों ने इस खास मौके के लिए लुभावने ऑफर दिए थे,जिसके चलते रीयल स्टेट में फ्लेट्स एवं प्लॉट की खरीददारी हुई,जिसके चलते रीयल स्टेट में भी करीब 2 करोड़ का कारोबार हुआ।

कारोबारियों के चेहरे खिले
सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष जगमोहन अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में बाजार काफी अच्छा रहा। मंगलवार की वजह से सराफे में कुछ दुकानें नहीं खुली, अन्यथा और भी अज्छा कारोबार होता, हालांकि सभी बड़े शोरूमों पर अज्छी ग्राहकी रही। पुष्य नक्षत्र के दौरान ग्राहकी की जो अपेक्षा की गई थी, काफी हद तक पूरी हुई।
मंगलम शो रूम के संचालक ने बताया कि पुष्य नक्षत्र के दौरान इलेट्रोनिक्स का कारोबार पिछले वर्ष से काफी अज्छा रहा। एलईडी, फ्रिज, वशिंग मशीन तथा सर्दी का मौसम शुरू होने से गीजर की बिक्री भी काफी रही, जिससे कारोबारियों में काफी उत्साह देखा गया। दीपावली के फेस्ट्व सीजन में अज्छे ऑफर दिए गए हैं, जिससे कारोबार अज्छा होने की उम्मीद है।

रविवार, 1 नवंबर 2015

ई-रजिस्ट्री : गड़बड़ी के चलते छह प्रोवाइडरों के लाइसेंस निरस्त



- इकट्ठे स्लॉट बुक कराना महंगा पड़ा 

 बीएल मारण
दबंग रिपोर्टर, भोपाल
जमीन-जायदाद यानि अचल संपत्ति के पंजीयन की हाईटेक व्यवस्था भले ही आम जनता के लिए सुविधाजनक है, लेकिन इसका अनुचित लाभ लेना सर्विस प्रोवाइडरों को महंगा पड़ रहा है। जी हां, शनिवार को उस समय यह स्थिति सामने आई, जब दो से तीन ई-रजिस्ट्री कराने के लिए आधा दर्जन सर्विस प्रोवाइडरों ने 10 से 19 तक स्लॉट बुक कराए। जांच में प्रोवाइडरों की यह गड़बड़ी सामने आने पर जिला पंजीयक पवन अहिरवार ने सभी छह प्रोवाइडरों के लायसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह पहला मौका है, जब किसी सर्विस प्रोवाइडर के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। खास बात यह है कि जिला पंजीयक ही वह अधिकारी है, जिन्होंने पायलेट प्रोजेक्ट के तहत सीहोर में रहते हुए पहला लाइसेंस प्रोवाइडर को जारी किया था और उन्होंने ही प्रदेश में पहली बार एक साथ छह सर्विस प्रोवाइडरों के लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की है। 
स्लॉट बुकिंग की जांच में मिली गड़बड़ी :
ई-रजिस्ट्री में गड़बड़ी का यह खुलासा गत एक सप्ताह में हुद स्लॉट बुकिंग की जांच में हुआ। जिला पंजीयक पवन अहिरवार के अनुसार अधिक स्लॉट बुक होने के बावजूद रजिस्ट्रियां कम हो रही थीं। इसकी जानकारी के लिए पिछले हफ्ते में सर्विस प्रोवाइडरों द्वारा ई-रजिस्ट्री के लिए कराए गए स्लॉट बुकिंग की जांच की गई तो चौंकाने वाली स्थिति सामने आई। उन्होंने बताया कि छह सर्विस प्रोवाइडर ऐसे पकड़े गए, जिन्होंने एक ही दिन में 10-10 स्लॉट की बुकिंग की थी, जबकि रजिस्ट्री केवल दो से तीन कराई। यह स्थिति सात दिन तक लगातार देखी गई। एक प्रोवाइडर ने तो इतनी हद कर दी कि उसने एक ही दिन में 19 स्लॉट बुक कराए। इसमें से केवल दो स्लॉट पर प्रोवाइडर पक्षकारों को लेकर उपस्थित हुए, जबकि अन्य खाली ही रहे। सर्विस प्रोवाइडरों द्वारा इस तरह की जा रही गड़बड़ी सेवा प्रदाता नियमों का उल्लंघन है। इसके चलते सभी छह प्रोवाइडरों को फाल्स स्लॉट बुक करने का दोषी पाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। जिला पंजीयक ने बताया कि इस तरह की जांच आगे भी जारी रहेगी। 
15 मिनट का होता है एक स्लॉट : 
जिला पंजीयक ने बताया कि ई-रजिस्ट्री कराने के लिए प्रतिदिन 264 स्लॉट दिए जाते हैं, एक स्लॉट 15 मिनट का होता है। उन्होंने बताया कि दरअसल ये छह प्रोवाइडर प्रतिदिन 100 से भी अधिक स्लॉट बुक कराते थे, जिसके चलते अन्य प्रोवाइडरों को खाली स्लॉट ही नहीं मिलते थे। 
 इन प्रोवाइडरों को लाइसेंस हुए निरस्त : 
- नूरीन खान
- आशीष सिंह भदौरिया
 - दिलीप कुमार मूलचंदानी
 - राघवेंद्र सिंह पंवार
 - अनुराधा जायसवाल
 - अजय कुमार असनानी
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शनिवार, 31 अक्तूबर 2015

राष्ट्रीय युवा समागम आज, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ


भोपाल । किरार घाकड क्षत्रिय समाज कल्याण महासभा के तत्वावधान मे राष्ट्रीय युवा समागम का आयोजन 1 नवम्बर को प्रातः 10 बजे से नार्मदीय भवन (नर्मदा मंदिर) सेकन्ड स्टाप बाल भवन के पीछे तुलसी नगर भोपाल में आयोजित किया जायेगा।
किरार घाकड क्षत्रिय समाज कल्याण महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष शैलेन्द्र पटेल ने बताया की युवा समागम मे मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री षिवराज सिंह चौहान होंगे जबकि विषेष अतिथि प्रेम सिंह पटेल (बत्रा), श्री धाकड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजगढ़ के सांसद रोड़मल नागर , पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल, किरार महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री सुरजीत सिंह चौहान होगे । समारोह की अध्यक्षता समाज सेवी राधेष्याम धाकड करेगे।
किरार घाकड क्षत्रिय समाज कल्याण महासभा के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष शैलेन्द्र पटेल ने बताया की राष्ट्रीय युवा समागम महासभा का पहला अभिनव प्रयास हेेै यह समारोह समाज के युवाओं को जागृत एवं संगठित करने के लिए एक अनूठी पहल है। इस समारोह से युवाओ मे क्रान्तिकारी परिवर्तन आएगा इसमे लगभग 500 आमंत्रित सदस्य एवं 2000से अधिक समाज बंधुओ के भाग लेने की उम्मीद है।

शुक्रवार, 30 अक्तूबर 2015

सूखे ने बिगाड़ी माली हालत, 3 हजार करोड़ का कर्ज लेगी सरकार



हरीश दिवेकर

विशेष संवाददाता (नवदुनिया की खबर)
भोपाल।
किसानों को राहत राशि देने के लिए सरकार के खजाने में पैसा नहीं है। अब सरकार पैसे जुटाने की जुगत में एक बार फिर बाजार से 3000 हजार करोड़ का कर्ज लेने जा रही है। इस संबंध में वित्त विभाग के अफसरों ने बुधवार देर रात आरबीआई के माध्यम से खुले बाजार से कर्ज लेने का प्रस्ताव तैयार किया। उधर वित्त मंत्री जयंत मलैया ने दिल्ली जाकर केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात कर प्रदेश की माली हालत का हवाला देते हुए 4 प्रतिशत के ब्याज की दर से 5000 करोड़ का सॉफ्ट लोन की भी मांग की है। सरकार ने तीन हजार करोड़ के खर्चों पर रोक लगा दी है, जिसमें से 327 करोड़ सिर्फ जल निगम के कार्यों का है। वित्त मंत्री ने केंद्र से फसल बीमा में 3000 करोड़ की राशि में 50 प्रतिशत राज्य का हिस्सा केन्द्र से देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा नाबार्ड द्वारा पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) को 60 से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की मांग की है। हालांकि वित्त मंत्री के अनुरोध पर केन्द्र सरकार ने अब तक ठोस जवाब नहीं दिया है। उन्होंने इस मामले में परीक्षण करने की बात कही है।

आमदनी घटी, खर्च बढ़ा
उधर वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को एक प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश के खजाने की स्थिति बताई है। इसमें बताया गया कि प्रदेश में अनुमानित आय में कमी हो सकती है, वहीं खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि अपर मुख्य सचिव ने चेता दिया कि अब सरकार कोई बड़ी घोषणा करती है तो विषम परिस्थिति बन सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि पेट्रोल-डीजल के दरों में गिरावट सहित अन्य वाणिज्यिक कर से आय में 1000 करोड़ की कमी आ सकती है। वहीं एनजीटी के कारण खनिज नीलाम न होने से खनिज आय में भी 500 करोड़ की कमी आ सकती है। इसी प्रकार रियल एस्टेट व्यवसाय कमजोर होने से 300 करोड़ का फटका लग सकता है। हालांकि आबकारी महकमे से सरकार को लगभग 400 करोड़ का फायदा होने की संभावना है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वेतन-भत्तों का भार खजाने पर तेजी से बढ़ता जा रहा है। इसके साथ किराए के वाहन लेने का एक खर्च भी तेजी से बढ़ रहा है।

प्रति व्यक्ति बढ़ेगा कर्ज
यह पहला अवसर है कि बजट पारित होने के दो माह बाद से सरकार लगातार हर माह बाजार से कर्ज उठा रही है। जून 2015 से अब तक 6 हजार करोड़ का कर्ज लिया जा चुका है। अब इस माह फिर 3000 हजार करोड़ का कर्ज लेने की तैयारी की जा रही है। इसके चलते प्रति व्यक्ति पर 420 स्र्पए का कर्ज बढऩा तय है। आज की स्थिति में मप्र का हर व्यक्ति 14980 स्र्पए के कर्ज में है। प्रदेश सरकार पर कुल 1,10863.64 लाख करोड़ का कर्ज है। उल्लेखनीय है कि सरकार ने जून में 1000, जुलाई में 1500 और अगस्त में 1500 करोड़ और हाल ही में 11 और 23 सितंबर को एक एक हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है।

इनका कहना है
फंड जुटाने की कोशिश
प्रदेश के किसान परेशानी में है। सरकार उनके साथ खड़ी है। हम सारे खर्चे रोक कर किसानों के आंसू पोछने का प्रयास कर रहे हैं। मैंने वित्त विभाग को 3000 करोड़ स्र्पए की व्यवस्था करने को कहा है। इसके अलावा हमने केन्द्र से अन्य जरूरी मदद के साथ कम ब्याज पर 5 हजार करोड़ का कर्ज देने का आग्रह किया है।
-जयंत मलैया, वित्त मंत्री

सिमी सरगना अबू फैजल हत्या के मामले में दोषी करार


भोपाल। खंडवा में सिपाही सहित तीन लोगों की हत्या करने वाले सिमी सरगना अबू फैजल को जिला अदालत ने दोषी करार दिया है। साथ ही अदालत ने उसके एक साथी को आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। दोनों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी। जिला अदालत में आज विशेष न्यायाधीश बीएस भदौरिया की कोर्ट में सिमी आतंकियों की वीडियो कांफ्रेसिंग से सुनवाई हुई। खंडवा में तीन पुलिया क्षेत्र में करीब आठ साल पहले सिमी आतंकियों की पुलिस से मुठभेड़ हुई थी जिसमें सिपाही सीताराम यादव सहित एक वकील विजय पाल, रविशंकर पारे को मारकर वे भाग गए थे। इसी मामले में अबू फैजल, मेहताब तथा तीन अन्य उनके साथी आरोपी बनाए गए थे। मेहताब को अदालत ने जमानत दे दी थी और आज वह अदालत में पेश हुआ था। विशेष न्यायाधीश भदौरिया की कोर्ट ने आज सुनवाई के बाद अबू फैजल को धारा 302, 120 बी, 16-18 यूएपीए एक्ट और 25-27 आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। वहीं मेहताब को अदालत ने आर्म्स एक्ट में दोषी पाया है। मामले के तीन आरोपी अभी फरार हैं। विशेष न्यायाधीश ने मामले में शनिवार को सजा सुनाए का आदेश किया है।

क्या है मामला
- अबू फैजल और उसके साथी 28 नवंबर 2009 को तीन पुलिया क्षेत्र से मुठभेड़ में तीन लोगों की हत्?या कर भागे थे।
- इसके बाद अबू फैजल सेंधवा में पकड़ा गया था।
- 1 अक्?टूबर 2013 को जेल तोड़कर भागे थे।
- सिमी आतंकियों ने कोर्ट में नारे लगाए थे, जिसके बाद वीडियो कान्?फ्रेंसिंग से उनकी पेशी की जा रही थी।

भोपाल के पुराने शहर में रात को एक और बाघ की दहाड़ सुनी गई


भोपाल।
नए शहर के कलियासोत डेम के आसपास दो बाघों की मौजूदगी के बाद पुराने शहर के रहवासी क्षेत्र में दो बाघ होने की खबर है जिनमें से एक टाइगर गुरुवार को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया था। रात को एक और टाइगर की दहाड़ वहां के लोगों ने सुनी है जिसकी तलाश के लिए वन विभाग की टीम लगी है। जानकारी के मुताबिक पुराने शहर के करौंद क्षेत्र में रात एक टाइगर की दहाड़ सुनी गई। भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान के सिक्यूरिटी इंचार्ज सुनील बाथम ने सबसे पहले रात करीब साढ़े तीन बजे कुत्तों के शोर के बाद उन्हें भगाने का प्रयास किया तो एक जंगली जानवर के दहाडऩे की आवाज सुनी। इसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया जिन्होंने वन विभाग को सूचना दी है। भारतीय कृषि अभियांत्रिकीय संस्थान के पास ही भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान हैं और गुरुवार को ही कृषि अभियांत्रिकीय संस्थान से एक बाघ को पकड़ा गया था। आज सुबह वन विभाग की टीम भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान पहुंची जिसने जंगली जानवर के पगमार्क की पुष्टि की। दो जानवरों के पगमार्क लिए गए हैं जो टाइगर के बताए जा रहे हैं। पगमार्क के आधार पर वन विभाग की जानवरों की उम्र और लिंग का पता लगाने का प्रयास करेगी। दोपहर में उन्होंने मृदा विज्ञान संस्थान के आसपास जानवर की तलाशी का अभियान चलाया। संस्थान के एक हिस्से में ऊंची-ऊंची घास लगी है और काफी झाडिय़ां हैं तो एक हिस्से में भानपुर क्षेत्र है जहां रहवासी बस्तियां हैं। गौरतलब है कि भोपाल के कलियासोत डेम के आसपास पिछले कई महीनों से दो टाइगर घूम रहे हैं जिन पर अब लोगों की भीड़ का असर नहीं पड़ रहा है। वहीं करौंद जैसे घने आबादी वाले क्षेत्र में इन जानवरों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में दहशत बढ़ गई है।

भारतीय एससी-एसटी महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक रविवार को


भोपाल। भारतीय एससी-एसटी महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भोपाल में होने जा रही है। यह जानकारी पूर्व विधायक कमलापत आर्य ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक एक नवंबर को होगी। इसमें एससी-एसटी के लोगों के हितों की आवाज उठाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

मध्यप्रदेश के लिपिक वर्गीय कर्मचारी सूखा राहत में एक दिन का वेतन देंगे


भोपाल। मध्यप्रदेश के शासकीय लिपिक वर्गीय कर्मचारियों ने आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का अभिनंदन करते हुए ऐलान किया कि वे एक दिन का वेतन किसान को मदद करने सूखा राहत में देंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि राज्य सरकार के पास पैसा नहीं है और किसानों को मदद करने के लिए उधार पैसा लेना पड़ेगा। अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी सूखा राहत में सरकार के साथ हैं, यह अच्छी बात है। मगर सूखा राहत में किसानों की मदद के लिए 2-3 हजार करोड़ नहीं बल्कि 10 हजार करोड़ की जरूरत है। इसलिए सरकार को व्यवस्था करना है। चौहान ने कहा कि उन्हें यह मानने में कोई संकोच नहीं कि सरकार के पास पैसा नहीं है और इस कारण ही बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है।

शंकराचार्य स्वरूपानंद ने साईं बाबा को पीटते हनुमान का पोस्टर रिलीज किया



भोपाल. साईं बाबा के खिलाफ बयानों लेकर विवादों में रहे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने शुक्रवार को भोपाल में एक विवादास्पद पोस्टर जारी किया। इस पोस्टर में भगवान हनुमान जी पेड़ की शाख उखाड़कर साईं बाबा को पीटते नजर रहे हैं। पोस्टर में साईं बाबा भागते हुए दिख रहे हैं। द्वारका पीठ के शंकराचार्य ने कहा कि जहां-जहां साईं के मंदिर हैं, वहां हनुमान मंदिर बनाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि साईं बाबा भगवान नहीं हैं। उनकी पूजा नहीं होना चाहिए।

एक शिष्य को सपने में हनुमानजी दिखने का दावा
शंकराचार्य शुक्रवार को भोपाल के जवाहर चौक के पास बने आश्रम में आए थे। उनके शिष्य रामानंद जी नेबताया कि नांदेड में एक शिष्य को सपने में हनुमान जी दिखे। उन्होंने कहा कि साईं बाबा को भारत से खदेडऩा है। उनकी कल्पना के आधार पर ये पोस्टर तैयार किया गया है। उनका दावा है कि 3 साल के अंदर साईं बाबा को भारत से पाकिस्तान भेज दिया जाएगा। जहां-जहां भी उनके मंदिर हैं, वहां हनुमान जी के मंदिर बना दिए जाएंगे।

लंबे समय से चल रहा है विवाद
साईं बाबा के खिलाफ शंकराचार्य पिछले एक साल से बयानबाजी कर रहे हैं। शंकराचार्य के साईं के खिलाफ बयानबाजी के बाद कई साई भक्तों का उन पर गुस्सा भी फूटा और जगह-जगह प्रदर्शन भी हुए। शंकराचार्य का कहना है, 'साईं बाबा का नाम चांद मियां था और वे मुसलमान थे। आज मंदिरों में देवी-देवताओं की मूर्तियां साई के चरणों में रखी हुई हैं। सनातन धर्मियों के मंदिरों में देवताओं का यह अपमान है। रामनवमी के अवसर पर कई जगह पर लोग साई बाबा की शोभा यात्रा निकालते हैं। यह बात हमें बहुत खराब लगती है।Ó

शंकराचार्य ने पहले भी दिए हैं साईं बाबा के बारे में बयान
1. साईं बाबा न भगवान हैं, न गुरु : द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्?वामी स्?वरूपानंद सरस्?वती ने पहले भी ऐसे ही बयान दिए हैं। उन्होंने कहा पिछले साल जून में कहा था- साईं बाबा न भगवान हैं और न ही गुरु। उन्?होंने उनकी पूजा करना गलत है। कहा जाता है कि पूजा अवतार या गुरु की जाती है। सनातन धर्म में भगवान विष्?णु के 24 अवतार माने जाते हैं। कलयुग में बुद्ध और कल्कि के अलावा किसी अवतार की चर्चा नहीं है। इसलिए, साईं अवतार नहीं हो सकते। रही बात गुरु मानने की। तो गुरु वह होता है जो सदाचार से भरा हो, लेकिन साईं मांसाहारी थे। इस साल अप्रैल में उन्होंने कहा था- शिरडी में साईं की मजार बनी हुई है, उससे यह साबित होता है कि साईं मुसलमान थे क्योंकि, हिन्दुओं में जो समाधि दी जाती है, वह गोल आकार की होती है और मजार लंबे आकार की होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि साईं की जहां मजार बनाई गई है, वहीं वहां मूर्ति भी लगा दी गई है।
2. क्या भगवान की जगह मोदी को बैठा देंगे : स्?वरूपानंद ने भागवत से कहा था, 'नारा तो 'हर हर महादेव' का होता है। क्?या अब भगवान शिव की जगह मोदी की फोटो लगेगी? भगवान की जगह मोदी को बैठा देंगे?' बाद में नरेंद्र मोदी ने समर्थकों से इस नारे का इस्?तेमाल नहीं करने की अपील की थी।

क्रांतिकारी साधु कहलाते हैं शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती
- 2 सितम्बर, 1924 को मध्य प्रदेश में जबलपुर के पास जन्मे शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती द्वारका पीठ के धर्मगुरु हैं।
- वे 1942 में अंग्रेजों के खिलाफ हुए भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा ले चुके हैं। जेल भी जा चुके हैं। लिहाजा, क्रांतिकारी साधु के नाम से भी पहचाने जाते हैं।
- एमपी के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह जैसे नेता उनके शिष्य हैं।
- 1973 में उन्हें ज्योतिष्पीठ का शंकराचार्य बनाया गया।
- 1982 को वे द्वारका पीठ की गद्दी पर बैठे।
- वे रामजन्म भूमि आंदोलन को राजनीति से दूर रखने के लिए शंकराचार्यों के साथ मिलकर रामजन्मभूमि रामालय न्यास भी बना चुके हैं।
- साई बाबा पर बयानबाजी से पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती नरेंद्र मोदी के सवाल पर एक पत्रकार को थप्पड़ जड़ चुके हैं।
- दरअसल, पत्रकार ने शंकराचार्य से मोदी के पीएम बनने को लेकर सवाल किया था। पत्रकार के इस सवाल पर शंकराचार्य बिफर गए थे।
(भास्कर डॉट काम की खबर)

गुरुवार, 29 अक्तूबर 2015

यंगस्टर्स की चॉइस बने मोटे फ्रेम के चश्मे



अमेरिकन ऑप्टीकल्स पर मिल रहे हैं स्टाइलिश चश्मे

भोपाल। स्कूल या कॉलेज डेज में आपने अपने फ्रेंड्स और क्लासमेट्स को चश्मिश या बैट्री जैसे नाम तो कई बार दिए होंगे। इस पर वे कई बार गुस्सा हो जाते, तो कभी हंस कर टाल देते। अक्सर इस तरह की चुटकी का हिस्सा बनने वाले लोगों का चश्मा ही अब उनके स्टाइल स्टेटमेंट बन गया है। 70 और 80 के दशक में पॉपुलर मोटे फ्रेम वाले चश्मों का दौर एक बार फिर से वापस आ गया है। फिर चाहे ये जवानी है दीवानी की दीपिका पादुकोण हों या टू स्टेट्स के आशिक मिजाज अर्जुन कपूर हों। जब स्टार्स इस तरह के मोटे फ्रेम वाले चश्मों से अपने चाहने वालों को इंप्रेस कर रहे हैं तो यंगस्टर्स भी क्यों पीछे रहें। राजधानी भोपाल में ऐसे ही नई स्टाइलिश के चश्मे लेकर आए हैं एमपी नगर जोन-2 पीएनबी बैंक के सामने स्थित अमेरिकन ऑप्टीकल्स के संचालक रवि राज।

चेहरे के अनुसार खरीदें फ्रेम
रविराज ने बताया कि चश्मे का फ्रेम पसंद करते समय सबसे पहले देखिए कि आपको कैसा फ्रेम चाहिए। अपने दोस्तों, परिवार वालों से भी पूछें कि आपके ऊपर किस तरह का फ्रेम आपकी सुंदरता को और बढ़ाएगा। क्योंकि चश्मा आपकी खूबसूरती का भी हिस्सा है इसलिए जो भी फ्रेम खरीदें, वह आपके चेहरे पर फिट होने के साथ पर्सनैलिटी पर भी सूट करना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले चश्मा लगाना बेशक मजबूरी रही हो, पर अब यह खास तौर से युवाओं में फैशन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। अब खुद को स्टाइलिश दिखाने की चाहत में युवा चश्मा पहनने लगे हैं। कोई आंखों की कमजोरी के कारण चश्मा पहनता है तो कोई यूं ही स्टाइल स्टेटमेंट के लिए। अब कारण चाहे जो भी हों यूथ में चश्मों को लेकर भी काफी क्रेज है। ज्यादातर युवा स्टाइलिश फ्रेम वाले चश्मे पहने दिखते हैं। लेकिन कुछ लोग आज भी यही सोच रखते हैं कि चश्मा पहनना बहुत बोरिंग है। लेकिन अब हकीकत में ऐसा नहीं है। अगर आप थोड़ी सूझबूझ के साथ अपने रंग-रूप, चेहरे के आकार आदि को ध्यान में रखकर अपने लिए चश्मे का फ्रेम चुनेंगे तो आपकी खूबसूरती और भी निखर कर सामने आएगी।

लोगों का बढ़ा क्रेज
पहले जो चश्मे मार्केट में अवेलेबल होते थे उन्हें देखकर निराशा होती थी। वे ठीक वैसे ही थे कि उन्हें पहनने के बाद खुद की लुक्स के लिए निगेटिव सोच आ जाती थी, पर अब ऐसा नहीं है। चश्मे के प्रति लोगों के बढ़ते क्रेज के चलते कई देसी विदेशी ब्रांड के चश्मे बनाने वाली कई कंपनियां बाजार में उतर आई हैं। लोगों के सामने ढेरों विकल्प हैं। अब बोल्ड लुक वाले और रंगीन फ्रेम के चश्मे भी लोकप्रिय हो रहे हैं। सेलिब्रिटीज में तो ये आम हैं। मोटे फ्रेम वाले चश्मे जिन्हें लोग पसंद नहीं करते थे, वे अब फिर से लोकप्रिय होने लगे हैं। अब तो लोग अलग-अलग रंगों के कई-कई जोड़ी चश्मे भी रखने लगे हैं, ताकि कपड़ों के रंग के हिसाब से मैच करते फ्रेम वाले चश्मे पहने जा सकें

आंखों के लिए चश्मा जरूरी
अमेरिकन ऑप्टीकल्स के संचालक रवि राज ने बताया कि सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों के रैटिना पर सीधा प्रभाव डालती हैं। धूलमिट्टी, हवा में मौजूद बैक्टीरिया आंखों को नुकसान पहुंचाते हैं। चश्मा आंखों पर कवच के रूप में काम करता है, आंखों को इन सब परेशानियों से दूर रखता है। आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा बहुत ही जरूरी होता है, लेकिन इस का चुनाव बहुत ही सोचसमझ कर करना चाहिए। सस्ते किस्म का लैंस आंखों की सुरक्षा करने में सफल नहीं होता है।

हीरो-हीरोइन ने बढ़ाई डिमांड
चश्मों का ट्रेंड फिल्मों के साथ बदलता रहता है। जय हो में सलमान खान का रंग-बिरंगा चश्मा भी इन दिनों मार्केट में खूब छाया हुआ है। वहीं अनिल कपूर द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चश्में की भी खूब डिमांड है। इतना ही नहीं कमबख्त इश्क में करीना कपूर का चश्मा भी गल्र्स में खूब पॉपुलर हुआ। दीपिका का चश्मा वाला नया लुक गल्र्स को अट्रैक्ट कर रहा है। रितिक रोशन, शाहरुख खान, प्रतीक बब्बर, अनुष्का शर्मा व महेंद्र सिंह धोनी ने स्टाइलिश चश्मे पहनकर लोगों को चश्मा पहनने की आदत डाली है।

प्रधानमंत्री मोदी के चश्मे की स्टाइल सबसे ज्यादा पसंद
यंगस्टर्स को तेजी से लोकप्रिय हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चश्मे का लुक सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। आज मार्केट में मोदी के स्टाइलिश वाले चश्मों को खूब पसंद किया जा रहा है।

बालों के रंग का भी है महत्व
चश्मे का रंग अगर आपके बालों को कांप्लिमेंट करता है तो आप यकीनन स्टाइलिश लगेंगे। अगर आपके बाल काले या गाढ़े भूरे हैं तो आप डार्क शेड्स, बोल्ड कलर्स और एक से अधिक शेड्स के कांबिनेशन वाले चश्में पहन सकते हैं। अगर आपके बाल हल्के भूरे रंग के हैं तो मेटल या पेस्टल शेड्स के लाइट फ्रेम आप पर अधिक फबेंगे।

100 से 10 हजार तक की रेंज
रविराज ने बताया कि इन दिनों सभी प्रकार के चश्मे ग्राहकों द्वारा पसंद किया जा रहा है। इसमें 100 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक के चश्मे उपलब्ध हैं।

चश्मे के प्रमुख ब्रांड
ओकले, इंक
रे-बैन
माउ जिम
कोस्टा डेल मार
पेर्सोल
सेरेन्गेटी
गौगल्स
पोलारोइड आईविअर




सोमवार, 26 अक्तूबर 2015

भारती एक्सा ने लॉन्च किया वैश्विक रिपोर्ट का भारतीय चैप्टर


सबकी बेहतर सुरक्षा के लिए महिलाओं का बीमा कराएं

यह रिपोर्ट ब्राजील, चीन, कोलंबिया, भारत, इंडोनेशिया, मैक्सिको, मोरक्को, नाइजीरिया, थाइलैंड और तुर्की की उभरती अर्थव्यवस्थाओं में महिलाओं के बीमा बाजार का एक अपनी तरह का पहला अध्ययन है

2030 तक भारत में महिलाओं के वार्षिक बीमा बाजार के 1.4 - 2.3 लाख करोड़ रुपयों के बीच रहने का अनुमान है, जो कि 2013 में महिलाओं द्वारा खर्च किए गए 65.5 हजार करोड़ रुपयों के अनुमानित प्रीमियम से लगभग दो से चार गुना है

भारत में महिला.उद्यमिता सालाना 4.5 प्रतिशत से भी ज्यादा बढ़ रही है


bhopal.  बीमा और एसेट मैनेजमेंट में दुनिया की अग्रणी कंपनी एक्सा ने आईएफसी ;विश्व बैंक का सदस्य और एक्सेंचर के साथ साझेदारी में एक वैश्विक रिसर्च रिपोर्ट लॉन्च की है जिसका नाम है शीफोरशील्ड  सबकी बेहतर सुरक्षा के लिए महिलाओं का बीमा कराएं। यह रिपोर्ट उभरती अर्थव्यवस्थाओं में महिलाओं के बीमा बाजार का अपनी तरह का पहला अध्ययन है। रिपोर्ट के भारतीय चैप्टर के अनुसार 2030 तक भारत में महिलाओं के वार्षिक बीमा बाजार का आकार 1.4 से 2.3 लाख करोड़ रुपये के बीच का होगा। ये 2013 में महिलाओं द्वारा खर्च किए गए 65.5 हजार करोड़ रुपयों के अनुमानित प्रीमियम से लगभग 2 से 4 गुना है।
यह रिपोर्ट बीमाकर्ताओं के लिए महिलाओं के बीमा बाजार द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले बिजनेस अवसरों का विश्लेषण करती है। इंडस्ट्री इस हिस्से के लिए सबसे प्रासंगिक मूल्य.वर्धित प्रस्ताव विकसित करेय यह सुनिश्चित करने की दिशा में ये रिपोर्ट महिलाओं की उभरती और बढ़ती सुरक्षा आवश्यकताओं पर प्रकाश डालती है और विकास.कारकों की पहचान करती है। इसने पता लगाया कि बीमा उद्योग ने बाजार में विकास की महत्वपूर्ण संभावनाओं के बावजूद . एक प्रमुख ग्राहक खंड के तौर पर महिलाओं की मौटे तौर पर अनदेखी की।
इस मौके पर बोलते हुए श्री दीपांकर साइका सीनियर वाइस प्रेसिडेंट स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव्स, इनोवेशन और मार्केटिंग भारती एक्सा जीआई ने कहा ष्भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के लिए भारतीय महिलाओं की आबादी बेहद अहम है। हालांकि हमारी ज्यादातर पेशकशों में ऐसे पहलू शामिल हैं जो खासतौर पर महिलाओं को लाभ पहुंचाते हैंए जैसे गंभीर बीमारी के कवरए सड़क किनारे सहायता ;रोडसाइड असिस्टेंस आदि। फिर भी यह रिपोर्ट हमारे प्रयासों को अगले स्तर तक ले जाने में बहुत अधिक मदद करेगी। हम महिलाओं के लिए विशिष्ट उत्पाद और हमारे सेल्स एजेंट के दल तथा कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में यानी दोनों तरीके से महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर विचार करेंगे। दरअसल मुझे पूरा भरोसा है कि महिलाओं के बीमा संबंधी मुद्दों के संदर्भ में इस रिपोर्ट के द्वारा प्रस्तुत सूक्ष्म ज्ञान और समाधान महिला ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने की दिशा में ना सिर्फ हमें बल्कि समूची भारतीय जनरल इंश्योरेंस इंडस्ट्री को एक मार्गदर्शन देगा।
मुंबई में  #SheforShield शीफोरशील्ड रिपोर्ट का भारतीय चैप्टर लॉन्च करते हुए भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी सुश्री नगीना ने कहाए “बढ़ती आय के साथए भारत में महिलाएं धीरे.धीरे सामाजिक.आर्थिक विकास के प्रति निर्णय लेने वाली और योगदान देने वाली अहम किरदार बन रही हैं। भारती एक्सा लाइफ इंश्योरेंस के आंकड़ें दर्शाते हैं कि महिला एजेंटों द्वारा बेचे गए प्रति पॉलिसी औसत प्रीमियम पुरुष एजेंटों द्वारा की गई बिक्री से 50 प्रतिशत ज्यादा हो सकते हैं। सेल्सफोर्स में महिलाओं की संख्या में बढ़ोत्तरी की बेहद ज्यादा जरूरत है जिसे इंडस्ट्री ने स्वीकार करना शुरू कर दिया है। भारती एक्सा लाइफ में फ्रंटलाइन सेल्स में लगभग 19% महिला कर्मचारियों के साथ हमारी महिला सेल्सफोर्स संख्या पहले से ही उत्साहजनक दिखाई दे रही है।ष्  
रिपोर्ट ने उन विभिन्न समाधानों पर भी प्रकाश डालाए जो बीमा उद्योग में महिलाओं के लिए चुनौतियों से पार पाने में मदद करेंगे

होंडा ने लहराया अपना परचम, 8 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश में बना नंबर 1 दो-पहिया ब्रांड


होंडा 2व्हीलर्स 8 राज्यों और 1 केन्द्र “ाासित प्रदेष में नंबर 1 की पोजीषन पर है

3 नये राज्यों (गुजरात, पंजाब, दिल्ली) में पहली बार नंबर 1 दुपहिया कंपनी बनी

19 राज्यों में बाजार हिस्सेदारी बढ़ाई

स्कूटराइजेषन ट्रेंड में अग्रणी, होंडा की 27 राज्यों में आॅटोमैटिक स्कूटर सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी 50 प्रतिषत से अधिक पहुंची


bhopal. होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एचएमएसआइ) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सोसायटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) द्वारा उपलब्ध कराये गये नवीनतम बिक्री आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्श 2015-16 की पहली तिमाही में होंडा 8 राज्यांे और एक केन्द्र “ाासित प्रदेष में सर्वाधिक बिकने वाला दुपहिया ब्रांड बन गया है। 
होंडा ने अपनी नंबर 1 सूची में 3 नये राज्यों (गुजरात, पंजाब और दिल्ली) का समावेष किया
होंडा 2व्हीलर्स की बढ़ती प्राथमिकता ने होंडा विंग्स को 8 राज्यों में (महाराश्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, केरल, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेष,गोवा) और 1 केन्द्र “ाासित प्रदेष (चंडीगढ़) में ‘नंबर 1 सेलिंग 2व्हीलर ब्रांड‘ बनाया है। 
कुल मिलाकर, होंडा 2व्हीलर्स की अखिल-भारतीय बाजार हिस्सेदारी चालू वित्त वर्श की पहली तिमाही में 2 प्रतिषत अंक बढ़कर 26 प्रतिषत पहुंच गई है। राज्यों की बात करें तो दो राज्यों और एक केन्द्र “ाासित प्रदेष (चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेष और गोवा) में बाजार हिस्सेदारी 50 प्रतिषत से अधिक पहुंच गई, 2 प्रमुख राज्यों (महाराश्ट्र, गुजरात) में यह 40 प्रतिषत के आंकड़े को पार कर गई और अतिरिक्त 7 राज्यों (दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना) में ब्रांड की बाजार हिस्सेदारी 30 प्रतिषत से अधिक रही। 
यह गौर करने लायक है कि 28 राज्यों में होंडा 2व्हीलर्स की बिक्री में जबर्दस्त वृद्धि दर्ज की गई है। इनमें अधिकतर मोटरसाइकिल के प्रभुत्व वाले राज्य जैसे उत्तर प्रदेष (14 प्रतिषत), असम (13 प्रतिषत), पष्चिम बंगाल (19 प्रतिषत), मध्य प्रदेष (3 प्रतिषत), पंजाब (8 प्रतिषत), बिहार (7 प्रतिषत), छत्तीसगढ़ (16 प्रतिषत) और तमिलनाडु (8 प्रतिषत) “ाामिल हैं।
होंडा ने आॅटोमैटिक स्कूटर सेगमेंट में अपने निर्विवादित नेतृत्व को सुदृढ़ किया है और सभी 29 राज्यों और केन्द्रषासित प्रदेषों में भारतीय दुपहिया उद्योग में स्कूटराइजेषन में अग्रणी है। यहां तक कि, आॅटोमैटिक स्कूटर में होंडा की बाजार हिस्सेदारी चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेष में 80 प्रतिषत से अधिक है और 3 राज्यों (आंध्र प्रदेष, हरियाणा और उत्तराखंड) में 70 प्रतिषत से ज्यादा है।

होंडा के प्रदर्षन पर श्री कीता मुरामत्सु, प्रेसिडेंट एवं सीईओ, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘वित्त वर्श 2015-16 की पहली तिमाही में, होंडा ने उद्योग की तुलना में 5 गुणा तेजी से विकास किया है। होंडा 2व्हीलर अब 8 राज्यों और 1 केन्द्र “ाासित प्रदेष में ‘सबसे पसंदीदा दुपहिया ब्रांड‘ है। स्कूटर और मोटरसाइकिल दोनों सेगमेंट में कई नये मॉडलों को लॉन्च करने, छोटे “ाहरों में नेटवर्क विस्तार करने, मांग की पूर्ति करने के लिए प्रोडक्षन मिक्स में अधिक लचीलता और ब्रांड रिकॉल की हमारी रणनीति को बाजार में सकारात्मक ढंग से स्वीकार किया गया है।‘‘
इस उपलब्धि को हासिल करने पर श्री यदविंदर सिंह गुलेरिया, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने कहा, ‘‘होंडा की सफलता की कहानी हमारे ग्राहकों द्वारा निरंतर होंडा ब्रांड पर जताये गये भरोसे का परिणाम है। आइकॉनिक ऐक्टिवा की जबर्दस्त मांग ने ब्रांड को वित्त वर्श 2015-16 के “ाुरूआती पांच महीनों में दस लाख की बिक्री का आंकड़ा पार करने में सक्षम बनाया। हमारी नई मोटरसाइकिलों लिवो और सीबीआर 650एफ को भी जोरदार प्रतिसाद प्राप्त हो रहा है। अब त्योहारी सीजन के दौरान हमें पूरा भरोसा है कि हम भारत में होंडा के लिए विकास के अगले चक्र को हासिल करेंगे।‘‘
 
 

Honda 2Wheelers increases market leadership


Becomes No.1 two-wheeler brand in 8 States + 1 UT*

Ø  Honda 2Wheelers is No. 1 in 8 States and 1 Union Territory
Ø  Becomes No. 1 two-wheeler company for 1st time in 3 new States (Gujarat, Punjab, Delhi)
Ø  Increases market share trend in 19 States  
Ø  Leading the Scooterization trend, Honda’s market share in automatic scooter segment is above 50% in 27 States

New Delhi, 15 October 2015 – Creating a new milestone Honda Motorcycle & Scooter India Pvt. Ltd. (HMSI) is nowNo. 1 selling 2Wheeler brand across 8 States and 1 Union Territory across India as per latest sales figures provided by Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM) for first quarter of FY’2015-16. 
Honda adds 3 new States (Gujarat, Punjab and Delhi) to its No. 1 tally
Increasing preference for Honda 2Wheelers made Honda Wings - the ‘No. 1 selling two-wheeler brand’ in 8 States (Maharashtra, Karnataka, Gujarat, Kerala, Punjab, Delhi, Himachal Pradesh, Goa) and 1 Union Territory (Chandigarh).

Overall, Honda 2Wheeler’s all India market share grew 2% points to 26% in first quarter of FY’2015-16. Within States, Honda’s market share zoomed to over 50% in 2 states + 1 Union Territory (Chandigarh, Himachal Pradesh and Goa), crossed 40% mark in 2 key states (Maharashtra, Gujarat) and was well above 30% mark in an additional 7 States (Delhi, Punjab, Uttarakhand, Karnataka, Kerala, Tamil Nadu and Telangana).

Noteworthy that Honda 2Wheelers sales grew progressively in total of 28 States including many motorcycle dominated states like  Uttar Pradesh (14%), Haryana(7%), Assam(13%, West Bengal(19%), Madhya Pradesh(3%), Punjab (8%), Rajasthan(12%), Bihar (7%), Jharkhand(14%), Chhattisgarh(16%) and Tamil Nadu(8%).

Honda has strengthened its undisputed leadership in automatic scooter segment and is leading the scooterization of Indian 2Wheeler industry across all 29 States and UTs. Infact, Honda’s market share in automatic scooter is as high as over 80% in Chandigarh, Himachal Pradesh and over 70% in 3 States (Andhra Pradesh, Haryana and Uttarakhand).

Commenting on Honda’s performance, Mr. Keita Muramatsu, President & CEO, Honda Motorcycle & Scooter India,said, “In the first quarter of FY’2015-16,Honda grew 5 times faster than the industry. Honda 2Wheeler is now the ‘Most preferred 2-wheeler brand’ in an impressive 8 States and 1 Union Territory. Our strategy to launch many new models in both scooter and motorcycle segments, network expansion in smaller towns, increased flexibility in production mix to meet demand and top of mind brand recall brand has been well accepted in the market.
On achieving the fete, Mr. Yadvinder Singh Guleria, Senior Vice President, Honda Motorcycle & Scooter India, said,“Honda’s success story is a result of the continued trust reposed by customers on the Honda brand. Infact, the overwhelming demand for the iconic Activa has led the brand cross one million sales in just five months of FY15-16. Our newly launched motorcycles Livo and CBR 650F are receiving a tremendous response. Now with the onset of festive season, we are confident of driving the next growth-curve for Honda in India.”   

For Further Information, please contact:
Public Relation Department - Honda Motorcycle & Scooter India Pvt. Ltd
                              
                                                       
              

Bring the HEALTHIER TWIST to your cooking with Kraft Air Fryer @ Rs. 7990/-



-      2.5 Liter Capacity Food basket
-       Hot air cooking technology ensures 80% Less fat* in your fried food
Kraft appliances, a pioneer in household appliances, both in terms of latest design as well as technology augments your cooking experience with its latest addition to your smart Kitchens –‘Kraft Air Fryer’ a healthy twist to HAPPY YOU!If you’re a fan of fried foods but don’t want the calories associated with them, this device addresses the issue head-on. Utilizing air circulation technology,Kraft Air Fryer enables oil free frying, while keeping the food healthy and tasty, as compared to the traditional method of frying!
Priced at Rs 7990/- Kraft Air fryer is ergonomically designed to build no hassle cooking experience.  The fryer accomplishes multifaceted functionality with several options to grill, roast and bake your food. Utilizing Rapid Air Technology, Air Fryer cooks your food evenly from all angles without using a profuse amount of oil. It circulates hot air of up to 390 degrees to ensure even cooking throughout making the food crispy on the outside and tender on the inside.
The air-fried food in the Air Fryer cuts down your oil consumption up to 80% becoming a healthy alternative to the traditional oily fatty food. Equipped with stylishly and purposefully designed basket of 2.5litres capacity, one can now fry large amounts of food in one go.
Futhermore, the temperature and time control features allows you to set up your own temperature for each food. Designed with safety switch, the Air Fryer is aided with adjustable thermostat control for different cuisines and is backed with 30mins timer with auto shut off for precise cooking.
Lastly to prevent your kitchen from smelling bad, this air fryer has been designed with an aesthetically placed air outlet vent. It expels air at regular intervals to ensure freshness. Accompanied with the recipe book Kraft Air Fryer gets your started right away on your journey of fast, yet healthy meal preparations.
Kraft Air Fryer aims at modernizing the healthy food preparation by using a simple yet innovative mechanism, cooking using just air!
Available in the combination of piano white and spring green color and tagged with 12 months of warranty, Kraft’s Electric Air Fryer is powered with 1300watts bringing in the healthier twist to make your food fat-free oil-free in no time!
About Kraft
Kraft appliances, a pioneer in household appliances, both in terms of latest designs as well as technology aims at addressing to the needs of Indian Homes with the wide range of home appliances offering an equally wide range of features, some of which will be available to the Indian consumer for the very first time. 

Having a high level of backward integration from R&D, Kraft appliances delivers quality products to suit the needs of Indian Consumers. With this strong indigenous presence and a desire to innovate, Kraft Appliances strives to keep delivering value to more customers.

क्राफ्ट एयर फ्रायर से अपनी कुकिंग में लगाइये स्वास्थ्यवर्धक तड़का


7,990 रूपये की कीमत में उपलब्ध

- 2.5 लीटर क्षमता की फूड बास्केट

- हॉट एयर कुकिंग टेक्नोलॉजी आपके तले-भुने भोजन में 80 प्रतिशत कम फैट’ सुनिश्चित करती है


bhopal. क्राफ्ट अप्लायंसेज, नवीनतम डिजाइनों के साथ-साथ तकनीक दोनों के लिहाज से घरेलू उपकरणों में अग्रणी कंपनी, ने ‘क्राफ्ट एयर फ्रायर‘ की पेशकश की है। कंपनी के उत्पाद पोर्टफोलियो में यह नया संकलन आपके स्मार्ट किचन में खाना पकाने के अनुभव में स्वास्थ्यवर्धक ट्विस्ट लेकर आयेगा। यदि आप तले-भुने खाने के शौकीन हैं मगर उनमें मौजूद कैलोरीज से बचना चाहते हैं तो यह उपकरण आपके इस मुद्दे से निपटने में कारगर है। क्राफ्ट एयर फ्रायर में एयर सर्कुलेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है जोकि इसे बिना तेल के खाद्य पदार्थों को तलने में सक्षम बनाता है और खाने को फ्राइंग की पारंपरिक विधि की तुलना में स्वस्थ एवं स्वादिश्ट रखता है। 

क्राफ्ट एयर फ्रायर की कीमत 7990 रूपये है और इसे एर्गोनॉमिक ढंग से डिजाइन किया गया है ताकि खाना पकाने के अनुभव को झंझटमुक्त बनाया जा सके। फ्रायर में भोजन को ग्रिल, रोस्ट और बेक करने के ढेरों विकल्पों के साथ बहुआयामी फंक्शनलिटी का समावेश किया गया है। एयर फ्रायर आपके भोजन को चारों ओर से एक समान पकाता है और इसमें कतई भी तेल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। यह एक समान कुकिंग सुनिश्चित करने के लिए गर्म हवा को 390 डिग्री तक चारों ओर प्रवाहित करता है और भोजन को बाहर एवं अंदर दोनों तरफ से कुरकुरा बनाता है। 

एयर फ्रायर में एयर-फ्राइड फूड आपकी तेल की खपत को 80 प्रतिशत तक घटाता है और यह पारंपरिक तेलीय फैटी फूड के लिए स्वस्थ विकल्प बन गया है। खूबसूरती एवं उद्देश्य पूर्ण ढंग से डिजाइन की गई बास्केट की क्षमता 2.5 लीटर है और आप एक बार में इसका अच्छी मात्रा में खाद्य पदार्थ फ्राई कर सकते हैं। 

यही नहीं, टेम्परेचर एवं टाइम कंट्रोल खूबी ग्राहकों को प्रत्येक भोजन के लिए तापमान निर्धारित करने की अनुमति देती है। सेफ्टी स्विच के साथ डिजाइन किये गये एयर फ्रायर में विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के लिए एडजस्टेबल थर्मोस्टेट कंट्रोल है और अतिशुद्ध कुकिंग के लिए इसमें आॅटो शट आॅफ के साथ 30 मिनट का टाइमर दिया गया है। 

आपकी रसोई से बुरी गंध आने से रोकने के लिए, इस एयर फ्रायर को सौंदर्यपरकता के साथ लगाये गये एयर आउटलेट वेंट के साथ डिजाइन किया गया है। यह ताजगी बनाये रखने के लिए हवा को नियमित अंतराल पर फेंकता है। क्राफ्ट एयर फ्रायर में एक रेसिपी बुक भी दी गई है जिसकी मदद से आप शीघ्रता से स्वास्थ्यवर्धक भोजन की तैयारी आरंभ कर सकती हैं। 

क्राफ्ट एयर फ्रायर का उद्देश्य एक आसान सी खोजपरक पद्धति का इस्तेमाल कर स्वास्थ्यवर्धक भोजन बनाने के तरीके में आधुनिकता का समावेश करना है। इसमें कुकिंग करने के लिए सिर्फ हवा का उपयोग किया जाता है।

पियानो व्हाइट एवं स्प्रिंग ग्रीन कलर के संयोजन में उपलब्ध और 12 महीनों की वारंटी के साथ पेश किया गया क्राफ्ट का इलेक्ट्रिक एयर फ्रायर में 1300 वाट से पावर्ड है जोकि जरा सी देर में स्वास्थ्यवर्धक ट्विस्ट के साथ आपके भोजन को फैट-फ्री और आॅयल-फ्री बनायेगा।

क्राफ्ट के विशय में ः
क्राफ्ट अप्लायंसेज, जोकि नवीनतम डिजाइनों के साथ-साथ तकनीक दोनों के लिहाज से अग्रणी घरेलू उपकरण कंपनी है, का उद्देश्य घरेलू उपकरणों की व्यापक श्रृंखला के साथ भारतीय घरों की जरूरतों से निपटना है। इन सभी उपकरणों में व्यापक खूबियों का भी समावेश किया जाता है, जिनमें से कुछ को पहली बार भारतीय उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराया जायेगा। 

आरएंडडी से उच्च स्तरीय इंटीग्रेशन के दम पर, क्राफ्ट अप्लायंसेज द्वारा भारतीय उपभोक्ताओं की जरूरतों के अनुकूल गुणवत्तापूर्ण उत्पाद प्रदान किये जाते हैं। अपनी सुदृढ़ स्वदेशी उपस्थिति और नवाचार करने की इच्छा के साथ,  क्राफ्ट अप्लायंसेज अधिक से अधिक ग्राहकों को मूल्य प्रदान करने के लिए प्रयासरत है।