सोमवार, 29 अप्रैल 2013

VN modernises tax administration

HA NOI (VNS)— Viet Nam's General Department of Taxation is speeding up a project to modernise the country's tax administration so that it can be completed by 2015.
The Tax Administration Modernisation Project (TAMP) is expected to improve tax management capacity at all levels, reduce corruption and support taxpayers through improved e-tax services.
It was launched in 2008 with approved investment of US$97.5 million including preferential loans of $80 million from the World Bank, a $12.5 million loan from Japan and Viet Nam's counterpart capital of $5 million.
At a meeting on Thursday with representatives from tax offices in the northern region focused on changes that the tax sector is facing and preparations to deal with the changes, vice director of the project management board Nguyen Minh Ngoc said that the move was expected to help the country realise its Tax Reform Strategy towards 2020.
Viet Nam seeks to build a tax policy system that is comprehensive, consistent, fair, efficient and suitable to the socialist-oriented market economy. Simplified transparent tax management is based on three major pillars: simplified administrative procedures, qualified human resources and highly integrated automatic information technological applications.
Ngoc said that the strategy included ambitious goals, such as placing Viet Nam fourth in the region in tax advantage by 2020, applying information technology in all tax offices and ensuring that 90 per cent of enterprises used e-tax services.
The project would focus on improving risk management and enforcement analysis in the tax sector, anti-corruption activities, applying information technology in tax management and project management capacity building, Ngoc added.
"Eighty per cent of the project investment will be spent to deal with IT development, which will primarily support the procurement and implementation of a proven Integrated Tax Administration Information System (ITAIS)," he said.
The ITAIS will support all tax management processes [including tax registration, data processing, tax payment, refunds and detecting violations] for all kind of taxes except personal income tax.
Yet Ngoc cautioned that introducing the innovation could be risky, bringing up issues such as incompatibility between systems and a shortage of staff qualified to use it.
Senior World Bank economist Pham Minh Duc said that the legal framework for taxation had been improved through reforms in 1990 and 1998, approvals for amended tax management law in 2012 and the amended Corporate Income Tax Law and Value-added Tax Law in 2013 as well as the Tax Reform Strategy from 2011 to 2020.
A 2011 World Bank survey on tax reform showed that the Vietnamese tax system ensured relative equality, as people with higher incomes or expenditure paid higher taxes, Duc said.
However, the cost for enforcement of tax regulations in Viet Nam was also high, as measured by the number of times people paid taxes and number of hours spent on taxpaying procedures.
The survey also indicated that following traffic police and customs, tax department was the place where corruption occurred most.
"Modernising tax administration does not only mean investing in information technology," Duc said. Rather, he pointed out, it also requires better human resources management. — VNS
 http://vietnamnews.vn


taff at the Hai Phong Taxation Department clear up customer queries on tax policies. Viet Nam is speeding up a tax modernisation project with a focus on improving tax management capacity at all levels, reducing corruption and supporting taxpayers through improved e-tax services. — VNA/VNS Photo Hoang Hung

Da Nang International Fireworks Competition opens

he 2013 Da Nang International Fireworks Competition opens today in Central Da Nang City with participation of representatives from the US, Russia, Japan, Italy and Viet Nam. Apart from annual activities such as floating flower garlands and colourful lanterns and boat procession on Han River, street music performances and displays of souvenirs and stone statues, visitors will have a chance to attend an exhibition entitled "Vietnam's Hoang Sa: historical evidence", a sea festival and a national Hiphop exchange as well as enjoy famous dishes of Vietnam and other foreign countries. Photo baodanang.vn

बाल-बाल बचे सीरिया के प्रधानमंत्री वेल अल-हल्की



मिश्क। सीरियाई प्रधानमंत्री वेल अल-हल्की सोमवार को एक कार बम विस्फोट में बाल-बाल बच गए। सीरिया के राष्ट्रीय चैनल ने बताया कि यह हमला उनके काफिले को निशाना बना कर किया गया था।
सीरियाई आब्जरवेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दमिश्क के माजेह जिले से आगे बढ़ने पर प्रधानमंत्री के काफिले को निशाना बनाकर हमला किया गया। इसमें उनके एक अंगरक्षक की मौत हो गई। हालांकि प्रधानमंत्री सुरक्षित है। आब्जरवेटरी के निदेशक रामी अब्देल रहमान ने बताया कि हमले में हल्की का ड्राइवर और दूसरा अंगरक्षक भी बुरी तरह घायल हुआ है। घटनास्थल पर मौजूद एक शख्स ने बताया कि हमले में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए जबकि एक बस धू-धू कर जल उठी। मेजाह पश्चिमी दमिश्क का एक महत्वपूर्ण जिला है। यहां पर कई वरिष्ठ अधिकारियों के घर हैं। हल्की को अगस्त, 2012 में प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था।

T20 लीगः राजस्थान की बैंगलोर पर रॉयल जीत


सवाई मानसिंह स्टेडियम में सोमवार को जारी टी20 लीग के छठे संस्करण के 40वें मुकाबले में राजस्थान ने बैंगलोर को चार विकेट से हरा दिया. राजस्थान ने बैंगलोर द्वारा मिले 172 रनों के लक्ष्य को आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में एक गेंद शेष रहते हासिल कर लिया.राजस्थान की पारी की पहली ही गेंद पर विराट कोहली ने स्लिप पर राहुल द्रविड़ का कैच टपका दिया. हालांकि राजस्थान इसका ज्यादा देर लाभ नहीं उठा पाया और तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर अजिंक्य रहाणे का विकेट गंवा बैठा. रहाणे दो रन के निजी स्कोर पर रुद्रप्रताप सिंह के हाथों लपके गए.द्रविड़ (22) भी अपने जीवनदान का पूरा फायदा नहीं उठा सके और 48 रनों के कुल योग पर मोसेस हेनरिक्स की गेंद पर बोल्ड हो गए.इसके बाद तीसरे विकेट के लिए शेन वाटसन के साथ संजू सैम्सन ने 68 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की. सैम्सन ने 41 गेंदों का सामना करते हुए सात चौके तथा दो छक्का लगाया. वह रवि रामपॉल की गेंद पर मुरली कार्तिक के हाथों कैच आउट हुए.
चौथे विकेट के लिए शेन वाटसन (41) के साथ ब्रैड हॉग (32) ने तेज 46 रनों की साझेदारी की और ऐसा लग रहा था कि यह जोड़ी ही राजस्थान को मैच जिता देगी. तभी आर. पी. सिह की गेंद पर वाटसन अब्राहम डिविलियर्स को कैच थमाकर चलते बने. राजस्थान को आखिरी ओवर में जीत के लिए छह रनों की दरकार थी और इतने ही विकेट उसके हाथ में थे. आखिरी ओवर की पहली गेंद पर बिन्नी ने एक रन देकर टिके हुए बल्लेबाज हॉग को रन बनाने का अवसर दिया, लेकिन अगली दो गेंदों पर हॉग और ओवैश शाह के आउट होने पर मैच काफी रोमांचक हो गया. आखिरी दो गेंदों में राजस्थान को तीन रन बनाने थे जिसे बिन्नी ने चौका जड़कर पूरा किया.
बैंगलोर की तरफ से रामपॉल को दो विकेट मिले तथा आरपी सिंह, विनय कुमार और हेनरिक्स को एक-एक विकेट मिले. इससे पहले, बैंगलोर ने शुरुआत तो तेज की लेकिन मध्यक्रम के औसत प्रदर्शन की वजह से एक समय कम स्कोर पर सिमटती दिख रही थी, लेकिन आखिरी ओवरों में तेज गति से रन जुटाते हुए बैंगलोर छह विकेट पर 171 रनों का ठीक-ठाक स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही. विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल ने 16 गेंदों में 34 रन बनाए. गेल ने छह चौके और एक छक्का लगाया. लेकिन वह बैंगलोर को और ज्यादा योगदान नहीं दे सके तथा चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर सैम्सन के हाथों कैच आउट हुए. बैंगलोर का दूसरा विकेट अभिनव मुकुंद (19) के रूप में गिरा. उन्हें सिद्धार्थ त्रिवेदी ने बोल्ड किया. अब्राहम डिविलियर्स (21) के साथ तीसरे विकेट की साझेदारी में 33 रन जोड़कर कप्तान विराट कोहली (32) ने संघर्ष करने की भरपूर कोशिश की. 13वें ओवर की पहली गेंद पर डिविलियर्स एस श्रीसंत की गेंद पर जेम्स फॉकनर के हाथों कैच आउट हुए.
कोहली भी 16वें ओवर की पांचवीं गेंद पर फॉकनर के हाथों लपके गए. कोहली तथा डिविलियर्स दोनों ने तीन-तीन चौके लगाए. मोसेस हेनरिक्स ने 22 रनों का योगदान दिया और वह रन आउट हुए.
आखिरी ओवरों में छह गेंद पर नाबाद 22 रन बनाकर विनय कुमार ने बैंगलोर को 171 रनों के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया. राजस्थान की तरफ से शेन वाटसन ने तीन विकेट चटकाए.

भीमसैन बस्सी बनेंगे नए दिल्ली पुलिस कमिश्नर


 

नई दिल्ली।। गृह मंत्रालय के सूत्रों से खबर है कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार से केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे नाराज हैं। नीरज कुमार को हटाने की मांग पांच साल की बच्ची से रेप के बाद तेज हो गई थी। केवल विपक्ष ही नहीं बल्कि कांग्रेस की तरफ से भी मांग उठ रही थी। इस बीच खबर है कि नीरज कुमार को हटाने की पूरी तैयारी हो गई है। नीरज कुमार की जगह स्पेशल कमिश्नर भीम सैन बस्सी को दिल्ली पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि 1976 बैच के आईपीएस ऑफिसर नीरज कुमार दिल्ली में बेहद चर्चित दो गैंग रेप के बाद से कड़ी आलोचना का सामना कर रहे हैं। इन दोनों रेप में पुलिस की भारी लापारवाही सामने आई थी। गृह मंत्रालय ने नीरज कुमार को दो विकल्प दिए हैं। पहला विकल्प यह कि या तो वह छुट्टी पर चले जाएं या ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट में जाएं। गौरतलब है कि नीरज कुमार जुलाई में रिटायर होने वाले हैं।
बस्सी 1977 बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं। इन अटकलों के बीच बस्सी ने अलग से सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात की है। शिंदे चाहते हैं कि गृह मंत्रालय में भी जॉइंट सेक्रेटरी लेवल से अडिशनल सेक्रेटरी तक फेरबदल हो। नए होम सेक्रेटरी के रूप में अनिल गोस्वामी को वर्तमान होम सेक्रेटरी आ. के. सिंह के ऑफिस छोड़ने से दो महीने पहले ही नियुक्त कर लिया गया है। गोस्वामी ने सोमवार को ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के रूप में जॉइन कर लिया है। उन्होंने गृह मंत्री के साथ मीटिंग भी शुरू कर दी है। इसी का नतीजा है कि दिल्ली पुलिस में डीसीपी स्तर पर भी तबादले किए गए।

दिल्ली में बढ़ते क्राइम के ग्राफ और पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली पुलिस में भारी फेरबदल किया गया है। हालांकि सवालों के कटघरे में सबसे ज्यादा दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार थे। लेकिन नीरज कुमार पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस फेरबदल में चार डीसीपी को बदला गया है।
इनमें से दो डीसीपी को दिल्ली से बाहर भेज दिया गया है। छाया शर्मा साउथ की डीसीपी थीं जिन्हें दिल्ली से बाहर मिजोरम भेज दिया गया। पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में एक 23 साल की स्टूडेंट से बर्बर गैंग रेप किया गया था उस घटना के समय छाया शर्मा जिले की पुलिस प्रमुख थीं। छाया शर्मा के पति विवेक किशोर जो कि डीसीपी हेडक्वॉटर थे उन्हें भी मिजोरम भेज दिया गया।
प्रभाकर ईस्ट दिल्ली में डीसीपी थे, इन्हें पीएम सिक्युरिटी में भेज दिया गया है। प्रभाकर, 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। इनके इलाके में ही पांच साल की बच्ची के साथ बर्बर रेप हुआ था और पुलिस की भारी लापारवाही सामने आई थी। छाया शर्मा की जगह साउथ दिल्ली में भोला शंकर जायसवाल को डीसीपी की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी तरफ प्रभाकर की जगह अजय कुमार को ईस्ट दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई। अजय कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अजय अभी तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे थे। संजय कुमार आउटर डीसीपी थे जिन्हें हटाकर पीएम सिक्युरिटी में डाल दिया गया है।
गृह मंत्रालय पांच साल की बच्ची से रेप के बाद पुलिस पर लगे रहे जिन आरोपों की जांच करवा रहा था उनमें लगभग सभी आरोप सही पाए गए हैं। यह भी साबित हो गया कि दिल्ली पुलिस की तरफ से रेप पीड़िता 'गुड़िया' के पिता को चुप रखने के लिए 2000 हजार रुपए दिए थे। दिल्ली पुलिस से इधर कई मामलों में भारी चूक हुई है। सबसे ज्यादा किरकिरी तो तब हुई थी जब पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित्र मित्रा के साथ एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हाथापाई की। दूसरी तरफ ममता बनर्जी को भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था।





दिल्ली पुलिस आयुक्त : हो सकती है छुट्टी



नई दिल्ली: दिल्ली के पुलिस आयुक्त के भविष्य को
गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि 1976 बैच के आईपीएस अधिकारी नीरज कुमार की दिल्ली में पूर्व में घटित कई घटनाओं से निपटने के ढंग को लेकर व्यापक आलोचना हुई है। उन्हें पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो भेजा जा सकता है या फिर अवकाश पर जाने को कहा जा सकता है। कुमार जुलाई के अंत में रिटायर होंगे। समझा जाता है कि जिस ढंग से पांच साल की बच्ची से बलात्कार की घटना से दिल्ली पुलिस निपटी, जिस ढंग से पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा पर कथित हमला हुआ और जिस तरह से जाट प्रदर्शनकारी केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे के घर घुस आए, इन सब चीजों को लेकर शिन्दे नाराज हैं। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी बस्सी ने गृह मंत्री से अलग-अलग मुलाकात की। पिछले साल 16 दिसंबर को सामूहिक बलात्कार की घटना और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कहर को लेकर शीला ने दिल्ली पुलिस की कड़ी निन्दा की थी। अटकलों के बारे में पूछने पर शिन्दे ने कहा कि अब तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के बारे में कोई फैसला नहीं किया गया है। सूत्रों ने बताया कि शिन्दे दिल्ली पुलिस के अलावा मंत्रालय में संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर पर फेरबदल करना चाहते हैं।
लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। ऐसे सुझाव भी आए हैं कि उन्हें किसी महत्वपूर्ण पद पर स्थानांतरित किया जा सकता है और विशेष आयुक्त भीम सैन बस्सी से प्रभार संभालने को कहा जा सकता है। घटनाक्रम को देखते हुए उनकी छुट्टी होना लगभग तय है।

100 दिन तक बिना धोए पहनो, चमकती रहेगी कमीज



कमीज को सुबह पहनों और शाम तक गंदी। रोज रोज की धुलाई से आजिज हो चुके हैं तो आपके लिए आ गई है सुपर कमीज। 100 दिनों तक इसे जमकर पहनिए, ये न तो गंदी होगी और न ही पसीने की बदबू से महकेगी। 'वूल एंड प्रिंस' कंपनी का दावा है कि उनकी वूल बटन डाउन कमीज 100 दिन तक बिना धोए पहनी जा सकती है। इस दौरान न तो कमीज पर सिलवटें आएंगी, न मैल जमेगा और न ही पसीने की गंध आएगी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बिना धोए 100 बार पहने जाने पर ये कमीज स्वस्छता के मायनों पर कितनी खरी उतरेगी। कंपनी द्वारा नियुक्त किए गए निरीक्षकों ने यह पाया कि इस स्पेशल कमीज को बिना धोए और प्रेस किए 100 दिन तक पहना जाए तो भी यह गंदी नहीं होगी। एक वीडियो में दिखाया गया है कि कंपनी के मालिक मैक ने 100 दिनों तक इस कमीज को पहना। मैक ने इस दौरान हर वो कामकाज किया जो एक सामान्य आदमी करता है।

क्या खास है कमीज में
दरअसल कमीज में लगा मेटीरियल काफी उच्च क‌ोटि के वूलन (ऊन) से बना है। यह वूलन विशेष तौर पर वूल साइंस यानी तापमान, थ्रेड डायनेमिक्स और कॉटन कंपेरिजन जैसे सिद्धान्तों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

क्या होगी कीमत

कंपनी के मुताबिक कमीज की कीमत 98 डॉलर होगी। हालांकि कीमत ज्यादा लगती है लेकिन अगर वाकई ये की दिनों तक बिना धोए हाइजीन रहती है तो इतनी कीमत जायज हो सकती है।

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मध्य प्रदेश का तापमान 43 डिग्री के पार



भोपाल : मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कड़ी धूप निकलने लगी है और गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं। बीते 24 घंटें में सीधी और शाजापुर राज्य में सबसे गर्म जिले रहे जहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सोमवार की सुबह राज्य में तेज धूप निकली और न्यूनतम तापमान में बढ़त दर्ज की गई। बीते दो दिनों से तापमान में लगातार वृद्धि होने से राज्य में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि सोमवार को आसमान साफ रहेगा जबकि मौसम शुष्क रहेगा।

पिछले 24 घंटों में राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 40.6 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इंदौर का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 22.3 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के मौसम विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार सतना व रीवा जिले में पारा 43 डिग्री के पार पहुंच गया है। राजधानी भोपाल का अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 40, ग्वालियर का 42 और जबलपुर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। राज्य में तेज़ धूप के साथ सुबह से ही गर्मी का अहसास होने लगा है और दोपहर होते-होते सूर्य मानो आग बरसाने लगता है।

दिल्ली पुलिस में भारी फेरबदल : नीरज कुमार सेफ



नई दिल्ली।। दिल्ली में बढ़ते क्राइम के ग्राफ और पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली पुलिस में भारी फेरबदल किया गया है। हालांकि सवालों के कटघरे में सबसे ज्यादा दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार थे। लेकिन नीरज कुमार पर फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस फेरबदल में चार डीसीपी को बदला गया है।  इनमें से दो डीसीपी को दिल्ली से बाहर भेज दिया गया है। छाया शर्मा साउथ की डीसीपी थीं जिन्हें दिल्ली से बाहर मिजोरम भेज दिया गया। छाया शर्मा के पति विवेक किशोर जो कि डीसीपी हेडक्वॉटर थे उन्हें भी मिजोरम भेज दिया गया। प्रभाकर ईस्ट दिल्ली में डीसीपी थे, इन्हें पीएम सिक्युरिटी में भेज दिया गया है। प्रभाकर के इलाके में ही पांच साल की बच्ची के साथ बर्बर रेप हुआ था और पुलिस की भारी लापारवाही सामने आई थी। छाया शर्मा की जगह साउथ दिल्ली में भोला शंकर जायसवाल को डीसीपी की जिम्मेदारी दी गई है। दूसरी तरफ प्रभाकर की जगह अजय कुमार को ईस्ट दिल्ली की जिम्मेदारी दी गई। संजय कुमार आउटर डीसीपी थे जिन्हें हटाकर पीएम सिक्युरिटी में डाल दिया गया है।

गृह मंत्रालय पांच साल की बच्ची से रेप के बाद पुलिस पर लगे रहे जिन आरोपों की जांच करवा रहा था उनमें लगभग सभी आरोप सही पाए गए हैं। यह भी साबित हो गया कि दिल्ली पुलिस की तरफ से रेप पीड़िता 'गुड़िया' के पिता को चुप रखने के लिए 2000 हजार रुपए दिए थे। दिल्ली पुलिस से इधर कई मामलों में भारी चूक हुई है। सबसे ज्यादा किरकिरी तो तब हुई थी जब पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित्र मित्रा के साथ एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हाथापाई की। दूसरी तरफ ममता बनर्जी को भी प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था।

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सरबजीत को रिहा करोः भारत


 

लाहौर।। भारत सरकार ने औपचारिक तौर पर पाकिस्तान से अपील की है कि मानवीय आधार पर सरबजीत को रिहा कर दिया जाए ताकि बेहतर इलाज के लिए उन्हें भारत लाया जा सके। पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैदियों के हमले में गंभीर रूप से घायल सरबजीत सिंह अभी भी डीप कोमा में हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सरबजीत का इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक उनके बचने की उम्मीद कम है।
इससे पहले चार एक्सपर्ट डॉक्टरों के पैनल ने हालांकि कहा है कि सरबजीत को इलाज के लिए कहीं और भेजने की जरूरत नहीं है। जिन्ना हॉस्पिटल में सारी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि सरबजीत का परिवार उन्हें इलाज के लिए भारत भेजने की मांग कर रहा है। सरबजीत की बहन दलबीर कौर, पत्नी सुखप्रीत कौर और दोनों बेटियां रविवार को लाहौर पहुंची चुकी हैं। इसी मांग के मद्देनजर डॉक्टरों की टीम ने अपनी राय दी।
मगर, इसी बीच भारत सरकार ने औपचारिक तौर पर पाकिस्तान से अपील की है कि सरबजीत की गंभीर हालत को देखते हुए मानवीय आधार पर रिहा कर दिया जाए। हम बेहतर इलाज के लिए उन्हें भारत लाना चाहते हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में जारी किए गए बयान में कहा कि सरबजीत की हालत बेहद गंभीर है और पाकिस्तान सरकार से यह अपील की गई है कि वह इस मामले में जरूरी कदम उठाए। भारत ने यह भी कहा है कि सरबजीत पर हमला करने वालों को दंडित करे। भारत की विदेश राज्यमंत्री परनीत कौर ने भी कहा है कि इलाज के लिए सरबजीत को भारत लाने के विकल्प पर सरकार विचार करेगी।

तालिबान के निशाने पर सरबजीत का परिवार
सरबजीत से मिलने पाकिस्तान गया उनका परिवार तालिबान के निशाने पर है। पाक की खुफिया एजेंसियों ने पाक सरकार को अलर्ट किया है कि कुछ तालिबान समर्थक सरबजीत व उनके परिवार को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। यही वजह है कि रविवार को सरबजीत के परिवार के पाकिस्तान पहुंचते ही उन्हें कड़ी सुरक्षा दी गई। उन्हें विशेष कमांडो की निगरानी में रखा गया है।

बचने की उम्मीद कम: डॉक्टर
सरबजीत के सिर के बड़े हिस्से में खतरनाक चोट है। उनके दिमाग में 3 सेंटीमीटर खून का थक्का जम गया है। ऐसी हालत में जल्द से जल्द उनकी सर्जरी जरूरी है ताकि खून के थक्कों को अलग किया जा सके। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी सेहत में किसी तरह का सुधार नहीं हो रहा है। वह अभी भी डीप कोमा में हैं और ऐसी हालत में उनकी सर्जरी मुमकिन नहीं है।
भारत में कराओ इलाज: परिवार
सरबजीत सिंह के परिवार ने उनका इलाज भारत में कराने की मांग की है। बहन दलबीर कौर ने पाकिस्तान में सरबजीत की जान को खतरा बताया। उन्होंने भारत सरकार से अपने भाई को बचा लेने की अपील की। दलबीर कौर ने आरोप लगाया कि उनके भाई पर हमले की साजिश में कोट लखपत जेल प्रशासन की मिलीभगत है। दलबीर ने कहा कि जेल में सरबजीत से दो लोग मिलने आए थे। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि जेल में सरबजीत से कौन लोग मिलने आए थे, इस बात की जांच कराई जाए।

सरबजीत से मिला परिवार
सरबजीत की पत्नी सुखप्रीत कौर, बेटियां पूनम और स्वप्नदीप कौर तथा बहन दलबीर कौर रविवार को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के बाद वाघा बॉर्डर से सड़क मार्ग के जरिए लाहौर के जिन्ना अस्पताल पहुंचे। अचेत हालत में सरबजीत को देखकर परिवार की आंखें नम हो गईं। शनिवार को दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने सरबजीत सिंह के परिवार के चार सदस्यों को 15 दिन के लिए वीजा दिया था। सरबजीत के परिवार को 10 से 15 मिनट कर अस्पताल में रहने दिया गया। हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि सरबजीत का परिवार 24 घंटे जब चाहे उनसे मिल सकता है।

जान से मारने की साजिश थी: रिपोर्ट
जेल में सरबजीत पर हमला एक सोची समझी साजिश थी। आमेर आफताब और मुदस्सर ने सरबजीत की जान लेने के मकसद से उन पर हमला किया था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि वे सरबजीत की हत्या कर 1990 के लाहौर ब्लास्ट का बदला लेना चाहते थे। इसके लिए हमलावर कैदियों ने चम्मच को धारदार बनाकर उसे चाकू की तरह इस्तेमाल किया और साथ ही जेल में ईंटों को इकट्ठा किया। कबूलनामे पर जांच रिपोर्ट तैयार की गई है।
फांसी की सजा का सामना कर रहे हैं सरबजीत
सरबजीत सिंह पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों के आरोप में फांसी की सजा का सामना कर रहे हैं। 2012 में सरबजीत की रिहाई की हल्की सी उम्मीद जगी थी। तब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के सरबजीत की फांसी की सजा माफ करने और उन्हें रिहाई की खबर आई थी, लेकिन यह रात होते-होते गलत साबित हो गई थी। पाकिस्तान ने तब सरबजीत नहीं सुरजीत सिंह को रिहा किया था।
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शनिवार, 27 अप्रैल 2013

हेलीकॉप्टर, कार की तलाशी लिए जाने से भड़कीं मायावती


बैंगलूरू
यूपी की पूर्व मुख्‍यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती के हेलीकॉप्‍टर और कार की तलाशी ली गई है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए गईं मायावती के हेलीकॉप्टर व कार की तलाशी लिए जाने से वे बेहद खफा हैं। उनका कहना है कि दलित होने के कारण उनके हेलीकॉप्टर व कार की तलाशी ली गई। मालूम हो, कर्नाटक के गुलबर्ग में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मायावती के कार व हेलीकॉप्टर की तलाशी ली। दरअसल, मायावती शनिवार को कर्नाटक के गुलबर्ग इलाके में चुनाव प्रचार के लिए गई थी, लेकिन चुनाव आयोग के निर्देश पर मायावती के कार व हेलीकॉप्टर की तलाशी ली गई। मायावती ने जोर देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने कभी राहुल गांधी व सोनिया गांधी की तलाश क्यों नहीं ली, जबकि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वे दोनों भी चुनाव प्रचार के लिए यहां पहुंचे थे। गौरतलब है कि कर्नाटक में 5 मई को विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावी जंग जीतने के लिए बसपा भी जोर-आजमाइश कर रही है। 
बीएसपी सुप्रीमो मायावती के लिए कर्नाटक में चुनाव प्रचार मुश्किल साबित हो रहा है। गुलबर्गा में मायावती की कार और उनके हेलीकॉप्टर की चुनाव आयोग के निर्देश पर तलाशी ली गई। इस तरह की  कार्रवाई पर बसपा प्रमुख ने कड़ा ऐतराज किया है। मायावती ने पूछा है कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी की ऐसी तलाशी क्यों नहीं की जाती है? उनका कहना है कि दलित होने की वजह से उनके साथ ऐसा हुआ है। कर्नाटक के मुख्‍य चुनाव अधिकारी अनिल कुमार झा के मुताबिक मायावती की चुनावी रैली से रुपये मिले हैं। ये रुपये कहां से आए हैं और कुल रकम कितनी है, इसकी जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक मायावती के काफिले में दो बार चेकिंग हुई। चुनाव आयोग के दस्‍ते ने मायावती की उस समय तलाशी ली जब उनका हेलिकॉप्‍टर जेवारगी में उतरा। मायावती के बैग की जांच हुई जिससे एक लाख रुपये कैश मिले हैं। इसके बाद मायावती जैसे ही रैली को संबोधित करने मंच पर पहुंची, आयोग के दस्‍ते ने उनके कार की तलाशी ली।
 दूसरी तरफ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार की दौलत बीते पांच सालों में चार गुनी हो गई है। लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी पत्नी से कर्ज लेना पड़ा है। हुबली से पांचवीं बार चुनाव लड़ रहे शेट्टार के हलफनामे के मुताबिक उन पर 18.97 लाख का कर्ज है। उन्हें 7.51 लाख रुपये तो अपने परिवार और 4.5 लाख रुपये अपने भाई को लौटाने हैं। शेट्टार ने अपनी पत्नी से 6.96 लाख रुपये का कर्ज लिया हुआ है।  
 शेट्टार के पास मौजूद संपत्ती की कीमत में बीते पांच सालों में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। 2008 में जहां शेट्टार के पास 99.42 लाख रुपये की संपत्ति थी। वहीं, यह अब चार गुना से भी ज्यादा बढ़कर 4.44 करोड़ रुपये हो गई है। शेट्टार के पास 2008 में 78 लाख रुपये कीमत की अचल संपत्ति थी जो अब बढ़कर 3.64 करोड़ रुपये की हो गई है। शेट्टार परिवार के पास अब कोई कार नहीं है और परिवार के पास 1,310 ग्राम सोना है जो पांच सालों में बढ़ा नहीं है। मुख्यमंत्री के पास हुबली के नजदीक चावरगुड्डा में खेती लायक तीन एकड़ जमीन के 20 फीसदी हिस्से का मालिकाना हक है। शेट्टार के पास दो प्लॉट भी हैं। हुबली के केशवपुर में 1,383 वर्गफुट और बेंगलुरु के आरटी नगर में  3,991 वर्गफुट के प्लॉट भी उनके नाम हैं। शेट्टार के पास हुबली में दो घर हैं जिनका कुल एरिया 11,780 वर्ग फुट और कीमत एक करोड़ रुपये है। शेट्टार की चल संपत्ति भी पांच सालों में बढ़ गई है। 2008 में कर्नाटक के सीएम के पास 20.64 लाख रुपये की चल संपत्ति थी जो अब बढ़कर 80.47 लाख रुपये हो गई है।
 शेट्टार की पत्नी की भी दौलत पांच सालों में दोगुनी हो गई है। 2008 में शेट्टार की पत्नी के पास 21.06 लाख रुपये की संपत्ति थी और यह अब बढ़कर 43.18 लाख हो गई है। कर्नाटक में 5 मई को विधानसभा चुनाव के तहत वोटिंग होगी।
 

एक मां की प्रार्थना



कविता

कितनी खुश थी मैं,
अपनी भावी ख़ुशी को लेकर।
कितने नाम सोचे थे मैंने,
अपने अजन्मे बच्चे के।
लड़का होगा तो ये नाम रखूंगी,
लड़की पर ये नाम खूब फबेगा।
पर ...एक ही  क्षण में,
काफूर हो गई खुशियां मेरी।
अखबार की बर्बर सुर्खियों ने,
छीन ली मुझसे मेरी वो ख़ुशी,
जो अब तलक पूरी पाई भी न थी।
किस किस्म का दरिंदा है,
 आज का  इंसान।
कैसे कहूं इंसान उसे,
इस कदर हैवानियत, दरिंदगी
पाश्विकता...
नहीं ये तो पशु भी नहीं...
ईश्वर गर तेरी बनी दुनिया में,
यही हश्र है बेटियों का।
तो अब कन्या भ्रूण हत्या की,
नई परिभाषा लिखी जाएगी।
पहले दहेज दानव से बचने को,
मारी जाती थी बेटियां।
अब इज्जत के हवाले संहारी जाएंगी,
और हां भगवन्-
 पुरुष मानसिकता,
गर यूं तब्दील होगी हैवानियत में।
तो कौन मां पूत चाहेगी?
हे तारनहार...
गर मेरी बिटिया पर-                                        
उठनी हो एक भी वीभत्स निगाह
तो कृपा करना...
मुझे बिटिया न देना। 
और जो मेरा पूत डाले,
ऐसी घिनौनी निगाह किसी बेटी पर,
तो भगवान मुझे बेटा भी न देना। 
मुझे बांझ ही रखना भगवन्
मुझे बांझ ही रखना...


- पूजा भाटिया प्रीत, इंदौर

सरबजीत के परिवार को मिला पाक का वीजा, कल होगा रवाना



अमृतसर।पाकिस्तान में हमले के बाद जिंदगी और मौत से जूझ रहे सरबजीत को करीब से देखने के लिए बेचैन उसके परिवार के लिए पाकिस्तान का वीजा मिलना राहत की खबर बन कर आया है। उनके वीजा लगे पासपोर्ट दिल्ली से अमृतसर पहुंचाए जाएंगे। माना जा रहा है कि सरबजीत का परिवार कल ही पाकिस्तान के लिए रवाना हो जाएगा, ताकि उसका हाल करीब से जान सके। उम्मीद है कि परिवार के पाकिस्तान पहुंचने के बाद सरबजीत की हालत की और पुख्ता जानकारी सामने आ सकेगी।
पाकिस्तान में मृत्युदंड की सजा का सामना कर रहे भारतीय कैदी सरबजीत सिंह साथी कैदियों के हमले में बुरी तरह जख्मी होकर कोमा की स्थिति में हैं। उन्हें लेकर उनके पारिवारिक सदस्य बेहद चिंतित हैं। परिजनों ने उनकी देखभाल के लिए तुरंत पाकिस्तान जाने की इच्छा जताई थी।
परिवार की चिंता देख सरबजीत के परिवार को पाकिस्तान जाने का वीजा मिल गया। उन्हें वीजा के लिए दिल्ली नहीं आना होगा, अमृतसर में ही परिवार को वीजा दे दिया जाएगा। परिवार कल पाकिस्तान रवाना होगा। इसी के साथ परिवार के एक सदस्य को अस्पताल में रहने की भी इजाजत मिली है।
पंजाब में सरबजीत के परिवार वालों ने शनिवार को कहा कि वे सरबजीत की देखरेख के लिए तत्काल पाकिस्तान जाना चाहते हैं। सरबजीत की बहन दलबीर कौर, पत्नी और दो बेटियां पैतृक कस्बे भीखीविंड से शनिवार सुबह अमृतसर पहुंचीं।
सरबजीत की रिहाई के अभियान की अगुवाई कर रहीं दलबीर कौर ने कहा कि हम इस मुश्किल घड़ी में सरबजीत के पास होना चाहते हैं। हमें यह भी नहीं पता कि इस समय उनकी हालत कैसी है। हमें केवल मीडिया और उनके वकील के जरिए जानकारी मिल रही है।
सरबजीत का परिवार शुक्रवार की शाम उनके बुरी तरह जख्मी होने की खबर सुनकर घबरा गया। गौरतलब है कि कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत पर साथी कैदियों ने शुक्रवार को हमला कर दिया था। जिसमें वह बुरी तरह जख्मी हो गए थे। सरबजीत को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सरबजीत पर हमले का कारण अभी अज्ञात है। डॉक्टर उनकी जिंदगी बचाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों के शनिवार को सरबजीत से मिलने की उम्मीद है।
दलबीर कौर ने आरोप लगाया कि सरबजीत पर हुआ हमला पूरी तरह सुनियोजित है। उन्होंने कहा कि कुछ कैदी उन्हें धमका रहे थे। यह एक षडयंत्र है, उन पर जानबूझकर हमला किया गया है। उन्हें सुरक्षा क्यों प्रदान नहीं की गई। मैं तत्काल पाकिस्तान जाना चाहती हूं।
उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार ने जरूरी कदम उठाए होते तो यह हमला नहीं हुआ होता। मैंने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और विदेश राज्य मंत्री परिनीत कौर और अन्य को पत्र के जरिए अवगत कराया था कि सरबजीत पर हमला हो सकता है। लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया और सरबजीत पर हमले की घटना हुई है।
पाकिस्तान के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता और सरबजीत की रिहाई के लिए उच्चस्तर पर प्रयासरत अंसार बर्नी ने कहा कि हमला 'संदिग्ध' लगता है। बर्नी ने कराची में मीडिया को दिए बयान में कहा कि हमला संदिग्ध लगता है। कोई इस घटना के पीछे हो सकता है। सरबजीत को जहां रखा गया था वहां ईंट या अन्य सामान नहीं पहुंच सकता है। इसकी पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए।
नई दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि भारतीय उच्चायोग ने सभी जरूरी चिकित्सा सेवा और अन्य सहयोग मुहैया कराने के लिए पाकिस्तान सरकार से अपील की है। पाकिस्तानी अदालत ने सरबजीत को लाहौर और मुल्तान बम विस्फोटों का कसूरवार ठहराते हुए 1990 में फांसी की सजा सुनाई थी। लाहौर और मुल्तान में हुए विस्फोटों में 14 लोग मारे गए थे।
वहीं सरबजीत के परिवार ने दावा किया कि वह गलती से 1990 में पाकिस्तान की सरहद में चला गया था और वहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वह पूरी तरह निर्दोष है। लेकिन पाकिस्तानी पुलिस ने दावा किया कि सरबजीत सिंह, जो कि पाकिस्तान में मंजीत सिह के तौर पर जाना जाता है, आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त था। 

सरबजीत के सिर से लगातार बह रहा खून, ब्रेन हेमरेज का खतरा

पाकिस्‍तान की कोट लखपत जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। वह डीप कोमा में चले गए हैं। उनके सिर पर गंभीर चोट है और चेहरा काफी सूजा हुआ है। उनकी सर्जरी करने की सख्‍त जरूरत है, लेकिन कोमा से बाहर आए बिना डॉक्‍टर सर्जरी नहीं कर सकते। इस समय उन्‍हें वेंटीलेटर पर रखा गया है। फांसी की सजा पाए सरबजीत पर शुक्रवार को जेल में ही कैदियों ने जानलेवा हमला कर दिया था। 
लाहौर क्षेत्र के डीआईजी (जेल) मलिक मुबाशर खान पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी इस्‍लामाबाद से सरबजीत के पास पहुंच गए हैं। सरबजीत की बहल दलबीर कौर भी वहां जाना चाह रही हैं। उन्‍होंने कहा कि मैंने सभी से कहा था कि वह सुरक्षित नहीं है। सरबजीत पर हमला पहले से सुनयोजित था। उसे मारने की कोशिश की जा रही है। उन्‍होंने कहा, 'हम आज ही पाकिस्‍तान जाना चाहते हैं। हमें आज ही वीजा मिलना चाहिए।' वह काफी सदमे में हैं और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई है। अमृतसर में उनका इलाज चल रहा है।
सरबजीत पर हमले से उनकी पत्नी सुखप्रीत कौर और बेटी पूनमदीप कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। पूनमदीप ने कहा है कि सरकार ने मेरे पिता के समुचित इलाज कराने की व्यवस्था नहीं कि तो मैं आत्मदाह कर लूंगी। सुखप्रीत का कहना है कि उनके पति पर साजिश के तहत हमला किया गया है।

लाहौर की कोट लखपत जेल में साथी कैदियों के हमले में घायल भारतीय नागरिकसरबजीत सिंह कोमा में हैं और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली [वेंटिलेटर] पर रखा गया है। उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। डाक्टरों के मुताबिक वह डीप कोमा में है और उसकी हालत में सुधार होने के बाद ही उसका ऑपरेशन किया जा सकता है। इसी बीच पाकिस्तान उच्चायोग ने सरबजीत के संबंधियों को पाकिस्तान जाने के लिए वीजा मुहैया करा दिया है। सूचना है कि रविवार को सरबजीत की बहन और बेटी पाकिस्तान जाएगी तथा उसका देखभाल करेगी। सरबजीत पर हमले के संबंध में दो कैदियों अमर आफताब और मुद्दसर पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। हत्या के दोषी दोनों कैदी फांसी पाने की कतार में हैं। इन लोगों ने कुछ दिन पहले भी सरबजीत पर हमले की कोशिश की थी।
49 वर्षीय सरबजीत को लाहौर के जिन्ना अस्पताल मेंआइसीयू में रखा गया है। पुलिस और खुफिया अधिकारियों को उनकी सुरक्षा में तैनात किया गया है। शुक्रवार को छह कैदियों ने बैरक में सरबजीत कोबेरहमी से पीटा था। उनके सिर पर ईट से जबकि गले और पेट पर ब्लेड और घी के टीन के टुकड़ों से वार किया गया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सरबजीत गहरे कोमा में है। शुक्रवार को अत्याधिक रक्तस्त्राव और सिर पर लगी गंभीर चोटों के कारण डॉक्टर उनकी सर्जरी नहीं कर पाए थे। अब जब तक सरबजीत की हालत स्थिर नहीं हो जाती डॉक्टर कोई सर्जरी नहीं कर सकते।
जिन्ना अस्पताल के सूत्रों ने कहा, 'ग्लैसगो कोमा स्केल (जीसीएस) पर सरबजीत की स्थिति पांच मापी गई है।' जीसीएस किसी व्यक्ति के तंत्रिका तंत्र को पहुंचे नुकसान की जानकारी देता है।'
पाकिस्तानी समाचार चैनलों ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सरबजीत के लिए अगले 24 घंटे काफी अहम हैं। भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारियों को जिन्ना अस्पताल में शनिवार सुबह सरबजीत को देखने की इजाजत दी गई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, 'इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के दो अधिकारी शनिवार दोपहर दो बजे अस्पताल में सरबजीत से मिलने पहुंचे।' समाचार चैनलों की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय चिकित्सकों की एक टीम उपचार में सहायता के लिए पाकिस्तान का दौरा कर सकती है। हमले में घायल होने के बाद सरबजीत को पहले जेल के अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन हालत बिगड़ने पर जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पंजाब प्रांत के जेल उपाधीक्षक मलिक मुबाशिर को हमले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह हमले में जेल अधिकारियों की मिलीभगत की भी जांच करेंगे। सूत्रों के मुताबिक अक्सर दूसरे कैदी सरबजीत को परेशान करते थे। अजमल कसाब और अफजल गुरु की फांसी के बाद सरबजीत को कड़ी सुरक्षा में रखा गया था। सरबजीत को 1990 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए धमाकों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी। इन धमाकों में 14 लोगों की जान गई थी। उनकी ताजा दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है।
(समाचार : साभार)

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

संतों पर चला मोदी के मंत्र का जादू



हरिद्वार । योगगुरु बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ में आयोजित गैर राजनीतिक कार्यक्रम का गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को एजेंडा ही बदल दिया। मंच पर मौजूद संतों के चरण वंदन से शुरू हुए उनके भाषण ने जल्द ही हमलावर रुख अख्तियार कर लिया। दिल्ली के शहंशाहों को ललकारने वाले अंदाज में उन्होंने कहा, विचारों में भिन्नता को क्या दमन के जरिये दबाया जाता है-क्या अलग विचारों वाले लोगों पर जुल्म किया जाता है? लेकिन दिल्ली की सरकार यह करती है। अपने गुजरात की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा, वहां जिसने हमें वोट दिया, जिसने नहीं दिया और जिसने वोट नहीं डाला, सबके साथ समान व्यवहार होता है। 12 साल से वहां दंगा-फसाद न होना, सभी के साथ समान व्यवहार का उदाहरण है।
मोदी ने कहा, उनकी सरकार सर्वे भवंतु सुखिना.. के सिद्धांत पर काम कर रही है जिसमें सभी के कल्याण की परिकल्पना है। वह हिंदू भवंतु सुखिना..की बात नहीं करती। गुजरात का विकास के पीछे मैं [मोदी] नहीं हूं बल्कि छह करोड़ गुजरातियों का पुरुषार्थ है। जब छह करोड़ गुजराती अपने प्रदेश को बदल सकते हैं तो 125 करोड़ की आबादी वाला भारत देश दुनिया के सामने उदाहरण क्यों नहीं पेश कर सकता? मोदी ने कहा हमें अपनी कमजोरियों पर विजय पानी होगी। महान भारतीय संस्कृति को ताकत बनाना होगा। सोच आशावादी रखनी होगी।
दो साल पहले स्वामी रामदेव के काला धन के खिलाफ आंदोलन के दौरान दिल्ली के रामलीला मैदान में पुलिस की कार्रवाई को जुल्म की संज्ञा देते हुए मोदी ने हरियाणा की महिला शशिबाला का जिक्र किया। कहा, बुरी तरह से घायल उस महिला की मौत क्यों हुई? उन्होंने क्या गलत किया था ? बाबा रामदेव क्या गलत कर रहे हैं, जो उनके खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश का संत समाज ही है जिसने कभी किसी से कुछ लिया नहीं बल्कि सभी को कुछ दिया ही है। देश के कल्याण का सपना देखा है। इस सिलसिले में उन्होंने केरल के गुरु नारायण स्वामी, श्री अरविंद और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण दिया। संतों से मुखातिब मोदी ने कहा कि वह किसी पद के लिए आशीर्वाद नहीं चाहते। वह आशीर्वाद चाहते हैं केवल इस बात के लिए कि उनसे कुछ गलत न हो। वह मिली जिम्मेदारियों का अच्छी तरीके से पूरा कर सकें और भारत माता को वहां ले जा सकें-जहां के वह काबिल है।
इससे पहले बाबा रामदेव, संत मोरारी बापू सहित कई संतों ने मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में संत चिदानंद मुनिजी महाराज, विजय कौशल जी महाराज समेत कई बड़े संत शामिल हुए।

मोदी बोले मुझे आशीर्वाद किसी पद के लिये न दें

 हरिद्वार में स्थित पतंजलि योग पीठ में गुजरात के मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर देश को नई दिशा दिखाने के प्रयास किये। हमने मोदी को भारत मां के सपूत कहकर इसलिये संबोधित किया है, क्‍योंकि मोदी के भाषण के ठीक पहले अभिभावन में उन्‍हें यही संज्ञा दी गई।
मोदी के भाषण से पहले मोदी ने संस्‍था के स्‍कूल का उद्घाटन किया और पुस्‍तक का विमोचन किया। साथ ही मोदी के लिये दिये गये अभिभाषण में कार्यक्रम संचालक ने कहा कि भारत मां के इस सपूत को देश की बागडोर सौंपने का समय आ गया है। असुरों के साम्राज्‍य का अंत करने का वक्त आ गया है। देश के हर बेरोजगार युवक को मोदी में एक महीहा दिखाई देता है। 125 करोड़ भारतवासियों को आपसे बहुत अपेक्षाएं हैं।
देश के करोड़ों लोगों का प्‍यार वंश परंपरा या राजनीतिक डोर से नहीं मिला है। यह आपकी मेहनत ही है, जो लोग आपको इतना प्रेम करते हैं। आपके द्वारा राष्‍ट्र का नवनिर्माण हो, भारत पुन: विश्‍व की पुन: आध्‍यात्‍म एवं शक्ति बने, देश को सामाजिक न्‍याय मिले, राष्‍ट्र से अन्‍याय समाप्‍त हो, ऐसी शुभकामनाओं सहित आपको यह अभिनंदन पत्र प्रेषित कर रहे हैं।
नरेंद्र मोदी का भाषण-
महापुरुषों के बीच खड़े होकर कुछ कहने की नौबत आये, तो कहने वाले का हाल कैसा होगा आप भलिभां‍ति समझ सकते हैं। ईश्‍वर ने जबसे मुझे दुनिया को जानने समझने का अवसर दिया, तब से जितने भी कुंभ के मेले हुए, उन सबमें मैं उपस्थित था। और कभी यह भी सौभाग्‍य मिला था, कि पूरे समय मैं कुंभ मेले में रहा। लेकिन इस बार का पहला कुंभ का मेला ऐसा था, जिसमें मैं पहुंच नहीं पाया। मन में एक कसक एक पीड़ा थी। उसी कसक के साथ मैं आया था और आज यह अवसर मिला, तो वो कसक मिट सी गई है।
हमारे देश में किसी के लिये कुछ भी कह देना, यह एक स्‍वभाव सा बन गया है लोगों का। इसलिये पता नहीं किस-किस के लिये क्‍या-क्‍या कहा गया। मैं मीडिया वाले मित्रों की हाजरी में कहना चाहूंगा कि गुजरात में किसी ने मुख्‍यमंत्री के पास आकर के कभी किसी ने कोई मांग नहीं की। इसलिये मैं आज जिम्‍मेदारी के साथ, कहना चाहता हूं, कि मेरे बारह साल के कार्यकाल में मुझे एक भी संत महात्‍मा ऐसा नहीं मिला, जिसने सरकार से कुछ मांगा हो।
संतों की शक्ति
संतों की शक्ति ऐसे ऐनक का निर्माण करें, कि ऐसे लोगों को कुछ दिखाई दे। और उस अर्थ में उनकी वाणी का सामर्थ, हजारों गुना बढ़ जाता है। उन्‍होंने जो मर्यादा रेखाएं तय की होती हैं, उस मर्यादा रेखा के बाहर जाने का साहस कोई नहीं कर पाता है, क्‍योंकि यह उनकी साधना की वजह से ऐसा होता है। मैं बाबा रामदेव को सालों से जानता हूं, जब वो साईकिल पर घूमते थे और छोटी सी पुडि़या से निकाल कर काजू देते थे, वो भी याद है।
आप कल्‍पना कर सकते हैं, कि प्रति दिन डेढ़-दो लाख लोगों को स्‍वस्‍थ्‍य रहने के लिये प्रेरित करते रहें। ऐसा व्‍यक्ति शायद ही कोई होगा। अगर बाबा रामदेव जैसे लोग दुनिया के किसी और देश में होते, तो न जाने कितने विश्‍वविद्यालयों ने उन पर पीएचडी कर डाली होती। मैं गीनिज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड वालों से कहना चाहता हूं, कि क्‍या आपने कभी इस रिकॉर्ड पर ध्‍यान दिया। टीवी, रेडियो के माध्‍यम से नहीं बल्कि रूबरू होकर लोगों से बात की होगी, ऐसा रिकॉर्ड दुनिया में कहीं नहीं। यह हमारा दुर्भाग्‍य है, कि हम लोग हमारे देश के सामर्थ की चर्चा कभी करते ही नहीं।
भारत को जगत गुरु बनाना है
आप ने कभी कल्‍पना की है, कि कुंभ मेले में किनते संतों-महात्‍माओं के डेरे बस जाते हैं। वहां करोड़ों लोग आते हैं और दो-दो तीन-तीन महीने तक बिना किसी आमंत्रण के करोड़ों लोग पहुंचते हैं। न कभी हत्‍या न कभी लूटपाट और न कभी झगड़ा। क्‍या किसी मैनेजमैंट गुरु ने सोचा है कि ऐसा कैसे संभव हुआ। हमें अपने सामर्थ का परिचय करने की आदत खत्‍म हो गई है। मैं भी एक हिन्‍दुस्‍तान के छोटे बच्‍चे होने के नाते, उन महापुरुषों का अभिनंदन करता हूं।
श्री अरविंद ने कहा था कि मुझे विश्‍वास है कि मेरी भारत माता, आजाद तो होगी, साथ में विश्‍व कल्‍याणक होगी। स्‍वामी विवेकानंद के सपनों को कौन पूरा करेगा। क्‍या इस देश के एक-एक बच्‍चे का दायित्व नहीं है, कि जिस स्‍वामी विवेकानंद ने कहा था कि मेरी भारत माता जगत गुरु के स्‍वामिव में विराजमान है।
पूरा विश्‍व यह मानता है कि यह ज्ञान की सदी है। जब-जब मानव जाति ने ज्ञान में प्रवेश किया है, तो भारत ने ही उसका नेतृत्‍व किया। उस दिशा में हमें नागरिक होने के नाते, हम जहां भी हों, जैसे भी हों, उस कर्तव्‍य का पालन करने के लिये तत्‍पर रहना चाहिये।
अभी-अभी नवरा्त्रि का पर्व संपन्‍न हुआ। दुनिया कहती है कि लोग कहते हैं कि मोदी कितनी प्‍लानिंग के साथ आगे बढ़ रहे हैं। लेकिन क्‍या कहें, खैर मेरी इच्‍छा होती थी, कि मां काली के दर्शन करूं, बेलूर मठ में जाऊं। हाल ही में मैं मां काली के और बेलूर मठ गया और संतों के बीच गया। बाद में सूचना आयी कि केरल से सूचना आयी और वहां नारायण गुरु की भूमि के दर्शन का निमंत्रण आया।
बाबा रामदेव और मैं सगे भाई
मैं जब छोटा था, तब कई सवाल किये जाते थे, हमें भ्रमित किया जाता था। मुझे लगता है कि बाबा रामदेव देश को कपाल भां‍ति की ओर खीच ले गये, लेकिन जिन लोगों के कपाल में भ्रांतियां हैं, वो अलग-थलग पड़ जाते हैं। मुझे विश्‍वास है कि एक दिन यही कपाल भां‍ति सभी भ्रांतियों को मिटायेगी। जब मैं छोटा था, तब एक साधारण परिवार से था। मैंने कभी कार तक नहीं देखी थी। तब मैं कुछ नहीं करता था, तो लोग कहते थे, कुछ करते क्‍यों नहीं, आज जब कुछ करता हूं, तो लोग कहते हैं आप क्‍यों कर रहे हैं। मैं बाबा रामदेव के लिये कहना चाहूंगा कि उन्‍होंने बिना स्‍वार्थ देश की सेवा की। हरिद्वार में किसी की जेब में अगर पैसा नहीं हो तो वो यहां भूखा नहीं रह सकता। उन्‍हें खिलाने वाले कौन हैं? यही संत हैं, जो उन्‍हें खाये बगैर जाने नहीं देते। उन्‍हीं संतों के लिये कोई सोचता तक नहीं।
मैंने बाबा रामदेव से पूछा कि चारों तरफ से जब यातनाएं आती हैं, तो कैसे झेलते हैं। क्‍या नहीं बीती उन पर? आपको जो नहीं पसंद है वह बोलना क्‍या गुनाह है? बाबा पर जो गुजरी उसके लिये मैं एक सवाल पूछ रहा हूं। यह सवाल मोदी नहीं, देश पूछ रहा है कि देश की भलाई के लिये जुल्‍म सहने वाली माता राज बाला पूछ रही हैं, दिल्‍ली में बैठे शासकों ने क्‍यों जुल्‍म ढहाये। कुछ लोगों को लगता था, दबंग के दौर से दुनिया को दबोच सकते हैं। लोग कान खोल कर सुन लें, अंग्रेजी हुकूमत किसी को दबोच नहीं पायीं, तो आप लोग क्‍या हैं। आप लोग चीज क्‍या हैं, एक बार निकलो तो सही। जनता को जवाब नहीं दे पाओगे।
बाबा रामदेव ने देश का भ्रमण किया और देखा कि देश किन परिस्थितियों से जूझ रहा है। तब वो देश के लिये खड़े हुए। रामदेव कहते हैं, हम दोनों सगे भाई हैं। क्‍योंकि जितने जुल्‍म मेरे ऊपर हुए उतने आप पर भी होते हैं। मैं सूची बनाता हूं कि बाबा पर जितने जुल्‍म हुए तो मेरी बारी कब आयेगी। क्‍या शासन का यही काम है। आप बीमारियों की दवाएं खोज रहे हैं, और ये संत बीमारी को जड़ से मिटाने के उपाये बता रहे हैं, लेकिन आप को समझ नहीं रहे। इनकी बात को नकारने से काम नहीं चलेगा।
1947 में पैदा नहीं हुआ भारत
एक वर्ग यह मानता है कि हिन्‍दुस्‍तान का जन्‍म 15वीं सदी में हुआ, जो लोग यह मानते हैं कि हिन्‍दुस्‍तान का जन्‍म 1947 में हुआ, वो लोग गलत राह पर चल रहे हैं। इतिहास वही समाज बना सकता है, जो इतिहास में से प्राण शक्ति निकाल सकता है। खुद को इतिहास से अलग करने के प्रयास करते हैं। शास्‍त्रों की विरासत को हम पुराणपंथी कहकर उसे गाली देते हैं। तब जाकर स्‍वस्‍थ्‍य समाज के निर्माण में रुकावटें आती हैं। ज्‍वाइंट फैमिली खम हो रही हैं, हम माइक्रो फैमिली की ओर बढ़ चुके हैं, बच्‍चे आया के भरोसे पल रहे हैं। याद की जिये हमारी समाज व्‍यवस्‍था क्‍या थी। जो निकम्‍मी व्‍यवस्‍था है उसे उखाड़ फेंकिये।
मैं कहना चाहता हूं कि हम ही लोग इतने भाग्‍यशाली हैं कि हमारा समाज इतना जागृत है, कि जिस कारण जब जब कमियां आयीं, तब तब इसी समाज से तेजस्‍वी महापुरुषों ने जन्‍म लिया। जब अस्‍पृश्‍यता की बात चल रही थी, तब गांधी आये और सबको एक समान कहा। जब हम पूजा-पाठ कर रहे थे, तब स्‍वामी विवेकानंद आये और उन्‍होंने कहा भगवान की नहीं भारत मां की पूजा करो। अब सारी शक्तियों को एक करके आगे बढ़ने का समय है। ऐसा करने पर भारत मां को जगत गुरु बनने से कोई नहीं रोक पायेगा।
गुजरात में 12 साल से दंगे नहीं हुए
मैं आशावादी व्‍यक्ति हूं, विश्‍वास मेरी रगों में दौड़ता है, मेरा पसीना विकास मंत्र से पुलकित होता है। गुजरात के अनुभवों से कहता हूं, कि निराश होने का कोई कारण नहीं। जब गुजरा में भूकंप आया तो सबने कहा गुजरात मौत की चादर में लिपट गया, इसका अध्‍याय समाप्‍त हो गया। गुजरात के लिये अच्‍छा चाहने वाले भी दुखी थे। उसी गुजरात ने दिखा दिया। सारा विश्‍व कहता है, विश्‍व बैंक कहता है भयानक भूकंप से उबरने में समृद्ध देशों को भी 7 साल लगते हैं। लेकिन गुजरात 3 साल के भीतर दौड़ने लगा। आज जो विश्‍व भर में गुजरात के विकास की चर्चा हो रही है, संतोष का जो भाव उत्‍पन्‍न हो रहा है। उसका कारण नरेंद्र मोदी नहीं हैं, नहीं हैं, नहीं हैं, उसके कारण सिर्फ छह करोड़ गुजराती हैं। उन्‍हीं का पुरुषार्थ है।
कुछ लोग हमारे इरादों पर शक करते हैं। मैं उन सबको कहना चाहता हूं, मैं उन संस्‍कारों में पला हूं, जो कहता है सर्वे सुखिना संतु... सबके कल्‍याण की बात हम करते हैं। हमारे पूर्वजों ने यही मैनीफेस्‍टो दिया है।
2002 में जब मैं चुनाव जीता था, तब कई लोग बेहोश हो गये थे, वो आज तक बेहोश हैं। तब मैंने कहा था अब चुनाव समाप्‍त हो चुके हैं, तूतू मैं मैं का दौर खत्‍म हो चुका है, हम सबको मिलकर गुजरात को आगे बढ़ाना है। मैंने कहा था जिन्‍होंने हमें वोट दिया, वो भी मेरे हैं, जिन्‍होंने मुझे वोट नही दिया और या किसी को वोट नहीं दिया, वो भी मेरे हैं। इन संतों की शिक्षा दी‍क्षा रही है, कि उस माहौल में मैंने कहा था, अभयम। 12 साल हो गये हैं। लोग गुजरात में आये दिन निर्वस्‍त्र होकर मौत के घाट उतार दिया जाता है। आज दंगों का नामों निशान नहीं बचा है।
मुझे आशीर्वाद किसी पद के लिये नहीं चाहिये
आज मुझे एक सम्‍मान पत्र दिया गया। मैं अपने आप से पूछता हूं, क्‍या मैं इसके योग्‍य हूं। मेरी आत्‍मा कहती है, मैं इसके लिये कतई योग्‍य नहीं हूं। लेकिन संत मन से मां के रूप होते हैं। संतों के भीतर एक मां का विराट रूप स्थित होता है। जो संतों के करीब जाता है, उसे ही यह महसूस होता है। मुझे लगता है मेरी दौड़ कुछ कम पड़ रही है। मुझे लगता है, अभी भी मुझे कुछ कमियां हैं। और संतों ने आज एक अलग ढंग से इंगित किया है। बेटे ये सब तुम्‍हें अभी पूरा करना बाकी है। यह सम्‍मान पत्र नहीं, यह आदेश पत्र है। मेरे लिये यह प्रेरणा पुष्‍प है। यह मुझे हर पल कमियों से मुक्ति देने की ताकत दे। मैं संतों से खुले आम कहता हूं, कि मुझे संतों से आशीर्वाद नहीं चाहिये, जो किसी पद के लिये हो। हम उसके लिये पैदा नहीं हए। मुझे संतों से आशीर्वाद चाहिये कि मैं कभी कुछ गलत न करूं। मेरे हाथों से कुछ गलत नहीं हो जाये। मेरे हाथों से किसी का बुरा न हो जाये। संत मुझे वो आशीर्वाद दें। गंगा मैया मुझे वो सामर्थ दें। आप सब जनताजनार्दन ईश्‍वर का रूप होता है। मैं ईश्‍वर के चरणों में नमन करता हूं और साथ ही 125 नागरिकों की तरह हम भी कभी भी किसी का बुरा नहीं करें, किसी के लिये बुरा नहीं सोचें, जो महान कार्यों के लिये यज्ञ चल रहे हैं। वो सफल हों। हम सब मिलकर स्‍वामी विवेकानंद के सपनों को पूरा करें।
मैं इसी मनोकामना के साथ अपनी वाणी को विराम देता हूं। भारत माता की जय। 
आइए देखते हैं कि मोदी ने क्या कहा -
  • पीड़ितों के आंसू पोछना हमारी परंपरा है
  • जिन्होंने चुनाव में मुझे वोट नहीं दिया वो भी मेरे हैं
  • राज करना हमारी परंपरा नहीं
  • मेरी दौड़ कुछ कम पड़ रही है
  • मेरे हाथों से कुछ बुरा न हो, गंगा मैया मुझे सामर्थ दें
  • 12 साल से गुजरात में दंगे नहीं हुए
  • मैं सिर्फ हिंदुओं का नेता नहीं, मैं सबका हूं
  • स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत बनाएं
  • बच्चे आया के भरोसे चल रहे हैं
  • हम अपनी संस्कृति से दूर जा रहे हैं
  • हमारी पुरानी व्यवस्था बेहतर थी
  • क्या लोकतंत्र में अपने विचार रखना गुनाह है
  • मैं बहुत आशावादी व्यक्ति हूं
  • भारत फिर से जगतगुरू बन सकता है
  • विवेकानंद ने देश में ऊर्जा फूंकी
  • 2001 में भूकंप के बाद संभल गया गुजरात
  • भूकंप के बाद 3 साल में दौड़ने लगा था गुजरात
  • गुजरात की आज दुनिया में चर्चा
  • गुजरात ने दिखा दिया आज उसमें दम है
  • संस्कारों ने मुझे एक मंत्र सिखाया है
  • मेरा मंत्र है...सभी सुखी हों
  • सवा सौ करोड़ लोगों को लेना होगा संकल्प
  • मेरी कोई प्लानिंग नहीं है
  • मुधे पता है लोग बात बनाएंगे
  • मैं बहुत छोटे से गांव में पैदा हुआ
  • कपालभाति कपाल की भ्रांति खत्म करेगा
  • दिल्ली की सरकार राजबाला की गुनहगार
  • जनता को जवाब देना होगा
  • दमन से किसी को दबाया नहीं जा सकता
  • राष्ट्र का स्वास्थ्य ज्यादा खराब
  • बाबा रामदेव पर बहुत कुछ बीती है
  • बाबा रामदेव ने क्या गुनाह किया था
  • बीमारियों को दूर करने का काम संत कर रहे हैं
  • रामदेव कहते हैं हम दोनों भाई हैं
  • और हम लोगों के साथ गुनाह हो रहा है
  • देश अपना सामर्थ्य खो चुका है
  • भारत विश्व का सबसे युवा देश
  • 21वीं सदी ज्ञान की सदी
  • 21वीं सदी हिंदुस्तान की सदी
  • हम अपना स्वाभिमान खो चुके हैं
  • लोगों से सीधा संवाद बनाने का रिकॉर्ड
  • रामदेव का मैनेजमैंट गजब का है
  • बाबा रामदेव को बहुत पहले से जानता हूं
  • जब साइकिल से चलते थे तब से जानता हूं
  • संतों के बीच बोलने का साहस चाहिए
  • बाबा रामदेव ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है
  • संतों ने सरकार से कभी कुछ नहीं मांगा
  • संतों के बीच बैठना सौभाग्य - मोदी
  • मैं कुंभ के हर मेले में गया लेकिन इस बार नहीं जा पाया
  • इस बार न जा पाने का दुख
  • कुंभ में न जाने की कसक है
  • देश के निर्माण में संतों की अहम भूमिका

पाकिस्‍तान: सरबजीत पर हमला, ICU में भर्ती



लाहौर. पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत सिंह पर शुक्रवार को पांच कैदियों ने हमला कर दिया। हमले में गंभीर तौर पर घायल हुए सरबजीत को लाहौर के जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरबजीत के सिर पर गंभीर चोट लगी है। सरबजीत अस्पताल के आईसीयू में हैं यहां उनका सीटी स्कैन और उसके बाद सर्जरी की गई। सरबजीत को पाकिस्तान की जेल में अक्सर दूसरे कैदी परेशान करते थे। पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह पर जेल में अन्‍य कैदियों ने हमला कर दिया. हमले में घायल सरबजीत को लाहौर के जिन्‍ना अस्‍पताल में आईसीयू में भर्ती कराया गया है. सरबजीत के सिर में चोट लगी है और उसकी हालत नाजुक है.
स्थानीय टेलीविजन चैनलों के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि सरबजीत को सरकारी जिन्ना अस्पताल में भर्ती कराया गया. कोट लखपत जेल में एक कैदी ने सरबजीत पर हमला किया.
खबर है कि भारतीय कैदी पर उस वक्त हमला किया गया जब उसे एक सेल से दूसरे सेल में ले जाया जा रहा था. सरबजीत के सिर में चोट लगी और शुरू में उसे जेल के भीतर बने अस्पताल में भर्ती कराया गया.
हालत ज्यादा खराब होने पर सरबजीत को एंबुलेंस के जरिए जिन्ना अस्पताल ले जाया गया.
उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कजाकिस्तान में कहा कि भारत ने कूटनीतिक पहुंच की मांग की है. वह विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के साथ एक सम्मेलन में हिस्सा लेने कजाकिस्तान गए हैं. अकबरुद्दीन ने कहा, ‘भारत ने तथ्यों का पता लगाने के लिए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है.
कूटनीतिक पहुंच के लिए दो अधिकारियों को लाहौर भेजा गया है और हम जवाब का इंतजार कर रहे हैं. हम वहां के विदेश मंत्रालय और राष्ट्रपति कार्यालय के संपर्क में हैं.’ सिंह के वकील ओवैस शेख ने कहा, ‘यह बहुत परेशान करने वाला है. यह ऐसा नहीं है जिसे हम नजरअंदाज कर सकें. निश्चित तौर पर इसके बहुत गंभीर परिणाम होंगे.’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ भी हुआ है, उसके लिए हमारे जेल अधिकारी जिम्मेदार हैं.
उम्मीद करते हैं कि खुदा सरबजीत को बचाएगा. उसे गंभीर चोट लगी है.’ कोट लखपत जेल में फिलहाल 17,000 कैदी बंद हैं, जबकि इसकी आधिकारिक क्षमता महज 4,000 की है. संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद सरबजीत की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 1990 में हुए बम विस्फोटों के मामले में सरबजीत को मौत की सजा सुनाई गई है. इन विस्फोटों में 14 लोग मारे गए थे.
सरबजीत की दया याचिकाओं को परवेज मुशर्रफ और अदालतों ने खारिज कर दिया था. हाल ही में अपना कार्यकाल पूरा करने वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व की सरकार ने साल 2008 में सरबजीत की फांसी को अनिश्चितकाल के स्थगित कर दिया था. सरबजीत के परिवार का कहना है कि सरबजीत गलत पहचान का शिकार बना है.

बुधवार, 24 अप्रैल 2013

लखनऊ से चुनाव लड़ेंगे नरेंद्र मोदी?



नई दिल्ली लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी में अब इस बात पर विचार हो रहा है कि नरेंद्र मोदी को गुजरात से बाहर लाकर यूपी में चुनाव लड़वाया जाए। इस रणनीति को बनाने वाले बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो भले ही 'हिंदुत्व' का नाम न लिया जाए, लेकिन 'हिंदुत्व' की ऐसी लहर आ सकती है, जिससे बीजेपी को इस राज्य में बड़ा फायदा मिल सकता है। यही नहीं, पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि कुछ नेताओं को चुनाव न लड़ाया जाए, ताकि वे चुनावी मैनेजमेंट पर फोकस कर सकें।

बीजेपी सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से मोदी को लेकर देश भर में चर्चा है, उसे देखते हुए पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि उन्हें गुजरात से बाहर लाकर यूपी के लखनऊ में चुनाव लड़वाया जाए। अगर ऐसा होता है तो इससे पार्टी ही नहीं बल्कि मोदी की भी राष्ट्रीय छवि बनेगी। अब तक मोदी को लेकर देशभर में उत्साह है, लेकिन कई लोगों का मानना है कि वह गुजरात के नेता हैं और उनकी राष्ट्रीय छवि पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में अगर उन्हें लखनऊ से चुनाव लड़वाया जाता है तो न सिर्फ वह राष्ट्रीय नेता की तरह सामने आएंगे बल्कि पार्टी को भी इसका लाभ मिलेगा।

यूपी है चाबी
बीजेपी मानती है कि यूपी ही देश की सत्ता की चाबी है। हालांकि, युवा चेहरे के रूप में वह वरुण गांधी को सुलतानपुर से उतारने की कोशिश में है। उसे लगता है कि मोदी को लाकर इस राज्य में वह न सिर्फ अपने कैडर को मजबूत करने में कामयाब रहेगी, बल्कि वोटरों को भी पहले की तरह रीझा सकेगी। यूपी में लोकसभा की 80 सीटें हैं लेकिन इनमें से कुछ को छोड़कर बाकी में बीजेपी उतनी ताकतवर नहीं है, जितनी किसी जमाने में हुआ करती थी। एसपी और बीएसपी के सामने फिलहाल वह कमजोर है, लेकिन अगर मोदी आते हैं तो एक बार फिर राज्य में बिना कहे 'हिंदुत्व' की लहर आ सकती है, जिससे बीजेपी को फायदा होगा। बीजेपी के कई उत्साही नेताओं का तो यहां तक दावा है कि अगर मोदी आते हैं तो यूपी से ही 50 सीटें बीजेपी को मिल सकती हैं।

संदेश भी
बीजेपी के कुछ नेताओं का मानना है कि अगर मोदी लखनऊ से लड़ते हैं तो पार्टी इससे कई संदेश दे पाएगी। बीजेपी से अब तक बने एकमात्र प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी लखनऊ से ही चुनाव लड़ते रहे हैं। ऐसे में बीजेपी इशारों में ही कह सकती है कि मोदी लखनऊ के जरिए वाजपेयी की राह पर हैं।

दूसरों पर भी नजर
हालांकि लालकृष्ण आडवाणी ने खुद ही गुजरात से चुनाव लड़ने की बात कह दी है लेकिन पार्टी में यह भी सुगबुगाहट है कि मोदी के साथ संबंधों को देखते हुए हो सकता है कि आडवाणी, गुजरात की जगह भोपाल या किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ें।

छेड़छाड़ के लिए महिलाएं खुद जिम्मेदार: सत्यदेव कटारे



भोपाल। देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों के लिए मध्य प्रदेश के एक कांग्रेसी नेता ने महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश में कांग्रेस के महामंत्री सत्यदेव कटारे ने मंगलवार को भिंड में एक जनसभा के दौरान कहा कि महिलाओं के साथ छेड़खानी तभी होती है, जब वह मुस्करा कर टेढ़ी नजर से किसी को देखती हैं।
सत्यदेव कटारे के इस बयान का कई संगठनों ने विरोध किया है। जिस समय कांग्रेसी नेता ने यह बेतुका बयान दिया उस समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कांति लाल भूरिया और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह भी वहीं मौजूद थे। हालांकि सत्यदेव के बयान पर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है।

मोहनखेड़ा में राहुल ने दी कांग्रेससियों को नसीहत


मोहनखेड़ा। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को मोहनखेड़ा में मध्यप्रदेश की 14 लोकसभा क्षेत्रों के 2785 नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के साथ 6 घंटे सीधे संवाद किया। सीधे सवाल-जवाब के माध्यम से उन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं का मन टटोला बल्कि जमीनी हकीकत को भी जाना। बड़े नेताओं की गुटबाजी और एक मंच पर न आने की शिकायत जहां हर जिले के कार्यकर्ताओं ने की तो राहुल ने भी माना कि गुटबाजी बड़े नेताओं में नहीं कांग्रेस के सिस्टम में आ गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कांग्रेस जमीन है और कार्यकर्ता उसकी घास, उसे सींचने आया हूं। विधानसभा चुनाव में टिकिट वितरण को लेकर राहुल बोले, दिसंबर में चुनाव है, मेरी इच्छा है, जून से शुरुआत हो और जुलाई तक टिकिट बंट जाए। राहुल ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश के 7 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि चुनने के लिए दावेदारों के नाम 7 नेता तय करते हों, लेकिन मैं आपकी भागीदारी बढ़ाने आया हूं। आगे से बंद कमरे में नहीं आपकी सहमति या जानकारी में ही फैसले होंगे।
संसदीय क्षेत्रवार राहुल से चर्चा
धार-रतलाम
कक्ष में आते ही राहुल ने प्रदेशाध्यक्ष को नहीं देखा तो उन्हें बुलाया। श्री भूरिया ने आते ही राहुल गांधी के आने का कारण बताते हुए उद्बोधन दिया। राहुल बोले कांग्रेस जमीन है और कार्यकर्ता उसकी घास। इसे ही सींचने आया हूं।
डॉ. राजेश शर्मा- संगठन में लोग पद ले लेते हैं, आंदोलनों में आते नहीं। संगठन को शक्तियां दी जाएं। प्रदेश के बड़े नेताओं में गुटबाजी कम हो।
राहुल- गुटबाजी बड़े नेताओं में नहीं कांग्रेस के सिस्टम में आ गई है। टिकिट वितरण को लेकर मेरी इच्छा और सोच है दिसंबर में चुनाव है तो जुलाई में टिकिट बांट दिए जाएंगे।
सुरेश जैन- नेता पैराशूट से न उतरें।
राहुल- हमारी कोशिश है ग्रास रूट से तैयार करें।
अब राहुल ने सवाल किया- आपको क्या लगता है कांग्रेस के हारने के क्या कारण, क्या कमजोरी है और भाजपा क्यों जीतती है? बताएं नेता और जनता में दूरियां क्यों बढ़ी?
राहुल फिर बोले- एक उदाहरण बताता हूं, एक सांसद पर आरोप थे, वे अपने यहां दूसरे किसी नेता को चुनाव नहीं जितने देते थे। मैंने उनके सभी समर्थकों को टिकट दिए। सभी हार गए। विरोधी को विरोधी ही मारता है। जो गुटबाजी करेगा, उसका ट्रीटमेंट होगा।
अन्य पदाधिकारी- भाजपा में संगठन काम करता है। संघ प्रचारक बिना स्वार्थ के घूमते हैं। किसी को टिकट मिला भी तो कटने वाले का भी समाधान होता है। कांग्रेस में विजन विथ मिशन हो। नेता या दावेदार पैराशूट से न आए।
राधेश्याम मुवेल- आप यूपी से 25 प्रतिशत समय भी हमें देंगे तो पार्टी जीतेगी। अभी यूथ कांग्रेस के जो पदाधिकारी जीते उन्हें दो साल में एक बार भी आपसे मिलने का मौका नहीं मिला। इसी महीने उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है।
अदिति दवेसर - सांसदों के क्षेत्र कुछ समय के लिए बदले जाएं, जिससे ज्यादा अनुभव होगा।
उमंग सिंघार- गुट कभी खत्म नहीं होंगे, जिसे टिकिट नहीं मिले, उसे बीजेपी की तरह संगठन में एडजस्ट किया जाए।
राहुल- ठीक है।
पदाधिकारी- आरटीई में मुख्यमंत्री अपना फोटो लगाकर केंद्र की योजना का लाभ खुद ले रहे हैं?
राहुल- बात सुनकर आगे बढ़ गए।
(सवाल करने वालों में रतलाम से सुरेश जैन, दिनेश भूरिया सहित अन्य लोग शामिल थे)
खरगोन-खंडवा : 7 करोड़ जनता के उम्मीदवार सात लोग तय नहीं करेंगे
कक्ष में आते ही राहुल ने नमस्कार किया तो सभी ने ताली बजाई। राहुल बोले मैं आपसे सीधे बात करने आया हूं। संगठन को लेकर जो भी बात रखना चाहे, शिकायत हो तो खुलकर बताएं, किसी से डरने की जरूरत नहीं।
प्रकाश जैन, पानसेमल- दिल्ली में सरकार है, किसानों को कृषि जमीन पर ज्यादा लोन मिले, निमाड़ अंचल में रेल लाइन नहीं है?
राहुल- सरकार का मुद्दा है, आप संगठन की बात रखे। इस पर सरकार स्तर पर चर्चा करेंगे।
बोंदरसिंह मंडलोई- जो बड़े नेता है, उनमें मनमुटाव और आपसी बयानबाजी बंद हो। जीतने वाले को टिकट मिले, हारे हुए रिपिट न हो।
राहुल- जो टिकट बंटवारा होता है, वह अब तक अलग सिस्टम है। एमपी में 7 करोड़ लोगों के प्रतिनिधि का चयन (उम्मीदवार) 7 लोग करते है, वह भी बंद कमरे में। मैं आपकी आवाज को मजबूत करना चाहता हूं। आपकी भागीदारी बढ़ाना चाहता हूं। अब फैसला सात लोग नहीं करेंगे। जो भी तय होगा, आपके माध्यम से या आपकी जानकारी में होगा। हम प्रदेश में सरकार आप लोगों के बदौलत ही बनाएंगे।
बोंदरसिंह- किसी नेता को सीएम प्रोजेक्ट किया जाए।
राहुल- हम आप लोगों के भरोसे ही जीतेंगे, किसी व्यक्ति से नहीं।
नफीस मंशा खान- अल्पसंख्यकों की भागीदारी सत्ता में है न संगठन में। कांग्रेस को यह वर्ग वोट देता है, लेकिन कांग्रेस परवाह नहीं करती। सांसद अरूण यादव ने दो प्रोजेक्ट इस वर्ग के लिए दिए लेकिन दिल्ली में बैठे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को यहां आने की फुर्सत नहीं है। आप संगठन का चाबुक चलाए।
राहुल- गर्दन हिलाकर आगे बढ़े।
प्रितीसिंह- राजीव गांधी की बात शुरू कर रो पड़ी। फिर बोली मैं पार्टी के लिए इतना करती हूं, फिर भी काम वालों का आकलन नहीं किया जाता? सही आकलन हो।
राहुल- तुम्हें प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष बना दे तो पहले दो काम कौन से करोगी?
प्रितिसिंह- मैं काम करने वालों को टिकट दूंगी... फिर चुप हो गई।
मैं छत्तीसगढ़ से आपका स्वागत करती हूं
खंडवा-खरगोन के बीच सत्र में एक महिला खड़ी हुई और बोली मैं आपका छत्तीसगढ़ की ओर से स्वागत करती हूं। राहुल चौंके फिर पूछा यह तो एमपी है और उसके भी दो क्षेत्रों की बात हो रही है, आप कहां से है। महिला ने प्रदेश के किसी जिले का नाम बताया। बाद में उसने प्रदेश में महिलाओं को अधिक टिकट देने की मांग की।
उज्जैन-इंदौर : आंध्रप्रदेश का व्यक्ति आपकी रिपोर्ट कैसे देगा?
राहुल- संगठन के आदमी को चुनाव नहीं लडऩा चाहिए क्या?
पदाधिकारी- सभी ने हां में सिर हिलाया। कहां, उसे समय कम मिलता है। सरकार आए तो उसे महत्व दिया जाए।
राजेंद्र भारती- चुनाव लडऩे से पहले उसका रिपोर्ट कार्ड कौन बनाएगा?
राहुल गांधी- आप बताए किसे बनाना चाहिए। आपके बेटे का नाम क्या है?
भारती- अक्षय भारती।
राहुल-उसे आपका रिपोर्ट कार्ड देना होगा तो कैसी रिपोर्ट बनाएगा?
भारती- अच्छा ही बनाएगा।
राहुल- आंध्रप्रदेश का आदमी आपके यहां आकर रिपोर्ट कार्ड बनाएगा तो कैसी रिपोर्ट बनाएगा। इसीलिए संगठन होता है।
कविता शुक्ला- संगठन टिकट देने के बाद पूछता भी नहीं है, क्या करोगे? उसे अकेला छोड़ दिया जाता है। कांग्रेस नेता मंच से बीजेपी के बढ़े नेताओं के खिलाफ क्यों नहीं बोलते?
राहुल- ध्यान से सुनने के बाद आगे बढ़े।
सलीम मंसूरी- अल्पसंख्यक नेताओं के कार्यक्रम में बड़े नेता नहीं आते?
विनय बाकलीवाल- व्यापारियों को जोड़ा जाए। इंदौर में मैं अकेला एक एसोसिएशन का अध्यक्ष हूं।
निशा चौहान- ज्यादा से ज्यादा टिकिट महिलाओं को दिए जाए।
राहुल- आप इतनी गरमी में आए। काम कीजिए। टिकट को लेकर क्या सोचते है, जल्दी दिए जाने चाहिए?
पदाधिकारी- समय से पहले दे दिया तो पार्टी के ही नेता उसे उम्मीदवार भी नहीं रहने देंगे। जेब भी खाली हो जाएगी।
मोहनखेड़ा पहुंचते ही पहले किए तीर्थ दर्शन, धक्का-मुक्की के बीच मची अफरा-तफरी
राहुल गांधी को 9.30 बजे मोहनखेड़ा आना था और 10 बजे कार्यकर्ताओं से संवाद शुरू होना था। वे करीब एक घंटे देरी से आए। एसपीजी उन्हें सीधे आयोजन स्थल पर ले जा रही थी। उन्होंने गाड़ी रुकवाई। एक मिनिट तक गाड़ी में रुके और फिर नीचे उतर गए। करीब 100 मीटर तक वे प्रदेशाध्यक्ष भूरिया, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह के साथ ही मोहनखेड़ा धर्मस्थल के मुख्य मंदिर में पहुंचे। यहां उन्होंने राजेंद्रसुरिश्वरजी और पारसनाथ देव के दर्शन किए। टीका लगवा कर वापस निकले। भारी भीड़ और धक्का-मुक्की के बीच व्यवस्थाएं धरी रह गई। मंदिर के बाहर रखे गमले टूटे और कई कार्यकर्ताओं को धकेला भी गया। खूद हरिप्रसाद इससे नाराज नजर आए।
सिंधिया के लिए नारे, हरिप्रसाद की फटकार
केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जैसे ही आयोजन स्थल पर प्रवेश किया, तब से ही कार्यकर्ताओं को हुजूम उनके साथ था। जब राहुल गांधी आए तो उनके सामने भी राहुल जी के प्यारे है, श्रीमंत सिंधिया हमारे है...के खूब नारे लगे। राहुल के मंदिर दर्शन के दौरान भी इन समर्थकों की नारेबाजी जारी रही। बाद में जब मुख्य संवाद स्थल पर भी यह शुरू हुआ तो प्रभारी श्री हरिप्रसाद ने फटकार लगाई कि जिसे नारे लगाना है वे बाहर हो जाए।
अटेंडेंस के बाद भी हुई गड़बड़, 50 प्रतिशत दूसरे कार्यकर्ता बैठे
कार्यकर्ताओं को फोटोयुक्त परिचय पत्र के बाद ही प्रवेश दिया गया। बावजूद समय पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा जिलाध्यक्षों, शहर अध्यक्षों को आईडी कार्ड न देने से सारी स्थिति बनी। पीसीसी भोपाल को भी इसका अंदेशा मंगलवार रात को ही लग गया था। इसी कारण करीब एक हजार खाली कार्ड भेजे गए। परिणाम यह हुआ कि नाम लिखकर ही कई कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों को प्रवेश मिल गया, जो बाद में राहुल की क्लास में भी शामिल हुए।
इंदौर शहर कांग्रेस के पदाधिकारी अमिताभ सिंघल इंदौर के बजाय उज्जैन के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक गए थे। इस पर जब उन्होंने अपना नाम इंदौर से बताया तो राहुल भी चौंके। बाद में वे इंदौर के ब्लॉक में बैठने लगे तो प्रदेश प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद ने उन्हें बाहर किया।
झलकियां : क्या कांति...व्यवस्था नहीं संभल रहीं
- दिग्विजयसिंह ने जैसे ही सभागृह में प्रवेश किया तो कई कार्यकर्ताओं ने पास की शिकायत की। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और व्यवस्थापकों को डपटा। इस बीच कांतिलाल भूरिया वहां आ गए तो सिंह ने कांति इतने बड़े आयोजन में व्यवस्थाएं नहीं संभल रहीं। राहुल जी आ गए और धार के कार्यकर्ताओं को ही पास नहीं मिले।
- राजगढ़ के सांसद नारायणसिंह अमलाने खुद अपने और कार्यकर्ताओं के पास के लिए भटकते रहे। उनका कहना था चार दिन पहले पीसीसी को कार्यकर्ताओं के फोटो दिए थे, फिर भी कार्ड नहीं मिले।
- कलेक्टर एस.बी.सिंह और एसपी राहुल के दौरे से शाम तक व्यवस्थाओं पर नजर रखे हुए थे। डीआईजी ने भी यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
- सुरक्षा इतनी सख्त थी कि सांसदों से लेकर बड़े नेताओं को भी चेकिंग से गुजरना पड़ा।
- दिग्विजय सिंह ने भी अपना पास रघु परमार से मंगवाया। बाद में सुरक्षाकर्मियों को दिखाने पर ही प्रवेश लिया।
- राहुल गांधी के संवाद कक्षों की कमान जीतू पटवारी, सी.पी. शेखर, रघु परमार ने संभाल रखी थी। वहीं सांसदों की व्यवस्था नरेंद्र सलूजा के पास थी।
- राहुल से संसदीय क्षेत्रों के संवाद के बीच बड़े नेताओं के पास खूब समय था। ऐसे में श्री सिंह ने निमाड़-मालवा सहित कई क्षेत्रों के पदाधिकारियों ने खूब फोटो खिंचवाएं।
- विधायक-सांसदों को पानी की बॉटल से लेकर गुटखे, पाउच तक नहीं जाने दिया। सेव-परमल भी कई ग्रामीण पदाधिकारी लाए थे, वे भी रखवा लिए गए।
- इंदौर सहित कई संसदीय क्षेत्रों के नेता राहुल के संवाद के तुरंत बाद ही लौट गए।
- राहुल को कांग्रेस परम्परानुसार सेवादल के 21 सदस्यों की ओर से गॉड ऑफ ऑनर दिया गया। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र जोशी, योगेश यादव, सच सलूजा भी शामिल थे।
पजामा केंद्र का, राज्य सरकार लगा रही नाड़ा- दिग्विजयसिंह
- श्री सिंह ने संवाददाताओं से यहां चर्चा में राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्री भ्रष्टाचार में डूबे है। लफ्फाजी और झूठी घोषणाएं करते है।
- प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ती घटनाओं को लेकर उन्होंने कहा मैं प्रदेश की सांसद और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज से पूछना चाहूंगा कि प्रदेश में आखिर इतने बलात्कार क्यों हो रहे है? मैं उनसे अपील करूंगा कि वे शिवराज के कान पकड़े और ठीक चलने के लिए कहे।
- राहुल गांधी के आयोजन पर उन्होंने कहा इससे उन जमीनी कार्यकर्ताओं को बल मिलेगा जो दिल्ली, भोपाल नहीं कर सकते। पार्टी में उर्जा और बढ़ेगी।
- एक रुपए किलो गेहूं और 2 रु.किलो चावल की योजना पर सिंह ने कहा केंद्र सरकार ने चावल के लिए ही 4 हजार करोड़ का अनुदान दिया है। राज्य सरकार केंद्र के पायजामे को नाड़ा लगाकर अपना बता रही है।
- प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी पर उन्होंने कहा कि हम 9 साल से एक जाजम पर है।

  सोर्स : दैनिक भास्कर डॉट कॉम से साभार। 

पैजामा केंद्र का और नाड़ा डाले मध्‍य प्रदेश सरकार: दिग्विजय

पैजामा केंद्र का और नाड़ा डाले मध्‍य प्रदेश सरकार: दिग्विजयधार (मप्र) : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एक रुपये किलो गेहूं और दो रुपये किलो चावल देने की घोषणा पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि पैजामा केंद्र सरकार का और नाड़ा डाले मध्य प्रदेश सरकार।

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे में शामिल होने धार के मोहनखेडा में आए सिंह ने बुधवार को संवाददाताओं से चर्चा करते हुए कहा कि एक किलो गेहूं में केद्र सरकार 18 रुपये का अनुदान देती है वहीं चावल में प्रति किलो 22 रुपये का अनुदान दिया जाता है। यह राज्य सरकार नहीं बताती। दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि गरीबों को सस्ती दर पर खाद्यान्न देने के लिए चार हजार करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। मात्र एक रुपये का अनुदान देकर राज्य सरकार वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है। यह तो वही हुआ पैजामा बनवाए केंद्र सरकार और उसमें नाड़ा डाले राज्य सरकार।

कांग्रेस के भीतर व्याप्त गुटबाजी पर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के नेता एक साथ और एकजुट होकर काम करना चाहते है। कहीं गुटबाजी नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी के दौरे से कार्यकर्ताओं में उत्साह है। इस प्रवास का कांग्रेस को लाभ होगा।
  सोर्स : http://zeenews.india.com

शनिवार, 20 अप्रैल 2013

पंगु प्रशासन, कानून, समाज या हम?

गलोर। उत्तर भारत में कल ही नवरात्र की पूजा का समापन हुआ है। इन दिनों हर घर में मां दुर्गा की पूरी श्रद्दा और लगन के साथ पूजा की गयी हैं। लोगों ने अपने घरों में कन्याओं को बैठकर खाना खिलाया है, उनके पैर धोये हैं लेकिन इन्हीं दिनों दिल्ली के गांधीनगर इलाके में एक राक्षस प्रवृत्ति के वहशी दरिंदे ने पांच साल की मासूम कन्या को अपनी हवस का शिकार बनाया है। उसके साथ कुकर्मी ने ऐसा हाल किया है जो कि शायद कोई दुश्मन भी किसी के साथ नहीं करेगा। अपनी जिंदगी और शरीर के साथ हुए इस घृणित काम के बारे में उस पांच साल की बच्ची को पता ही नहीं है कि किसी ने उसकी जिंदगी को दागदार कर दिया है।
लोगों ने हल्ला मचाया है, प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है, नारेबाजी शुरू हो गयी है और मीडिया कर्मियों ने अपना जमघट फैला लिया है। आज हर कोई गुडि़या के बलात्कार कीबात कर रहा है, मनोज गुप्ता जो कि इस घटना का मुख्य आरोपी है उसे गरिया रहा है। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा है कि आखिर यह अपराध हो क्यों रहे हैं? आखिर इसकी वजह क्या है?
16 दिसंबर की घटना के बाद हमारे देश और प्रशासन के कुछ लोगों ने पीड़ित की ही कमी निकाली थी, उसके बारे में कहा था कि वह इतनी रात को अपने प्रेमी के साथ दिल्ली की सड़कों पर क्यों घूम रही थी? वह प्राईवेट बस में क्यों बैठी? वगैरह वगैरह। लेकिन जिन लोगों ने यह बातें कही थी वो आज क्यों चुप है? आखिर पांच साल की बेटी तो ना किसी प्रेमी के साथ दिल्ली की सड़कों पर घूम रही थी और ना ही प्राईवेट बस की यात्रा कर रही थी। जिस बहशी दंरिदे ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया है, उसे तो वह शायद अंकल कहती थी तो क्या अंकल ऐसे होते हैं?
आज अगर हमारा कानून सख्त होता तो क्या मनोज गुप्ता और राम सिंह ( दिल्ली गैंग रेप का मुख्य आरोपी) जैसे लोग इस तरह का अपराध करने की कभी सोच पाते? अगर आज मनोज का अपराध सिद्ध हो जाता है तो उसे ज्यादा से ज्यादा 7 साल की सजा होगी। वो सात साल बाद जेल से बाहर आ जायेगा और शायद फिर से किसी और गुड़िया को अपनी बुरी नियत का शिकार बनायेगा।
वहीं दूसरी ओर अगर गुड़िया ठीक भी हो जाती है तो क्या उसके जहन से इस घटना का खौफ निकल पायेगा। वह कभी नार्मल जिंदगी जी पायेगी या यूं कहे कि उसे हमारा सामाज सकून से जीने देगा? है किसी के पास यह जवाब? जो लोग प्रदर्शन पर प्रदर्शन कर रहे हैं वो क्या इस बात का जवाब दे सकते हैं?
जो मीडिया कर्मी पल-पल गुड़िया रेप केस की बात-बात बताने और दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, क्या वह इस सवाल का जवाब दे सकते हैं? क्यों आज तक किसी की कलम से इन समस्याओं को सुलझाने के उपाय के बारे मेंचर्चा नहीं हुई। आज हर कोई इस घटना के लिेए दोषी कौन है कि बात कर रहा है क्यों नहीं इस सवाल का जवाब खोज रहा है कि ऐसी घटनाये जन्म क्यों लेती है? आखिर आज कोई हमें बतायेगा कि गुड़िया के दर्द का इलाज क्या है?..समझ में नहीं आता की पंगु प्रशासन है, कानून है कि हम हैं? दीजिये जवाब?



नयी दिल्‍ली (अंकुर कुमार श्रीवास्‍तव)। महज चार महीने पहले दिल्‍ली के 16 दिसंबर ने पूरे देश को खौला दिया था। फेसबु‍क, ट्विटर, अन्‍य सोशल नेटवर्किंग साइट और सड़क से लेकर संसद तक विरोध था। तब अपनी दिलदार दिल्‍ली के कमिश्नर साहब ने सामने आकर बड़ी-बड़ी डींगे हांकी थीं। लंबे-चौड़े वादे और दावे किए थे। पर नतीजा क्या निकला? सिर्फ तारीख बदली, तस्वीर नहीं। वो 16 दिसंबर की मासूम थी और ये 15 अप्रैल की गुड़िया (5 वर्षीय रेप पीडि़ता का काल्‍पनिक नाम) है। नाम अलग, तारीख अलग, जगह अलग पर जो एक जैसा है वो है दरिंदगी की कहानी और कमिश्नर साहब।
वैसे जो हम आपको बताने जा रहें हैं वो भूला नहीं जा सकता मगर फिर भी आगे की बात करने से पहले इसका जिक्र करना जरुरी है। 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्‍ली की सड़कों पर दरिंदगी का नंगा नाच हुआ था। पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में 6 लोगों ने सामूहिक बलात्‍कार किया और फिर उसके गुप्‍तांग में जंग लगी रॉड डाल दिया गया था। जिस्‍मानी प्‍यास बुझा लेने के बाद हैवानों ने छात्रा को नग्‍न अवस्‍था में चलती बस से फेंक दिया था। उसे इलाज के पहले सफदरगंज और फिर सिंगापुर भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई थी।
कमाल है ना कमिश्नर साहब! इस हादसे के बाद आपने दिल्‍ली और दिल्‍ली वालों के साथ क्‍या क्‍या वादे किये थे। गुस्‍से में ही सही कमीशनर साहब ने दिल्‍ली की पूरी फोर्स सड़क पर उतार दी थी। रात 12 बजे अफसरों को बिस्‍तर से जगाकर सड़के छनवाईं थी ताकि महिलाएं सुरक्षित रहें। मगर क्‍या इसी दिन के लिये? वाकई शर्म आती है कि जिस दिल्‍ली ने फकत 4 माह पहले गैंगरेप जैसा दर्द झेला हो उसी दिल्‍ली के सामने आपके तमाम दावों और वादों के बावजूद आज फिर वैसा ही जख्‍म है।
बार-बार इन जख्‍मों को झेलने से तो अच्‍छा होगा कि आप खुद ही माफी मांग लें और कह दें कि ''भैया! दिल्‍ली में महिलाओं की हिफाज़त हमारे बूते की बात नहीं है, लोग खुद ही अपने घरों की इज्‍जत की हिफाज़त करें''। कमिश्‍नर साहब इससे ये तो होगा कि हम आपके भरोसे नहीं बैठेंगे। बुरा तो लगेगा और बात चुभेगी भी पर आप ही देखिये कमिश्‍नर साहब शहर की खाकी अपनी आदतों के सामने बेकाबू है। वो अपनी साख बचाने के लिये थप्‍पड़ भी मार देती है। कमिश्‍नर साहब आपके जांबाजों का काम अब सिर्फ कमजरों को थप्‍पड़ मारना रह गया है।
आप खुद ही देख लीजिए आपके सुरमाओं के सामने आपकी दिल्‍ली में एक 5 साल की बच्‍ची को चार दिनों तक नोंचा गया। लिखने में कलम कांप जाती है पर आपको बताना जरुरी है कि उस मासूम के प्राइवेट पार्ट में 200ML की शीशी और मोमबत्‍ती डाल दी गई। जब इस बात की शिकायत करने उस मासूम का बाप आपके पुलिस के पास पहुंचा तो उसे मुंह बंद रखने के लिये बतौर रिश्‍वत 2000 रुपये दिया गया। हम कहेंगे तो आपको बुरा लगेगा पर ये बात खुद वो बाप कह रहा है जिसकी बेटी देश के सबसे बड़े अस्‍पताल के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
प्रदर्शन के दौरान किसी महिला ने पुलिस को चुडि़यां दिखाई तो आप गुस्‍से में आ गये। अब आप ही बताईए कि आपका एक जांबाज महिलाओं को थप्‍पड़ मार रहा है और एक मुंह बंद रखने के लिये रिश्‍वत दे रहा है तो ऐसे में उन्‍हें बहादुरी का मेडल पहनाया जायेगा? धन्‍य तो आप भी है जो मुखिया होने के बावजूद तमाशबीन बैठे हैं। आप ही देखिये कमिश्‍नर साहब 16 दिसंबर की रात वाली लड़की 13 दिन तक मौत से जूझती रही थी और फिर भगवान को प्‍यारी हो गई। उस दौरान देश अपने अंदर ही लड़ रहा था। अब फिर ये 5 साल की बच्‍ची उसी हैवानियत के चलते मौत से लड़ रही है। अगर उसे कुछ हो गया तो आप जिदंगी में कभी जीत नहीं पाएंगे क्‍योंकि 16 दिसंबर के बाद आपने बड़े-बड़े दावे किये थे। अब बस आप भी यही दुआ मांगें कि उस बच्‍ची को कुछ ना हो।
कहना गलत ना होगा कि तारीखें बदली है लेकिन सूरत वही है.. दर्दनाक माहौल है, सिसकते लोग, लोगों का खून खौल रहा है, मर्दानगी पर थूकने को दिल कर रहा है और दिल्ली पुलिस के पास अफसोस करने का ना तो वक्त है और ना ही जिगर.. वह बस खाकी पहन कर लोगों को डराने का काम कर रही है.. सवाल यह है कि क्या आज का कानून वाकई में अंधा है? कमिश्नर साहब... दामिनी और गुड़िया की गलती क्या है?
साभार :  http://hindi.oneindia.in

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2013

It's time for Family Drama ... !


India's Best Dramebaaz invites families to join their l'il dramebaazes in skits this Saturday

We are family - Gracy performs with her parents on the parents special.JPG  Rithvik ,Anurag da and Vivek Oberoi join Mehnaaz's grandfather in the bangra.JPG  Vivek dances with Mehnaaz's grandpa.JPG

 by- Rajkumar Soni
To make the top 12 dramebaazes feel completely "at home", Zee TV had the families of the young contestants of its kids' acting talent hunt show 'India's best Dramebaaz' join them on stage to present family skits and dramas that will be seen on Saturday, 20th April at 9 PM.

At the shoot of this family drama episode, judge Vivek Oberoi, realizing that he has a big fan in Mohali contestant Mehnaz Maan's grandfather, joined the senior Punjabi gentleman on stage for an energetic bhangra that had the audience cheering for more.

While Patna boy Abhishek Raj was in his element to see his family all around, his mother, who had barely if ever stepped out of their home, was on the verge of tears out of nervousness as she had huge stage fright and had never acted before in her life. When Abhishek's family skit was done, judge Sonali Bendre, who was touched by the efforts of the mother, lauded her saying, "It takes a mother to put aside her own inhibitions and come up on stage for the very first time and act for her son. She did this only for you, Abhishek. You should be very very proud of her! That was a very brave attempt and successfully executed" 

Judge Anurag Basu regaled the audience with an anecdote from his younger days. Anurag said, "Though the elders in my family were all exceptionally good singers, I found them most ineffective in terms of putting us to sleep as one would just want to keep listening to them sing their melodious lullabies rather than fall asleep. On the other hand, I am most effective in that department - as soon as I start croaking my lullaby, children instantly doze off!"

Watch all the family drama unfold on India's Best Dramebaaz on Saturday, 20th April at 9 PM, only on Zee TV.

Superhero fever hits India’s Best Dramebaaz with Iron Man as celebrity guest!


The Marvel Superhero makes his first pitstop in India

Ragini Khanna plants a kiss on Iron Man.JPG 
Hosts Rithvik Dhanjani and Ragini Khanna are all set to take off with Iron Man.JPG  Rithvik Dhanjani tries taking on Iron Man.JPG  

 by- Rajkumar Soni

It was Iron Man fever on the sets of Zee TV’s ‘India’s Best Dramebaaz’ as everyone,  right from the contestants to the judges, hosts and crew, clamored to get a glimpse of the Marvel superhero -Iron Man - who paid a visit to the li’l actors on TV’s cutest reality show! While the movie mascot was in town to promote the release of the much anticipated third chapter of the Iron Man franchise, excitement on the sets was obvious as the contestants were finally told the identity of the special guest on Sunday’s episode.
Iron Man dazzled the audience when he showcased his superpowers on stage. For the li’l contestants, the highlight of his visit was when he danced with all the contestants  and gave them a huge hug! All the contestants, especially Mehnaaz, Nihar and Sayuri were so caught up in their love for Iron Man that they followed him out of the studio when he left, little realizing that the shoot hadn’t ended yet!
“I am such a HUGE fan of superheroes! Whether it is Spiderman, Batman, Wolverine or Iron Man, I love them all!” says Vivek Oberoi, judge of India’s Best Dramebaaz. “As a kid, my dad would get me superhero comics from his trips abroad and I would devour them like my life depended on it. Iron Man is this wonderful self-made guy who uses his power and money to save the world! Watching the movies has only made me love his character more and I have been eagerly waiting for this third edition of the movie to see how his story progresses!”
The third installment of the much anticipated Iron Man series is set to release in theatres across India on Friday, April 26th. Fans can expect to watch the film not just in English but in Hindi, Tamil and Telugu as well as the movie is being released in all four languages. To give Iron Man buffs a complete the movie viewing experience, fans will be able to opt to watch the movie in 2D, 3D or Imax 3D.
This Sunday’s episode also has Sayuri playing the role of Hulkva (the Bihari version of ‘The Hulk’) who turnd into a prince when he finds his love in Nihar who is dressed as a young village belle. Nihar of course makes for an adorable young lass who captured the hearts of the audience and judges alike as he blushed so convincingly that the audience demanded an encore!

धीरेश कुकरेती के कार्टून




वापसी के लिए मेघना ने चुना कलर्स का मंच


अम्मा जी उर्फ  मेघना मलिक भारतीय टेलीविजन पर लौट आई हैं कलर्स के झलक दिखला जा के साथ - झलक दिखला जा के नए अवतार में प्रतिभागी के रूप में हो रही है वापसी अम्मा जी उर्फ मेघना मलिक कलर्स के जेडीजे से भारतीय टेलीविजन पर वापसी कर रही है। सौम्य और उत्कृष्ट मेघना प्रतिभागी के रूप में टेलीविजन पर वापसी कर रही हैं। यह वही मेघना है जो एनएआईडीएल में अम्मा जी के रूप में अपनी सराहनीय भूमिका के लिए जानी जाती हैं। हर प्रोजेक्ट को पूरे जुनून के साथ लेने वाली फिटनेस की शौकीन मेघना को धारावाहिक में डांसिंग के सूक्ष्म भेद जानने की आशा है मलिक चुनौती स्वीकार करने और कभी हार न मानने वाले दृष्टिकोण के लिए गजब का अभिनय करने के लिए जानी जाती है राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की यह स्नातक क्या अपनी प्रतिभा के साथ दूसरों को अपने अनुभव से सीखने का मौका देगी या वह माधुरी की अगली पसंदीदा साबित होंगी ? मेघना ने अपनी वापसी के लिए एक बार फिर कलर्स का मंच ही चुना हम सब यह जानकर रोमांचित हैं कि अम्मा जी नए अवतार में नजर आएंगी

यह मेरी जोधा नहीं है - एकता कपूर


एकता कपूर ने अपनी महान ऐतिहासिक कृति के लिए तोरल रासपुत्रा को ठुकरा दिया और जोधा के लिए परिधि शर्मा का चयन किया
जब अपने शो के लिए किसी पात्र के चयन की बात आती है तो भारतीय सोप्स की वरिष्ठ और प्रतिष्ठित सदस्य एकता कपूर के बारे में कई बार कहा जा चुका है कि वह बहुत हठी है। जी टीवी पर आने वाले अपनी महान ऐतिहासिक कृति जोधा अकबर में जोधा की भूमिका के लिए खुबसूरत परिधि शर्मा को चुनने से पहले वह आठ महिने तक पूरे देश मे भटक भटक कर कम से कम 7000 आडिशंस ले चुकी थी !
यहां एक दिलचस्प बात यह है कि जिन 7000 अभिलाषियों का जोध की भूमिका के लिए चयन किए जाने के लिए आडिशंस लिया गया उनमे एक ऐसा चेहरा था जिसने लगभग इस भूमिका के लिए अपने दावेदारी पक्की कर ली थी।  भीतरी सूत्र बताते है कि इस महत्वपूर्ण भूमिका के लिए तोरल रसपुत्रा ने भी ऑडिशंस दिया था और क्रिएटिव टीम उससे काफ ी प्रभावित भी हुई थी। फिर भी, एकता ने उस पर एक नजर डालते हुए कहा '' यह मेरी जोधा नहीं है !'
जोधा के बारे में एकता ने यह बताया कि '' मैं ऐसा चेहरा चाहती थी जिसमें भारतीय इतिहास की सबसे प्यारी राजपूत राजकुमारी की गरिमा और तेजस्वीपन मौजूद हो । मैने कहा थ कि जोधा कुछ ऐसी होनी चाहिए जिसकी आंखों से मानवता,सहजता, साहस और दृढ विष्वास झलकता हो।  परिधि में वह सब है जो मैने जोधा के लिए सोचा था। जब परिधि ने जोधा की दुल्हन की तरह ठाठ बाट में संज संवर कर अपने कुछ संवाद सुनाए तो मुझे पता चल गया कि यह भूमिका इसी के लिए है। !''
परिधि शर्मा कभी एकता के प्रोडक्षंस का एक हिस्सा हुआ करती थी लेकिन पहली बार वह  नायिका की भूमिका में दिखाई देगी। अपने चेहरे पर बडी सी मुस्कान लाते हुए परिधि कहती है कि '' जोधा की भूमिका पाकर ऐसा लगता है जैसे कि मेरा बरसों का सपना पूरा हो गया है। हकीकत तो यह है कि  जी टीवी जैसे लोकप्रिय चैनल पर यह एकता कपूर के प्रोडक्षन की मुख्य भूमिका है और सबसे बडी बात तो यह है कि इस भव्य ऐतिहासिक ड्रामा में में एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक भूमिका निभा रही हूं।इससे बढकर और क्या हो सकता है ? मैं जानती हूं कि इस भूमिका को लेकर अपेक्षाएं भी काफ ी 'यादा है जिसे पूरा करने जैसा कठिन काम मेरे आगे है....... लेकिन मैं जानती हूं कि मैं खूब परिश्रम करने का प्रयास करूंगी मेरा काम ही मेरी ताकत होगी ।''
इससे पहले भी जी टीवी ने झांसी की रानी जैसी ऐतिहासिक हस्ती की जीवनयात्रा को प्रस्तुत करने के अपने पिछले प्रयास में असाधारण सफलता हासिल की है। एकता के साथ चैनल की सहभागिता ने भी सफलता के कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसमे पवित्र रिश्ता जी टीवी का वह पहला धारावाहिक है जिसने तीन सालों तक लगातार प्रदर्शन का कीर्तिमान स्थापित कर 1000 से अधिक एपिसोड प्रस्तुत किए है ंऔर इसका यह सफर अभी भी जारी है। इससे भी बडी बात तो यह है कि इतने लम्बे समय से प्रसारित होते रहने के बावजूद रेटिंग लिस्ट में आज भी पवित्र रिश्ता सब पर राज कर रहा हैं । 

“That’s not my Jodha!” says Ekta Kapoor


Ekta Kapoor rejects Toral Rasputra and opts for Paridhi Sharma as Jodha in her historical magnum opus

 - by Rajkumar Soni



A lot has been said about how finicky the doyen of Indian soaps Ekta Kapoor is when it comes to the casting of her actors. She is said to have gone through as many as 7000 audition entries in the course of a nationwide hunt spanning 8 months before she gave her final nod of approval to the beautiful Paridhi Sharma to play Jodha in her historical magnum opus coming up on Zee TVJodha Akbar !

It is interesting to note here that there was one other prominent face amongst the 7000 aspiring Jodhas that had almost made the cut. Insiders reveal that Toral Rasputra had also auditioned for the coveted role and  the creative team was quite impressed with her. However, Ekta took one look at her and said, “That’s not my Jodha!”

For Jodha, Ekta reveals, “I wanted someone who possesses the radiance and dignity of the loveliest Rajput princess Indian history’s seen. I’m told Jodha was someone whose eyes conveyed humility, simplicity, courage and conviction. Paridhi embodies everything I had in mind for Jodha. When Paridhi stood there in Jodha’s bridal finery and delivered some of her lines, I knew the role belonged to her!”  

Paridhi Sharma has previously been a part of Ekta’s productions but this is her first role as a lead. With a big smile on her face, Paridhi said, “Landing Jodha’s role is a dream come true. To begin with, the fact that it’s a lead role in an Ekta Kapoor production … on a popular channel like Zee TV … add to that the fact that I’m playing a famous historical figure in a lavish period drama … Could I possibly ask for more?” She added, “I know the expectations are sky high and I have a tough task ahead….but I know I’ll strive hard, work my strengths to my advantage and deliver.”

Zee TV has tasted extraordinary success in its previous attempt of bringing alive the journey of a historical figure, with ‘Jhansi Ki Rani’. The channel’s partnership with Ekta has also been a gloriously successful one, what with Pavitra Rishta being the first serial on Zee TV that has recently completed a commendable run of 3 years and 1000 episodes, consistently ruling the ratings game.