सोमवार, 22 जुलाई 2013

पत्रकार राजकुमार सोनी


 
Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni


बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

Rajkumar Soni
Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni

Rajkumar Soni
 

रविवार, 21 जुलाई 2013

पत्रकार राजकुमार सोनी

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।
बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।


बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

पत्रकार राजकुमार सोनी


बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।
बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।
बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

बारिश के सुहाने मौसम में दिनांक 19 जुलाई 2013 को फोटो सेशन के दौरान मध्यप्रदेश के
 प्रसिद्ध पत्रकार राजकुमार सोनी।

शनिवार, 13 जुलाई 2013

अमर रहेगा शेरखान


खलनायक और चरित्र अभिनेता परदे और परदे के बहार सिर्फ प्राण नाम से ही मशहूर रहे। एक ऐसे अभिनेता थे जिनके चेहरे पर हमेशा भावनाओं का तूफ़ान  और आँखों में किरदार का चरित्र नजऱ आता था जो अपने हर किरदार को निभाते हुए यह अहसास करा जाता है कि उनके बिना इस  किरदार की कोई पहचान नहीं है। बात चाहे जिस देश में गंगा बहती है के डाकू राका की हो या फिर उपकार के अपाहिज मलंग चाचा का किरदार या जंजीर में शेरखान का पठान किरदार उनकी संवाद अदायगी हमेशा भारतीय फिल्म प्रशंसकों के जेहन में जिंदा रहेगी। 
प्रारंभिक जीवन
12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान इलाके में बसे एक रईस परिवार में प्राण साहब  का जन्म हुआ था। बचपन में उनका नाम प्राण कृष्ण सिकंद था। दिल्ली में उनका परिवार बेहद समृद्ध था। प्राण बचपन से ही पढ़ाई में प्रवीण  थे।  एक सशक्त और सफल अभिनेता के बचपन का स्वप्न बड़े होकर एक फोटोग्राफर बनाना था। लेकिन प्राण का इंतजार तो भारतीय सिनेमा कर रहा था  1940 में जब मोहम्मद वली ने पहली बार पान की दुकान पर प्राण को देखा तो उन्हें फिल्मों में अभिनय के लिए तैयार किया  और एक पंजाबी फिल्म यमला जट बनाई जो बेहद सफल रही। वह गणित में बहुत तेज थे आरंभिक शिक्षा के पश्चात् उन्होंने 12 वीं  की परीक्षा राजा हाईस्कूल रामपुर से किया। प्राण के अभिनय सफर की बात की जाए तो 1940 से 1967 को एक खंड में विभाजित कर सकते हैं। लेखक वली मोहम्मद  के चलते प्राण को पहला ब्रेक मिला जिसमें दलसुख पंचोली की पंजाबी फिल्म यमला जट 1940 में प्राण ने मुख्य विलेन की भूमिका निभाई यह एक बहुत सफल फिल्म साबित हुई। यह स्वतंत्रता के पहले की बात है जब प्राण लौहार फिल्म उद्योग में एक नकारात्मक अभिनेता की छवि बनाने में कामयाब रहे यह वह समय था जब अभिनेता अजित और केएन सिंह लोकप्रिय हुआ करते थे। एक बार फिर दलसुख पंचोली ने उन्हें अपनी फिल्म खानदान 1942 में मुख्य अभिनेता के तौर पर लॉन्च किया यह प्राण की पहली बड़ी हिंदी फिल्म थी जिसमे उनकी नायिका नूरजहाँ थी  बटवारे से पहले प्राण करीबन 22 फिल्मो में नकारात्मक अभिनेता के तौर पर स्थापित हो गये थे। आजादी के बाद प्राण ने लौहोर छोड़ दिया और मुंबई आ गए  यह उनके लिये संघर्ष का समय था लेकिन जल्द ही लेखक  शहादत हसन मंटो और अभिनेता श्याम की सहायता से उन्हें बाम्बे टॉकीज की फिल्म  जिद्दी में अभिनय करने का का अवसर मिला। निर्देशक शाहीद लतीफ़ की  फिल्म जिद्दी में मुख्य किरदार देवानंद और कामिनी कौशल निभा रहे थे  यह फिल्म देव आनंद के लिये भी खास थी  प्राण जल्द ही मुंबई फिल्म उद्योग में स्थापित हो गए। एस. एम. युसूफ की गृहस्थी, प्रभात फिल्म्स की अपराधी,  वली  मोहम्मद  की पुतली  जैसी फिल्मे काफी महत्वपूर्ण रही विशेष तौर पर वली  मोहम्मद  जिन्होंने प्राण को पहला ब्रेक दिलवाया था वह भी लाहोर छोड़कर मुंबई में  फिल्म पुतली के निर्माण में व्यस्त हो गए।

शेरखान का पठान
एक ऐसा समय था जब सभी फिल्मो के नकारात्मक किरदार में प्राण नजर आते थे  लेकिन 1967 में अभिनेता मनोज कुमार की फिल्म मलंग चाचा के किरदार ने चरित्र किरदार की तरफ झुकाव बढ़ाया। मनोज कुमार ने इस फिल्म के बाद भी  अपनी कई फिल्म जैसे  शहीद  ,पूरब  और  पछिम , बे -ईमान , संन्यासी  , दस  नम्बरी , पत्थर  के  सनम  में महत्वपूर्ण किरदार निभाए। अभिनेता शशि कपूर के साथ भी उनकी कई फिल्में जैसे बिरादरी , चोरी  मेरा  काम , फांसी  , जानवर  (1983), राज  तिलक , इंसाफ  कौन   करेगा , बेवफाई  , ईमानदार , सनम  बेवफा , 1942  अ  लव  स्टोरी ,  फिल्मो में भी नजर आये . अमिताभ बच्चन के अभिनय कैरियर को बदलने वाली फिल्म जंजीर के किरदार विजय के लिये निर्देशक प्रकाश मेहरा को प्राण ने सुझाया था। इस किरदार को पहले देव आनंद और धर्मेन्द्र ने अस्वीकार कर दिया था प्राण ने अमिताभ की दोस्ती के चलते इसमें शेरखान का किरदार भी निभाया  इसके बाद  अमिताभ बच्चन के साथ जंजीर  , डाँन, अमर  अकबर  अन्थोनी , मजबूर   , दोस्ताना  , नसीब  , कालिया और शराबी जैसी फिल्मे महत्वपूर्ण है। डॉन फिल्म के समय प्राण अमिताभ बच्चन से ज्यादा पारिश्रमिक लेते थे उस समय सिर्फ राजेश खन्ना ऐसे अभिनेता थे जो  प्राण से ज्यदा पारिश्रमिक लेते थे  तकरीबन 350 से भी ज्यादा फिल्मो में अभिनय करनेवाले प्राण की सभी फिल्मों के किरदार के बारे में किसी एक लेख में बात करना लगभग असंभव है । अस्वस्थ  और कांपते पैरों की वजह से वह 1997 से व्हीलचेयर पर जीवन गुजार रहे थे। प्राण को तीन बार फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला। 1997  में उन्हें फिल्मफेयर लाइफ टाइम अचीवमेंट खिताब से नवाजा गया था। अभिनय के अलग अलग रंग बिखेरने वाले प्राण को हिन्दी सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2001  में भारत सरकार के पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।

शीर्ष नायकों के साथ काम
अभिनेता प्राण हिंदी फिल्मों के लगभग सभी शीर्ष  नायकों के साथ नजर आए हास्य अभिनेता  किशोर कुमार और महमूद के साथ भी उनकी फिल्में पसंद की गईं।  किशोर कुमार के साथ  फिल्म नया अंदाज , आशा ,बेवकूफ, एक राज, जालसाज जैसी यादगार फिल्में हैं तो महमूद के साथ  साधू  और  शैतान , लाखों  में  एक  प्रमुख फिल्म रहीं। किशोर कुमार के साथ उनकी सबसे यादगार फिल्म  हाफ टिकट और  मन मौजी थी।
जानदार और कातिलाना अभिनय
हिन्दी फिल्मों के जाने माने अभिनेता प्राण का जिक्र आते ही आंखों के सामने एक ऐसा भावप्रवण चेहरा आ जाता है जो अपने हर किरदार में जान डालते हुए यह अहसास करा जाता है कि उसके बिना यह किरदार अर्थहीन हो जाता। बॉलीवुड में एक दौर ऐसा भी था, जब लगभग हर हिंदी फिल्म की स्टारकास्ट में लिखा आता ..Óएंड प्राणÓ। सैकड़ों फिल्मों में अपने जानदार और 'कातिलानाÓ अभिनय से निगेटिव रोल में भी प्राण फूंकने वाले अभिनेता थे प्राण।

कभी सोचा ना था बनेंगे अभिनेता
बेहतरीन अदाकारी से खलनायकी के अलग-अलग तेवरों के जरिए दर्शकों में दहशत की सिहरन भर देने वाले सदी के खलनायक प्राण ने अभिनेता बनने के बारे में ख्वाब में भी नहीं सोचा था। वह तो मैट्रिक का इम्तिहान पास करने के बाद स्टिल फोटोग्राफर बनने का सपना लिए हुए दिल्ली में फोटोग्राफी सीखने में मशगूल थे। उसी दौरान कंपनी ने लाहौर में अपना कार्यालय खोला तो प्राण को वहां भेजा गया। एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात कहानीकार वली मोहम्मद से हुई। वली मोहम्मद ने प्राण से कहा कि हम (यमला जट) नाम से एक पंजाबी फिल्म बना रहे थे और उसमें एक चरित्र की भूमिका तुम पर पूरी तरह फिट बैठती है। पहले तो प्राण ने इस बात को हल्के में लिया लेकिन बाद में वली मोहम्मद के कहने पर फिल्म में बतौर खलनायक काम करना स्वीकार कर लिया. इसके बाद प्राण ने लगभग चार दशक तक खलनायकी की लंबी पारी खेली और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया था।
नक्षत्र की तरह चमकते रहे
प्राण का नाम ऐसे अभिनेताओं में शामिल रहा जो चरित्र के अनुसार अपने को ढाल लेते थे। काम के लिए उनके जैसा जुनून और समर्पण आज के अभिनेताओं में दिखाई नहीं देता। प्राण किसी भी चरित्र के लिए अभिनय करने से पहले उसकी पूरी तैयारी करते थे। फिल्मों में प्राण का पसंदीदा तकिया कलाम होता था बरखुर्दार.. उनके कैरियर के शिखर काल में कभी उन्हें फिल्म के नायक से भी ज्यादा भुगतान किया जाता था। डान फिल्म में काम करने के लिए उन्हें नायक अमिताभ बच्चन से ज्यादा रकम मिली थी।
400 से अधिक फिल्में
प्राण ने अपने करियर की शुरुआत खानदान फिल्म से बतौर रोमांटिक एक्टर की थी। इसके बाद प्राण ने और भी कई फिल्में की जिसमें उनके रोमांटिक किरदार रहे लेकिन सबसे ज्यादा प्राण की पहचान उनके निगेटिव और विलेन के किरदार से हुई। प्राण ने बॉलीवुड में लगभग 400 फिल्में की हैं। इन फिल्मों में से कई फिल्मों के लिए प्राण को बेस्ट विलेन का अवॉर्ड भी मिला और साथ ही प्राण को बॉलीवुड के एक बेहतरीन विलेन और एक्टर के रुप में जाना जाने लगा। प्राण को हाल ही में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया था। प्राण ने काफी समय सारे निगेटिव किरदार निभाने के बाद अमिताभ बच्चन की फिल्म जंजीर में अमिताभ के गहरे दोस्त का किरदार निभाया था और उस फिल्म में प्राण के किरदार को काफी सराहा गया। प्राण को उपकार, आंसू बन गये फूल, बेइमान के लिए फिल्मफेयर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड भी मिला था। साथ ही साल 1997 में प्राण को फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट का अवॉर्ड भी मिला था। प्राण हमेशा अपने चाहने वालों के दिलों में जिंदा रहेंगे।

जीवंत संवाद के धनी
प्राण की अभिनीत भूमिकाओ की यह विशेषता रही है कि उन्होने जितनी भी फिल्मो मे अभिनय किया उनमे हर पात्र को एक अलग अंदाज मे र्दशको के सामने पेश किया। रूपहले पर्दे पर प्राण ने जितनी भी भूमिकांए निभायी उनमे वह हर बार नये तरीके से संवाद बोलते नजर आये। खलनायक का अभिनय करते समय प्राण उस भूमिका मे पूरी तरह डूब जाते थे। उनका गेट अप अलग तरीके का होता था। दुष्ट और बुरे आदमी का किरदार निभाने वाले प्राण ने अपने सशक्त अभिनय से अपनी एक ऐसी छवि बना ली थी कि लोग फिल्म मे उसे देखते ही धिक्कारने लगते थे। उनके नाम प्राण को बुरी नजर से देखा जाता था और शायद हीं ऐसा कोई घर होगा जिसमे बच्चे का नाम प्राण रखा गया हो 1 एक दिन पान की दुकान पर उनकी मुलाकात लाहौर के मशहूर पटकथा लेखक वली मोहम्मद से हुयी 1वली मोहम्मद ने प्राण की सूरत देखकर उनसे फिल्मो मे काम करने का प्रस्ताव दिया 1प्राण ने उस समय वली मोहम्मद के प्रस्ताव पर ध्यान नही दिया लेकिन उनके बार.बार कहने पर वह तैयार हो गये। वर्ष 1940 मे प्रर्दशित फिल्म ..यमला जट .. से प्राण ने अपने सिने करियर की शुरूआत की।
2002     तुम जियो हज़ार साल    
1999     जय हिन्द        
1998     बदमाश        
1997     गुडिय़ा        
1997     सलमा पे दिल गया है    
1997     लव कुश        
1996     तेरे मेरे सपने        
1995     साजन की बाहों में    
1994     भाग्यवान        
1994     हम हैं बेमिसाल    
1993     1942: अ लव स्टोरी    
1993     गुरुदेव        
1993     चन्द्रमुखी        
1993     आजा मेरी जान    
1992     इसी का नाम जिन्दगी    
1992     इन्तेहा प्यार की
1992     माशूक        
1991     सनम बेवफा        
1991     बंजारन        
1991     लक्ष्मण रेखा        
1990     रोटी की कीमत    
1990     आजाद देश के गुलाम    
1989     तूफान        
1989     जादूगर        
1989     दाता        
1988     पाप की दुनिया    
1988     गुनाहों का फ़ैसला    
1988     मोहब्बत के दुश्मन    
1988     शेरनी        
1988     धर्मयुद्ध        
1988     कसम        
1988     औरत तेरी यही कहानी    
1987     गोरा        
1987     हिफाजत        
1987     कुदरत का कानून    
1987     ईमानदार        
1987     मुकद्दर का फैसला    
1986     धर्म अधिकारी        
1986     लव एंड गॉड        
1986     जीवा        
1986     बेटी        
1986     सिंहासन        
1986     दिलवाला        
1985     पाताल भैरवी        
1985     कर्मयुद्ध        
1985     माँ कसम        
1985     बेवफाई        
1985     युद्ध        
1985     होशियार        
1985     सरफरोश        
1984     हसीयत    
1984     राज तिलक        
1984     सोनी महिवाल        
1984     लैला    
1984     फरिश्ता        
1984     इंसाफ कौन करेगा    
1984     दुनिया        
1984     राजा और रानी   
1984     मेरा फैसला        
1984     जागीर        
1984     शराबी        
1983     फिल्म ही फिल्म    
1983     नास्तिक        
1983     वो जो हसीना        
1983     अंधा कानून        
1983     दौलत के दुश्मन    
1983     सौतन        
1983     नौकर बीवी का    
1982     ताकत        
1982     तकदीर का बादशाह    
1982     जानवर        
1982     जीओ और जीने दो    
1981     खुदा कसम        
1981     क्रोधी        
1981     कालिया        
1981     लेडीज टेलर        
1981     खून का रिश्ता    
1981     मान गये उस्ताद    
1981     नसीब        
1981     वक्त की दीवार    
1980     जालिम        
1980     जल महल        
1980     बॉम्बे 405 मील    
1980     कर्ज        
1980     धन दौलत        
1980     आप के दीवाने    
1980     ज्वालामुखी        
1980     दोस्ताना        
1978     डॉन        
1978     काला आदमी        
1978     खून की पुकार    
1978     अपना कानून        
1978     दो मुसाफिर        
1978     विश्वनाथ        
1978     गंगा की सौगंध    
1978     चोर हो तो ऐसा    
1978     देश परदेस        
1977     चक्कर पे चक्कर     1977     चाँदी सोना        
1977     धर्मवीर        
1977     हत्यारा        
1977     अमर अकबर एन्थोनी    
1976     दस नम्बरी        
1976     शंकर दादा        
1975     वारंट        
1975     चोरी मेरा काम    
1975     दो झूठ        
1975     सन्यासी        
1974     मजबूर        
1974     कसौटी
1973     जंजीर        
1973     जुगनू
1973     जोशीला    
1973     बॉबी        
1973     गद्दार        
1972     यह गुलिस्ताँ हमारा        
1972     परिचय        
1972     विक्टोरिया नम्बर 203    
1972     जंगल में मंगल        
1972     रूप तेरा मस्ताना    
1972     एक बेचारा        
1972     सजा        
1972     बेईमान    
1972     आन बान        
1971     ज्वाला        
1971     नया जमाना       
1971     जवान मोहब्बत        
1970     हमजोली    
1970     गोपी        
1970     यादगार        
1970     जॉनी मेरा नाम        
1970     पूरब और पश्चिम        
1969     अंजाना        
1969     सच्चाई        
1969     भाई बहन        
1969     आँसू बन गये फूल        
1968     साधू और शैतान        
1968     आदमी        
1967     मिलन        
1967     उपकार        
1967     एराउन्ड द वल्र्ड         
1967     पत्थर के सनम        
1967     राम और श्याम     ्र    
1966     दस लाख        
1966     दो बदन    
1966     लव इन टोक्यो    
1966     सावन की घटा        
1965     खानदान        
1965     मेरे सनम   
1965     गुमनाम        
1964     दूर की आवाज        
1964     राजकुमार        
1964     पूजा के फूल        
1963     फिर वही दिल लाया हूँ        
1963     मेरे महबूब        
1963     दिल ही तो है        
1962     हाफ टिकट    
1962     दिल तेरा दीवाना        
1962     झूला        
1962     मनमौजी    
1961     जब प्यार किसी से होता है        
1960     जिस देश में गंगा बहती है        
1960     माँ बाप        
1960     महलों के ख्बाब       
1959     बेदर्द जमाना क्या जाने        
1959     प्यार की राहें        
1958     मधुमती        
1958     अमर दीप        
1957     आशा    
1957     मिस्टर एक्स        
1956     इंस्पेक्टर        
1956     चोरी चोरी        
1955     आजाद    
1955     पहली झलक        
1955     मुनीम जी        
1955     कुंदन        
1954     लकीरें        
1954     बिरज बहू        
1953     आह        
1951     बहार        
1951     अफ़साना
1950     शीश महल        
1948     जिद्दी


शुक्रवार, 12 जुलाई 2013

शिवराज सिंह बनेंगे तीसरी बार मुख्यमंत्री, नरेंद्र मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री


मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह बनाएंगे हैट्रिक
मध्यप्रदेश में भाजपा 195 सीटें जीतेगी

- राजकुमार सोनी


नवंबर 2013 में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा हैट्रिक बनाकर शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। पिछले 2008 के विधानसभा चुनाव में 151 की तुलना में भाजपा को 195 सीटें मिलेंगी, वहीं कांग्रेस की सीटें इस बार घट जाएंगी। वहीं 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारी सफलता प्राप्त कर प्रधानमंत्री बनेंगे।
इंदौर के प्रसिद्ध लाल किताब विशेषज्ञ एवं भविष्यवक्ता पंडित आशीष शुक्ल ने बताया कि लाल किताब के अनुसार मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार हैट्रिक बनाकर मुख्यमंत्री बन जाएंगे। भाजपा को इस बार 195 सीटें मिलेंगी, जबकि कांग्रेस को वर्तमान सीटों से भी कम सीटें मुश्किल से मिल पाएंगी। उन्होंने बताया कि सूर्य-मंगल के योग के कारण शिवराज की कुंडली में राजयोग बना हुआ है। इसमें शनि ग्रह अपना उच्च का प्रभाव दिखाएगा। यह कहते हैं कि प्रबल शनि एक बार शिवराज को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि शनि-राहु की दृष्टि टेड़ी होने से कांग्रेस पार्टी को इस बार सीटों का अधिक नुकसान होगा। वहीं बसपा, सपा व निर्दलीय की भूमिका नगण्य रहेगी। चूंकि शनि धर्म-कर्म व न्याय का देवता है इसलिए शनि अच्छे कार्य करने वालों का साथ देता है। इसका कई गुना लाभ जातक को मिलता है। पंडित शुक्ल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात विधान सभा चुनाव में बेहतर भूमिका निभाएंगे जिससे पार्टी को कई गुना लाभ योग होगा। ज्योतिर्विद एवं भविष्यवक्ता डॉ. एच.सी. जैन ने कहा कि अंकों के आधार पर शिवराज का राज बरकरार रहेगा। तीसरी बार सत्ता में वापस लौट रहे शिवराज नए कार्यकाल में पहले से बेहतर काम करेंगे। गरीबों के हित में कई योजनाएं लागू कर उन्हें लाभांवित करेंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों, व्यापार नीति, कर नीति लचीली होगी जिससे उद्योग-व्यापार जगत को लाभ होगा। देश-विदेशों से कई कंपनियां मध्यप्रदेश में आकर निवेश करेंगी। डॉ. जैन ने बताया कि ग्रहयोगों के प्रभाव से शिवराज सिंह का प्रभाव देश-विदेश में काफी बढ़ेगा, लेकिन समय-समय पर भीतरघात और अपनों से ही खतरा वाली कहावत उन्हें हमेशा याद रखना होगी। आने वाले एक साल के अंदर उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है जो कुछ समय के लिए हो सकता है। इस बात का उन्हें खास ध्यान रखना होगा। भोपाल के भविष्यवक्ता आचार्य पंडित राज ने कहा कि ग्रहयोग के कारण फिलहाल कांग्रेस में और कलह फिलहाल चलता रहेगा। कांग्रेस के एक दर्जन बड़े  नेता भाजपा सहित दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, वहीं भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार भाजपा-कांग्रेस के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप, घोटाले, छापामार कार्रवाई जैसी कार्रवाई हो सकती हैं। कई नए मामले सामने आने से लोग दांतों तले अंगुली दबाते नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव - 2013 में भाजपा हैट्रिक बनाकर पूरे देश में अपना नाम रोशन करेगी।  भारतीय जनता पार्टी द्वारा नरेंद्र मोदी को कमान सौंपने के बाद भाजपा में नए जीवन का संचार हुआ है। यह ग्रहयोगों के कारण संभव हुआ है। नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व नए जमाने के साथ कदमताल के साथ चलने वाला है। उनके नेतृत्व में पार्टी को आने वाले लोकसभा चुनाव में भारी सफलता मिलेगी एवं नरेंद्र मोदी अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। भविष्यवक्ता डॉ. एच.सी. जैन ने कहा कि वर्ष 2014 में गुरु ग्रह अपना बेहतर प्रभाव दिखाएगा जिससे मोदी को सफलता मिलेगी, लेकिन 14 से 16 माह बाद उनके विरोधी सक्रिय होकर भीतरघात का प्रयास करेंगे। लोकसभा चुनाव -2014 में भाजपा को भारी सफलता मिलेगी यह तय है। लालकिताब विशेषज्ञ पंडित आशीष शुक्ल ने बताया कि लोकसभा चुनाव में लालकिताब के अनुसार शनि व गुरु ग्रह प्रमुख भूमिका अदा करेंगे जिससे भाजपा को भारी सफलता मिलेगी।

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में शिवराज सिंह बनाएंगे हैट्रिक



शिवराज सिंह बनेंगे तीसरी बार मुख्यमंत्री, नरेंद्र मोदी बनेंगे प्रधानमंत्री
मध्यप्रदेश में भाजपा 195 सीटें जीतेगी

- राजकुमार सोनी


नवंबर 2013 में होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा हैट्रिक बनाकर शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे। पिछले 2008 के विधानसभा चुनाव में 151 की तुलना में भाजपा को 195 सीटें मिलेंगी, वहीं कांग्रेस की सीटें इस बार घट जाएंगी। वहीं 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारी सफलता प्राप्त कर प्रधानमंत्री बनेंगे।
इंदौर के प्रसिद्ध लाल किताब विशेषज्ञ एवं भविष्यवक्ता पंडित आशीष शुक्ल ने बताया कि लाल किताब के अनुसार मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान तीसरी बार हैट्रिक बनाकर मुख्यमंत्री बन जाएंगे। भाजपा को इस बार 195 सीटें मिलेंगी, जबकि कांग्रेस को वर्तमान सीटों से भी कम सीटें मुश्किल से मिल पाएंगी। उन्होंने बताया कि सूर्य-मंगल के योग के कारण शिवराज की कुंडली में राजयोग बना हुआ है। इसमें शनि ग्रह अपना उच्च का प्रभाव दिखाएगा। यह कहते हैं कि प्रबल शनि एक बार शिवराज को सत्ता दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि शनि-राहु की दृष्टि टेड़ी होने से कांग्रेस पार्टी को इस बार सीटों का अधिक नुकसान होगा। वहीं बसपा, सपा व निर्दलीय की भूमिका नगण्य रहेगी। चूंकि शनि धर्म-कर्म व न्याय का देवता है इसलिए शनि अच्छे कार्य करने वालों का साथ देता है। इसका कई गुना लाभ जातक को मिलता है। पंडित शुक्ल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात विधान सभा चुनाव में बेहतर भूमिका निभाएंगे जिससे पार्टी को कई गुना लाभ योग होगा। ज्योतिर्विद एवं भविष्यवक्ता डॉ. एच.सी. जैन ने कहा कि अंकों के आधार पर शिवराज का राज बरकरार रहेगा। तीसरी बार सत्ता में वापस लौट रहे शिवराज नए कार्यकाल में पहले से बेहतर काम करेंगे। गरीबों के हित में कई योजनाएं लागू कर उन्हें लाभांवित करेंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों, व्यापार नीति, कर नीति लचीली होगी जिससे उद्योग-व्यापार जगत को लाभ होगा। देश-विदेशों से कई कंपनियां मध्यप्रदेश में आकर निवेश करेंगी। डॉ. जैन ने बताया कि ग्रहयोगों के प्रभाव से शिवराज सिंह का प्रभाव देश-विदेश में काफी बढ़ेगा, लेकिन समय-समय पर भीतरघात और अपनों से ही खतरा वाली कहावत उन्हें हमेशा याद रखना होगी। आने वाले एक साल के अंदर उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है जो कुछ समय के लिए हो सकता है। इस बात का उन्हें खास ध्यान रखना होगा। भोपाल के भविष्यवक्ता आचार्य पंडित राज ने कहा कि ग्रहयोग के कारण फिलहाल कांग्रेस में और कलह फिलहाल चलता रहेगा। कांग्रेस के एक दर्जन बड़े  नेता भाजपा सहित दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं, वहीं भाजपा के कई नेता कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। वर्तमान स्थिति के अनुसार भाजपा-कांग्रेस के नेताओं में आरोप-प्रत्यारोप, घोटाले, छापामार कार्रवाई जैसी कार्रवाई हो सकती हैं। कई नए मामले सामने आने से लोग दांतों तले अंगुली दबाते नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव - 2013 में भाजपा हैट्रिक बनाकर पूरे देश में अपना नाम रोशन करेगी।  भारतीय जनता पार्टी द्वारा नरेंद्र मोदी को कमान सौंपने के बाद भाजपा में नए जीवन का संचार हुआ है। यह ग्रहयोगों के कारण संभव हुआ है। नरेंद्र मोदी का व्यक्तित्व नए जमाने के साथ कदमताल के साथ चलने वाला है। उनके नेतृत्व में पार्टी को आने वाले लोकसभा चुनाव में भारी सफलता मिलेगी एवं नरेंद्र मोदी अगले प्रधानमंत्री बनेंगे। भविष्यवक्ता डॉ. एच.सी. जैन ने कहा कि वर्ष 2014 में गुरु ग्रह अपना बेहतर प्रभाव दिखाएगा जिससे मोदी को सफलता मिलेगी, लेकिन 14 से 16 माह बाद उनके विरोधी सक्रिय होकर भीतरघात का प्रयास करेंगे। लोकसभा चुनाव -2014 में भाजपा को भारी सफलता मिलेगी यह तय है। लालकिताब विशेषज्ञ पंडित आशीष शुक्ल ने बताया कि लोकसभा चुनाव में लालकिताब के अनुसार शनि व गुरु ग्रह प्रमुख भूमिका अदा करेंगे जिससे भाजपा को भारी सफलता मिलेगी।