शुक्रवार, 28 जून 2013

बेरोज़गारी दूर करने के लिए ख़र्च होंगे दस अरब डॉलर


बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में दो दिन तक चली यूरोपीय संघ की बैठक में शामिल हुए नेताओं ने नौजवानों में बढ़ती हुई बेरोज़गारी की समस्या का मुक़ाबला करने के लिए नया क़दम उठाने का निर्णय लिया है. इसके तहत यूरोपीय संघ रोज़गार बढ़ाने के लिए अगले दो सालों में दस अरब डॉलर ख़र्च करने पर सहमत हो गया है.इस दौरान मुख्य ज़ोर नौजवानों को रोज़गार के लिए प्रशिक्षण देने पर रहेगा.
यूरोपीय संघ में रोज़गार की तलाश करने वाले 18 से 25 साल के कुल नौजवानों की करीब एक चौथाई आबादी बेरोज़गार हैं.
यूरोपीय संघ के नेता ज़रूरतमंद छोटे उद्योगों को कर्ज देने के लिए 10 अरब डॉलर की राशि ख़र्च करने पर भी सहमत हो गए हैं.
हालाकि इसको अपर्याप्त बताते हुए यूरोपीय संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह राशि ऊँट के मुँह में ज़ीरे के समान है.
आलोचकों ने इस क़दम को अपर्याप्त माना. उनका कहना है कि जब तक यूरोपीय संघ के देशों की आर्थिक स्थिति नहीं सुधरेगी तब तक ऐसे प्रयासों से ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा.

प्रतिभा का नुक़सान

विभिन्न देशों में बेरोज़गारी की दर

ग्रीस - 27 %
स्पेन - 26.8 %
पुर्तगाल - 17.8 %
साइप्रस - 15.6 %
आयरलैंड गणराज्य - 13.5 %
इटली - 12 %
फ्रांस - 11 %
इंग्लैंड - 7.7 %
जर्मनी - 5.4 %
यूरोपीय संघ की औसत बेरोज़गारी दर - 11%
(स्रोत यूरोस्टैट, अप्रैल 2013)
यूरोप में हर चार में से एक नौजवान बेरोज़गार है.
बैठक की समाप्ति के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा कि प्रतिभा का नुक़सान है.
कैमरन ने यह भी कहा कि “हमें ग़ैर-ज़रूरी नियम-क़ानूनों को कम करने की ज़रूरत है जिससे यूरोप का आर्थिक विकास तेज़ हो सके.”
कई महीनों के बाद इस बैठक में यूरोप के दीर्घकालिक पर भी सहमति बन गई. अगले सात सालों के लिए अनुमोदित यह बजट कई खरबों का है.
वर्तमान में कुल 27 देश यूरोपीय संघ के सदस्य है.
http://www.bbc.co.uk

SMS के जरिये रेल टिकट बुकिंग की हुई शुरुआत



नई दिल्ली : देश में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों की बढती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने शुक्रवार को एसएमएस के जरिये रेलवे टिकट बुक कराने की एक नई सुविधा की शुरूआत की। रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज यहां रेल भवन में इस नई सेवा का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे न सिर्फ लोगों को सहूलियत होगी बल्कि उनका समय भी बचेगा और साथ ही इससे टिकट बुकिंग में दलाली की घटनाओं को रोकने में भी ममद मिलेगी। इंडियन रेलवे कैटरिंग एवं टुरिज्म कारपोरेशन (आईआरसीटीसी) की ओर से पायलट आधार पर शुरू की गई इस सुविधा के तहत कोई भी अपने मोबाइल फोन से एसएमएस करके रेल टिकट बुक करा सकेगा। इसके लिए जरूरी नहीं कि उसके मोबाइल फोन में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध हो।  रेल टिकट बुकिंग की यह सुविधा सभी मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। इसके लिए दो एसएमएस करना जरूरी होगा। प्रति एसएमएस तीन रूपये का शुल्क लगेगा और भुगतान गेटवे की सुविधा के लिए पांच से दस रुपये का शुल्क लगेगा। इस सेवा के लिए अभी दो फोन नंबर 139 और 5676714 तय हैं। इसके अलावा बीएसएनएल और एयरटेल के उपभोक्ताओं को भी यह सुविधा उपलब्ध होगी।  आईआरसीटीसी में रजिस्टर्ड यूजर इस सेवा का इस्तेमाल कर सकेंगे। यात्रा के दौरान मोबाइल पर प्राप्त एसएमएस और आईडी प्रूफ दिखाने की जरूरत होगी। एसएमएस के प्रिंटआउट की जरूरत नहीं होगी। गौरतलब है कि वर्ष 2012-13 के रेल बजट में इस सुविधा को शुरू करने की घोषणा की गई थी।  रेल मंत्री ने बताया कि फिलहाल रेल टिकट बुकिंग का करीब 45 फीसदी हिस्सा आनलाइन बुक्रिग का है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में पीआरएस और इंटरनेट से ज्यादा रेल टिकट की बुकिंग मोबाइल फोन से एसएमएस के जरिये होगी।

स्व-भाषा में शिक्षा की दिशा में मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग - अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय

न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिहि विद्यतेÓ अर्थात संसार में ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं है। इस ध्येय कथन के साथ ही प्रदेश और देशवासियों के स्व-भाषा और सु-भाषा के माध्यम से ज्ञान की परम्परागत और आधुनिक विधाओं में शिक्षण-प्रशिक्षण की व्यवस्था और हिन्दी को गौरवपूर्ण स्थान दिलाने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 19 दिसंबर, 2011 को अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 6 जून को ग्राम मुगालिया कोट में विश्वविद्यालय भवन का शिलान्यास करेंगे। विश्वविद्यालय भवन 50 एकड़ में बनेगा । विश्वविद्यालय की वेबसाइट  www.abvhv.org  है।

विश्वविद्यालय की स्थापना की मूल-भावना के अनुरूप विश्व में लगभग एक अरब से अधिक लोगों द्वारा बोली, लिखी और समझी जाने वाली हिन्दी भाषा के माध्यम से अध्यापन, प्रशिक्षण, ज्ञान की वृद्धि और प्रचार के लिये विज्ञान, साहित्य, कला, वाणिज्य, प्रबंधन, चिकित्सा, अभियांत्रिकी और अन्य विधाओं में शिक्षण-प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इस तरह से हिन्दी माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिये देश में प्रदेश स्तर का पहला प्रयास है। इससे जहाँ हमारी राज्य-भाषा समृद्ध होगी, वहीं ग्रामीण क्षेत्र के हिन्दी माध्यम के विद्यार्थियों को अध्ययन में सुविधा होगी। विश्वविद्यालय में ज्ञान-विज्ञान की विभिन्न विधाओं में पी-एच.डी. तथा एम. फिल के साथ ही स्नातकोत्तर, स्नातक, प्रतिष्ठा, पत्रोपाधि, प्रमाण-पत्र और प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किये गये हैं। इन उपाधियों और पाठ्यक्रमों के मूल्यांकन के लिये नवीनतम मूल्यांकन प्रणालियों का उपयोग किया गया है।

विश्वविद्यालय के अंतर्गत उपयोगी साहित्य का अन्य भाषाओं से हिन्दी में अनुवाद करना, प्रकाशन करना तथा सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से दूरस्थ शिक्षा में दृश्य और श्रव्य प्रणाली का उपयोग करते हुये, रोजगारपरक विषयों को संचालित करने की योजना है। इस प्रकार अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना है, जो समग्र व्यक्तित्व के विकास के साथ रोजगार, कौशल और चारित्रिक दृष्टि से विश्व-स्तरीय हो। विश्वविद्यालय छात्रों को विभिन्न विषयों में आधुनिक ज्ञान के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परम्परा से परिचित करवायेगा तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिये योग, समाज-सेवा तथा जीवन-मूल्यों की शिक्षा भी देगा। छात्र-छात्राओं के लिये विश्वविद्यालय परिसर में ही छात्रावास निर्माण की भी योजना है।

अकादमिक सत्र 2012-13 से संचालित पाठ्यक्रम

अकादमिक सत्र 2012-13 में योग और मानव चेतना विभाग, श्रीनिवास रामानुजन् गणित विभाग, वनस्पति विज्ञान विभाग, हिन्दी विभाग और वाणिज्य और प्रबंधन विभाग प्रारंभ किये गये हैं।

सत्र 2013-14 में प्रस्तावित संकाय और पाठयक्रम

सत्र 2013-14 में विश्वविद्यालय में विज्ञान संकाय के अंतर्गत भौतिक विज्ञान, गणित, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान और प्राणी विज्ञान में पी-एच.डी. एवं एम. फिल. पाठयक्रम संचालित किये जायेंगे। भौतिक विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन, रसायन विज्ञान, गणित, प्राणी विज्ञान, योग एवं मानव चेतना में स्नातकोत्तर पाठयक्रम भी इसी सत्र से प्रारंभ होंगे। गणित, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण प्रबंधन, वनस्पति विज्ञान में स्नातक-प्रतिष्ठा पाठयक्रम भी इसी सत्र में संचालित करने की योजना है।

वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के अंतर्गत वाणिज्य एवं प्रबंधन में पी-एच.डी. पाठयक्रम, वाणिज्य में एम. फिल पाठयक्रम, वाणिज्य में स्नातकोत्तर पाठयक्रम, व्यवसायिक अर्थशास्त्र, संभार तंत्र एवं आपूर्ति श्रृंखला में प्रबंध संकाय शुरू किये जायेंगे। इसके अलावा वाणिज्य संकाय में स्नातक प्रतिष्ठा ऑनर्स और बी.बी.ए. पाठयक्रम शुरू किये जायेंगे।

समाज विज्ञान संकाय के अंतर्गत अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास और समाज शास्त्र में पी-एच.डी. और एम. फिल. पाठयक्रम। अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, संस्कृति हिन्दी, दर्शन, इतिहास, योग एवं मानव चेतना, भूगोल, सुदूर संवेदन में स्नातकोत्तर पाठयक्रम और अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, इतिहास, संस्कृत, हिन्दी एवं दर्शन में स्नातक-प्रतिष्ठा पाठयक्रम भी इसी सत्र में संचालित करने की योजना है।

कला संकाय के अंतर्गत सत्र 2013-14 में संस्कृत, हिन्दी दर्शन में पी-एच.डी., एफ. फिल. स्नातकोत्तर और स्नातक-प्रतिष्ठा पाठयक्रम शुरू किये जायेंगे।

इसी अकादमिक सत्र में पत्रोपाधि एवं प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत मौसम विज्ञान, अनुवाद, संस्कार, विधि एवं पूजा विधान, जैव विविधता एवं पर्यावरण प्रबंधन, जैविक कृषि, संगणक अनुप्रयोग, भारतीय इतिहास एवं वंशावली प्रबंधन और पर्यटन प्रबंधन एवं तीर्थाटन में पत्रोपाधि एवं प्रमाण-पत्र पाठयक्रम शुरू किये जायेंगे।

प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत योग शिक्षक-प्रशिक्षण, योग प्रशिक्षक-प्रशिक्षण, योग चिकित्सा प्रशिक्षण, जैविक कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन, जैव विविधता एवं पर्यावरण प्रबंधन, अनुवाद, वैदिक गणित, कार्य संस्कृति संवर्धन, ग्राफिक डिजाइनिंग, 2-डी एनीमेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, वेब डिजाइनिंग, भारतीय संस्कृति और अटल समर्थ शिक्षक ऑनलाईन प्रमाण-पत्र पाठयक्रम संचालित होंगे।

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतर्गत जैविक कृषि, योग चिकित्सा कार्यालय संगणक अनुप्रयोग और हिन्दी शीघ्र लेखन में प्रशिक्षण पाठयक्रम शुरू होंगे।

प्रस्तावित अध्ययन शालाएँ

विश्वविद्यालय में भारत विद्या अध्ययन एवं अनुसंधान केन्द्र, भारत पारीय भारत अध्ययन केन्द्र, प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता अध्ययन केन्द्र, विश्व सभ्यता एवं संस्कृति अध्ययन केन्द्र, लोक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र, लोक स्वास्थ्य एवं वैकल्पिक चिकित्सा केन्द्र, दृश्य एवं श्रव्य केन्द्र, अनुवाद एवं प्रकाशन केन्द्र, महिला अध्ययन केन्द्र और छात्र अध्ययन केन्द्र की स्थापना भी प्रस्तावित हैं।

विश्वविद्यालय की स्थापना - एक नजर में

    2 दिसम्बर, 2011 को मध्यप्रदेश विधानसभा में सर्वानुमति से अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय विधेयक पारित।
    16 दिसम्बर, 2011 को राज्यपाल द्वारा विधेयक पर हस्ताक्षर ।
    19 दिसम्बर, 2011 को राजपत्र में प्रकाशन के बाद अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय स्थापित।
    28 जून, 2012 को प्रो. मोहनलाल छीपा कुलपति नियुक्त।
    ग्राम मुगालिया कोट में विश्वविद्यालय भवन के लिये 50 एकड़ भूमि आवंटित।



हिन्दी - कुछ तथ्य

    22 देश के लगभग एक अरब लोग हिन्दी का प्रयोग करते हैं।

    संसार के लगभग 150 विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था है।

    फिजी तथा मारीशस में हिन्दी को द्वितीय राजभाषा का स्थान प्राप्त है।

    वर्धा (महाराष्ट्र) में भारत सरकार द्वारा महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय तथा मारीशस में विश्व हिन्दी केन्द्र की स्थापना की गई है।

    71 प्रतिशत भारतीय हिन्दी समझ सकते हैं।

    कम्प्यूटर के लिये सबसे आसान लिपि हिन्दी भाषा देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। इसके कम्प्यूटर इंटरनेट में उपयोग के लिये मात्र एक हजार चिन्ह की आवश्यकता है। इसकी तुलना में चीनी भाषा में एक लाख चिन्ह की आवश्यकता पड़ती है।

    हिन्दी शब्दावली की दृष्टि से विश्व की समृद्धतम भाषा ही नहीं सर्वाधिक वैज्ञानिक, सक्षम और सुविधाजनक भाषा भी है।

''विदेशी भाषा के माध्यम से शिक्षा किसी सभ्य देश में प्रदान नहीं की जाती। विदेशी भाषा के माध्यम से शिक्षा देने से छात्रों का मन विकारग्रस्त हो जाता है और वे अपने ही देश में परदेशी के समान मालूम पड़ते हैं।ÓÓ - रवीन्द्रनाथ टैगोर

शिवराज ने केंद्र से मांगी रेल संबंधी लंबित प्रस्तावों की मंजूरी



भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे से मध्यप्रदेश के रेल संबंधी लंबित प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने इस सबंध में खड़गे को पत्र लिखकर उनका ध्यान इस ओर दिलाया है कि वर्ष 2013-14 के रेलवे बजट में मध्यप्रदेश में रेल नेटवर्क तथा कनेक्टिविटी के सुधार के संबंध में कुछ खास प्रावधान नहीं किए गए हैं, जिससे मध्यप्रदेश को निराशा हुई है। मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि मध्यप्रदेश वन संपदा, वन्य-प्राणी, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन तथा तीर्थ-स्थल के मामले में बहुत समृद्ध है। इसके अलावा अब मध्यप्रदेश उद्योग तथा इससे संबंधित क्षेत्रों में निवेश के प्रमुख केन्द्र के रुप में भी उभर कर सामने आया है। इस कारण मध्यप्रदेश आने वाले लोगों की संख्या में काफी वृद्धि हो रही है। दूसरी ओर कमजोर रेल कनेक्टिविटी से प्रदेश के पर्यटन और औद्योगिकी विकास में बड़ी बाधा आ रही है। मुख्यमंत्री ने लिखा है कि रेल नेटवर्क और कनेक्टिविटी, में सुधार संबंधी मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा पारित कई प्रस्ताव रेल मंत्रालय, के पास लंबित हैं। दुर्भाग्य से वर्ष 2013-14 के रेल बजट में मध्यप्रदेश में रेल नेटवर्क तथा कनेक्टिविटी में सुधार के संबंध में कोई महत्वपूर्ण प्रावधान नहीं किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को निराशा हाथ लगी है। होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन (वेस्टर्न इंडिया) ने इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पत्र के साथ अपने सुझावों को भी संलग्न करके भेजा है।

गुरुवार, 27 जून 2013

जुलाई से दो- तीन रुपए और महंगा होगा पेट्रोल



नई दिल्ली: सीएनबीसी आवाज़ को सूचना मिली है कि 1 जुलाई से पेट्रोल के दाम और बढ़ सकते हैं। जैसे ही रुपए में कमजोरी देखी जा रही है ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल के दाम बढ़ाने के बारे में सोचने पर मजबूर हो गई हैं1 । जुलाई से पेट्रोल पर 2-3 रुपए प्रति लीटर और महंगा हो सकता है। गौरतबल है कि डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में आई कमजोरी के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियां घाटा उठाने का मजबूर हो रही हैं। अगर रुपए का डालर के मुकाबले स्तर न सुधरा तो इसी तरह तेल कंपनियों को कीमतें बढ़ाने पर मजबूर होना पड़ सकता है।  जैसे ही 1 रुपए डालर के मुकाबले कमजोर होता है वैसे ही पेट्रोल की लागत 1.35 रुपए बढ़ जाती है। इससे पूर्व भी 15 जून को पेट्रोल की कीमत में 2 रुपए का इजाफा इसी कमजोरी के चलते किया गया था। इससे पहले पीएनजी और सीएनजी कंपनियों ने आ रही रुपए में गिरावट को ध्यान में रखकर दाम बढ़ा दिए हैं।

एक बूंद खून बताएगी आपकी बीमारी


आपको बीमारी का पता लगाने के लिए न जाने कितने प्रकार के टेस्‍टों से गुजरना पड़ता है। और इन सब प्रकार के टेस्‍ट करवाने पर आपका न जाने कितना पैसा और समय खर्च होता है। जो आपको परेशान कर देता है। परन्‍तु अब घबराने की जरुरत नही है क्‍योंकि एक नए शोध से यह बात सामने आई है कि अब आपके शरीर से निकाली गई एक बूंद से बीमारी के बारे में पता चल जाएगा।     वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो एक बूंद खून की मदद से बीमारी के बारे में बताएगा। इस टीम में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक भी शामिल हैं।     न्‍यू जर्सी इंस्‍टीटयूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी के शोध प्रोफेसर रेगिनैल्‍ड फैरोव और अलौकिक कंवल ने अपने साथियों के साथ मिलकर कार्बन नैनोटयूब आधरित एक उपकरण तैयार किया है, जो एक बूंद खून का विश्‍लेषण करके बीमारी के बारे में पूरी जानकारी दे देगा।     भारतीय मूल के वैज्ञानिक आलौकिक कनवाल और उनके साथी रेगिनाल्‍ड फैरो ने मिलकर इस उपकरण को तैयार किया है।    यह उपकरण कार्बन नैनोट्यूब पर आधारित है और इसके बाद बीमारियों की जांच करना आसान हो जाएगा। इसमें जांचकर्ता एक बूंद रक्‍त को उपकरण पर डालता है। इसके बाद मशीन अपना काम करती है और इलेक्ट्रिकल बदलावों के जरिये बीमारी के बारे में बता देती है।
http://www.onlymyhealth.com

बुधवार, 26 जून 2013

Parineeta Nagarkar

Pareenita Nagarkar1

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उत्तराखंड: फिर फटा बादल, कई गांव तबाह


देहरादून। उत्तराखंड के आपदा से प्रभावित पहाडी इलाकों में फंसे लोगों और उन्हें बचाने में लगे जवानों के लिए बारिश फिर से मुसीबत बन गई है। राज्य के कई हिस्सों में बुधवारको तेज बारिश और बादल फटने के बाद हुए भूस्खलन में कई घर तबाह हो गए हैं। कुछ गाडियां भी इसकी चपेट में आई हैं। इलाके के खेत पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान पैथानी और मुलुंद इलाके में हुआ है, जहां पहुंचने वाली सभी गाडियां तबाह हो गई हैं। जिन लोगों के घर तबाह हो गए हैं, वे स्कूलों में शरण लिए हुए हैं। इस बीच, इस आपदा में अब तक 800 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में करीब 5000 लोग अभी भी बारिश की वजह से फंसे हैं। खराब मौसम के चलते हालांकि मंगलवार को सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ का बचाव अभियान काफी प्रभावित रहा, इसके बावजूद 2000 लोगों को वहां निकाल लिया गया। मंगलवार को आपदा प्रभावित जिलों चमोली, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी में शुरू हुई बारिश बुधवार को भी जारी है। उधर, मौसम विभाग ने ऎलान किया है कि अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश, बादल और धुंध के चलते करीब सात हजार फंसे लोगों को निकालने का लक्ष्य लेकर चले जवान मंगलवार को लगभग दो हजार लोगों को ही निकालने में कामयाब हो सके। उत्तराखंड के मुख्य सचिव सुभाष कुमार के मुताबिक मंगलवार शाम तक के अभियान के बाद अब भी 5000 लोग फंसे हैं। सेना की मध्य कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चैत ने अभियान का निरीक्षण कर हरसिल में फंसे लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर सभी को निकाल लिया जाएगा। चमोली और उत्तरकाशी जिले में सेना का बचाव अभियान मंगलवार को भी जारी रहा। हरसिल से 369 लोगों को निकाले जाने के बाद 1000 लोग अब भी फंसे हैं। चमोली जिले से लगभग 1100 लोग निकाले जा सके।

बदरीनाथ धाम और आसपास के इलाकों में 2500 तीर्थयात्री और लगभग डेढ हजार स्थानीय लोग फंसे हैं। वायुसेना ने 435 लोग जगह-जगह से निकाले हैं। केदारघाटी में अभियान के दौरान केदारनाथ के रास्ते पर एक गुफा के पास 86 साधु-संत सुरक्षित मिले। उत्तराखंड में आए सैलाब के बाद यहां का उखीमठ इलाका भी पूरी तरह से तबाह गया है। यह वही गांव है, जहां सर्दियों के मौसम में केदारनाथ के बंद होने पर भगवान शिव की प्रतिमा को रखा जाता है। इस गांव के कई लोग केदारनाथ मंदिर से जुडे हैं और सैलाब के बाद से गांव के कई लोग लापता हैं। इस बीच, केदारनाथ से सभी लोगों को निकाला जा चुका है, मगर यहां अब एक बडी चुनौती शवों के अंतिम संस्कार की है। शवों के खराब होने पर बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है, लेकिन इतने बडे पैमाने पर सामूहिक संस्कार के लिए सूखी लकडियां जुटाना आसान काम नहीं है। हालांकि हेलिकॉप्टरों के जरिए सूखी लकडियों को पहुंचाया जा रहा है। दूसरी तरफ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बुहगुणा ने मीडिया से फंसे हुए लोगों की पहचान कराने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि प्रेस और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया फंसे हुए लोगों के फोटो या वीडियो तैयार कराने में मदद करें ताकि उन्हें बचाया जा सके। इसे वे अपने अखबारों और चैनलों में दिखा भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन शवों की पहचान नहीं हो सकेगी, उनका डीएनए लेकर सुरक्षित किया जाएगा। सरकार ने दावा किया है कि उसने प्रभावित इलाकों में कई सेवाएं बहाल कर दी है। पहाडों के 1129 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। साथ ही साथ प्रभावित इलाकों में 313 डॉक्टरों के साथ करीब पांच हजार स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें लगी हुई हैं। बदरीनाथ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, जोशीमठ, गोपेश्वर, गौचर, रूद्रप्रयाग, श्रीनगर और उत्तरकाशी समेत कई जगहों पर पीने के पानी की आपूर्ति भी बहाल कर दी गई है। फंसे हुए लोगों को निकालकर देहरादून के हवाई अड्डे पर लाया जा रहा है। यहां सैकडों की संख्या में देश के अलग अलग हिस्सों से आए ऎसे लोग मौजूद हैं, जिनके परिवारवालों या रिश्तेदारों की कोई खबर नहीं मिल पाई है। ये लोग अपनों को ढंूढने के लिए तस्वीरें लिए घूम रहे हैं।
http://www.khaskhabar.com

रूपया हुआ बहुत कमजोर, बढ़ेंगे पेट्रोल डीज़ल के दाम

नई दिल्‍ली। रूपया अब तक के अपने निम्‍नतम स्‍तर पर पहुंच गया है। आज बुधवार को रूपया डॉलर के मुकाबले 60.35 रूपये हो गया है। जिसके कारण अंदाजा लगाया जा रहा है कि पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ सकते हैं। यह अब तक का निम्‍नतम स्‍तर है‍। इस संबंध में विदेशी मुद्रा डीलरों ने कहा है कि तेल कंपनियों की तरफ से लगातार डॉलर की मांग की जा रही है जिससे कि रूपया कमजोर होता जा रहा है। वहीं दुनिया भर के बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से भी रूपया कमजोर होता जा रहा है। इसका एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि स्‍थानीय शेयर और ऋण बाजार में भी डॉलर की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। माना जा रहा है कि रूपये के काफी कमजोर होने की स्थिति में रिजर्व बैंक आफ इंडिया इसमें हस्‍तक्षेप कर सकता है। डॉलर के मुकाबले रूपये के कमजोर होने से पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ सकते हैं,‍ जिसके कारण देश की जनता पर भी और अधिक महंगाई की मार पड़ सकती है।
http://hindi.oneindia.i

सोना फिर 25 हजारी की ओर

भोपाल। यदि आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, या फिर अपनी पत्नी, बेटी या बहन के लिये गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो देर मत कीजिये, क्योंकि सोने के दाम गिरते-गिरते जमीन पर आ गये हैं। और हां अगर आपकी बीवी आपसे नाराज है, तो सोने ने उन्हें खुश करने का रास्ता भी खोल दिया है। पांच दिन पहले तक 28 हजार में बिक रहे सोने के दाम 26,150 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गये हैं। सोने की कीमतों में गिरावट अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आयी गिरावट के चलते आयी है। खास बात यह है कि बुधवार को सोने के दाम में 400 रुपए की गिरावट दर्ज हुई। सर्राफा व्यवसायी बालकृष्ण स्वर्णकार का कहना है कि जुलाई में बारिश के चलते मांग का अभाव रहेगा जिससे सोने के भाव 25 हजार या इससे कम हो सकते हैं।
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष जयराम अग्रवाल का कहना है कि आठ महीने पहले तक सोने के दाम 32 हजार के ऊपर थे। अगर चांदी की बात करें तो वो भी इस समय कमजोर पड़ गई है। चांदी की कीमत गिरकर 40 हजार रुपए तक पहुंच गई है। कॉमैक्स पर सोना 2 फीसदी टूटकर 1250 डॉलर के नीचे आ गया है। वहीं, चांदी 3 फीसदी लुढ़ककर 19 डॉलर से नीचे आ गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अर्थव्यवस्था की हालात सुधरने के संकेत मिलने से सोने और चांदी में बिकवाली आई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार रुपए की बदहाली के बाद भी सोने के दामों में भारी गिरावट दर्ज होना असााधारण है। एमसीएक्स पर सोना 1.5 फीसदी की गिरावट के साथ 26,150 रुपए के नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं, चांदी 2.5 फीसदी टूटकर 40,000 रुपए के नीचे पहुंच गई है। सराफा व्यवसायी नरेशचंद्र गोयल का कहना कि सोना खरीदने का यह सुनहरा अवसर है। क्योंकि अगले छह महीने में सोने के दाम वापस 30 हजार के पार पहुंच सकता है।


परिणीता नागरकर, इंदौर


बुधवार, 12 जून 2013

फिल्मी गरम मसाला

हीरो से उम्मीदें
फिल्म अभिनेत्री इलियाना डिक्रूज ने फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो में अभिनेता शाहिद कपूर के साथ काम किया है। वह फिल्म से बेहद संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि शाहिद के साथ फिल्म की शूटिंग बेहद खूबसूरत तरीके से पूरी हुई। मै फिल्म को लेकर बेहद उत्साहित हूं। यह काफी अलग तरह की फिल्म है, मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को फिल्म बहुत पसंद आएगी। इलियाना दक्षिण भारतीय फिल्मों की जानी मानी अभिनेत्री हैं। उन्होंने देवादसु और पोकिरी जैसी सफल फिल्मों में काम किया है। फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो बॉलीवुड में उनकी दूसरी फिल्म है। राजकुमार संतोषी ने रोमांस से भरपूर इस हास्य फिल्म का निर्देशन किया है। संतोषी इससे पहले अंदाज अपना अपना और अजब प्रेम की गजब कहानी जैसी हास्य फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। इलियाना ने फिल्म बर्फी से बॉलीवुड में कदम रखा था। फिल्म में उनके काम को काफी प्रशंसा मिली थी, लेकिन इलियाना कहती हैं कि उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्होंने कहा कि जब फिल्मों के प्रदर्शन की बात आती है तो मैं थोड़ी निराशावादी हो जाती हूं। दर्शकों और समीक्षकों द्वारा प्रशंसा पाना मेरे लिए अद्भुत रहा, इससे मुझे आगे और बेहतर करने की प्रेरणा मिली।

इनकी शादी कब होगी
चर्चा है कि लंबे समय तक साथ रहने के बाद ब्रैड पिट और ऐंजलीना जोली शादी करने जा रहे हैं। वैसे, ऐसे और भी कई सिलेब्रिटी कपल हैं, जो अरसे से साथ होकर भी शादी के बारे में नहीं सोच रहे। जानते हैं, कौन अपनी शादी के प्लान को लटकाए हुए हैं।
1. जॉन अब्राहम और प्रिया रुंचाल बिपाशा बसु से ब्रेकअप के बाद जॉन अब्राहम अपनी बैंकर गर्लफ्रेंड प्रिया के साथ तमाम पब्लिक इवेंट्स पर नजर आते हैं। सभी को लग रहा है कि ये जल्दी ही शादी भी कर लेंगे, लेकिन इस कपल को कोई जल्दबाजी नहीं है क्योंकि प्रिया तो अभी हायर स्टडीज के लिए लंदन में हैं।
2. कुणाल खेमू और सोहा अली खान करीब तीन साल से ये दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में हैं और पिछले दिनों इन्होंने साथ में एक घर भी खरीदा है। हालांकि ये अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात करते हैं, लेकिन शादी अभी इनके एजेंडे में कहीं नजर नहीं आती।
3. सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे ये दोनों अपने डेली सोप पवित्र रिश्ता के दौरान करीब आए थे। इनके चुपके से शादी करने की खबरें भी आती हैं। पिछले दिनों सुशांत के साथ वक्त बिताने के लिए अंकिता ने अपने टीवी शो से ब्रेक भी लिया था। वहीं, सुशांत अपने बॉलीवुड कैरियर को चमकाने की कोशिश करने में लगे हैं। पिछले चार साल से लिव-इन रह रहा यह कपल शादी के सवालों को हमेशा टाल देता है।
4. देव पटेल और फ्रीडा पिंटो दोनों की उम्र में छह साल का गैप है। फ्रीडा 28 की हैं, तो देव 22 के। ये दोनों हैं भी अलग-अलग बैकग्राउंड के, लेकिन फिर भी साथ रह रहे हैं। हालांकि शादी का अभी इनका कोई इरादा नहीं लगता, लेकिन साथ मिलकर दोनों ने लॉस एंजिलिस में एक 1।5 मिलियन डॉलर का घर खरीदा है। यूं तो फ्रीडा डायमंड रिंग भी पहनती हैं, लेकिन पूछने पर हमेशा यही जवाब मिलता है कि वे दोनों अभी कैरियर पर फोकस कर रहे हैं।
5. रुबीना और अविनाश सचदेव पिछले साल दिसंबर में दोनों के चोरी-छिपे शादी करने की खबरें आई थीं। इनके दोस्तों का भी यही मानना है कि इनकी शादी हो चुकी है, लेकिन अविनाश ऐसी बातों को सिरे से नकार देते हैं। उनका कहना है कि वे दो साल बाद शादी की प्लानिंग करेंगे।
6. शेन वॉर्न और लिज हर्ले इस क्रिकेटर और मॉडल-एक्ट्रेस के पब्लिक डिस्प्ले ऑफ अफेक्शंस को ऐसे ही छोटा-मोटा अफेयर समझा गया था, लेकिन इन्होंने सगाई करके सभी को चौंका दिया। वैसे, अपने-अपने पहले पार्टनर्स से इस कपल के चार बच्चे हैं। देखते हैं कि अब ये शादी कब करते हैं।

पिक्चर शुरू
यह तो हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि रणबीर कपूर और अनुराग बसु अपना प्रॉडक्शन हाउस शुरू करने जा रहे हैं, लेकिन इसका नाम क्या रखें, यह उन्हें समझ नहीं आ रहा था। खैर, अब उनकी उलझन दूर हो चुकी है और उन्होंने अपने प्रॉडक्शन हाउस का ऐसा नाम खोज निकाला है, जो उनके बहुत करीब है। नाम चुना गया है पिक्चर शुरू प्रॉडक्शंस और यह फिल्म बर्फी से इंस्पायर्ड है। प्रॉडक्शन हाउस का फैसला इन दोनों ने बर्फी के रिलीज होने से पहले ही ले लिया था और फिल्म में यूज हुए ये शब्द भी कहीं न कहीं इनको क्लिक कर गए थे। फिर अपने जॉइंट वेंचर को वे साथ में किए गए अपने पहले प्रॉजेक्ट से भी जोडऩा चाहते थे। बस यहीं से यह नाम रखा गया है। बहरहाल, यह पहले ही तय कर लिया गया था कि इस प्रॉडक्शन हाउस की फिल्मों में रणबीर लीड रोल करेंगे और इसके डायरेक्टर अनुराग होंगे। इस बैनर की पहली फिल्म जग्गा जासूस होगी, जिसमें रणबीर जासूसी करते दिखेंगे। इसके अलावा, इनकी प्लानिंग किशोर कुमार पर फिल्म बनाने की भी है, लेकिन उनकी लाइफ स्टोरी को कहानी में पिरोने में इनको खासा टाइम लग रहा है। खैर, अभी तो रणबीर भी अभिनव कश्यप की बेशरम की शूटिंग में बिजी हैं, तो अनुराग कश्यप की बॉम्बे वेलवेट की शूटिंग इसके बाद शुरू करनी है। देखते हैं, इसके बाद वह कौन-सी पिक्चर शुरू करते हैं!

मेरा बेटा सूरज बेकसूर
अदाकारा जिया खान खुदकुशी मामले में गिरफ्तार सूरज पंचोली की मां जरीना वहाब ने कहा है कि उनका बेटा बिलकुल बेकसूर है। सूरज की गिरफ्तारी पर अभिनेत्री जरीना वहाब ने कहा कि उनके बेटे ने जिया को खुदकुशी के लिए नहीं उकसाया। सूरज की गिरफ्तारी के बाद जरीना राबिया से मिलने उनके घर पहुंची लेकिन जिया की मां ने मिलने से इंकार कर दिया। जरीना ने राबिया के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सूरज जिया से बेहद प्यार करता था। वो ऐसा कुछ नहीं कर सकता। दूसरी तरफ जिया की मां राबिया ने जिया की मौत के लिए सूरज को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सूरज ने जिया को मानसिक और शारीरिक रूप से इतना परेशान किया कि जिया ने मौत को गले लगाना ज्यादा मुनासिब समझा। जिया की मां राबिया खान ने पुलिस को बताया कि उसकी बेटी जिया पिछले एक साल से अभिनेता आदित्य पंचोली और जरीना वहाब के बेटे सूरज पंचोली के साथ लिव इन रिलेशन में भी रही थी। एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक जिया की मां ने बताया है कि दोनों करीब एक साल तक लिव इन रिलेशन में रहे हैं। पुलिस उस अस्पताल का भी पता लगा रही है, जहां पर जिया ने गर्भपात कराया था। हालांकि कथित तौर पर जिया द्वारा लिखे गए पत्र में रेप शब्द का प्रयोग हुआ है, लेकिन पुलिस अभी इस फैसले पर नहीं पहुंची है कि आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का मामला दर्ज किया जाए या नहीं। इससे पहले कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए सूरज पंचोली को 13 जून तक रिमांड पर भेज दिया। कोर्ट ने बचाव पक्ष के वकील जमीर खान की उस दलील को अस्वीकार कर दिया कि सुइसाइड नोट में कहीं भी सूरज का नाम नहीं लिखा गया है और न ही उस पर जिया के हस्ताक्षर हैं।

माधुरी पर फिल्म
कोरियोग्राफर से डायरेक्टर बने रेमो डीÓसूजा अभिनेत्री माधूरी दीक्षित के साथ एक फिल्म बनाना चाहते हैं, जो मशहूर फिल्म निर्माता वी. शांताराम की फिल्म 'नवरंगÓ और 'झनक झनक पायल बाजेÓ पर आधारित होगी। रेमो ने कहा कि मैं एक फिल्म पर काम कर रहा हूं, जो मैं माधुरी के साथ बनाना चाहता हूं। यह 'नवरंगÓ और 'झनक झनक पायल बाजेÓ फिल्मों पर आधारित एक संगीतमय फिल्म होगी। रेमो और माधुरी डांस रिएलिटी शो 'झलक दिखला जाÓ के पिछले तीन सीजन से जज के रूप में एक साथ दिखते रहे हैं। रेमो ने कहा कि मैं सिर्फ उनके लिए यह फिल्म लिख रहा हूं। उम्मीद है कि फिल्म की कहानी पूरी कर मैं जल्द ही इस पर काम शुरू करूंगा। वह जानती हैं, जिस दिन मैंने स्क्रिप्ट पूरी कर ली, मैं इस पर उनसे औपचारिक रूप से बात करूंगा और मुझे उम्मीद है वह इसके लिए मान जाएंगी।

इंग्लिश विंग्लिश ने दिलाया सम्मान
दक्षिण भारतीय अभिनेत्री प्रिया आनंद का कहना है कि इस फिल्म ने उन्हें इंडस्ट्री में बहुत सम्मान और विश्वसनीयता दिलाई है। प्रिया आनंद ने इस फिल्म में श्रीदेवी की चुलबुली भांजी राधा का किरदार निभाया था। प्रिया ने बताया, ''इंग्लिश विंग्लिश ने मुझे एक कलाकार के तौर पर बहुत सम्मान और विश्वसनीयता दिलाई। अब लोग मुझे ज्यादा गंभीरता से लेते हैं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।ÓÓ प्रिया ने कहा, ''फिल्म में मैंने सहायक किरदार निभाया और मुझे पहचाना गया। मुझे लगभग सभी पुरस्कार समारोहों में नामित किया गया। यह बहुत बड़ी बात है।ÓÓ प्रिया कहती हैं, ''श्रीदेवी जैसी महान अभिनेत्री के सामने किए गए ऐसे किरदार में नोटिस किया जाना बहुत बड़ी बात है।ÓÓउन्होंने कहा, ''मैंने सबसे ऐसी प्रतिक्रियाओं की उम्मीद नहीं की थी। उनके साथ काम करना मेरा सपना था।ÓÓ तमिल और तेलुगू फिल्म उद्योग की चर्चित अभिनेत्री प्रिया को एक्सल एंटरटेनमेंट की युवाओं पर आधारित फिल्म 'फुकरेÓ में एक किरदार के लिए लिया गया है। इस फिल्म का निर्देशन मृगदीप सिंह लांबा कर रहे हैं जबकि निर्माण का काम फरहान अख्तर और एक्सल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी के हाथ में है। कॉलेज की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म दोस्तों के बीच के जुड़ाव के बारे में है। इसमें 'बिट्टू बॉसÓ से चर्चित हुए पुलकित सम्राट, 'ओए लक्की, लक्की ओएÓ के मनजोत सिंह, 'थ्री इडियट्सÓ के अली फजल, रिचा चड्ढा और अन्य कलाकार भी हैं। यह फिल्म आगामी 14 जून को प्रदर्शित होनी है।

टेंशन में अथिया
बॉलीवुड में डेब्यू करने जा रही एक्टर सुनील शे की बेटी अथिया अपने को-स्टार सूरज पंचोली को अरेस्ट किए जाने से काफी चिंतित है। चर्चा है कि हाल ही में अथिया ने एयरपोर्ट पर फ्रेंड कपल से सूरज के बारे में पूछा। उल्लेखनीय है कि सलमान खान और सुभाष घई सुपरहिट फिल्म हीरो का रिमेक बनाने जा रहे हैं। इसमें अथिया व सूरज को कास्ट किया गया है। सूरज के अरेस्ट होने से अथिया चिंतित दिखाई दी। फिल्म की शूटिंग सितम्बर से शुरू होने की उम्मीद है। लेकिन अब सुनील शेट्टी अपनी बेटी के कैरियर को लेकर चिंतत हो चुके हैं। नाम होने से पहले बदनाम हो चुके सूरज के साथ बेटी की जोड़ी बनाने से नुकसान की बहुत ज्यादा संभावना बन रही है। यही वजह है कि सुनील अब सूरज के अपोजिट अपनी बेटी को लांच करने के मामले में दोबारा विचार कर रहे हैं। खुद सलमान खान की समझ में नहीं आ रहा है कि इस नई परिस्थिति में वे क्या करें।

इतालवी बॉयफ्रेंड
अभिनेत्री क्रिस्टी ऐले को इतालवी ब्वॉयफ्रेंड चाहिए। क्रिस्टी गर्मी छुट्टी इटली में ही बिताना चाहती हैं। 62 वर्षीय अभिनेत्री को दो बच्चे विलियम ट्रू (21) और लिली (19) हैं। अभिनेत्री गर्मियां इटली में ही बिताने की योजना बना रही हैं और इस दौरान वे अपने लिए एक प्रेमी की भी तलाश करेंगी। एक सूत्र ने कहा कि क्रिस्टी इतालवी अनुभव के साथ अपने जीवन में फिर से रंग भरना चाहती हैं। उन्हें लगता है कि इटली में समय बिताने से उन्हें एक युवा सेक्सी पुरुष का साथ मिलेगा। क्रिस्टी का वर्ष 1977 में अपने पहले पति बॉब ऐले के साथ सात साल की शादी के बाद तलाक हुआ था और फिर 17 वर्ष की शादी के बाद उनका दूसरे पति पार्कर स्टीवन के साथ भी वर्ष 1997 में संबंध विच्छेद हो गया। वे कभी भी गंभीर संबंधों में नहीं रहीं और वर्ष 2000 में उनका विल्डर के साथ भी तलाक हो गया। अब वे जिंदगी का आनंद लेना चाहती हैं।

रापचिक रोमांस
फिल्म आमिर और नो वन किल्ड जेसिका जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके राजकुमार गुप्ता रापचिक रोमांस से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखेंगे। राजकुमार ने बताया मेरी अगली फिल्म रापचिक रोमांस है जो रूमानियत से भरी रोमांचक फिल्म है। फिल्म की शूटिंग जल्द शुरू होगी और मैं पहली बार यूटीवी के साथ मिलकर इसके निर्माण की जिम्मेदारी सम्भालूंगा। एक निर्माता के रूप में यह मेरा पहला अनुभव होगा। अगली निर्देशित फिल्म घनचक्कर के प्रदर्शन का इंतजार कर रहे राजकुमार काफी लम्बे समय से निर्माता बनने की योजना बना रहे थे लेकिन यह अब सम्भव हो पाया। उन्होंने कहा, भाग्यवश, मेरी सारी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कारोबार किया है और उम्मीदतन अगर घनचक्कर भी अच्छा कारोबार करती है, यह मेरे लिए दरवाजा खोल देगी। मैं अपनी अगली फिल्म से निर्माता बन जाऊंगा। विद्या बालन और इमरान हाशमी जैसे कलाकारों से सजी घनचक्कर 28 जून को प्रदर्शित हो रही है।

मधुबाला की याद दिलाई
बॉलीवुड अभिनेता शक्ति कपूर ने अपनी बेटी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के काम की तारीफ करते हुए कहा कि श्रद्धा के अभिनय ने उन्हें बॉलीवुड की महान अभिनेत्रियों वहीदा रहमान और मधुबाला की याद दिला दी। शक्ति कहते हैं कि श्रद्धा काफी समझदार है और वह भी अक्सर कई मामलों में उनकी सलाह लेते हैं। शक्ति ने अभिनेत्री पद्ममिनी कोल्हापुरे की बड़ी बहन शिवांगी से विवाह किया और वे दो बच्चों श्रद्धा और सिद्धांत के माता -पिता हैं। शक्ति कहते हैं, मैं किसी की जिंदगी और काम में दखल नहीं देता। उन्होंने कहा, यदि उसे मेरी सलाह की जरूरत होगी तो मैं जरूर मदद करूंगा। वह खुद ही बहुत समझदार है, उसने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। बल्कि मुझे ही कोई परेशानी होती है तो मैं उसकी सलाह लेता हूं। शक्ति ने कहा, आज के युवा हमसे ज्यादा जानकारी रखते हैं। मैं श्रद्धा को सिर्फ अपने अनुभव ही बता सकता हूं। श्रद्धा ने पिछले दिनों आई फिल्म आशिकी-2 से बॉलीवुड में कदम रखा और उनके पिता शक्ति कपूर को उन पर गर्व है।

शाहिद-करीना आमने-सामने
यूं तो शाहिद कपूर और करीना कपूर के रिश्ते को टूटे हुए काफी साल बीत चुके हैं। रिश्ता टूटने के बाद करीना और शाहिद हमेशा एक-दूसरे के सामने आने से बचते रहे हैं लेकिन आज किस्मत फिर से इन्हें एक दूसरे के आमने-सामने ले आई है। दरअसल, शाहिद की फिल्म 'रैंबो राजकुमारÓ और करीना की फिल्म 'गौरी तेरे प्यार मेंÓ में एक ही दिन रिलीज होगी। दोनों फिल्मों के रिलीज की तारीख इत्तेफाक से 15 नवंबर है। फिल्म 'रैंबो राजकुमार में शाहिद सोनाक्षी के साथ रोमांस करते हुए दिखेंगें तो वहीं गौरी तेरे प्यार में करीना इमरान खान के साथ प्यार की कसमें निभाती हुई दिखाई देंगी। अब देखना है कि शाहिद और करीना में से किस की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाती है।

शाहरुख से घबराए अक्षय
8 अगस्त को ईद के मौके पर शाहरुख खान और अक्षय कुमार बॉक्स आफिस पर आमने-सामने होने वाले थे। पर खिलाड़ी अक्षय कुमार ने एक चालाकी खेलते हुए अपनी फिल्म वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई अगेन की रिलीज डेट को आगे बढ़ा दी है और अब यह फिल्म 15 अगस्त को रिलीज होगी। अक्षय ने काफी सोच समझकर 15 अगस्त यानी छुट्टी वाले दिन फिल्म रिलीज करने का फैसला लिया है जो फिल्म के बिजनेस के लिए काफी अच्छी बात है। पहले शाहरुख की चेन्नई एक्सप्रेस और अक्षय की वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई अगेन 8 अगस्त को रिलीज होने वाली थी। बॉलीवुड में दोनों का सिक्का चलता है पर अक्षय इस बात को समझ गए। कोई गड़बड़ ना हो दोनों फिल्म अच्छा बिजनेस करें इस बात का ख्याल रखा गया है। चेन्नई एक्सप्रेस एक रोमाटिंक थ्रिलर है। जबकि वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई अगेन एक गैंगस्टर की कहानी है। अक्षय की वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई 2 हिट फिल्म वंस अपॉन ए टाइम का सीक्वेल है जो कि हिट रही थी।

सफलता का श्रेय
बॉलीवुड के रॉकस्टार और जवां दिलों की धड़कन बन गए रणबीर कपूर का मानना है कि उनकी सफलता में निर्देशकों का अहम योगदान है। वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म सांवरिया से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाले रणबीर कपूर ने अपने छह वर्षों के कैरियर में बर्फी, राजनीति, वेक अप सिड, रॉकस्टार और अभी हाल ही में प्रदर्शित ये जवानी है दीवानी जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया है। रणबीर कपूर अपनी फिल्मों की सफलता का श्रेय निर्देशकों को देना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी खुशकिस्मती है कि उन्हें अपने कैरियर में अच्छे निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मैं उन निर्देशकों का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे अपनी फिल्म में काम करने का अवसर दिया। मैं लकी हूं कि मुझे अच्छे किरदारों को निभाने का अवसर मिला है। रॉकस्टार ने कहा कि मैं निर्देशकों का शुक्रिया अदा करता हूं कि उन्होंने मेरे लिये अच्छे किरदार लिखे। मुझे अभी और आगे जाना है। रणबीर की अभी हाल ही में ये जवानी है दीवानी प्रदर्शित हुई है जो बॉक्स ऑफिस पर अब तक 120 करोड़ से अधिक की कमाई कर चुकी है। रणबीर की आने वाली फिल्मों में बेशर्म प्रमुख है। अभिनव कश्यप निर्देशित बेशर्म में रणबीर अपने पिता ऋषि कपूर और मां नीतू सिंह के साथ पहली बार काम कर रहे हैं। बेशर्म तीन अक्टूबर को प्रदर्शित होगी।






शनिवार, 1 जून 2013

आडवाणी ने शिवराज को बताया सबसे बेस्ट

ग्वालियर: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से तुलना करते हुए दोनों को नम्र और अहंकार से परे बताया जबकि उन्होने विकास के लिए शिवराज की तुलना गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से की। आडवाणी ने नगर-ग्राम केन्द्रों के पालकों और संयोजकों के सम्मेलन के समापन के अवसर पर कहा कि वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और उन्नयन, परमाणु परीक्षण, किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर अनेक योजनाएं शुरू कीं लेकिन हमेशा वह नम्र और अहंकार से दूर रहे। उन्होंने देश में आज तक हुए प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की तुलना करते हुए दावा किया कि इनमें वाजपेयी का कार्यकाल सबसे बेहतर और सफल रहा है। आडवाणी ने कहा कि इसी प्रकार चौहान ने जनता के कल्याण के लिए लाड़ली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन सहित अनेक कल्याकारी योजनाएं लागू की। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वह निरहंकारी व्यक्ति के रूप में चौहान को देखते हैं और उनकी कल्पनाशीलता से मध्यप्रदेश विकास की नई बुलंदिया हासिल कर रहा है। जरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले लोकप्रियता के मामले में आगे हों, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ उनका पंगा खत्म होता नहीं दिख रहा है। कम से कम पार्टी के सबसे बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ उनकी जंग जारी है। शनिवार को आडवाणी ने यहां एक कार्यक्रम में न केवल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफों के पुल बांधे बल्कि उनकी मोदी के साथ सीधी तुलना करते हुए उन्हें बेहतर भी बता दिया। आडवाणी ने शिवराज सिंह चौहान को वाजपेयी जैसा नेता भी बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं के एक बड़े सम्मेलन को संबोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि मैं गुजरात से हूं, लेकिन मैं चाहता हूं कि मध्यप्रदेश दुनिया में अपना स्थान हासिल करे। उन्होंने कहा, 'मैं अक्सर नरेंद्र मोदी से कहता हूं कि जब उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर गुजरात भेजा गया था, तब गुजरात पहले से आर्थिक रूप से मजबूत राज्य था। उन्होंने उसे और बेहतर बनाया। लेकिन, मध्यप्रदेश तो एक 'बीमारू' राज्य था। इसकी पूरी कायापलट हो गई और यह आर्थिक रूप से मजबूत राज्य के रूप में सामने आया जिसका पूरा श्रेय मैं शिवराज सिंह चौहान को देता हूं।' इतना ही नहीं, आडवाणी ने परोक्ष तौर पर भी मोदी की खिंचाई की और शिवराज सिंह को उनके मुकाबले आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी की कमजोरियों की चर्चा करते हुए बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी में कोई कमजोरी नहीं थी और उनकी सबसे बड़ी खासियत थी उनकी विनम्रता। इसके बाद उन्होंने कहा कि यही खासियत वह शिवराज सिंह चौहान में देखते हैं। आडवाणी ने कहा कि मध्यप्रदेश का पूरा रूपांतरण कर देने के बावजूद वह आज भी उतने ही विनम्र, उतने ही मृदुभाषी हैं। उन्होंने अहंकार को अपने आसपास फटकने नहीं दिया है। गौरतलब है कि मोदी का अक्खड़ रवैया और उनका हमेशा उपलब्ध न रहना पार्टी के अंदर उनकी बड़ी कमजोरी मानी जाती रही है। ऐसे में समझा जाता है कि आडवाणी ने शिवराज सिंह चौहान के इन गुणों को रेखांकित करके उन्हें मोदी के मुकाबले ज्यादा उपयोगी साबित करने की कोशिश की है। आडवाणी ने शिवराज सिंह की तुलना की वाजपेयी से, मोदी पर भी निशाना, कहा- गुजरात तो पहले से विकसित था, एमपी की तरक्की है बड़ी क्या अपनी पार्टी के किसी मुख्यमंत्री की तारीफ करने के लिए किसी दूसरे मुख्यमंत्री के कामकाज से मिलान करना जरूरी है. 
लगता है कि बीजेपी के भीष्मपितामह लालकृष्‍ण आडवाणी को मोदी से ज्यादा शिवराज सिंह चौहान भाने लगे हैं. आलम ये है कि कभी हर पल मोदी की तारीफों के पुल बांधने वाले आडवाणी अब शिवराज के गुणगाण में लगे हैं. कारण कहीं ये पीएम इन वेटिंग को लेकर चल रही रस्साकसी का नतीजा तो नहीं. लोक सभा के चुनाव के लिए जो टीम तैयार हुई है उसमें मोदी की खूब चली है, क्या ये है मोदी से डर की वजह. आडवाणी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से तुलना करते हुए दोनों को अहंकार से परे बताया जबकि उन्‍होंने विकास के लिये शिवराज की तुलना गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी से की. आडवाणी ने नगर-ग्राम केन्द्रों के पालकों और संयोजकों के सम्मेलन के समापन के अवसर पर कहा कि वाजपेयी ने अपने कार्यकाल में (जब वाजपेयी प्रधानमंत्री थे) में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और उन्नयन, परमाणु परीक्षण, किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर अनेक योजनायें शुरू कीं लेकिन हमेशा वे अहंकार से दूर रहे. उन्‍होंने देश में आज तक हुए प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल की तुलना करते हुए दावा किया कि इनमें वाजपेयी का कार्यकाल सबसे बेहतर और सफल रहा है.
आडवाणी ने कहा कि इसी प्रकार चौहान ने जनता के कल्याण के लिये लाडली लक्ष्मी और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन सहित अनेक कल्याकारी योजनायें लागू की. उन्‍होंने कहा कि शिवराज सिंह की कल्पनाशीलता से मध्यप्रदेश विकास की नई बुलंदिया हासिल कर रहा है. मोदी के लिए दिल्ली दूर है. आडवाणी ने ये नहीं कहा कि वो रिटायर हो रहे हैं. आडवाणी ने अबतक ये भी नहीं कहा है कि वो पीएम की रेस में नहीं हैं. माना जा रहा था कि कर्नाटक चुनाव से मोदी दिल्ली की सक्रीय राजनीति में कूदेंगे लेकिन उन्होंने प्रचार के लिए दिए महज दो दिन और यहां तक की दो चुनाव समिति की बैठकों से भी नदारद रहे. ऐसे मौके पर जब हफ्ते भर में बीजेपी की कार्यकारिणी की बैठक होने वाली हो तब आडवाणी का ये बयान यूं हीं नहीं हो सकता. इस बयान का सियासी मतलब तो निकाला ही जाएगा.
  जीत का मंत्र
भाजपा महासम्मेलन के अंतिम दिन ग्वालियर पहुंचे वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि जीत का मंत्र संगठन और विकास में छिपा है। इससे पहले भाजपा के प्रदेश प्रभारी राष्टÑीय महासचिव अनंत कुमार ने बूथ प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि हम मतदान केंद्र पर जीत हासिल करेंगे तो विधानसभा और लोकसभा चुनाव जीतेंगे। बूथ जीतेंगे तो पूरा हिंदुस्तान भी हम ही जीतेंगे। ग्वालियर में पालक एवं संयोजकों के महासम्मेलन के दूसरे दिन सुबह के सत्र में अनंत ने शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा प्रदेश में कराए जा रहे विकास की प्रशंसा की और कहा कि पिछले आठ साल में शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर के नेतृत्व में प्रदेश में हर तरफ विकास हुआ है।  उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा आप जीडीपी बढ़ाइए, हम केंद्र में पीडीपी (पॉलिटिकल डेवलपमेंट परसेंटेज) बढ़ाएंगे। अनंत ने विधानसभा चुनाव में 175 सीटें जीतने का संकल्प दिलाते हुए चुनावी जीत के लिए पांच सूत्र भी बताए। ये हैं, कम से कम 25 सदस्यों की बूथ समिति बनाई जाए।  इन समितियों की नियमित बैठक हो। मतदाता सूची में संख्या बढ़वाएं। अगले एक माह में प्रदेश के दो करोड़ परिवारों के सभी साढ़े सात करोड़ लोगों से संपर्क करें और बूथ रणनीति बनाएं।
शिवराज सरकार विकास का पर्याय: जेटली
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली ने कहा कि शिवराज सरकार विकास का पर्याय है। इसकी हैट्रिक तय है। वर्ष 2003 में प्रदेश में बिजली, सड़क, पानी कुछ भी नहीं था, अब हजारों किलोमीटर सड़कें हैं, लोगों को 24 घंटे बिजली है और पेयजल की भरपूर व्यवस्था है।