सोमवार, 20 जनवरी 2014

साफ हो महिला आरक्षण बिल का रास्ता : राहुल गांधी



भोपाल। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण के विधेयक के लिए मार्ग प्रशस्त करना वर्तमान समय की मांग है। यह बात राहुल गांधी ने मिंटो हाल में आयोजित संबाद कार्यक्रम में कही। इसके बाद पीसीसी में कांग्रेस पदाधिकारियों में जोश भरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पंद्रह साल पुरान ढर्रा नहीं चलेगा, अब तो केवल रेस के घोड़े ही दौड़ेंगे, बारात के घोड़ों का संगठन में कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि हार-जीत तो होती रहती है, एक बार फिर से पार्टी को मजबूत बनाने में जुट जाओ। राहुल ने नए पीसीसी चीफ अरुण यादव से मुखातिब होते हुए साफ संदेश दे दिया कि जो जनता के बीच जाएगा, वही संगठन में रहेगा। उन्होंने कहा, अरुण अब दिल्ली और भोपाल के ज्यादा चक्कर लगाने के बजाय गांव- गांव जाओ, लोगों से मिलो और उनके दु:ख-दर्द में शामिल हो। उन्होंने कहा कि हमें लोकसभा चुनाव में काम करके केंद्र में फिर से यूपीए की सरकार बनानी है। इधर, पीसीसी में केंद्रीय राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राज्यसभा सांसद विजयलक्ष्मी साधौ से लेकर कईं नेताओं के खिलाफ चुनाव में हराने की शिकायतें की गई। राहुल ने सेबोटेज को लेकर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा कि जांच उपरांत पार्टी विरोधियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई होगी।
मिंटो हाल में लोकसभा चुनाव 2014 से पहले पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने के लिए देश भर की चुनिंदा 250 महिला प्रतिनिधियों के 'संवाद

उन्होंने कहा कि जब तक यह विधेयक संसद से मंजूर नहीं होता, तब तक पूरी तरह महिला सशक्तिकरण नहीं हो सकता। गांधी ने यहां महिला प्रतिनिधियों से लगभग दो घंटे तक बातचीत की और उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना। इनमें समलैगिंकों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली लक्ष्मी त्रिपाठी, गुलाबी गैंग की सम्पत पॉल और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर कई गैर सरकारी संगठनों की प्रतिनिधि शामिल थीं।

बदलेगा 15 साल पुराना सिस्टम ,  सेबोटेज की शिकायतों पर होगी कार्रवाई
मध्यप्रदेश में क्यों पराजित हुई कांग्रेस

राहुल शाम सवा चार बजे पीसीसी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों, ब्लाक अध्यक्षों और विस चुनाव में हारे-जीते प्रत्याशियों से सीधा संवाद किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासिचव एवं प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ अरुण यादव, वरिष्ठ नेता रामेश्वर नीखरा, मानक अग्रवाल समेत तमाम नेता मौजूद थे। राहुल ने सबसे पहले यह सवाल किया कि आखिर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की क्यों हार हुई? इसके बाद चुनिंदा नेताओं ने उन्हें कारण गिनाएं। पन्ना से भाजपा की कुसुम सिंह महदेले के खिलाफ चुनाव लड़ी पराजित प्रत्याशी मीना सिंह यादव ने कहा कि उन्हें उनके क्षेत्र में कांग्रेसियों ने ही हराया। उनमें वे दावेदार भी शामिल हैं, जिन्हें टिकट नहीं दिया गया। इसी तरह एक नेता ने कहा कि जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ काम किया है, वे अब लोकसभा चुनाव का टिकट भी मांग रहे हैं और कुछ जिला अध्यक्ष बनना चाह रहे हैं। राहुल ने तीनों बैठकों में इन नेताओं को दस से पंद्रह मिनट तक चर्चा की। इसके बाद वे एयरपोर्ट जाने से पहले कार्यकर्ताओं की मांग के बाद कुछ देर के लिए मंच पर आए। यहां से हाथ हिलाकर सभी का अभिभावदन स्वीकार किया और फिर प्रस्थान कर गए।

महिलाओं को प्रोटेक्शन की नहीं, अधिकारों की जरुरत:
इधर, मिंटो हाल में महिला संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैं समझता हूं कि महिलाओं को प्रोटेक्शनन की नहीं, उन्हें अधिकार देने की जरुरत है। यदि देश की महिलाओं को उनके अधिकार दे दिए जाएं, तो फिर उन्हें प्रोटेक्शन की कोई जरूरत नहीं है। राहुल ने कहा कि मैं यहां सिर्फ महिलाओं की बात सुनने आया हूं। कोई भाषण नहीं दूंगा। वे जो सुझाव देंगी, उनमें से महत्पूर्ण सुझावों को पार्टी के घोषाणापत्र में शामिल किया जाएगा। महिलाओं की बात सुनते हुए कई बार मुस्कुराए और उनके सवालों के जवाब भी दिए। संवाद की सूत्रधार महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा थीं।

घर की बॉस थीं दादी:
राहुल ने कहा कि अपनी दादी स्वर्गीय इंदिरा गांधी का स्मरण करते हुए कहा कि मेरे घर में पापा और चाचा दोनों थे, लेकिन घर की बॉस दादी थीं। घर के हर छोटे-बड़े फैसलों में दादी की सहमति और राय जरूरी समझी जाती थी। उस वक्त से लेकर आज तक मैंने अलग-अलग रूपों में महिला को देखा है। मैं चाहता हूं कि पार्टी का घोषणापत्र महिलाओं, किसानों, युवाओं और समाज के लोगों के बीच उनकी राय जानने के बाद बने। कांग्रेस अपना घोषणापत्र सबके साथ और सबके लिए बनाना चाहती है, इसीलिए कांग्रेस ने देश के अलग-अलग प्रदेशों से महिलाओं को यहां बुलाया है।


किसने क्या उठाया मुद्दा:
सेक्स वर्कर के बच्चों ने पूछे पिता का नाम

एक सेक्स वर्कर ने कहा कि सेक्स वर्कर के लिए बनाई गई पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं आया है। वह पहले भी संघर्ष करती थी और आज भी कर रही है। सेक्स वर्कर के बच्चों को भी अच्छी शिक्षा, अच्छा माहौल मिलना चाहिए। राहुलजी हमारे पास राशन कार्ड तक नहीं है, हम सरकार की कई सुविधाओं से वंचित हैं। बच्चों के एडमिशन के वक्त हमसे पिता का नाम पूछा जाता है। यह प्रक्रिया बंद होनी चाहिए, ताकि हमारे बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ सकें।

आप हिजड़ों की व्यथा  नहीं समझ सकते
किन्नर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने सवाल उठाया कि मैं जानना चाहती हूं कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ट्रांसजेंडर्स के लिए क्या करेगी? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आप हिजड़ों की व्यथा नहीं समझ सकते। अपनी गली में ही चलना मुश्किल हो जाता है, जब लोग कमेंट्स करते हैं।

बेटी मत बचाइए, बेटी ही देश को बचाएगी
गुलाबी गैंग की संपत पाल ने कहा कि बेटी बचाने की जरुरत नहीं है। बेटियों को सक्षम बना दीजिए, वही देश बचाएंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान हर जगह करते रहते हैं बेटी बचाओ। सीएम को हम बताना चाहते हैं कि आप चिंता न करें, एक बार मौका मिले तो सही, ये बेटी खुद देश को बचाएगी।
कार्यक्रम में गांधी ने कहा, 'अब समय आ गया है जब महिलाओं के लिए संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण के लंबित विधेयक को पारित करने का रास्ता साफ किया जाए।

शनिवार, 18 जनवरी 2014

मेरा बद्तमीज दिल


- परिणीता नगरकर
भोपाल।
प्रमुख हिंदी फिल्मों और विशेष इवेंट्स के हिंदुस्तान के प्रमुख चैनल मैक्स द्वारा जल्दी ही दिखाई जाने वाली अपनी नवीनतम सुपरहिट फिल्म 'ये जवानी है दीवानी को प्रमोट करने के लिये हाल में लॉन्च कैंपेन की कैंपेन लाइन है: 'यह बद्तमीजी नहीं चलेगी, बद्तमीजी चलेगी तो सिर्फ मैक्स पर। यह लाइन फिल्म के सबसे कैची ट्रैक से ली गई है जिसमें यह जिक्र है कि दिल को जब मोहब्बत हो जाती है तो वह क्या करता है। मैक्स ने अपने दर्शकों के कुछ प्रिय टेलीविजन कलाकारों से  बात की और उनसे उनके बद्तमीज दिल मोमेंट्स के बारे में पूछा।

संगीता घोष उर्फ जी लें जरा की साची प्रभु
मेरा मोस्ट स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट वह था जब मैंने पहली पहली बार अपने पति के लिये खाना बनाया। उन्हें खीर बहुत पसंद है इसलिये मैंने तय किया कि खीर ही बनाऊंगी। खुद बनाने की यह मेरी पहली  ही कोशिश थी। मैंने खीर को डेकोरेट करके  फ्रिज में रख दिया। जब उसे परोसने का मौका आया तो मैंने देखा कि खीर तो जम कर ठोस कुल्फी जैसी हो गई है। इससे भी ज्यादा ताज्जुब मुझे यह देख कर हुआ कि मेरे पति ने उसे खूब मजे ले लेकर खा लिया और उसके लिये मेरी भरपूर तारीफ भी की!

रुसलान मुमताज उर्फ जी लें जरा के ध्रुव गोयल
मैंने एक बार अपनी गर्लफ्रैंड को यह कह कर अपने घर इनवाइट किया कि हमारे घर हाउस पार्टी है लेकिन सच यह था कि मैं घर में अकेला था और हमारे यहां कोई पार्टी वार्टी नहीं थी। जब उसे मेरी इस शरारत का पता चला तो पहले तो वह थोड़ी हिचकिचाई लेकिन मैंने तुरंत ही कराओके सेशन शुरू करके उसे हैरत में डाल दिया। मैं रात भर उसे गाने सुनाता रहा और हमारा टाइम बड़ा सुहाना गुजरा। वही मेरी जिंदगी का सबसे बद्तमीज दिल मोमेंट था। 

ऐश्वर्या सखूजा उर्फ मैं ना भूलूंगी की की शिखा गुप्ता
मेरी जिंदगी का सबसे स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट उन दिनों आया था जब मैं मॉडलिंग करती थी और मैंने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट के लिये कुछ पैसा बचाने की सोची। मैंने अपने पापा से प्रॉमिस किया था कि मैं पैसा बचाऊंगी और उसे कहीं इन्वेस्ट कर दंगी। जब एक खास टारगेट पूरा हो गया तब मैंने वह सारा पैसा अपना पहला प्रादा हैंड बैग खरीदने में उड़ा दिया!

अक्षा गारोडिया उर्फ महाराणा प्रताप की धीर बाई भटियानी
मैं तो एक्स्ट्रीमली स्पेशल बद्तमीज परसन हूं, वैसी जिसे अंगरेजी में हू वियर्स हर हार्ट ऑन हर स्लीव्स कहते हैं। मुझे जहां भी, जो भी आकर्षक लगता है, मेरा दिल वहीं बद्तमीज दिल हो जाता है। 

बूगी वूगी के जावेद जाफरी
जब मेरी पत्नी 9 महीने की गर्भवती थीं तो मैं उन्हें बारिश में कार्टर रोड की सैर कराने के लिये अपनी पीठ पर उठा कर ले गया था। मेरे लिए, मेरी पत्नी और बच्चे के लियेे भी वही मेरा बद्तमीज दिल मोमेंट था।

बूगी वूगी के रवि बहल
मेरा बद्तमीज दिल मोमेंट वेलेंन्टाइन डे पर तब आया जब मेरी गर्लफ्रैंड गिफ्ट की उम्मीद में थी और मैंने उसे कुछ दिया नहीं। जब 12।00 बज चुके, तब मैं उसके घर पहुंचा और उसे ढेर सारे गिफ्ट दिये और कहा, 'तुम्हारे लिये अपना प्यार दर्शाने को मुझे किसी वेलेंन्टाइन डे की जरूरत नहीं पड़ती।

बूगी वूगी से नावेद जाफरी
मेरे लिये मेरा सबसे अलग और स्पेशल बद्तमीज दिल मोमेंट मेरे बचपन की यादों और मेरी मां के साथ जुड़ा है। मैंने अपनी मां के लिये 10 पैसे के गुलाब खरीदे थे जबकि मुझे कोई पॉकेट मनी नहीं मिलती थी। बद्तमीज दिल स्टाइल में तो मैंने अपनी गर्लफ्रैंड के लिये कभी कुछ किया नहीं।

अपने सेंसेज को हाई एलर्ट पर रखिये और सोनी मैक्स पर 'ये जवानी है दीवानीÓ के आगामी प्रीमियर की यूनिक कैंपेन एक्टिविटज के लिये अपने आसपास नजर बनाये रखिये। इसी तरह की अन्य दूसरी एक्टिविटीज के बद्तमीज दिल मोमेंट्स के लिये ट्यून कीजिये- ये जवानी है दीवानी, मैक्स टेलीविजन प्रीमियर, रविवार 19 जनवरी 2014, रात 8।00 बजे, सिर्फ मैक्स पर।

Sangeeta Ghosh

'Naved Jaaferi

Aashka Goradia

Aishwarya Sakhujua

Javed Jaaferi

Ravi Behl

Ruslaan Mumtaaz

Ruslan Mumtaaz