बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

महाहड़ताल : भारत बंद हुआ उग्र, तोड़फोड़ और हिंसा


नई दिल्ली। महंगाई के विरोध में मजदूर संगठन, ट्रेड यूनियन और सरकारी कर्मचारियों की ओर से देशव्यापी बुलाई गई दो दिवसीय हड़ताल का राजधानी समेत देश के अन्य क्षेत्रों पर गहरा असर देखने को मिला है। हड़ताल ने केंद्र के साथ-साथ राज्यों में भी खलबली मचा दी है। कई शहरों में हड़ताल ने हिंसक रूप ले लिया है। कहीं गाड़ियों के शीशे तोड़े गए, कहीं दमकल की गाड़ियां जलाई गई, तो कहीं फायरिंग हुई। हरियाणा में तो हड़ताल के दौरान छिड़े विवाद में एक व्यक्ति की मौत तक हो गई। वहीं उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी नोएडा में जगह-जगह हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। लोग अलग-अलग तरीके से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करते नजर आए।
हरियाणा में एक की मौत
कर्मचारी यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल ने हरियाणा के अंबाला में एक व्यक्ति की जान ले ली। यहां रोडवेज की बसें नहीं चलने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंबाला में तड़के बसों को रोकने की कोशिश में एक कर्मचारी नेता बस की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। इससे नाराज कर्मियों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। स्थिति बुरी तरह से तनावपूर्ण बनी हुई है। गुस्साए कर्मचारियों ने पुलिस उपायुक्त अंबाला शहरी तथा बलदेव नगर थाना प्रभारी के वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
इसके साथ ही कर्मचारी संगठनों ने मृतक के परिवार को तीस लाख मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी, एसीपी, डीसीपी, डीआरओ और रोडवेज के जीएम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। अन्यथा दो घंटे बाद वे जीटी रोड जाम कर देंगे। इस बीच, आंदोलनकारियों ने राजपुरा में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है, जिससे पंजाब से आने वाली ट्रेनें रोक दी गई हैं। उधर, कैथल में प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया।
पानीपत, करनाल, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद और रोहतक समेत विभिन्न जगहों पर सरकारी दफ्तरों में कोई काम नहीं हुआ। कर्मचारी दफ्तरों के बाहर धरने पर बैठकर सरकार विरोधी नारे लगाते रहे। कैथल, जींद, झज्जर, कुरुक्षेत्र में रोडवेज की बसें बिल्कुल नहीं चलीं, जीटी रोड पर इक्का-दुक्का बसें जरूर दिखीं, लेकिन उनमें भी कोई खास भीड़ नहीं थी। पानीपत ने पंजाब नेशनल बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हुआ। हालांकि थर्मल में व्यापक असर दिखा। बैंकों में कामकाज नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है। बिजली कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हैं, लेकिन उन्होंने बिजली आपर्ति बाधित नहीं करने की घोषणा की है।
अंबाला शहर रोडवेज डिपो में सुबह करीब साढ़े चार बजे एक कर्मचारी नेता उस समय बसों की चपेट में आ गया जब वह डिपो से निकाली जा रही बसों को रोकने का प्रयास कर रहा था। रोडवेज में ड्राइवर नरेंद्र सिंह चढ्डा (55) कर्मचारी महासंघ से संबंधित रोडवेज यूनियन में अंबाला इकाई के कोषाध्यक्ष थे।
उत्तर प्रदेश में कई जगह हिंसा
उत्तर प्रदेश के नोएडा में कई जगहों से की तोड़फोड़, आगजनी की खबरें हैं। हड़ताल के पहले दिन ही नोएडा के सेक्टर 62 और 63 में कर्मचारियों ने सड़कें जाम कर दी। नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स एरिया में करीब 300 हड़ताली कर्मचारियों ने एक-दो कंपनियों के शीशे तोड़ दिए हैं। नोएडा के सेक्टर-63 में भी तोड़फोड़ की खबर है। प्रतक्षदर्शियों ने बताया कि इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालत इतने बेकाबू हो गए की पुलिस को स्थिति का सामना करने आना पड़ा।
उधर, हापुड़ में भी नगर विधायक गजराज सिंह के बेटे बॉबी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर हड़ताली इलाकों में जमकर फायरिंग की। पुलिस ने विधायक के बेटे बॉबी को छोड़ उसके पांच दोस्तों को हिरासत में ले लिया है।
पश्चिम बंगाल में व्यापक असर
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बंगाल में देखने को मिल रहा है। राजधानी कोलकाता में माकपा समर्थित ट्रेड यूनियनों के सदस्यों ने जगह-जगह प्रदर्शन किए। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों जबरन बंद कराते देखा गया।
दिल्ली में ऑटो व टैक्सी बंद
देश की राजधानी दिल्ली में ऑटो रिक्शा और टैक्सी बंद होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां भी अपनी मांगों के समर्थन में विभिन्न ट्रेड यूनियन के सदस्य सड़कों पर उतरे। कुछ जगहों से छिटपुट हिंसा की खबर है।
उधर, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में बंद का असर देखा जा रहा है। हालांकि पश्चिम भारत के महाराष्ट्र और गुजरात में बंद मिला-जुला असर देखा गया। मुंबई में लोकल और बस सेवा बिना किसी दिक्कत के जारी है। यहां टैक्सियां अन्य दिनों की उपेक्षा कम जरूर चल रही हैं।

देश भर की सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों द्वारा बुलाई गई दो दिन की हड़ताल का बैंक, डाक, फैक्ट्रियों और परिवहन पर व्यापक असर पड़ा। नोएडा में दो दिनी हड़ताल पहले ही दिन हिंसक हो गई।

प्रदर्शनकारियों ने सैकड़ों गाडियों समेत एक दमकल को आग लगा दी और बस में तोड़फोड़ की। हड़ताली कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में राजधानी समेत देश भर में प्रदर्शन किया है।

अंबाला में बस रोकने की कोशिश कर रहे एक ट्रेड यूनियन लीडर की कुचलने से मौत हो गई है। कोलकाता और मुंबई में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तोड़फोड़ की खबर है।

यूपी में बस से बीमा तक, सब ठप
दो दिनी हड़ताल के कारण उत्तर प्रदेश में बस से बीमा तक सभी ठप नजर आ रहे हैं। परिवहन निगम की सात हजार से अधिक बसों का चक्का जाम है। सिटी बसें भी नहीं चल रही है। बिजली कर्मचारियों ने हड़ताल का समर्थन किया है।

हड़ताल में बीमा, बैंक, परिवहन, डाक विभाग, सार्वजनिक उपक्रम, असंगठित मजदूर, आंगनबाडी़-मिड डे मील-जैसे संगठन भी शामिल हैं। हड़ताल के समर्थन में राजधानी लखनऊ में मंगलवार शाम को मशाल जुलूस भी निकाला गया था।

राजस्थान में जनजीवन प्रभावित

हड़ताल के कारण राजस्थान में राजधानी जयपुर तथा अन्य शहरों में परिवहन एवं बैंकिंग व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। दो दिन की हड़ताल के पहले दिन ही आज सुबह से ही बसें, मिनी बसें, ऑटो आदि के कम चलने से स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।

बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के हड़ताल पर होने से बैंकों में भी कामकाज पूरी तरह ठप है। हड़ताल के कारण राज्य में राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसें भी प्रभावित हुई जिससे जयपुर के केंद्रीय बस स्टैंड तथा अन्य जगहों पर यात्रियों को परेशानी हो रही हैं।

बंगाल में बंद का मिला जुलाअसर

पश्चिम बंगाल में हड़ताल का मिलाजुला असर है। पुलिस के मुताबिक, राज्य में किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। दो दिन की इस हड़ताल का विरोध करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल कहा था कि कि आम जनजीवन को सामान्य रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।

कुछ इलाकों में दुकानें बंद रहीं जबकि कुछ जगह खुली रहीं। ज्यादातर क्षेत्रों में सरकारी बसें चलती रही वहीं टैक्सी और निजी वाहन सडकों से नदारद रहे। ज्यादातर शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारी भी छुट्टी पर हैं। हालांकि रेल व मेट्रो सेवा पर बंद का कोई खासा असर नहीं दिखा।

हड़ताल में शामिल हैं ये संगठन

दो दिनी महाहड़ताल में अखिल भारतीय श्रमिक संघ कांग्रेस (एटक), केंद्रीय भारतीय श्रमिक संघ (सीटू) भारतीय मजदूर संघ, भारतीय श्रमिक संघ कांग्रेस (इटक) अखिल भारतीय संयुक्त श्रमिका संघ, हिंद मजदूर सभा, समेत 11 प्रमुख श्रमिक संगठन शामिल हैं।

ये संगठन अपनी पार्टियों की लाइन से अलग हटकर मंहगाई, श्रम कानूनों के क्रियावयन की दयनीय स्थिति, सार्वजनिक क्षेत्रों में विनिवेश और विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाए जाने जैसी जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताल को 2000 अन्य यूनियनो का भी समर्थन प्राप्त है और वे भी विरोध में शामिल हैं।

क्या हैं मांगें
ट्रेड यूनियनों ने दस मांगें सरकार के समक्ष रखीं हैं, जिनमें से ज्यादातर मांगें महंगाई रोकने, रोजगार पैदा करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विनिवेश की प्रक्रिया रोकने, श्रम कानूनों के अमल से संबंधित हैं।

1-महंगाई के लिए जिम्मेदार सरकार की नीतियां बदली जाएं।
2-महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाई जाए।
3-सरकारी संगठनों में अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाए।
4-आउटसोर्सिंग की जगह स्थायी आधार पर कर्मचारियों की भर्ती हो।
5-सरकारी कंपनियों की हिस्सेदारी निजी कंपनियों को न बेची जाए।
6-बैंकों के विलय की नीति न लागू की जाए।
7-केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी हर 5 साल में वेतन में संशोधन हो।
8-नई पेंशन स्कीम बंद करके पुरानी लागू की जाए।
9-श्रम कानूनों में श्रमिक विरोधी बदलाव की कोशिश न की जाए।


10 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर

  देश में बुधवार से हो रही दो दिनी महा हड़ताल का जनजीवन पर व्यापक असर दिख सकता है। अपनी मांगों को लेकर 11 ट्रेड यूनियनों की ओर से बुलाई गई इस हड़ताल से कई राज्यों में परिवहन और बैंकिंग सेवाएं ठप रहने के आसार है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हड़ताल से अर्थव्यवस्था को करीब 20 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का बड़ा झटका लगने की आशंका है जबकि बैंकों में 80 लाख चेकों के अटकने से करीब 50 हजार करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन प्रभावित हो सकता है।

इसके मद्देनजर सरकार के साथ अब उद्योग जगत ने भी हड़ताल को गैरजरूरी बताते हुए इसे वापस लेने की अपील की है। लेकिन सरकार और मजदूर संगठनों के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल होना तय है।

भाकपा नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि रक्षा मंत्री एके एंटनी समेत मंत्री समूह के साथ हुई वार्ता में सरकार ने कोई ठोस पहल नहीं की, जिसके कारण ट्रेड यूनियनों को बंद का निर्णय लेना पड़ रहा है। दूसरी ओर भारतीय उद्योग परिसंघ के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने हड़ताल को अनावश्यक बताते हुए इससे बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान की आशंका जताई है।

उद्योग संगठन एसोचैम के मुताबिक दो दिन की हड़ताल से अर्थव्यवस्था को 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत का कहना है कि अर्थव्यवस्था चुनौतीपूर्ण हालात से गुजर रही है। ऐसे में हड़ताल जीडीपी पर बड़ा असर डालेगी।

उद्योग संगठन फिक्की का कहना है कि ट्रेड यूनियनों की चिंताओं का समाधान हड़ताल के जरिए नहीं हो सकता है। इस बीच सरकार ने बैंक कर्मचारियों से हड़ताल पर नहीं जाने की अपील की है।

10 करोड़ कामगार होंगे हड़ताल पर
माना जा रहा है कि 90 हजार बैंक शाखाओं के 10 लाख कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। जबकि 10 करोड़ कामगारों के इसमें शामिल होने की संभावना भी है।

20,000 करोड़ का लगेगा चूना
इस वित्त वर्ष की जीडीपी 95 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस हिसाब से हर दिन के लिए जीडीपी 26,000 करोड़ रुपये होगी। इस दो दिनी हड़ताल से दो दिन की जीडीपी में 30-40 फीसदी तक का नुकसान होने की आशंका, इस तरह इन दो दिनों में 15 से 20 हजार करोड़ रुपये तक का लग सकता है चूना।

कहां हो सकता है ज्यादा असर
दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक।

कौन सेवाएं रहेंगी प्रभावित
रेल और बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को बड़ी दिक्कत हो सकती है। बंदरगाहों पर काम प्रभावित हो सकता है। बैंकों में चेक क्लीयरेंस समेत अन्य काम ठप रह सकते हैं। साथ ही वित्तीय बाजार में भी हड़ताल की चपेट में आ सकता है।

बैंक कर्मी न हों शामिल: सरकार

सरकार ने बैंक कर्मियों से हड़ताल में शामिल नहीं होने की अपील की है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंकों में लगातार बड़ी संख्या में रोजगार दिए जा रहे हैं। बैंक कर्मियों का पे स्केल भी अच्छा है। इसलिए बैंक कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने का कोई कारण नहीं है।

क्या हैं मांगें
ट्रेड यूनियनों ने दस मांगें सरकार के समक्ष रखीं हैं, जिनमें से ज्यादातर मांगें महंगाई रोकने, रोजगार पैदा करने, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विनिवेश की प्रक्रिया रोकने, श्रम कानूनों के अमल से संबंधित हैं।

डीटीसी हड़ताल में शामिल नहीं
ट्रेड यूनियनों की दो दिवसीय हड़ताल के बीच डीटीसी आम लोगों को राहत देने के लिए तैयार है। डीटीसी प्रबंधन और डिम्ट्स ने लोगों की परेशानी कम करने के लिए अधिक से अधिक बसों को सड़कों पर उतारने का निर्देश दिया है। अफसरों, ड्राइवरों और कंडक्टरों को अलर्ट रहने का आदेश जारी कर दिया गया है। स्टाफ की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।



मारुति, हीरो, सुजुकी के कर्मचारी भी जाएंगे हड़ताल पर
नई दिल्ली।। गुड़गांव-मानेसर इलाके में मारुति सुजुकी, हीरो मोटो कॉर्प तथा सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया जैसी कंपनियों के कर्मचारियों ने केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर आज से शुरू 2 दिन की हड़ताल का समर्थन करने का निर्णय किया है। इन कंपनियों के कर्मचारी गुरुवार को काम नहीं करेंगे। इससे प्रमुख वाहन कंपनियों में उत्पादन प्रभावित होगा। मारुति उद्योग कामगार यूनियन (एमयूकेयू) के महासचिव कुलदीप झंगु ने कहा कि हमारी विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी और हमने केंद्रीय यूनियनों के समर्थन में एक दिन की हड़ताल पर जाने पर सहमति जताई है। मारुति के गुड़गांव तथा मानेसर प्लांट्स में गुरुवार को उत्पादन कार्य नहीं होगा।



 

टाटा के साथ भारत में विमानन कंपनी शुरू करेगी एयरएशिया


मुंबई : मलेशिया की विमानन कंपनी एयरएशिया ने एक नई भारतीय एयरलाइंस शुरू करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। कंपनी ने इस मकसद से टाटा समूह और एक निवेश फर्म के साथ एक संयुक्त उद्यम लगाया है। विमानन क्षेत्र के लिए एफडीआई नीति उदार किए जाने के बाद से पहली घोषणा में एयरएशिया ने कहा कि उसने एक नयी भारतीय एयरलाइंस शुरू करने के लिए सरकार से अनुमति मांगी है।

कंपनी ने कहा, ‘उसकी निवेश फर्म एयरएशिया इन्वेस्टमेंट ने टाटा संस और टेलेस्ट्रा ट्रेडप्लेस के अरुण भाटिया के साथ प्रस्तावित संयुक्त उद्यम में 49 प्रतिशत इक्विटी निवेश के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के पास आवेदन पत्र जमा कर उससे अनुमति मांगी है।’

मलेशियाई विमानन कंपनी ने सेपांग में अपने मुख्यालय से जारी एक बयान में कहा, ‘एफआईपीबी से मंजूरी मिलने पर प्रस्तावित संयुक्त उद्यम कंपनी एयर ऑपरेटर्स परमिट के लिए भारतीय विमानन नियामकों के पास आवेदन करेगी।’

कंपनी ने कहा कि संयुक्त उद्यम कंपनी की योजना चेन्नई से परिचालन करने की है और वह टियर.2 व टियर.3 शहरों को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करेगी। एयरएशिया आसियान क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से चेन्नई, बेंगलूर, कोच्चि, तिरुचिरापल्ली और कोलकाता के लिए उड़ान सेवाएं मुहैया कराती है।

सूत्रों ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि संयुक्त उद्यम में जहां एयरएशिया की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, वहीं टाटा समूह की 30 प्रतिशत और भटिया के हिंदुस्तान एविएशन की 21 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी। उन्होंने कहा कि तीन पक्षों ने साझीदारी समझौते पर हस्ताक्षर कर इस सप्ताह की शुरुआत में इस संबंध में प्रस्ताव भारत सरकार को सौंप दिया है।

एयरएशिया के संस्थापक व मुख्य कार्यकारी टोनी फर्नांडीज ने कहा, ‘‘ हमने पिछले कुछ महीनों से भारत में घटित घटनाक्रमों का बड़ी सावधानी से आकलन किया और हमारा दृढ़ विश्वास है कि वर्तमान वातावरण एयरएशिया के सस्ते किराए की पेशकश का माकूल समय है।’’ उल्लेखनीय है कि सरकार ने पिछले साल सितंबर में विमानन क्षेत्र को विदेशी विमानन कंपनियों के लिए खोल दिया। इसके बाद एतिहाद और जेट एयरवेज के बीच एक निवेश सौदे पर बातचीत चल रही है।

सौ अरब डालर के टाटा समूह के लिए विमानन क्षेत्र में यह दूसरी बार दस्तक होगी। इससे पहले, दिवंगत जेआरडी टाटा ने स्वतंत्रता पूर्व एयर इंडिया की शुरुआत की थी। टाटा समूह के मुख्यालय बांबे हाउस से एयरएशिया की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया लेने के लिए फिलहाल संपर्क नहीं किया जा सका। स्पाइसजेट में टाटा समूह की करीब छह प्रतिशत हिस्सेदारी है। लेकिन समूह अपनी इस बात पर कायम है कि वह बजट विमानन कंपनी में केवल एक वित्तीय निवेशक मात्र है।

समय का प्रबंधन


समय के सुप्रबंधन का अर्थ है कम-से-कम समय में अधिकाधिक काम निबटाना। ऐसा करने के लिए आपको अपने समय के महान चोरों से सावधान रहना चाहिए-और वे हैं, बेकार की कार्रवाई में समय बर्बाद करना।
- आपके सहयोगी आपको उपरोक्त डर से निकल पाने के लिए उत्साहित करें। आप उन्हें जल्द निर्णय लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि वे निर्थक कागजी कार्रवाइयों की आड़ में अपने निर्णय को टालने की बुरी आदत से बचें। उन्हें गलती करने के डर से वंचित रखें, ताकि वे जल्द निर्णय ले पाएं और गलतियों को न दोहराएं।
- अपने सहयोगियों पर विश्वास और भरोसा रखें। आप अपने व्यवहार द्वारा उन्हें यह भी विश्वास दिला दें कि आप उन पर विश्वास और भरोसा रखते हैं और उन्हें बेकार की कागजी कार्रवाई में उलङो रहने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्हें भरोसा दिलाते रहें कि जब भी आप उनकी समस्या का हल उन्हें जबानी बताएंगे, तो बाद में उससे मुकरेंगे नहीं।
- आप आपस में बातचीत करके कई समस्याओं को मिलकर हल कर सकते हैं और बेकार की कागजी कार्रवाइयों की मेहनत और समय के दुरुपयोग को बचा सकते हैं।
- आप अपने सहयोगियों को कागजी कार्रवाइयों को कम करने पर पुरस्कृत भी कर सकते हैं-उनको इस अच्छे काम के लिए शाबाशी दें। अच्छा यह होगा कि आप उनको सभी सहयोगियों के सामने शाबाशी दें।
- आप सामान्य कार्यो के लिए, हर बार नए सिरे से पत्र लिखने की बजाय एक समुचित प्रोफॉर्मा विकसित कर सकते हैं, जिसमें सभी मूल जानकारी दी जा सके।
ल्ल आप किसी सहयोगी या अन्य लोगों को पत्र लिखने की बजाय फोन से बात करें। आप आजकल ई-मेल से जल्दी पत्र-व्यवहार कर सकते हैं। एक लंबी-चौड़ी विस्तृत रिपोर्ट के स्थान पर एक समुचित पत्र लिखकर काम चला सकते हैं। यदि एक रिपोर्ट ही भेजनी हो तो कोशिश करें कि वह छोटी और सटीक हो।
- आपको केवल अपना ही समय बचा लेने से संतुष्ट नहीं रहना चाहिए। आपको अपने सहयोगियों का भी समय बचाने में उनकी भरसक सहायता करनी चाहिए।

सोमवार, 18 फ़रवरी 2013

वीरप्पन : फांसी पर रोक


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने चंदन तस्कर वीरप्पन के भाई और उसके तीन साथियों की फांसी पर बुधवार तक रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई करेगा। वीरप्पन 2004 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
गौरतलब है कि कर्नाटक की टाडा अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा को पलटते हुए 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने वीरप्पन के बड़े भाई ज्ञानप्रकाश के अलावा उसके साथियों साइमन, बिलवेंद्र और मीसकर मदैया को 1993 में 22 पुलिस कर्मियों को बारूदी सुरंग से उड़ा देने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई थी। गत 13 फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने चारों की दया याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद से चारों पर मौत का फंदा झूल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दया याचिका निपटाने में देरी को आधार बनाते हुए सजा उम्रकैद में तब्दील करने का अनुरोध किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने वीरप्पन के साथियों की ओर से दाखिल वकील समिक नारायण की याचिका पर बुधवार को सुनवाई की मंजूरी देते हुए तब तक फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। इससे पहले अभियुक्तों की ओर से पेश वकील कोलिन गोंसाल्विस ने दोषियों को फांसी दिए जाने का विरोध करते हुए कहा कि उनकी दया याचिका निपटाने में अनुचित देरी हुई है। इसलिए फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाना चाहिए। कोलिन ने देवेंदर पाल सिंह भुल्लर के मामले का हवाला देते हुए कहा कि उसकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित है। उस मामले में दया याचिका निपटाने में हुई देरी ही आधार है। दूसरी ओर से पेश अटार्नी जनरल जीई वाहनवती ने तकनीकी मुद्दा उठाते हुए याचिका पर सुनवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मामले पर सुनवाई नहीं हो सकती, क्योंकि याचिका की प्रति न तो केंद्र सरकार को दी गई है और न ही कर्नाटक सरकार को। अपराध की जघन्यता देखी जानी चाहिए। 22 पुलिस वालों की हत्या हुई थी। यह एक परंपरा बन गई है कि लोग दया याचिका खारिज होने के बाद फांसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले आते हैं। कोर्ट ने कहा कि उनके पास दो विकल्प हैं। या तो वे इस याचिका को भी पहले से लंबित मामले के साथ संलग्न कर दें, या फिर अलग से सुनवाई करें।
साभार : जागरण ड़ॉट कॉम

डाक्टरों की गलती से प्रेग्नेंट हुआ लड़का


मास्को। किसी लड़के के प्रेग्नेंट होने की खबर किसी के लिए भी बेहद चौंका देने वाली हो सकती है। भले ही पहली नजर में इस पर विश्वास न किया जा सके, लेकिन है यह सच। कजाकिस्तान में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां डाक्टरों ने एक पंद्रह वर्षीय लड़के को प्रेग्नेंट घोषित कर दिया।
दरअसल, यह लड़का एक्टोब शहर के एक हॉस्पिटल में किडनी से जुड़ी परेशानी का इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ था। यहां से डिस्चार्ज होने पर डाक्टरों ने उसको अठारह हजार रुपये के बिल के साथ उसकी मेडिकल हिस्ट्री में लड़के को प्रेग्नेट लिख दिया गया। डाक्टरों ने इस दौरान खाने वाली दवाई भी उस लड़के को दे दी।
डाक्टरों के इस रवैया पर लड़के के परिजनों ने आपत्ति जताई तो अस्पताल के डायरेक्टर ने इसको डाक्टरों की मानवीय भूल बताते हुए गलती सुधारने की बात कह डाली। परिजनों का कहना था कि लड़के ने इस दौरान कुछ दवाइयां भी खाई थी, जिसके बाद उसको काफी एलर्जी हो गई। लड़के के परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज कराया है और डाक्टरों द्वारा लापरवाही बरतने के लिए करीब 35,62,845 रुपये का दावा भी ठोका है।

सोने के बदले ऋण योजना को सरल बनाएगा केनरा बैंक


तिरूचिरापल्ली (तमिलनाडु) : सार्वजनिक क्षेत्र का केनरा बैंक सोने के बदले ऋण योजना को सरल बनाएगा। इसके तहत स्वर्ण ऋण योजना को नये रूप में पेश किया जाएगा। इससे सोने के बदले बैंक से कर्ज लेना उतना ही आसान होगा जितना कि किसी छोटे कारोबारी या निजी वित्तीय कंपनियों से होता है।

बैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव किशोर दुबे ने कहा,‘सोने के एवज में कर्ज की शर्तें किसी निजी कंपनी के मुकाबले ज्यादा आसान और ग्राहकों के लिये अनुकूल होंगी।’ उन्होंने कहा कि साथ ही बैंक की संपत्ति के एवज में कर्ज को भी नये रूप में पेश करने की योजना है। इन दोनों ऋण योजनाओं को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।

दुबे ने कहा,‘हमारी इन दोनों ऋण को खास क्षेत्रों में पायलट परियोजना के आधार पर शुरू करने की योजना है। चरणबद्ध तरीके से इसे अन्य क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि बैंक की आने वाले वर्ष में 5,000 कर्मचारियों की नियुक्ति की योजना है। बैंक अपनी शाखाओं की संख्या मौजूदा 3,676 से बढ़ाकर 5,000 करने की योजना है और इसके लिये उसे कर्मचारियों की जरूरत है।

3 दिन में कमाए 13.3 करोड़


नई दिल्ली: अभिनेता रणदीप हुडा की हालिया रिलीज हुई फिल्म मर्डर-3 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। यह फिल्म अबतक 13.3 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। रणदीप हुडा के किसी भी फिल्म की यह बंपर ओपनिंग है।

इस फिल्म ने पहले तीन दिन में ही 13.31 करोड़ की कमाई कर भट्ट कैंप में खुशियां बिखेर दी है। इस फिल्म में इमरान हाशमी की जगह पहली बार रणदीप हुडा को लिया गया है। मर्डर सीरीज की पहली दो फिल्मों में इमरान ने लीड रोल की भूमिका अदा की थी। फिल्म में दो अदाकारा है जिनमें अदिति राव हैदरी और सारा लोरेन है। विशेष भट्ट की यह पहली फिल्म है जिसे उन्होंने निर्देशित किया है।

निर्देशक महेश भट्ट ने फिल्म की ओपनिंग से उत्साहित होकर ट्विट किया है कि यह फिल्म रणदीप हुडा की बंपर ओपनिंग वाली फिल्म है जिसने शुक्रवार को - 4.52 करोड़, शनिवार को 4.01 करोड़ और रविवार को 4.78 करोड़ रुपये का कारोबार किया है। यह फिल्म 15 फरवरी को रिलीज हुई है। समीक्षकों की नजरों में यह फिल्म खरी नहीं उतरी है लेकिन बिजनेस के मामले में बेहतर कर रही है।

अखिलेश यादव पेश करेंगे दूसरा बजट


लखनऊ : उत्तर प्रदेश में वित्त मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कल राज्य विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट पेश करेंगे, जो उनकी सरकार का दूसरा बजट होगा। पिछले वर्ष हुये विधानसभा चुनाव में पहली बार पूर्ण बहुमत से सत्तारुढ़ हुई समाजवादी पार्टी सरकार से जहां एक ओर आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लोकलुभावन बजट की उम्मीदें लगायी जा रही है, वहीं प्रतिपक्षी दलों ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट के उपयोग को लेकर अखिलेश सरकार पर हमला बोलने की तैयारी कर रखी है।

विधानसभा में बसपा एवं प्रतिपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का आरोप है कि अखिलेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया था और अवधि खत्म होने को आयी मगर, विकास कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है। मौर्य ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कई विभागों में अभी तक चालू वित्तीय वर्ष की ही पूरी राशि जारी नहीं किये जाने के बारे में सवाल पूछने पर कहा कि यह सरकार बिना काम कराये ही सारी बजट राशि हड़पने के चक्कर में है।

इसी सवाल पर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, ‘‘चालू वित्तीय वर्ष में अब महज एक महीने से कुछ ही अधिक का समय बाकी रह गया है, जबकि बजट की जो राशियां अब तक जारी नहीं हुई है उनसे होने वाले कामों के लिए पांच-छह महीने का समय चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि जाहिर है कि जब पांच-छह महीने का काम महीने भर में कराया जायेगा, तो इसमें भ्रष्टाचार ही होगा और सारा काम कागजों पर ही हुआ दिखा दिया जायेगा।

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता हृदयनारायण दीक्षित का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने पिछले बजट में विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों के लिए जिन धनराशियों की व्यवस्था की थी, उनमें से बहुत सी राशि अभी तक जारी नहीं की गयी और जो जारी की गयी है उसका उपयोग नहीं हो पाया है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि जो सरकारी मशीनरी वर्ष भर में बजट राशि का उपयोग नहीं कर पायी, वह शेष बजट राशि को एक महीने में कैसे व्यय करेगी। दीक्षित ने कहा कि अब भी कई विभागों की जितनी बजट राशि बची हुई है, उसका महीने भर में सार्थक व्यय संभव नहीं है, जिससे इस राशि के बंदरबांट की ही आशंका अधिक है। बहरहाल अखिलेश सरकार में वरिष्ठ मंत्री अंबिका चौधरी ने विपक्षी दलों के आरोपों एवं आशंकाओं को खारिज करते हुए दावा किया है कि कल जब मुख्यमंत्री अगला बजट पेश करेंगे तो प्रतिपक्ष को अपनी सभी आशंकाओं का जवाब मिल जायेगा।

यौन हिंसा के खिलाफ कानून शीघ्र : डॉ. मनमोहन सिंह


नई दिल्ली : महिलाओं पर यौन हिंसा के मामलों में बढोतरी को ‘शर्मनाक’ बताते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को उम्मीद जतायी कि संसद इस संबंध में आपराधिक कानूनों को मजबूत करने के लिए संशोधनों को जल्द से जल्द पारित करेगी। समाजसेवी इला भटट को इंदिरा गांधी पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम के बाद सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि यह शर्म की बात है कि महिलाओं पर हिंसा और यौन अपराध की घटनाओं में बढोतरी हुई है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं पर बढ रहे यौन अपराधों से निपटने के लिए सरकार ने विधायी, संस्थागत और नियमगत सुधार अपनाये हैं।

मनमोहन सिंह ने कहा कि न्यायमूर्ति जे एस वर्मा समिति की सिफारिशों के फलस्वरूप महिलाओं के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से निपटने के लिए अध्यादेश लाया गया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि संसद इस संबंध में आवश्यक विधेयक को जल्द से जल्द पारित कर देगी ताकि इस संबंध में व्यापक कानून को लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीडन (रोकथाम, प्रतिबंध एवं निपटान) विधेयक 2012 को लोकसभा पारित कर चुकी है जबकि राज्यसभा को अभी इसे पारित करना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बलात्कार पीडितों को वित्तीय सहायता और अन्य समर्थक सेवाओं के जरिए पूरी मजबूती से न्याय दिलाने के उद्देश्य से एक योजना, राष्ट्रीय महिला सशक्तीकरण मिशन के तहत 100 सरकारी अस्पतालों में ‘वन स्टाप क्राइसिस सेंटर’ बनाना और महिलाओं के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन कुछ अन्य उपाय हैं, जिन पर सरकार विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास होगा कि ऐसा सुरक्षित माहौल तैयार किया जाए, जिसमें महिलाएं अपने सपनों को साकार कर सकें। यह एक सतत प्रयास होगा। इसे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से पूरा किया जाएगा।

सिंह ने कहा कि सरकार ने वर्तमान संस्थानों को मजबूत कर महिला सशक्तीकरण के मुद्दे का हल करने के प्रयास किये हैं। उसने महिलाओं को शिक्षा और स्वास्थ्यरक्षा को लेकर बेहतर पहुंच दी है। निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी हिस्सेदारी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और विकास की प्रक्रिया में लैंगिक चिन्ताओं को मुख्य धारा से जोडने का प्रयास भी सरकार ने किया है।

मंगलवार, 12 फ़रवरी 2013

मर्द होते हैं अधिक रूमानी


लंदन। ब्रिटेन में हुए एक नए अनुसंधान में अब आधिकारिक रूप से यह सिद्ध हो गया है कि वैलेनटाइन डे पर महिलाओं के मुकाबले पुरुष अधिक रूमानी हो जाते हैं। महिलाएं अक्सर इस आयोजन को नजरअंदाज कर देती हैं। जबकि पुरुष ऐसा नहीं करते हैं। महिलाएं अक्सर वैलेंनटाइन डे पर अधिक से अधिक एक ग्रीटिंग कार्ड देकर काम चलाती हैं। वह भावनाओं का अत्यधिक प्रदर्शन नहीं करतीं। ब्रिटेन में दो हजार पुरुषों और महिलाओं पर किए सर्वे में यह बात सामने आ चुकी है कि 21.5 फीसद महिलाओं के लिए वैलेनटाइन डे यानी 14 फरवरी को मनाने का कोई प्लान नहीं होता है। पुरुषों में केवल 14.5 फीसद ने कहा कि वह वैलेनटाइन डे नहीं मना रहे हैं। महिलाओं के मुकाबले पुरुष इस अवसर को अपने साथी के साथ मनाने का अधिक प्रयास करते हैं।

यासिन के पाकिस्तान जाने पर लगेगी रोक


नई दिल्ली। अफजल की फांसी के विरोध में जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासिन मलिक और देश के मोस्ट वांटेड आतंकी व लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद को एक ही मंच पर एक ही साथ देखे जाने के मामले को केंद्र सरकार ने काफी गंभीरता से लेते हुए यासिन का पासपोर्ट निरस्त करने का फैसला किया है। साथ ही उसके पाकिस्तान जाने पर भी रोक लग सकती है। सुरक्षा एजेंसिया लगातार उससे पूछताछ कर रही हैं।
हाफिज सईद के साथ अपने संबंध होने की बात पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सईद के साथ मंच जरूर साझा किया था, लेकिन उसके साथ उनका कोई संबंध नहीं है। जेकेएलएफ लीडर मलिक ने कहा वह दरअसल अफजल की फांसी को लेकर वह पाकिस्तान में भूख हड़ताल पर बैठे थे, तभी वहां पर सईद भी आया था, लेकिन उन दोनों के बीच कोई संबंध नहीं है।
बीते दिनों संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने का विरोध कर रहे हाफिज सईद के साथ जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक भी शामिल हो गए। इस दौरान दोनों ने एक ही मंच सांझा किया। दोनों की यह दोस्ती पुराने रिश्ते पर कई सवाल खड़े करती नजर आती है।
दोनों की इस मुलाकात पर केंद्र सरकार ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। हालांकि रक्षा मामलों के जानकार मलिक को पाकिस्तान जाने की इजाजत देने के मुद्दे पर सरकार को ही सवालो के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अफजल की फांसी के बाद एक दिन का अनशन करने वाले जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासिन मलिक ने पाकिस्तान सरकार से अनुरोध किया है कि वह मौत की सजा पाए भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के बारे में जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं ले। भारत में संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद मलिक ने यह अपील की है।
इस्लामाबाद में अफजल के लिए फातिहा पढ़ने से पहले वहां मौजूद कश्मीरी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मलिक ने कहा,कुछ लोग सरबजीत को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे हैं। मैं आपसे अपील करता हूं कि आप ऐसी मांग नहीं करें। यह अफजल को दिए गए दंड जैसा ही होगा। मैं पाकिस्तान सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस बारे में फैसला लेने में जल्दबाजी नहीं करे।
मुंबई हमले (26/11) के दोषी अजमल कसाब और अफजल को फांसी दिए जाने के बाद पाकिस्तान के कुछ सगठनों ने सरबजीत को भी फांसी देने की मांग की है।

वामपंथी दलों को हिंदुस्तान से बाहर फेंक देगी कांग्रेस


अगरतला। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वामपंथी दलों से गुप्त समझौते से इन्कार किया है। उन्होंने दो टूक कहा, कांग्रेस का लक्ष्य देश से वामपंथी शासन का खात्मा है। जिस तरह केरल और बंगाल से वामपंथियों को सत्ता से बेदखल किया, उसी तरह से माकपा को हिंदुस्तान से बाहर फेंक दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने त्रिपुरा में चुनावी सभा में कहा, भाजपा हम पर माकपा से मिलीभगत का आरोप लगाती है, लेकिन हम उसे सत्ता से दूर रखने का काम कर रहे हैं। बंगाल- केरल में उसे सत्ता से बेदखल करने के बाद अब उन्हें हिंदुस्तान से बाहर करने का वक्त आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि त्रिपुरा के विकास के लिए केंद्र से मिले धन से माकपा ने पार्टी और अपने कैडर का विकास किया। राहुल ने त्रिपुरा के लोगों से 14 फरवरी के विधान सभा चुनाव में आम आदमी की सरकार चुनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो कि जनता के करीब हो, सूबे को समृद्धि के रास्ते पर ले जाए। ऐसी सरकार बने, जो आदिवासियों और गैर आदिवासियों की समस्याएं दूर कर सके।
वहीं, माकपा नेताओं ने राहुल के आरोपों को गलत बताते हुए कहा,अगर पार्टी ने केंद्रीय धन का दुरुपयोग किया और कोई विकास नहीं किया तो फिर केंद्र ने गत दो वर्ष में त्रिपुरा सरकार को 28 पुरस्कारों से क्यों नवाजा।

आलिया और वरूण में हुआ प्यार!


नई दिल्ली: बॉलीवुड में एक नवोदित जोड़ी के रोमांच की चर्चा जोरों पर है। रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि आलिया भट्ट और वरूण धवन की दोस्ती अब प्रेम कहानी में तब्दील हो चुकी है। इस जोड़ी ने करण जौहर की फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर में काम किया था। इस फिल्म ने बॉक्स आफिस पर अच्छी सफलता हासिल की थी।

एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और अब दोनों एक दूसरे को चाहने लगे है।

गौरतलब है कि करण जौहर की अगली फिल्म `2 स्टेट्स` मशूहर नॉवेल लेखक चेतन भगत पर आधारित है और इस फिल्म में भी आलिया काम कर रही है। करण की इस फिल्म को फिल्म प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला को-प्रड्यूस कर रहे हैं। फिल्म में आलिया के अभिनेता इश्कजादे फेम अर्जुन कपूर होंगे

होंडा कार्स ने उतारी नई सीआर-वी, दाम 19.95 लाख रुपये


होंडा कार्स इंडिया लि. ने मंगलवार को अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहन सीआर-वी का नया संस्करण पेश किया. इस संस्करण का दाम कंपनी के पुराने मॉडल से 2.7 लाख रुपये कम होगा.
कंपनी का मकसद इसके जरिये भारतीय बाजार में अपनी पैठ मजबूत करना है. इस वाहन के दो मॉडल 2 लीटर और 2.4 लीटर पेट्रोल इंजन के होंगे. इसकी कीमत दिल्ली में (एक्स शोरूम) 19.95 लाख रुपये और 23.85 लाख रुपये है.
होंडा कार्स इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अध्यक्ष हिरोनोरी कनायामा ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पूरी तरह नई सीआर-वी के साथ भारत में नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं. पिछले कुछ साल से होंडा और उसकी सहायक इकाइयां नए उत्पाद विकसित करने में लगी हैं.’
कनायामा ने बताया कि इनमें से कुछ नए मॉडल अगले कुछ साल में भारतीय बाजार में आएंगे. ‘हम होंडा के वैश्विक पोर्टफोलियो से नए माडल भारत में पेश करने को प्रतिबद्ध हैं.’


बिपाशा बसु को लगता है डर


राज़-3' की सफलता के बाद बिपाशा बसु एक और हॉरर मूवी 'आत्मा' में नजर आने वाली हैं. लेकिन फिल्म के डायरेक्टर और कलाकार बिपाशा के नाम से काफी इम्प्रेस लगते हैं.
फिल्म के फर्स्ट लुक रिलीज के मौके पर डायरेक्टर सुपर्ण वर्मा ने कहा, 'मैं बिपाशा से 16 साल की उम्र में मिला था और वे 21 साल की थीं. वे रैंप मॉडल थीं. मैंने अपना पहला इंटरव्यू उनके साथ ही किया था और यह काफी मुश्किल भी रहा था. मैं इंटरव्यू के दौरान परेशान रहा कि उन्हें देखूं या उनके बारे में लिखूं.'
यह तो डायरेक्टर की बात रही, अब जरा फिल्म के हीरो नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी की भी सुन लीजिए, उन्होंने कहा कि जब मुझे बताया गया कि मेरी हीरोइन बिपाशा बसु हैं तो मेरे मुंह से सिर्फ इतना ही निकला, ओह माइ गॉड. फिल्म देखने के बाद, आपके मुंह से क्या निकलता है, देखना बाकी है.l

सिने स्क्रीन की ताजा खबरें

यह है मेरी कहानी
 'यह है मेरी कहानीÓ नामक शो बॉलीवुड के कलाकारों की जीवन यात्रा एवं संघर्ष को बेहद हृदयस्पर्शी तरीके से प्रस्तुत कर प्रशंसकों के इस भ्रम को दूर करने का प्रयास करेगा। यह शो प्रशंसकों के सामने न सिर्फ उनके पसंदीदा सुपर स्टार के न्यूनतम ज्ञात पक्षों को सार्वजनिक करेगा, बल्कि उन तत्वों का भी अन्वेषण करेगा, जिसकी वजह से वे इस मुकाम पर पहुंच पाने में सफल रहे हैं। प्रत्येक एपिसोड में एक नामचीन कलाकार को पेश किया जायेगा, जो फिल्मी दुनिया में व्यतीत जिन्दगी में आये उतार-चढ़ावों के विषय में बताएंगे। इसके साथ-साथ उक्त कलाकार के जीवन के उन अज्ञात पक्षों पर से भी पर्दा हटाया जाएगा, जिसके विषय में सामान्यत: लोग नहीं जानते हंै। इस शो का प्रसारण 17 फरवरी से प्रारंभ होगा तथा इसकी मेजबानी फिल्म पत्रकारिता की मशहूर हस्ती एवं यूटीवी स्टार्स के प्रोग्रामिंग प्रमुख मनीष दुबे करेंगे।

स्माइली का वेलेंटाइन डे
अभिनेत्री स्माइली सूरी ने वेलेंटाइन्स-डे के लिए खास योजना बनाई है। इस दिन रूमानियत से भरी शाम बिताने की जगह उन्होंने अपने भाई और अभिनेता इमरान हाशमी के बेटे अयान के साथ समय गुजारने की योजना बनाई। स्माइली ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, ''वेलेंटाइन्स-डे के दिन मैं अपने भतीजे अयान के साथ समय बिताऊंगी, जिसे मैं बेहद प्यार करती हूं। मैं यह कह सकती हूं कि उसने मेरे व्यक्तित्व की बेहतरीन चीजों को बाहर निकाला है। वह मेरी जिंदगी का सबसे खूबसूरत इंसान है और मुझे बेहद प्यार करता है। वही मेरा वेलेंटाइन होगा।ÓÓ स्माइली ने 2005 में 'कलयुगÓ फिल्म से अभिनय की शुरुआत की थी और फिर निजी वजहों से बड़े पर्दे से दूरी बना ली थी।
गुरमीत हुए शर्मसार
कई बार रियलिटी शो में ऐसे हादसे हो जाते हैं कि एक्ट्रेस को शर्मिंदा होना पड़ता है। टी.वी. पर डांस परफॉर्म के दौरान गुरमीत चौधरी के साथ एक ऐसा हादसा हो गया कि वह लाइमलाइट में छा गए। रामायण धारावाहिक से फेमस हुए गुरमीत चौधरी को डांस का बहुत शौक है। गुरमीत झलक दिखला जा के विनर भी रहे हैं। यह तस्वीर फोटोग्राफरों की शरारत की हो सकती है, पर गुरमीत चौधरी को यह तस्वीर जरूर एम्बेरेस कर देंगी। जी. टीवी के वेलेंटाइन-डे स्पेशल शो में गुरमीत परफॉर्म कर रहे थे। गुरमीत के साथ उनकी को-स्टार कृतिका सेंसर भी परफॉर्म कर रहीं थीं। परफॉर्म करते समय कृतिका का हाथ कहां चला गया, ये आप फोटो में देख सकते हैं।

कुछ नहीं बदला
बॉलीवुड की नवविवाहित अदाकारा करीना कपूर खान ने हाल ही में कहा कि अदाकार के शादी के बाद ज्यादा कुछ नहीं बदला है। बेबो ने कहा कि उन्होंने अपने विवाहित और व्यावसायिक जीवन का संतुलन बना के रखा है। पटौदी बेगम ने कहा कि हम पांच सालों से एक दूसरे को मैनेज कर रहे हैं और उम्मीद करती हूं कि ये हम अगले 25 सालों तक करने में सफल रहेंगे। साथ ही ये भी कहा कि वे कभी काम को घर पर नहीं लेकर आते हैं। बेबों ने ये भी कहा कि ये उनके जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है, इसलिए दोनों इसका खास ख्याल रखते हैं। खैर, करीना हम तो बस यही चाहते हैं कि आप दोनों के बीच ये प्यार और साथ हमेशा बना रहे और आप शादी के बाद भी सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएं।

डर का चेहरा
कई डरावनी फिल्मों में काम कर चुकीं बॉलीवुड अभिनेत्री बिपाशा बसु का कहना है कि वे बड़े पर्दे पर डर का चेहरा बन गई हैं। बिपाशा विशेष भट्ट की 'राजÓ और 'राज 3Ó, रामगोपाल वर्मा की 'डरना जरूरी हैÓ, महेश मांजरेकर की 'रक्तÓ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं और अब वे एक अन्य डरावनी फिल्म 'आत्माÓ में दिखने की तैयारी में हैं। बिपाशा ने कहा, ''मुझे लगता है कि कुछ डरावनी फिल्मों में काम करने के बाद मैं डर का एक चेहरा बन गई हूं। अगर इस तरह की फिल्मों के लिए मैं चलन तय करने वाली बनती हूं तो मुझे कोई परेशानी नहीं। अगर किसी डरावनी फिल्म की विषय-वस्तु और आपका किरदार उसमें अच्छा है, तो फिर इसे करने में क्या बुराई है?ÓÓ 'जिस्मÓ की अभिनेत्री बिपाशा का मानना है कि भारत में डरावनी फिल्में अभी अपने शुरुआती दौर में हैं और फिल्मकारों को नए विचार लेकर इसमें आगे आना चाहिए। बिपाशा ने कहा, ''मुझे लगता है कि भारत में डरावनी फिल्में अपनी शुरुआती अवस्था में हैं। लोगों को डर पैदा करने के लिए नए तरीके आजमाने चाहिए। इस क्षेत्र में काफी मजेदार चीजें खोजी जा सकती हैं।ÓÓ सुपर्ण वर्मा के निर्देशन में बनने वाली 'आत्माÓ में बिपाशा के साथ नवाजुद्दीन सिद्दीकी प्रमुख भूमिका में हैं। यह फिल्म आगामी 22 मार्च को प्रदर्शित होगी।

खामियां हैं मुझमें
बॉलीवुड अभिनेता और फिल्म निर्माता जॉन अब्राहम का कहना है कि उनमें बहुत सी कमियां हैं। जॉन इन दिनों अपनी फिल्म आई मी और मैं के प्रचार में व्यस्त हैं। जॉन ने फिल्म की प्रेस वार्ता में कहा कि मैं भी परिपूर्ण इंसान नहीं हूं। मुझमें सबसे ज्यादा कमियां हैं। यदि कोई कहता है कि वह एकदम सही है, वह झूठा है।

मैंने कोशिश की है कि एक बेहतर इंसान बन सकूं। जॉन के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह, प्राची देसाई और गोल्डी बहल सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। जॉन (40) ने कहा कि फिल्म महिलाओं को समर्पित है। फिल्म एक मार्च को प्रदर्शित हो रही है और आठ मार्च को विश्व महिला दिवस है। इसलिए यह महिलाओं को समर्पित है। अपनी पसंद की लड़की के बारे में उन्होंने कहा, वह साधारण लड़की होगी। रिश्ते की खूबसूरती सादगी में होती है। घर उसके साथ बसाइये, जिसके साथ आपको जुड़ाव महसूस हो।

फिल्मों की गुणवत्ता में कमी
फिल्मकार महेश भट्ट का कहना है कि उनके भतीजे और मर्डर 3 के निर्देशक विशेष भट्ट ने उन्हें बताया था कि भट्ट बैनर तले बन रही फिल्मों की विषय-वस्तु की गुणवत्ता में गिरावट आई है। महेश भट्ट मर्डर 3 के संगीत की सफलता पर आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, मर्डर 3 एक ऐसी फिल्म है, जिससे हमने मर्डर के नए संस्करण में नयापन पैदा किया है। मर्डर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण रही है। इससे हमने पिछले 10 साल में काफी पैसा कमाया है। लेकिन ये मेरे भतीजे और मुकेश भट्ट के बेटे की ही हिम्मत थी कि उसने काफी समय से संजोए रखी हमारी कल्पना को चुनौती दी। उन्होंने कहा, विशेष के मुताबिक इसमें कोई शक नहीं कि हम लगातार मजबूत होते गए, हमारी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने लगीं, लेकिन विषय-वस्तु कमजोर होती गई। विशेष ने इस कड़वी सच्चाई की तरफ हमारा ध्यान खींचा और फिर कहा कि अब मुझे कमान संभालने दो और इसे ठीक करने दो। मर्डर 3 में रणदीप हूडा, अदिति राव हैदरी और सारा लॉरेन ने अभिनय किया है और फिल्म इस शुक्रवार को रिलीज हो रही है।

फटी साड़ी में
अमेरिकी की पाप सिंगर केली क्लार्कसन ने कहा है कि उन्हें अपनी शादी के लिए उनके ख्वाब वाली ड्रेस मिल गई है, जिसमें सिलवटें पड़ी हुई हैं और फटी भी है। केली (30) ने कहा कि उन्होंने अपनी शादी में पारंपरिक परिधान से कुछ अलग हटकर पहनने का सोचा था और उन्हें अपनी मनमाफिक ड्रेस मिल गई। टैलेंट मैनेजर ब्रानडन ब्लैकस्टार से सगाई कर चुकी केली ने कहा कि मेरे सपने की ड्रेस थोड़ा अलग है। यह ड्रेस किसी राजकुमारी के परिधान से ठीक उलट है। शोबिज डाट काम के एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अपनी मनपसंद ड्रेस पा कर केली काफी उत्साहित हैं। केली के ब्वायफ्रेंड ने पिछले वर्ष दिसंबर में उन्हें प्रपोज किया था। केली बताती हैं कि प्रपोज किए जाने पर वह भौचक्की रह गई थीं और सिर्फ इतना कह सकी, तुम एक अच्छे लड़के हो। मुझे नहीं पता था कि जीवन इतना खुशगवार हो सकता है।

दिखना और दिखाना
आगामी फिल्म 'काई पो चेÓ से बड़ी उम्मीदें बांध कर बैठी अभिनेत्री अमृता पुरी का कहना है कि कलाकारों के लिए चर्चा में बने रहना महत्वपूर्ण है। 'काई पो चेÓ में अमृता के साथ अभिषेक कपूर नजर आएंगे। इससे पहले 29 वर्षीय इस अदाकारा ने सोनम कपूर के साथ 'आइशाÓ (2010) में और फिर 'ब्लड मनीÓ (2012) में अभिनय के जलवे बिखेरे थे। अमृता ने कहा 'मुझे ऑफर तो मिल रहे हैं, लेकिन मेरे लिए वह उत्साहजनक नहीं हैं। कलाकार के लिए लगातार दिखते रहना और फिल्में करना जरूरी होता है, लेकिन सिर्फ इसी वजह से आप कोई भी फिल्म नहीं कर सकते।Ó रंगमंच की शौकीन अमृता ने कहा 'मैं थिएटर, नाटक भी करती हूं। इसलिए एक तरह से मैं व्यस्त हूं।Ó एक कारोबारी परिवार से जुड़ी अमृता मानती हैं कि फिल्म जगत में पैर जमाना बाहरी व्यक्ति के लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा 'बाहरी व्यक्ति के लिए राह आसान नहीं है। इस उद्योग में पैर जमाना, बने रहना और अपनी पहचान बनाना मुश्किल है।Ó अमृता फिल्म उद्योग के लिए बाहरी हैं और उन्हें निर्देशकों से काम मांगने में झिझक नहीं होती। उन्होंने कहा 'काम के लिए मैं निर्देशकों से मिलती हूं। मैं अनुराग कश्यप, अनुराग बासु, विक्रमादित्य मोटवानी, दिवाकर बनर्जी, नागेश कुकनूर जैसे निर्देशकों के साथ काम करना चाहती हूं। मैं उनसे मिली और उनके साथ काम करने की अपनी इच्छा भी जाहिर की।Ó अमृता ने कहा 'मैं फिल्मों में भूमिकाओं के चयन के मामले में भी सतर्क रहती हूं। मेरे लिए भूमिका की लंबाई नहीं, बल्कि उसकी गहराई महत्व रखती है।Ó चेतन भगत के उपन्यास 'द थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफÓ पर बनी आगामी फिल्म को लेकर अमृता बेहद उत्साहित हैं। उनके अलावा फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत, अमित साध और राजकुमार यादव भी मुख्य भूमिका में हैं। अमृता ने कहा 'मैंने विद्या की भूमिका निभाई है। वह सुशांत की बहन और राजकुमार की प्रेमिका है। फिल्म में खूब मस्ती है।Ó

शॉपिंग का क्रेज
पॉप स्टार ब्रिटनी स्पीयर्स 55वें ग्रैमी पुरस्कार समारोह में शिरकत करने के बजाय एक शॉपिंग मॉल में खरीददारी करती नजर आईं। खबर के अनुसार, ग्रैमी पुरस्कारों के लिए आठ बार नामित हो चुकी 31 वर्षीय यह गायिका स्टोनवॉश जीन्स और शेर की खाल के प्रिंट वाले टॉप में थीं। उन्होंने अपनी आंखों पर गहरा मेकअप कर रखा था। स्पियर्स अभी भी अपने मंगेतर जैसन ट्रॉविक के साथ अपने अलगाव के सदमे से उबरने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि यह पॉप स्टार लॉस वेगास के एक कसीनो में रात को प्रस्तुति देने के बारे में बातचीत कर रही हैं। इस प्रस्तुति से वे लाखों कमाएंगी।

सरप्राइज मीट
पिछले दिनों जूही, करिश्मा और रानी अचानक एक-दूसरे को एयरपोर्ट पर देखकर बेहद सरप्राइज हो गए। दिलचस्प बात यह थी कि तीनों ही दुबई जा रहे थे और वह भी एक ही फंक्शन के लिए। वैसे, सूत्रों के मुताबिक, तीनों का ही पहले से कोई प्लान नहीं था। वे एयरपोर्ट पर मिले, तब ही उनको एक-दूसरे का शेड्यूल पता चला। एयरपोर्ट सूत्र के मुताबिक, उनकी फ्लाइट शेड्यूल और वीआईपी लॉन्ज में मिलना प्री-प्लैन्ड नहीं था। अचानक ही वे एक-दूसरे से टकरा गए। हालांकि अचानक हुई इस मुलाकात से वे तीनों बेहद खुश हुए। सूत्र के मुताबिक, रानी जब लॉन्ज पर पहुंचीं, तो उन्होंने वहां जूही और करिश्मा को पाया। देखते ही उनके होठों पर एक प्यारी सी स्माइल आ गई। उन्होंने जूही और करिश्मा को हग किया। फ्लाइट टाइम होने तक तीनों ने खूब गप्पें मारे। सूत्रों के मुताबिक, करिश्मा। वह नॉन स्टॉप बोले जा रही थीं। वैसे, वह अक्सर अपने बच्चों के साथ दुबई जाती रहती हैं। रानी जूही को वह दिन याद दिला रही थीं, जब वह लव लव लव के सेट पर मिले थे और उन दोनों ने क्या-क्या बातें की थीं। उनकी गपशप में थोड़ा ब्रेक तब आया, जब रानी ने जूही के भाई की हेल्थ के बारे में पूछा। फिर फ्लाइट टाइम हो गया है और वे तीनों लॉन्ज से बाहर निकल गए। फ्लाइट में उन्होंने कितनी गपशप मारीं, यह तो पता नहीं चल पाया, लेकिन यह अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि दुबई लैंड होने तक वे तीनों थमी नहीं होंगी।

बॉयफ्रेंड नहीं
एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा और डायरेक्टर मनीष शर्मा के अफेयर की खबरें हेडलाइंस बन चुकी हैं, लेकिन पिछले दिनों परिणीति ने एक इंटरव्यू में कहा कि मनीष उनके मेनटॉर हैं, न कि बॉयफ्रेंड। बकौल परिणीति, मैं उन खबरों से परेशान जरूर हुई थी। मैं उस परिवार से हूं, जहां लड़कों से दोस्ती होती है। मैं मीडिया को भी ब्लेम नहीं करूंगी, क्योंकि यह उनका काम है। लेकिन उन्हें एक बार मुझ से स्टोरी की सचाई तो पता करना चाहिए थी। सच तो यह है कि मनीष मेरे मेनटॉर हैं और वह मुझे एक्टिंग और फिल्म मेकिंग की बारीकियां सिखा रहे हैं। इससे ज्यादा हमारा कोई रिलेशन नहीं है।

फूड क्रेजी
दुबली-पतली-सी जैकलीन फर्नांडीज को देखकर आपको यही लगेगा कि वह अपनी डाइट पर बहुत ध्यान देती हैं। लेकिन उनके फैंस को जानकर हैरानी होगी कि जैकलीन को न केवल खाने का शौक है, बल्कि उन्हें कुकिंग करना भी बहुत पसंद है। उन्होंने बताया कि उन्हें जब भी टाइम मिलता है, तो वह टेस्टी फूड बनाने लगती हैं। यही नहीं, जैकलीन को पसंद है कि उनके घर गेस्ट आएं और वह उन्हें अपनी कु किंग स्किल्स दिखाएं। तभी तो जब भी उनके घर गेस्ट आते हैं, तो वह वेजिटेरियन से लेकर नॉन-वेजिटेरियन तक सब तरह के फूड आइटम्स बना डालती हैं।

मुफ्त में
विवादग्रस्त अभिनेत्री लिंडसे लोहान न्यूयॉर्क स्थित पेंटहाउस में मुफ्त में रह रही हैं। दरअसल, उन्हें यह घर उनके एक दोस्त ने कुछ समय रहने के लिए दिया है। लोहान विभिन्न कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं। वे अपनी मां डिना के साथ लॉन्ग आइलैंड में जाने का सोच रही थीं। डिजीटल स्पाई के अनुसार, लोहान के एक दोस्त ने उन्हें तब तक रहने के लिए एक शानदार अपार्टमेंट दे दिया है, जब तक उन्हें कोई सही जगह नहीं मिल जाती। इस इमारत में लेनी क्रेवित्ज, निकोल किडमेन और बेन स्टिलर जैसे कई सितारे रहते हैं। कोर्टनी लव भी यहां रहती थीं, लेकिन वर्ष 2006 में उन्होंने अपना अपार्टमेंट बेच दिया। लोहान पर आरोप है कि उन पर अपने पूर्व वकील शॉन होली की फीस के डेढ़ लाख डॉलर बकाया हैं और 1.3 लाख डॉलर कर के रूप में भी देने बाकी हैं। लोहान पर ये आरोप भी हैं कि चोरी के मामले में उन्होंने परीवीक्षा के नियमों का उल्लंघन किया। साथ ही वे न्यूयॉर्क के एक नाइटक्लब में हाथापाई करने की भी आरोपी हैं।
प्रस्तुति - परिणीता नागरकर, इंदौर







अफजल के परिजनों को तिहाड़ जाने की इजाज़त, लेकिन वे मांग रहे हैं शव

नई दिल्ली: संसद पर हमले का मास्टरमाइंड होने के नाते फांसी की सज़ा पाए अफजल गुरु के परिवार को केन्द्र सरकार ने तिहाड़ जेल में उसकी कब्र पर फातिहा पढ़ने की इजाजत दे दी है, हालांकि उसके परिवार ने इस पेशकश को ठुकरा दिया है।

इसके अलावा गृहसचिव आरके सिंह ने अफजल गुरु का सामान भी उसके परिवार को दिए जाने की बात कही, लेकिन अफजल गुरु के रिश्ते के भाई मोहम्मद यासीन ने कहा कि परिजन उसका (अफजल गुरु का) शव वापस चाहते हैं, ताकि उसे उसके गृहनगर सोपोर में दफनाया जा सके। यासीन ने कहा कि उन्हें सरकार की इस पेशकश में कोई दिलचस्पी नहीं है कि उन्हें हवाईमार्ग से अफजल गुरु की कब्र पर फातिहा पढ़ने के लिए ले जाया जाएगा। उनका कहना था कि यदि ज़रूरत पड़ी तो हम खुद ही दिल्ली जाएंगे।

केन्द्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने कहा कि यदि अफजल गुरु के परिवार के निकटतम सदस्य तिहाड़ जेल आकर अफजल की कब्र पर प्रार्थना करना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। सिंह से सवाल किया गया था कि क्या अफजल के परिजनों को उसकी कब्र पर आकर प्रार्थना करने दिया जाएगा।

तिहाड़ जेल के अधिकारी जल्द ही औपचारिक फैसला करेंगे कि अफजल के परिवार वालों को कब्र पर किस संभावित तारीख को आने दिया जाए।

गृह सचिव ने कहा कि तिहाड़ जेल में अफजल की सभी वस्तुओं को उसके परिवार वालों को सौंपा जाएगा।

सोमवार को केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कहा था कि सरकार इस संबंध में अफजल के परिवार वालों के किसी भी आग्रह पर विचार करेगी।

उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था, ‘‘यदि वे (अफजल के परिवार वाले उसकी कब्र तक) जाना चाहते हैं तो उस पर विचार किया जा सकता है।

Source: http://khabar.ndtv.co

IOC ने कुश्ती को आउट किया, पहलवान सकते में

नई दिल्ली।। ओलिंपिक खेलों से कुश्ती खेल को हटाए जाने के अंतरराष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के फैसले से भारतीय कुश्ती जगत ने हैरानी और आश्चर्य व्यक्त किया है जबकि लंदन ओलिंपिक खेलों में भारतीय पदक विजेता पहलवानों को आशंका है कि इस फैसले से देश में कुश्ती को लेकर जो नया उत्साह पैदा हुआ था, वह समाप्त हो जाएगा।

लंदन ओलिंपिक खेलों के रजत पदक विजेता सुशील कुमार ने कहा, 'मुझे यकीन नहीं हो रहा है इस तरह का फैसला किया गया है। मैं ऐसा कोई कारण नहीं देखता जिससे 2020 ओलिंपिक खेलों से कुश्ती खेल को हटाया जाए।'

लगातार दो ओलिंपिक खेलों में पदक जीत कर भारतीय कुश्ती में इतिहास बनाने वाले सुशील ने कहा, 'मुझे लगता है कि अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति को अपने आगामी कार्यक्रम से इस खेल को हटाना काफी कठिन होगा क्योंकि इस खेल को पूरी दुनिया में देखा और खेला जाता है।'

यह पूछने पर कि क्या इस साल के आखिर में होने वाली आईओसी की बैठक में कुश्ती को ओलिंपिक खेलों में बरकरार रखा जाएगा। सुशील ने कहा, 'मुझे पूरा यकीन है कि कुश्ती ओलिंपिक खेलों का हिस्सा बनी रहेगी।'

लंदन ओलिंपिक में पदक जीतने वाले भारत के दूसरे पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि यह फैसला युवा पहलवानों के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। उन्होंने कहा कि उन युवा पहलवानों का क्या होगा जो भविष्य के ओलिंपिक खेलों के ध्यान में रख कर तैयारी कर रहे हैं। 

शनिवार, 9 फ़रवरी 2013

'अफ़ज़ल गुरु की फांसी का बदला लेंगे'


पाकिस्तान स्थित चरमपंथी गुट लश्कर ए तैय्यबा ने भारत को चेतावनी दी है कि वो अफ़ज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के खिलाफ़ बदला लेगा.
लश्कर ए तैयबा के प्रवक्ता डॉक्टर अब्दुल्ला गज़नवी ने श्रीनगर में मौजूद बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरुर को फोन पर बताया, '' अफ़ज़ल को फांसी से चढ़ाने से ही सब कुछ खत्म नहीं हुआ है. बहुत जल्द ही भारत को इस कदम का नतीजा भुगतना होगा.''
इस प्रवक्ता ने लश्कर ए तैय्यबा के चीफ ऑपरेशन कमांडर का हवाला देते हुए कहा, ''अफ़जल गुरु मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी किए बिना और इतनी जल्दबाज़ी में उन्हें फांसी पर चढ़ाया जाने का कदम एक बार फिर साबित करता है कि भारत में सभी सरकारें सत्ता में रहने के लिए मुसलमानों की भावनाओं की कदर नहीं करती हैं.''
इस गुट ने नई दिल्ली में सरकार से समझौता एक्सप्रेस के हमले में लिप्त पाए गए लोगों को फांसी दिए जाने की तारीख़ों की जानकारी देने की मांग की है.
उनका कहना था, ''भारत सरकार ने खुद अपनी जांच में ये पता लगाया है कि समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके को हिंदू आतंकवादियों ने अंजाम दिया था. अब इन लोगों को कब फांसी दी जाएगी?''
भारत और पाकिस्तान के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस में 18 फरवरी 2007 को हरियाणा में पानीपत के नजदीक धमाका हुआ जिसमें 68 लोग मारे गए और 12 घायल हो गए. मरने वालों में ज्यादातर पाकिस्तानी नागरिक थे.

'हौसले पस्त नहीं'

इस बीच, भारत प्रशासित कश्मीर में सक्रिय चरमपंथी संगठन अल उमर मुजाहिदीन के सुप्रीम कमांडर होने का दावा करते हुए मुश्ताक अहमद ज़रगर ने बीबीसी के दिल्ली दफ्तर में फोन कर कहा कि अफ़ज़ल गुरु को फांसी देने से उनके हौसले पस्त नहीं होंगे.
ज़रगर का कहना था, ‘‘ अफज़ल गुरु को फांसी दिए जाने से हमारे ऊपर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. हम कोई बातचीत नहीं करेंगे. कश्मीर छीन कर लेंगे और जिहाद ही एकमात्र रास्ता है कश्मीर की आज़ादी का.’
मुश्ताक अहमद ज़रगर ने बीबीसी को फोन पर बताया कि उनका संगठन भारत सरकार या कश्मीर की सरकार से बातचीत भी नहीं करना चाहता है.
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत सरकार ग़लतफ़हमी में न रहे. हम कश्मीर छीन के लेंगे. वो चाहे तो कश्मीरियों को फांसी पर चढ़ा दे. मुसलमानों को फांसी दे दे लेकिन हम पर फर्क नहीं पड़ेगा. हम लड़ते रहेंगे.’’
अफज़ल गुरु को दी गई फांसी के विरोध में कश्मीर में तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया गया है.
उल्लेखनीय है कि अफज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद कश्मीर में कुछ झड़पें भी हुई हैं और माहौल तनावपूर्ण बताया जाता है.

ज़िम्मेदारी

वहीं कश्मीर के सियासी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं.
पीडीपी के नेता नईम अख्तर ने टीवी चैनलों से कहा, “अफज़ल गुरू को फांसी देने का फैसला सरकार का हो सकता है लेकिन अब्दुल्ला भी इसी गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं. वह भी अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं.
पार्टी ने अफज़ल गुरू का शव परिवार वालों को सौंपने की मांग की है और राज्य में शांति बरतने की भी अपील की है.
इस बीच मुश्ताक अहमद ज़रगर ने बीबीसी को फोन पर बताया कि उनका संगठन भारत सरकार या कश्मीर की सरकार से बातचीत भी नहीं करना चाहता है.
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत सरकार ग़लतफ़हमी में न रहे. हम कश्मीर छीन के लेंगे. वो चाहे तो कश्मीरियों को फांसी पर चढ़ा दे. मुसलमानों को फांसी दे दे लेकिन हम पर फर्क नहीं पड़ेगा. हम लड़ते रहेंगे.’’
उल्लेखनीय है कि अफज़ल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद कश्मीर में कुछ झड़पें भी हुई हैं और माहौल तनावपूर्ण बताया जाता है.
वहीं कश्मीर के सियासी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने कहा है कि उमर अब्दुल्ला अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते हैं.
पीडीपी के नेता नईम अख्तर ने टीवी चैनलों से कहा, “अफज़ल गुरू को फांसी देने का फैसला सरकार का हो सकता है लेकिन अब्दुल्ला भी इसी गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं. वह भी अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते हैं.
पार्टी ने अफज़ल गुरू का शव परिवार वालों को सौंपने की मांग की है और राज्य में शांति बरतने की भी अपील की है.
सोर्स : बीबीसी हिन्दी डॉट काम

आतंक के 'गुरु' से फांसी के फंदे तक का सफर


संसद भवन में अचानक एक सफेद एंबेसेडर से आए जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने 45 मिनट तक गोलीबारी कर संसद परिसर को दहला दिया था। संसद पर अचानक हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।
जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकवादी को फांसी पर लटकाए जाने तक का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:   
    
13 दिसंबर 2001 : पांच आतंकवादियों ने संसद परिसर में घुस कर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। नौ लोग मारे गए और 15 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।  
15 दिसंबर 2001 : दिल्ली पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य अफजल गुरु को जम्मू-कश्मीर से पकड़ा। दिल्ली विश्वविद्यालय के जाकिर हुसैन कॉलेज के एसएआर गिलानी से पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद दो अन्य- अफसाना गुरु और उसके पति शौकत हुसैन गुरु को पकड़ा गया।  
29 दिसंबर 2001 : अफजल गुरु को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
 4 जून 2002 : चार लोगों- अफजल गुरु, गिलानी, शौकत हुसैन गुरु, अफसान गुरु के खिलाफ आरोप तय।
 18 दिसंबर 2002 : एसएआर गिलानी, शौकत हुसैन गुरु और अफजल गुरु को मृत्युदंड, जबकि अफसाना गुरु को बरी किया गया।  
30 अगस्त 2003 : हमले का मुख्य आरोपी जैश-ए-मोहम्मद नेता गाजी बाबा श्रीनगर में बीएसएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। 10 घंटे तक चली मुठभेड़ में उसके साथ ही तीन और आतंकवादी मारे गये।  
29 अक्टूबर 2003 : मामले में गिलानी बरी।
4 अगस्त 2005 : उच्चतम न्यायालय ने अफजल गुरु को मौत की सजा पर मुहर लगाई, वहीं शौकत हुसैन गुरु की मौत की सजा को बदलकर 10 साल सश्रम कारावास कर दिया।    
26 सितंबर 2006 : दिल्ली अदालत ने अफजल को फांसी पर लटकाने का आदेश दिया।  
3 अक्टूबर 2006 : अफजल गुरु की पत्नी तब्बसुम गुरु ने तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के समक्ष दया याचिका दायर की।  
12 जनवरी 2007 : उच्चतम न्यायालय ने मौत की सजा की समीक्षा को लेकर अफजल गुरु की याचिका विचार योग्य नहीं कहते हुए खारिज की।  
19 मई 2010 : दिल्ली सरकार ने अफजल गुरु की दया याचिका खारिज की, उच्चतम न्यायालय द्वारा उसे दिए गए मृत्युदंड का समर्थन किया।   
30 दिसंबर 2010 : दिल्ली के तिहाड़ जेल से शौकत हुसैन गुरु रिहा।  
10 दिसंबर 2012 : गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि 22 दिसंबर को संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त होने के बाद अफजल गुरु की फाइल पर गौर करेंगे।  
3 फरवरी 2013 : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफजल गुरु की दया याचिका ठुकराई।  
9 फरवरी 2013 : तिहाड़ जेल में अफजल गुरु को दी गई फांसी।

दया याचिका खारिज होते ही अफजल को फांसी दी: अश्विनी 
केन्द्रीय कानून मंत्री अश्विनी कुमार ने शनिवार को इन आरोपों से इनकार किया कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी पर चढ़ाने में केन्द्र की संप्रग सरकार ने देरी की और कहा कि जैसे ही तीन फरवरी को राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज की, सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर अमल कर उसे फांसी पर चढ़ा दिया।
दो दिनों की यात्रा पर झारखंड आये अश्विनी ने भाजपा के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को फांसी चढ़ाने में केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने जानबूझ कर देरी की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफजल की दया याचिका तीन फरवरी को खारिज की और केन्द्र ने आवश्यक कार्यवाही पूरी कर उसे एक हफ्ते के भीतर फांसी दे दी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दया याचिकाओं पर अमल करने की समय सीमा तय करने के बारे में वह कुछ नहीं कहना चाहेंगे, क्योंकि यह मामला केन्द्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ा है। अफजल की फांसी पर सहयोगी नेशनल कांफ्रेंस की ओर से भारत-पाक के बीच चल रहे शांति प्रयासों को झटका लगने की आशंका जाहिर करने और इस कदम को ठीक न बताने पर कुमार ने कहा कि इस बारे में कोई क्या कहता है, इससे कांग्रेस को सरोकार नहीं है। हमने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का अनुपालन किया है। उन्होंने कहा कि देश की अदालतों में न्याय में हो रही देरी को दूर करने के लिए 1800 नये न्यायाधीशों के पद सजित किये जा रहे हैं और संवेदनशील मामलों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन किया जा रहा है।

जानिए कौन था संसद पर हमले का आरोपी अफजल गुरु  
जैश-ए-मोहम्‍मद का आतंकवादी मोहम्‍मद अफजल गुरु, जो भारतीय संसद पर हमले का दोषी था, उसे 9 फरवरी को फांसी दे दी गई। 13 दिसंबर 2001 में भारतीय संसद में हमले का मास्‍टरमाइंड अफजल को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 में ही फांसी की सजा सुना दी थी।
जम्‍मू और कश्‍मीर के बारमूला जिले का रहने वाला अफजल गुरु वारदात के समय एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। आईएएस की परीक्षा की तैयारी करने वाला अफजल बाद में जम्‍मू कश्‍मीर लिबरेशन फ्रंट का सदस्‍य बना और वहीं से उसने आतंकी ट्रेनिंग ली। मूल रूप से कश्‍मीर के सोपोर का रहने वाला अफजल अपने काम के सिलसिले में तारिक नाम के शख्‍स से मिला, जिसने उसे जिहाद के लिए उकसाया। बाद में तारिक ने ही उसे पाकिस्‍तान स्थित गाजियाबाद में अन्‍य आतंकियों से मिलाया। वहां पर अफजल को फिदाइन हमले की ट्रेनिंग दी गई। संसद हमले में जैश-ए-मोहम्‍मद के साथ लश्‍कर-ए-तैयबा के भी आतंकी थे। इस हमले में एक महिला कांस्‍टेबल सहित सात सुरक्षा जवान मारे गए थे। इससे पहले पिछले साल 21 नवंबर 2012 को मुंबई हमले के एकमात्र जीवित आतंकी अजमल कसाब को फांसी दे दी गई थी।


13 दिसंबर 2001...भारतीय संसद पर हमले का दिन 
13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने भारतीय लोकतंत्र के पवित्र मंदिर भारतीय संसद पर हमला किया था। यह पाकिस्तान की भारतीय लोकतंत्र के मंदिर को नेस्तनाबूद करने की एक आतंकवादी साजिश थी, लेकिन हमारे सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए इन आतंकियों को मार गिरया।
13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद, लोकतंत्र का पवित्र मंदिर जहां जनता द्वारा चुने गए सांसद भारत की नीति-निर्धारण करते हैं। आम दिनों में जब संसद भवन के परिसर में कोई सफेद रंग की एंबेसेडर आती है तो कोई ध्यान नहीं देता, लेकिन उस दिन उस सफेद रंग की एंबेसेडर ने कोहराम मचा दिया। संसद भवन के परिसर में अचानक एक सफेद एंबेसेडर से आए जैश-ए- मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने 45 मिनट तक संसद परिसर में गोलीबारी कर दहला दिया था। संसद पर अचानक हुए इस हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। संसद परिसर के अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने अचानक हुए इस हमले का जान पर खेलकर सामना किया। लोकतंत्र के इस मंदिर पर कोई आंच न आए, इसलिए उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरक्षाकर्मियों ने सभी पांच आतंकियों को मार गिराया। आतंकियों का सामना करते हुए दिल्ली पुलिस के पांच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल और संसद के दो गार्ड शहीद हुए। 16 जवान इस दौरान मुठभेड़ में घायल हो गए थे। संसद पर हमले की घिनौनी साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी और हमले का मास्टरमाइंड अफजल गुरु को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। संसद पर हमले की साजिश रचने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2005 को अफजल गुरु को फांसी की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने आदेश दिया था कि 20 अक्टूबर 2006 को अफजल को फांसी के तख्ते पर लटका दिया जाए। 3 अक्टूबर 2006 को अफजल की पत्नी तब्बसुम ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की थी। तब से मामला विचाराधीन था। मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी पर लटकाए जाने के बाद अफजल गुरु को भी फांसी पर लटकाए जाने की मांग तेज हो गई थी। राष्ट्रपति ने इस दया याचिका पर गृह मंत्रालय से राय मांगी थी। गृह मंत्रालय ने इसे दिल्ली सरकार को भेज दिया था जहां दिल्ली सरकार ने इसे खारिज करके वापस गृह मंत्रालय को वापस भेज दिया था। गृह मंत्रालय ने भी दया याचिका पर फैसला लेने में वक्त लगाया, लेकिन मंत्रालय ने बाद में अपनी फाइल राष्ट्रपति के पास भेज दी। आखिरकार राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफजल की दया याचिका को ठुकराकर फांसी पर अपनी मुहर लगा दी और इसके बाद गृह मंत्रालय ने अफजल को फांसी पर लटकाने के फैसले को अंतिम रूप देते हुए शनिवार सुबह तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।

आखिरी इच्‍छा के तौर पर अफजल ने मांगी थी कुरान  
पहले अजमल आमिर कसाब और अब अफजल गुरु को फांसी दे दी गई है। अफजल को सजा-ए-मौत पर तामील होगा, यह 3 फरवरी को ही तय हो गया था। 3 फरवरी को राष्‍ट्रपति के यहां से अफजल गुरु की दया याचिका खारिज होने की लिखित सूचना गृह मंत्रालय के पास आ गई थी। इसके बाद गृह मंत्रालय तत्‍काल सक्रिय हुआ। केवल पांच दिन में उसे फांसी पर लटका दिया गया। राष्‍ट्रपति के रहम नहीं दिखाने के तत्‍काल बाद गृह मंत्रालय ने दिल्‍ली सरकार को इसकी सूचना दी। अफजल तिहाड़ जेल में बंद था और यह दिल्‍ली में है। लिहाजा दिल्‍ली सरकार को सूचना देना जरूरी था। तिहाड़ जेल में सिर्फ महानिदेशक (डीजी) विमला मेहरा को ही इसकी खबर थी। पूरे मिशन को एकदम गुप्‍त रखा गया था। 9 फरवरी को अफजल को फांसी होगी, इसकी जानकारी तिहाड़ जेल नंबर 3 के अफसरों के अलावा किसी को नहीं दी गई। अफजल को जेल नंबर 3 में ही फांसी पर लटकाया गया। शुक्रवार (8 फरवरी) को ही उसे फांसी के बारे में बता दिया गया था और उसकी अंतिम इच्‍छा भी पूछ ली गई थी। उसने अंतिम इच्‍छा के रूप में 'कुरान' की एक प्रति मांगी थी। उसके पास इसकी एक प्रति पहले से थी, लेकिन अंतिम इच्‍छा के तौर पर भी उसने यही मांग की। उसे यह मुहैया करा दिया गया था। रात में उसके सेल में खाने-पीने की कई चीजें भी रखी गई थीं। लेकिन उसने कुछ नहीं खाया। रात भर में उसने दो-तीन गिलास पानी पीया। रात भर वह सो नहीं सका। सुबह अफसरों ने जब संतरी से पूछा कि क्‍या अफजल जग गया है, तो उसका कहना था कि वह रात भर सोया ही नहीं। शनिवार सुबह 6 बजे जेल डीआईजी, जेल सुपरिटेंडेंट, डिप्‍टी सुपरिटेंडेंट, मजिस्‍ट्रेट और डॉक्‍टर जेल नंबर 3 पहुंचे। संतरी से पूछा गया कि क्‍या वह जग गया तो बताया कि वह सोया ही नहीं था। डॉक्‍टरों ने उसका टेस्‍ट किया। सब ठीक पाया गया। वह थोड़ा घबराया था। उसे डेथ वारंट सुनाया गया। अंतिम समय में अफजल बिना कॉलर का कुर्ता पहने हुए था। शनिवार सुबह 8 बजे अफजल को डॉक्‍टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके करीब 15 मिनट बाद सरकार की ओर से इसकी पुष्टि की गई।

एकदम गुप्त रखा गया अफजल को फांसी का मिशन  
वर्ष 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकवादी हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार को फांसी दे दी गई। राज्य संचालित समाचार चैनल दूरदर्शन ने यह खबर जारी की है।
तिहाड़ जेल में सिर्फ महानिदेशक (डीजी) विमला मेहरा को ही इसकी खबर थी। पूरे मिशन को एकदम गुप्‍त रखा गया था। 9 फरवरी को अफजल को फांसी होगी, इसकी जानकारी तिहाड़ जेल नंबर 3 के अफसरों के अलावा किसी को नहीं दी गई। अफजल को जेल नंबर 3 में ही फांसी पर लटकाया गया। दूरदर्शन की ओर से कहा गया है कि केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह ने पुष्टि की है कि 13 दिसम्बर, 2001 को संसद पर हुए हमले में मुख्य भूमिका निभाने वाले अफजल को फांसी दे दी गई है। इससे पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफजल की दया याचिका खारिज कर दी थी। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजमोनी ने बताया कि राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने कुछ दिन पहले यह याचिका खारिज की।