रविवार, 27 जनवरी 2013

राजनाथ ने दी शिंदे को चुनौती, कहा-RSS, BJP पर प्रतिबंध लगाएं


नई दिल्ली : हिंदू आतंकवाद टिप्पणी के लिए सुशील कुमार शिंदे पर करारा प्रहार करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि गृहमंत्री ने इस टिप्पणी से भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया है। सिंह ने गृह मंत्री को चुनौती दी कि अगर इन संगठनों के खिलाफ कोई साक्ष्य है तो आरएसएस एवं भाजपा पर प्रतिबंध लगाएं और सभी नेताओं को गिरफ्तार करें।

शिंदे की टिप्पणी पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए राजनाथ ने स्पष्ट किया कि पार्टी शिंदे को हटाने के लिए अपनी मुहिम संसद के बजट सत्र में भी जारी रखेगी जिसके अगले महीने के तीसरे सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।

गृहमंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिंह ने कहा,‘अगर गृह मंत्री के तौर पर आप समझते हैं कि आरएसएस और भाजपा आतंकवाद का पोषण कर रहे हैं तब हमने भी उन प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया होगा। क्या हम आतंकवादी हैं? क्या आप हमें आतंकवादी समझते हैं? अगर ऐसा है तब हमें जेल में डालिए।’

जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर में शिंदे ने आरएसएस और भाजपा पर अपने प्रशिक्षण शिविर में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि शिंदे ने वोट बैंक की राजनीति के कारण इस तरह की टिप्पणी की।

शिंदे के हिन्दू आतंकवाद संबंधी टिप्पणी के समर्थन में गृह सचिव आरके सिंह की ओर से कुछ नाम के उल्लेख की खबर के बारे में पूछे जाने पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस एक बड़ा संगठन है और किसी ना किसी ने कभी ना कभी शिविर में हिस्सा लिया होगा।

राजनाथ ने कहा,‘इसका अर्थ यह नहीं है कि संगठन आतंकवादी संगठन है। ऐसा संभव है कि ऐसे लोग विगत में कांग्रेस से भी जुड़े होंगे। कानून अपना काम करेगा। पूरे संगठन को कुछ लोगों के कार्यों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। यहां तक की परिवार में भी एक व्यक्ति कोई गलत काम करता है तब पूरे परिवार को अपराधी नहीं ठहराया जाता।’

जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद के शिंदे की टिप्पणी का इस्तेमाल किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के गृह मंत्री के बयान का पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन समर्थन कर रहा है और सरकार चुप है।

उन्होंने कहा,‘जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद ने पूरी दुनिया को यह बताने का प्रयास किया कि भारत आतंकवादी देश है। क्या भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धक्का नहीं पहुंचा है? ’ राजनाथ ने इस विषय में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राजनाथ ने कहा,‘हमने प्रधानमंत्री से शिंदे के बयान पर माफी मांगने और इसे वापस लिए जाने की मांग की। प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी ने इस पर चुप्पी साधे रखी। जब देश की छवि के सवाल पर प्रधानमंत्री नहीं बोले तब वह कब बोलेंगे?’

उन्होंने कहा,‘और अगर कांग्रेस अध्यक्ष भारत की छवि से जुड़े विषय पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं देंगी तब कब बोलेंगी?’
भाजपा अध्यक्ष का कहना था कि पूरी दुनिया की एजेंसियां कह रही हैं कि लश्कर ए तैयबा और अन्य आतंकवादी संगठन मक्का मस्जिद और अजमेर विस्फोट के पीछे हैं लेकिन भारत के गृह मंत्री कह रहें हैं कि इनके पीछे आरएसएस और भाजपा है।

उन्होंने कहा,‘गृह मंत्री के बयान से वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को धक्का पहुंचा है जो वोट बैंक की राजनीति को ध्यान में रखते हुए दी गई है। कांग्रेस को ऐसे बयानों से कोई चिंता नहीं है जिससे भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर धक्का पहुंचता हो। उन्हें केवल सत्ता में बने रहने की चिंता है।’

शिंदे की टिप्पणी को कांग्रेस की व्यग्रता करार देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति केवल सरकार में बने रहने के लिए नहीं की जानी चाहिए बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा संसद के आगामी सत्र में संसद के दोनों सदनों में और बाहर इस विषय को जोरदार ढंग से उठाएगी।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा,‘हम संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करना चाहते हैं लेकिन हम देश के सम्मान और भ्रष्टाचार के विषय पर सरकार को घेरेंगे। संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की जवाबदेही सरकार की है।’
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स्रोत (साभार) :   http://zeenews.india.com

गुरुवार, 24 जनवरी 2013

स्कूल में करता था छात्राओं से रेप

नवी मुंबई ।। उरान के एक स्कूल टीचर द्वारा छात्राओं के साथ की गई छेड़छाड़ का मामले में जैसे-जैसे सच सामने आ रहा है यह मामला अधिक से अधिक गंभीर होता जा रहा है। खबर है कि आरोपी टीचर कई छात्राओं को अपनी हवस का शिकार बना चुका है। ऐसी 19 पीड़ित छात्राएं सामने आ चुकी हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक शुरू में इसे छेड़छाड़ का एक सामान्य मामला माना गया था। आरोपी टीचर दत्ता जाधव को शनिवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद रविवार को जमानत भी मिल गई। मगर, उसके मोबाइल पर कई अन्य लड़कियों की आपत्तिजनक तस्वीरें देखने के बाद पुलिस को दाल में काला नजर आने लगा था। इसी बीच कई और लड़कियां शिकायतों के साथ सामने आईं और दत्ता जाधव को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले में सामने आ रहे नए सच रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। लड़कियों के मुताबिक तीन बच्चों का पिता जाधव पांचवीं, छठी और सातवीं क्लास की लड़कियों को निशाना बनाया करता था। वह वॉशरूम में भी उनके पीछे-पीछे चला जाता था। इतना ही नहीं, प्रिंसिपल केबिन में भी वह लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाता था। आरोप है कि प्रिंसिपल वनिता पाटील सारी बातें जानते हुए भी न केवल चुप्पी बनाए हुए थी बल्कि दत्ता जाधव की मदद किया करती थी। अगर कोई छात्रा हिम्मत करके उनके पास पहुंचती भी थी, तो वह डांटते हुए उसे स्कूल को बदनाम करने वाली अफवाहें न फैलाने की हिदायत देती थीं और यह भी धमकी भी कि अगर उसने ऐसा किया तो उसे स्कूल से निकाल दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक शिकायतों में इन छात्राओं ने कहा है कि कई दफे प्रिंसिपल उस रूम के सामने किसी छात्र को खड़ा करके उससे इस बात का ध्यान रखवाती थी कि जब दत्ता जाधव किसी लड़की के साथ अंदर हो तो उस रूम में कोई और न पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक इस जिला परिषद स्कूल की पीड़ित छात्राएं इस कदर खौफ में थीं कि अपने माता-पिता से भी खुलकर कुछ नहीं कह पा रही थीं। शनिवार को दत्ता जाधव की गिरफ्तारी के बाद कुछ छात्राओं ने हिम्मत की तो अभिभावक बाहर आए। मोतीजुई ग्राम पंचायत की शिक्षा कमिटी के चेयरमैन अशोक पाटिल को जब जानकारी मिली तो उन्होंने इन लड़कियों से निजी तौर पर मिलकर उन्हें विश्वास में लिया। तब ये लड़कियां पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने को राजी हुईं। 

आतंकी संगठनों की 26 जनवरी पर कसाब का बदला लेने की धमकी


 
नई दिल्ली।। मुंबई हमलों के आतंकवादी अजमल कसाब की मौत का बदला देने के लिए पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठनों भारत में 26 जनवरी को बड़ी वारदात करने का ऐलान किया है। हमारे सहयोगी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' को इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और तहरीक-ए-तालिबान ने मिलकर 26 जनवरी समारोहों में आतंकी हमलों का प्लान बनाया है। बताया जा रहा है कि इसके लिए बारूद और हथियार भारत पहुंचा दिए गए हैं।

सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी को बेहद गंभीरता से ले रही हैं। गौरतलब है कि कसाब को 21 नवंबर को पुणे की जेल में फांसी दी गई थी। तब से आतंकी संगठन कसाब की मौत का बदला लेने के लिए कई बार धमकियां दे चुके हैं। इस बार मामला गंभीर है। आईबी के मुताबिक आतंकियों ने इसके लिए दिल्ली में चार प्रमुख स्थानों को चुना है। इसमें लोटस टैंपल, चांदनी चौक, गांधी नगर मार्केट और एक मुख्य मेट्रो स्टेशन शामिल है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-जहानवी ने 26 जनवरी को 26/11 जैसे हमले की भी योजना बनाई है। इसके लिए आतंकियों को अफगान पासपोर्ट मुहैया करा दिए गए हैं।

उधर, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकियों की रेकॉर्ड की गई बातचीत से एक और साजिश का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि 26 जनवरी को भारतीय सैनिकों पर और हमले हो सकते हैं। आईएसआई ने आतंकियों को भारतीय सेना पर हमले के लिए इनाम का ऐलान किया है। आईएसआई ने लैंडमाइन बिछाने के लिए 5 हजार और भारतीय जवान का सिर काटने पर 5 लाख का इनाम रखा है। 
 

10 'भगवा आतंकियों' की लिस्ट

नई दिल्ली।। 'भगवा आतंकवाद' के मसले पर गृह मंत्रालय अपने तेवर नरम करने के मूड में नज़र नहीं आ रहा। पहले जहां सरकार शिंदे के इस बयान से किनारा करने की कवायद में जुटी थी, वहीं अब सरकार ने 10 भगवा आतंकवादियों की एक लिस्ट जारी कर दी है।

नैशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) द्वारा हाल ही में जारी की गई एक लिस्ट में ऐसे 10 लोगों के नाम शामिल हैं जिनके तार संघ या अन्य हिंदुत्ववादी संगठनों से जुड़े हैं। यह सभी देश के कई हिस्सों में आतंकवाद फैलाने को लेकर शक के दायरे में हैं। यूनियन होम सेक्रेटरी आर. के. सिंह ने इस रिपोर्ट पर मुहर लगाते हुए कहा है कि यह लिस्ट पुख्ता सबूतों के आधार पर तैयार की गई है। इस लिस्ट में शामिल 10 नाम हैं:

1-सुनील जोशी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता। 90 के दशक से लेकर 2003 तक मध्य प्रदेश के महु और देवास में सक्रिय। समझौता एक्सप्रेस कांड और अजमेर शरीफ की दरगाह पर हुए धमाकों के आरोपियों की फेहरिस्त में नाम शामिल।


2-संदीप डांगे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हैं और 90 के दशक से 2006 तक महु, इंदौर, उत्तरकाशी और साझापुर में सक्रिय रहे हैं। इनपर समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों की साजिश में शामिल होने का आरोप है। फिलहाल फरार।

3-लोकेश शर्मा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाहक। देवगढ़ में घर। समझौता एक्सप्रेस कांड और मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया।

4-स्वामी असीमानंद
90 के दशक से 2007 तक गुजरात के डांग स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा वनवासी कल्याण परिषद से जुड़ाव। समझौता एक्स्प्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है।

5-राजेंद्र (उर्फ समुंदर)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वर्ग विस्तारक रहे। समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद धमाके के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

6-मुकेश वासानी
गोधरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता रहे। अजमेर ब्लास्ट में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया गया है।

7-देवेन्द्र गुप्ता
महु और इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। अजमेर ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

8-चंद्रशेखर लेवे
2007 में शाहजहांपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। मक्का मस्जिद ब्लास्ट में शामिल होने के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है।

9-कमल चौहान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक। समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर धमाकों की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है।

10-रामजी कालसंगरा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी। समझौता एक्सप्रेस कांड और मक्का मस्जिद ब्लास्ट में शामिल होने का आरोप है। फिलहाल फरार।

शनिवार, 19 जनवरी 2013

कांग्रेस उपाध्यक्ष बने राहुल गांधी, कांग्रेस में जश्न

जयपुर। राजस्थान में चल रहे चिंतन शिविर के दूसरे दिन राहुल गांधी को कांग्रेस पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पार्टी उपाध्यक्ष बनाया है। यह फैसला कांग्रेस वर्किंग कमेटी की शनिवार शाम को हुई बैठक में लिया गया। सूत्रों के अनुसार बैठक में राहुल को उपाध्यक्ष बनाने का फैसला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने रखा तथा अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसकी अनुमति दे दी। बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि अब पार्टी में राहुल की स्थिति नंबर दो की है। राहुल को उपाघ्यक्ष बनाए जाने की सूचना के बाद कांग्रेस पार्टी तथा उनके कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर फैल गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कांग्रेस पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड तथा सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर अपनी खुशी का इजहार करने पहुंचने लगे हैं।
राहुल को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि राहुल जिस दिन से सक्रिय राजनीति में आए उसी दिन से सोनिया के बाद नंबर दो पर थे। ऐसे में आज की घोषणा में नया कुछ नहीं है जिसपर उन्हें बधाई दी जाए। उन्होंने कहा कि राहुल को नंबर दो बनाने से भी कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होने वाला है।
इससे पहले कांग्रेस के चिंतन शिविर में युवा ब्रिगेड ने पहले ही दिन से राहुल लाओ का ऐसा शोर बुलंद किया कि चर्चा के सारे विषय इसके आगे मद्धिम हो गए। चिंतन में पहली बार शामिल हुए युवा नेता और मंत्रियों ने तत्काल राहुल को बड़ा पद दिए जाने या अगले चुनाव में पार्टी का चेहरा घोषित करने की जोरदार तरीके से मांग उठाई। संकेत यह भी हैं कि रविवार को एआइसीसी के देश भर से आए करीब 1500 सदस्य राहुल को और बड़ा पद लेने के लिए माहौल बनाएंगे।
जयपुर चिंतन में राजनीतिक, सांगठनिक, महिला सुरक्षा, विदेश नीति, आर्थिक-सामाजिक विषयों पर भले ही अलग-अलग चिंतन हुआ, लेकिन पूरे मंथन का सार राहुल गांधी के इर्द-गिर्द ही रहा। सोनिया गांधी के अध्यक्ष रहते पहले हुए दो चिंतन शिविरों से जयपुर चिंतन काफी अलहदा था। पंचमढ़ी में कांग्रेस ने एकला चलो यानी गठबंधन न करने का नारा दिया था तो शिमला में पार्टी ने व्यवहारिक राजनीति के मद्देनजर गठबंधन को मंजूरी दी थी। इस दफा जयपुर चिंतन वास्तव में राहुल गांधी को पार्टी में सर्वोच्च स्तर पर स्थापित करने का प्लेटफार्म बन गया।
पांच विषयों पर चर्चा के लिए बने हर समूह में राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग उठी। केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ल ने तो साफ कहा 'कार्यकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सेक्रेट्री जनरल किसी भी पद पर उनके नाम का एलान रविवार तक हो जाएगा।' हालांकि, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह का कहना था 'राहुल तो बड़ी जिम्मेदारी उठा ही रहे हैं। वह पार्टी का चेहरा हैं, बाकी पद कोई बड़ा मुद्दा नहीं है।' छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी कुछ ऐसी ही बात कही। मगर पार्टी के सभी युवा मंत्री जितिन प्रसाद, प्रदीप जैन, ज्योतिरादित्य, मिलिंद देवड़ा तत्काल राहुल को बड़ा पद या प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित करने पर जोर देते रहे। इन सभी का कहना था कि वे राहुल को प्रधानमंत्री बने देखना चाहते हैं। अब उनकी बड़ी भूमिका पर फैसला लेने में देर नहीं करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के उद्घाटन भाषण में बदलते भारत की अपेक्षाओं का जिक्र करने को ही आगे बढ़ाते हुए युवा ब्रिगेड ने राहुल को सभी सवालों के जवाब के रूप में पेश किया। माहौल ऐसा बना कि कांग्रेस के बड़े नेता कमलनाथ, सलमान खुर्शीद, मणिशंकर अय्यर ने भी युवाओं के ही सुर में सुर मिलाया। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि रविवार को एआइसीसी की बैठक में क्या घोषणा होती है या माहौल बनता है।
प्रदेश अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
नई दिल्ली। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर जिला व ब्लाक अध्यक्ष अब लोकसभा, विधानसभा या जिला पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा। यह नियम विभिन्न राज्यों के प्रभारी महासचिवों पर भी लागू होगा। सांगठनिक चुनौतियों पर चर्चा के दौरान इस पर आम सहमति बन गई है। साथ ही इसमें यह भी तय हुआ है कि लोकसभा चुनाव के प्रत्याशी एक साल पहले और विधानसभा के उम्मीदवार मतदान के तीन माह पहले घोषित कर दिए जाएंगे। साथ ही संगठन से लेकर टिकटों तक में 30 फीसद युवाओं को प्रतिनिधित्व देने का भी प्रस्ताव पारित हुआ।
संगठन में युवाओं की भागीदारी पर ही सबसे ज्यादा चर्चा हुई और उसके तहत यह फैसला लिया गया। विभिन्न अध्यक्षों या प्रभारियों के चुनाव लड़ने पर रोक के तर्क में कहा गया कि इससे चुनावी तैयारियां प्रभावित होती हैं। ये लोग अपने चुनाव में लग जाते हैं, जिससे उनका प्रमुख दायित्व पीछे छूट जाता है। इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ता है। इसी तरह राजनीतिक चुनौतियों वाले समूह में मुख्य तौर पर गठबंधन, सोशल मीडिया, अल्पसंख्यक, प्रोन्नति में आरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया के मुद्दे पर तय हुआ कि रोक लगाने के बजाय उस पर चलने वाली गतिविधि का बकायदा जवाब देने का तंत्र तैयार किया जाए। उनका मानना था कि नियंत्रण जैसा कोई मुद्दा भी उठा तो उसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी।

कांग्रेस पार्टी के उपाध्‍यक्ष बने राहुल गांधी


आखिरकार राहुल गांधी के कंधे पर बड़ी जिम्‍मेदारी डाल दी गई. राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्‍यक्ष बना दिया गया है. कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में यह फैसला लिया गया.राहुल गांधी को उपाध्‍यक्ष बनाए जाने की घोषणा से पहले ही जयपुर में जश्न की तैयारियां शुरु हो चुकी थीं. रथ सजाए गए, ढोल नगाड़ों का इंतजाम किया गया.पिछले दो दिनों में बुजुर्ग से लेकर युवा नेताओं की फौज ने खुलकर राहुल राग अलापा. सबने एक सुर में कहा-
राहुल को लाओ 2014 में पीएम बनाओ.
नेहरू-गांधी परिवार के वारिस राहुल गांधी जब से सियासी मैदान में उतरे हैं, तभी से उन्हें कांग्रेस का भविष्य माना गया. 2009 की चुनावी जीत ने राहुल गांधी के कद को बढ़ा दिया.
इसके बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात जैसे अहम राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन राहुल का जादू फीका नजर आया. उत्तर प्रदेश चुनावों में राहुल काफी आक्रामक नज़र आए लेकिन नतीजा आया तो साबित हो गया कि सिर्फ तेवर से वोट नहीं मिलते.
दरअसल, कांग्रेस को लग रहा है कि राहुल की अगुवाई में युवाओं की बड़ी तादाद कांग्रेस से जुड़ेगी लेकिन कांग्रेस के यूथ राग पर में बीजेपी कोई कुछ दूसरा एजेंड़ा नजर आ रहा है.
दरअसल, राहुल कांग्रेस के लिए अब तक इक्के की तरह थी जिसे पार्टी ने हर जरुरी मौके पर निकाला और अब कांग्रेस का वही इक्का तुरुप बन गया लेकिन सवाल ये कि क्या राहुल दांव विपक्ष को चुनावी मैदान में चित कर पाएगा. उन्होंने बताया कि 2014 में होने वाला लोकसभा चुनाव किस के नेतृत्व में लड़ा जाएगा, यह बाद में तय किया जाएगा।

43 वर्षीय राहुल को 2007 में पार्टी का महासचिव बनाया गया था। राहुल को उपाध्यक्ष बनाए जाने की औपचारिक घोषणा होने से एक घंटे पहले ही बिड़ला ऑडिटोरियम के बाहर कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगने लगा था।

कार्यकर्ता रथ लेकर सभागार के बाहर पहुंच गए और राहुल गांधी के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। ‘देश का नेता कैसा हो, राहुल गांधी जैसा हो’ जैसे नारे लगाए जा रहे थे।

राहुल को उपाध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा होने के बाद कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए तथा आतिशबाजी भी शुरू कर दी।

इससे पहले आज कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया था कि चिंतन शिविर में राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने की औपचारिक घोषणा कल तक हो सकती है।

पार्टी के युवा नेता और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना था कि राहुल पहले ही बड़े बड़े कदम उठा रहे हैं और कई बड़े फैसले करते आ रहे हैं। यहां चल रहे चिन्तन शिविर में भी लगभग 60 प्रतिशत युवाओं की भागीदारी उन्हीं की पहल का नतीजा है।

जब कहा गया कि राहुल अनौपचारिक रूप से पार्टी में नंबर दो हैं और अधिकतर ब़ड़े फैसलों में वह शामिल होते हैं लेकिन औपचारिक रूप से उनके द्वारा पार्टी की अगुवाई करने की घोषणा कब होगी तो सिंधिया का जवाब था, ‘कल तक इंतजार कीजिए।’

एक अन्य वरिष्ठ नेता और संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने कहा कि यह लगभग निश्चित है कि 2014 के लोकसभा चुनाव की अगुवाई राहुल ही करेंगे। इस सवाल पर कि क्या उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जा सकता है, शुक्ला ने कहा कि ये सब बातें बाद में देखने की हैं और पार्टी अध्यक्ष इस बारे में फैसला करेंगी लेकिन यह तय है कि वह आने वाले दिनों में बड़ी जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं।

एक अन्य युवा नेता एवं केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि हम सबकी भावना है कि राहुल को पूरी जिम्मेदारी सौंपी जाए और हमें पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस की इस बैठक में ऐसा कोई औपचारिक फैसला किया जाएगा।

दो पुरुषों ने एक ही महिला को अपनी पत्नी बताया


रायसेन। अदालत में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब दो पुरुष एक महिला के पति होने का दावा करने लगे। रायसेन के सब डिविजनल मैजिस्ट्रेट लाखन सिंह टेकाम की अदालत में शुक्रवार को यह घटना हुई। महिला श्यामाबाई (बदला हुआ नाम) ने नूरगंज निवासी भैयालाल से तीन साल पहले शादी की थी। कुछ समय तो ठीक चला, लेकिन बाद में श्यामाबाई महेश मीना के साथ चली गई और दोनों कुछ समय तक पति पत्नी के रुप में खानपुर में रहे। लेकिन यह स्थिति भी अधिक समय तक कायम नहीं रही और श्यामाबाई एक बार फिर अपने घर लौट आई और भैयालाल के साथ रहने लगी। श्यामाबाई के जाने के बाद महेश ने श्यामाबाई को अपनी पत्नी बताते हुए अदालत में एक आवेदन देकर पत्नी को वापस दिलाए जाने की गुहार लगाई। अदालत के आदेश पर पुलिस ने महिला का ढूंढ निकाला और उसे अदालत में पेश किया। अदालत में महेश कोई ऐसा दस्तावेज पेश नहीं कर पाया जिससे सिद्ध होता कि श्यामाबाई के साथ उसकी शादी हुई थी, जबकि भैयालाल ने अपनी शादी के दस्तावेज अदालत में पेश किए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने श्यामाबाई को उसके पहले पति भैयालाल को सौंप दिया, जबकि श्यामाबाई ने भी अपने पहले पति के साथ रहने की ही इच्छा व्यक्त की।

मध्यप्रदेश में फिर लौटी ठंड


पांच से सात डिग्री तक गिरा पारा
भोपाल।  बादल हटने और आसमान साफ होने से मध्यप्रदेश में भी एक बार ठंड लौट आई है और सर्द सवाएें चलने से प्रदेश में अनेक स्थानों पर शुक्रवार के मुकाबले पारा छह से सात डिग्री तक गिर चुका है। सबसे कम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस धार रतलाम और गुना में रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार उत्त पश्चिमी हवाएें चलने जम्मूकश्मीर पर बने विक्षोभ के आगे बढने तथा देश के उत्तरी क्षेत्रों में हो रही भारी बफबारी की वजह से मध्यप्रदेश में सर्द हवाएें चलने से तापमान एकाएक पांच से सात डिग्री तक गिर गया है। पिछले चौबीस घंटों में ग्वालियर संभाग में कहीं कहीं हल्की वर्षा भी हुई है।
राजधानी में दिनभर चलीं सर्द हवाएं
मौसम में आए इस परिवर्तन से भोपाल जबलपुर सागर होशंगाबाद उज्जैन ग्वालियर और चंबल संभागों में तापमान में गिरावट आयी है। पर्वतीय स्थल पचमढ़ी का तापमान नौ डिग्री की गिरावट के साथ 7.4 दर्ज हुआ जो सामान्य से एक डिग्री कम है।  भोपाल में भी दिन भर सर्द हवाएें चलती रही और लोगोंने गुनगुनी धूप का आनंद लिया। यहां कल की तुलना में न्यूनतम तापमान आज सात डिग्री गिर कर 8.8 दर्ज हुआ जो सामान्य से एक डिग्री कम है।
अभी और गिरेगा पारा
विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों में प्रदेश का मौसम शुष्क रहने तथा ग्वालियर चंबल एवं उज्जैन संभागों में तापमान कहीं कहीं 4 डिग्री या इससे भी कम रहने की संभावना व्यकत की है। इंदौर में पारा छह डिग्री लुढकते हुये 7.2 अंकित हुआ यह सामान्य से तीन डिग्री कम है। ग्वालियर और जबलपुर में भी न्यूनतम तापमान क्रमश: सात और छह डिग्री गिरकर 8.2 व 13.2 दर्ज हुआ हालांकि यह सामान्य से दो और तीन डिग्री अधिक है।

गुरुवार, 17 जनवरी 2013

अब मिलेंगे सब्सिडी वाले नौ सिलिंडर


नई दिल्ली: महंगाई की मार झेल रही जनता को केन्द्र सकार ने बड़ी राहत देते हुए सरकार ने सब्सिडी वाले सिलिंडरों की संख्या सालाना छह से बढ़ाकर नौ कर दी है। 31 मार्च तक सस्ते दामों पर 5 सिलिंडर मिलेंगे। आज हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया है। अब आपको अप्रैल 2013 से साल में नौ सस्ते सिलिंडर मिलेंगे। अभी तक साल में छह सस्ते सिलिंडर मिल रहे थे।

केन्द्र सरकार ने जिस वक्त सस्ते सिलिंडरों में कटौती का फैसला लिया था, तब काफी विरोध हुआ था। विरोध के चलते कांग्रेस शासित राज्यों ने नौ सस्ते सिलिंडर देने का फैसला किया है। हालांकि राजस्थान में अभी भी लोगों को छह सस्ते सिलिंडर ही मिल रहे थे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हाल ही में कैबिनेट के पास एक प्रस्ताव भेजा था। 

डीजल के दामों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। सरकार ने डीजल के दाम बढ़ाने का अधिकार तेल कंपनियों को दिया है। डीजल में प्रति लीटर नौ रुपए 3 पैसे का घाटा है जिस कारण तेल कंपनियां डीजल नौ रुपए महंगा कर सकती हैं। दिल्ली में अभी 47.15 रुपए प्रति लीटर डीजल मिल रहा है।

सब्सिडी के नौ सिलेंडर अगले वित्तीय वर्ष 2013-2014 से मिलेंगे। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में भी ग्राहकों को दो सिलेंडर दिए जाएंगे। आज आधी रात से डीजल की कीमत भी दो से तीन रुपये बढ़ सकती है। लगे हाथ सरकार ने खाद्य तेल की कीमतों में भी इजाफा करने का ऐलान कर डाला।
राजनीतिक मामलों की बैठक में एलपीजी और केरोसिन के दामों में कोई बदलाव नहीं गया और इनकी कीमतों को तय करने का अधिकार तेल कंपनियों को दे दिया गया। तेल कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए डीजल की कीमत में क्रमबद्ध तरीके से अगले कुछ महीनों में 10 रुपये की वृद्धि किए जाने की संभावना है।
पेट्रोलियम सचिव जीएस चतुर्वेदी ने कहा है कि तेल कंपनियों को अपना घाटा पूरा करने के लिए थोड़ा-थोड़ा करके डीजल के दाम बढ़ाने की इजाजत दी गई है। डीजल की कीमत तय करने में भी सरकार की भूमिका अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है।
उल्लेखनीय है कि तेल कंपनियों को डीजल पर प्रति लीटर 10.16 रुपये, मिट्टी के तेल पर प्रति लीटर 32.17 रुपये और रसोई गैस के सिलेंडर [14.2 किग्रा] पर 490.50 रुपये का घाटा हो रहा है।
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साभार http://www.punjabkesari.in

झारखंड में राष्ट्रपति शासन

केन्द्रीय कैबिनेट ने गुरुवार को झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश को अपनी मंजूरी दे दी.
कैबिनेट ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है. गुरुवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ये मुहर लगाई गई.
प्रदेश के राज्यपाल सैयद अहमद ने राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी.
मौजूदा संकट आठ जनवरी को शुरू हुआ था जब भाजपा के गठबंधन साझेदार झामुमो ने राज्यपाल को पत्र  लिखकर औपचारिक रूप से सरकार से   समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद राज्य में कोई भी दल सरकार बनाने में नाकाम रहा.
राज्यपाल ने की थी राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश
राज्यपाल ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा को निलंबित करने की सिफारिश की थी. मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के इस्तीफे के परिप्रेक्ष्य में  उत्पन्न राजनीतिक हालात पर केन्द्र को भेजी दूसरी रिपोर्ट में राज्यपाल ने यह सिफारिश की.
झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुंडा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया था.
मालूम हो कि झारखंड में दो बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है.
आठ जनवरी को शुरू हुआ था संकट 
मौजूदा संकट आठ जनवरी को शुरू हुआ था जब भाजपा के गठबंधन साझेदार झामुमो ने राज्यपाल को पत्र लिखकर औपचारिक रूप से सरकार से समर्थन वापस ले लिया था.
झारखंड विधानसभा में 82 सीटें हैं. भाजपा और झामुमो के अट्ठारह अट्ठारह सदस्य हैं. आल झारखंड स्टूडेण्ट्स यूनियन के छह, जदयू के दो, दो निर्दलीय और एक मनोनीत सदस्य गठबंधन सरकार के साथ थे.
विपक्षी कांग्रेस के पास 13 सदस्य हैं. झारखंड विकास मोर्चा (पी) के 11, राजद के पांच तथा भाकपा माले (लिबरेशन), मार्क्‍सवादी समन्वय पार्टी, झारखंड पार्टी (एक्का), झारखंड जनाधिकार मंच और जय भारत समता पार्टी के एक एक सदस्य हैं जबकि एक सदस्य निर्दलीय है.
साभार:  http://www.samaylive.com

सोमवार, 14 जनवरी 2013

राजस्थान बीजेपी में वसुंधरा राजे के खिलाफ तेज हुई गोलबंदी


जयपुर।। इस साल के अंत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री उम्मीदवार पहले से तय करने को लेकर बीजेपी में गुटबाजी चरम पर है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी के उत्तराधिकारी को लेकर नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे और राजे विरोधी गुट के सदस्यों के बीच जमकर दांव पेच चल रहे हैं।

मकर संक्रान्ति से एक दिन पहले बीजेपी प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने बीजेपी के प्रदेश प्रभारी कप्तान सिहं सोंलकी को दो टूक शब्दों में कहा कि पार्टी की विचारधारा से नहीं जुड़े किसी व्यक्ति को प्रदेश पार्टी की कमान नहीं सौंपी जा सकती है। और न ही पहले से किसी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार पेश करके विधानसभा चुनाव लड़ने की बीजेपी में परंपरा है।

बीजेपी प्रदेश प्रभारी कप्तान सिहं सोलकीं ने कहा, 'पार्टी मुख्यालय में रविवार को गुलाब चंद कटारिया ,रामदास अग्रवाल ,घनश्याम तिवारी ,महावीर जैन ,मदन दिलावर ,राजेन्द्र गहलोत, सतीश पुनिया सहित कई लोग मिले थे। दोनों विषयों पर सबने अपने विचार रखे हैं। उन्होंने इससे अधिक कुछ नहीं कहा।

बीजेपी प्रदेश अध्यख डा. अरूण चतुर्वेदी ने भी बैठक के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। गौरतलब हे कि नेता प्रतिपक्ष वसुंधरा राजे समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर चुनाव लड़ने और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पद पर राजे को मनोनीत करने के लिए दबाव बनाए हुए हैं।

रॉड घुसाकर बोला था, ‘साली मर,’ ...उसे बच्चा कहते हो'


बलिया।। दिल्ली गैंग रेप विक्टिम की मां बलिया में अपने घर के छोटे से कमरे में गुमसुम हैं। बेटी से हैवानियत के सदमे से वह अभी भी नहीं निकल पाई हैं। उनके पति और बेटे तेरहवीं में लगे हुए हैं। हॉस्पिटल में पुलिस को जब अपना बयान दे रही थीं, तो वह उसके पास ही मौजूद थीं। बेटी की बातें उनके दिमाग में अभी भी घूम रही हैं। अपनी बेटी के गैंग रेप के एक आरोपी को नाबालिग बताने पर उनका गुस्सा फूट पड़ता है।

वह कहती हैं, 'जिस लड़के ने मेरी बेटी को लोहे की रॉड से पीटा, उसे हर कोई नाबालिग कह रहा है। जब मेरी बेटी ने विरोध किया था तो उसने 'साली मर!' चीखते हुए उसके शरीर में रॉड घुसा दी थी और रॉड के साथ आंतें भी बाहर निकाल ली थीं। इस पर भी कानून उसे नाबालिग कह रहा है।'

इस मामले में लड़की की मां ने पहली बार खुलकर कुछ कहा है। वह चाहती हैं कि पूरी दुनिया इस भयानक वारदात के बारे में जाने। उनकी बेटी की यही ख्वाहिश थी। अपनी बेटी की बातें उनके कानों में गूंजती रहती हैं।
वह बताती हैं, 'नर्सरी से ही वह बहुत तेज थी। वह हमेशा अपनी क्लॉस में टॉप करती थी। हमने उसके लिए बड़े-बड़े सपने देखे थे। कुछ लाख रुपए मेरी बेटी की भरपाई नहीं कर सकते। उन लोगों ने उसे मार डाला। अब केवल उनकी सजा से ही हमें शांति मिलेगी। उन्होंने मेरी बेटी के साथ जो किया, उसके लिए उन्हें मौत की सजा मिलनी चाहिए।'

शनिवार सुबह जब तेरहवीं से संबंधित रस्में शुरू हुईं और लड़की के कपड़ों से भरा बैग खोला गया, तो परिवार एक बार फिर बिलख पड़ा। छोटे भाई ने लड़की के बालों का एक गुच्छा संभाल कर रखा है। बड़े भाई को फिर याद आ गया कि वेंटिलेटर पर भी उनकी बहन ने पूछा था कि वह अपनी कोचिंग क्लास ठीक से कर रहे हैं या नहीं। लड़की के कज़न ने बताया कि उस वक्त उन्होंने झूठ बोलते हुए बताया था कि उन्होंने केवल एक क्लास छोड़ी है, जबकि वह लड़की के साथ हर रोज हॉस्पिटल में ही थे।

लड़की के छोटे भाई ने बताया, 'हमने देखा कि उन्होंने क्या किया। दीदी ने ममी को बताया था कि नाबालिग कहे जाने वाले लड़के ने क्या-क्या किया। हम चाहते हैं कि आप यह सब जानें और लिखें क्योंकि उस क्रूरता की कल्पना भी नहीं की जा सकती।'

नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तानी डेलिगेशन को वापस भेजा?


अहमदाबाद।। क्या सचमुच गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने वह कर दिखाया, जिसे करने में केंद्र सरकार तक नाकाम रही? खबर है कि एलओसी पर बने तनाव को देखते हुए मोदी ने 'वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन' में हिस्सा लेने आए पाकिस्तानी डेलिगेशन को 'विनम्रता से' वापस जाने के लिए कह दिया।

बीजेपी ने पाकिस्तान की ओर से सीजफायर तोड़ने के मसले पर केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में वाइब्रेंट गुजरात में पाकिस्तानी डेलिगेशन की मौजूदगी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन सकती थी। बताया जा रहा है कि बॉर्डर पर जारी तनाव का हवाला देते हुए मोदी सरकार ने 22 सदस्यों वाले पाकिस्तानी डेलिगेशन को वापस जाने के लिए कह दिया। इस डेलिगेशन ने शुक्रवार शाम को ही गुजरात से विदा ले ली। हालांकि, गुजरात सरकार ने इस मसल पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

'कराची चेंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री' से आए 22 सदस्यों के डेलिगेशन को शुक्रवार को वाइब्रेंट गुजरात के ओपनिंग कार्यक्रम में भी हिस्सा लेना था, लेकिन उन्हें कहा गया कि वे बाहर न आएं। इस पर डेलिगेशन के मेंबर्स को अहमदाबाद के उसी होटल में रुकना पड़ा, जहां उन्हें ठहराया गया था। बताया जा रहा है कि डेलिगेशन के कुछ मेंबर सूरत और भरूच जाकर घूमना चाहते थे। ऐसे में उन्हें सूरत ले जाया गया, जिसके बाद पूरी सुरक्षा के साथ मुंबई भेज दिया गया। डेलिगेशन को अहमदाबाद में घूमने की इजाजत भी नहीं दी गई।
इससे पहले सितंबर 2011 में गांधीनगर में अपने सद्भावना उपवास के बाद नरेंद्र मोदी ने यूपीए गवर्नमेंट से मांग की थी पाकिस्तानी पर्यटकों को अजमेर शरीफ दरगाह घूमने आने देने के लिए वीजा रूल्स में नरमी बरतनी चाहिए।

'मुझे बेटी को मारने का कोई अफसोस नहीं'


मेरठ।। बहुचर्चित प्रीति हत्या कांड में पुलिस ने प्रीति के पिता भीम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार शाम पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी के सत्यनारायण ने भीम सिंह को मीडिया के सामने पेश किया। भीम सिंह ने बताया कि उसने ही अपनी बेटी प्रीति की हत्या की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी प्रीति के बुढ़ाना गेट निवासी साकिब से संबंध थे। इसके कारण उनकी समाज और रिशतेदारों में बहुत बदनामी हो रही थी। उसने प्रीति को कई बार समझाया था कि वह साकिब से न मिला करे। लेकिन उसने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया था। इसी बात को लेकर 10 जनवरी की रात उनके घर बहुत हंगामा हुआ था।

भीम सिंह के अनुसार उनकी पत्नी और बड़ी बेटी नेहा भी प्रीति का साथ देती थी। उनकी बड़ी बेटी नेहा ने लव मैरिज की है और वह अपने पति के साथ उनके मकान की नीचले हिस्से में रहती हैं। रात को झगड़े के दौरान नेहा द्वारा प्रीति का साथ देने पर उन्होने उससे पूरी जिंदगी ऊपर के हिस्से में नहीं आने की हिदायत भी दे दी थी। भीम सिंह ने बताया कि उनकी पूरी कोशिश के बावजूद प्रीति और साकिब का मिलना जारी रहा और समाज में उनकी छीछालेदर बढ़ने लगी। इससे आजिज आकर उन्होने शुक्रवार सुबह प्रीति का काम तमाम करने का मन बना लिया। सुबह जब प्रीति अपने बिस्तर पर सो रही थी, तो उन्होने उसका मुंह पहले हाथ से और फिर तकिए से दबा कर हत्या कर दी। हत्या को हादसे में तब्दील करने के लिए उन्होने प्रीति के शव को बाथ टब में डाल दिया था।

गौरतलब है कि भीम सिंह एक ऑइल कंपनी में सीनियर इंजिनियर हैं। आजकल वह अहमदाबाद में तैनात हैं। उनकी पत्नी शशिबाला टीचर हैं। शुक्रवार को प्रीति का शव बाथ टब में पड़ा देख कर बहन नेहा ने अपनी मां और प्रेमी साकिब को फोन कर बुलाया था। शशीबाला ने पुलिस में अपने पति के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। पुलिस तभी से भीम सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। शक के आधार पर पुलिस ने साकिब को भी हिरासत में ले लिया था। आज शशिबाला को भी थाने बुला कर पूछताछ की गई। पहले तो भीम सिंह हत्या से इनकार करता रहे। उनका कहना था कि प्रीति की मौत एक दुर्घटना है। लेकिन पुलिस की पूछताछ के आगे वह ठहर नही पाए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
मिली जानकारी के मुताबिक एक ऑइल कंपनी में सीनियर इंजीनियर के पद पर काम करने वाले भीम सिंह ने प्रेम संबंधों के चलते बेटी की हत्या की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा है कि उन्हें इस हत्या का अफसोस नहीं है। गौरतलब है कि दो दिन पहले प्रीति की हत्या के ठीक बाद से ही प्रीति की मां और बहन ने यह आरोप लगाना शुरू कर दिया था कि यह हत्या खुद घर के मुखिया और लड़की के पिता भीम सिंह ने की है। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने वाले प्रीति के एक दोस्त ने भी यही बात कही थी। मगर, खुद भीम सिंह इसे हादसा बता रहे थे।

प्रीति ग्रेजुएशन के साथ आइएएस की तैयारी कर रही थी। मां का आरोप है कि बेटा न होने से मानसिक दबाव में आकर उसके पति ने बेटी की हत्या की है। पुलिस के मुताबिक भीम सिंह ने माना है कि वह बेटी के प्रेम संबंध की बात पता चलने से परेशान थे। उन्हें परिवार की बदनामी का भी डर था। आखिर उसी वजह से उन्होंने कथित तौर पर बाथ टब में डुबा कर बेटी को मार डाला। उन्होंने कहा कि अपने काम पर उन्हें कोई अफसोस नहीं है। 

गैंग रेप के बाद महिला की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया


भागलपुर।। बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव में गैंग रेप के बाद हत्या की शर्मनाक घटना सामने आई है। गैंग रेप के बाद महिला की न सिर्फ हत्या की गई बल्कि उसकी लाश को एक आम के पेड़ से लटका दिया गया। निर्वस्त्र लाश पेड़ से लटकी हुई थी, मगर घुटने जमीन छू रहे थे। इससे साफ है कि हत्या करने के बाद महिला की साड़ी से ही गले में फंदा लगाकर आम के पेड़ से लटका दिया गया होगा। घटनास्थल के पास से महिला का स्वेटर, अन्य कपड़े और पर्स मिले हैं।

सूत्रों ने बताया, पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की रहने वाली महिला अपनी भतीजी, चचेरे दामाद और अपने बेटे के साथ शनिवार को 14055 अप ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली जा रही थीं। रिश्तेदारों ने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर थीं और कई बार ट्रेन से उतरने की जिद भी कर चुकी थीं। बेटे ने बताया कि कहलगांव स्टेशन आने के पहले ट्रेन की रफ्तार कम होने पर उसकी मां कूद कर बगीचे की ओर भाग गई। आशंका जताई जा रही है कि महिला भटक कर मकससपुर पहुंच गई होगी। इसी स्थान पर पहाड़िया टोले के पास बगीचे में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के अनुसार महिला स्थानीय बदमाशों के चंगुल में फंस गई होगी। उन्हीं बदमाशों ने ही घटना को अंजाम दिया होगा।

बाद में ट्रेन के कहलगांव स्टेशन पहुंचने पर रिश्तेदारों ने आरपीएफ जवानों को इसकी जानकारी दी। आरपीएफ आसपास खोजने का प्रयास भी किया गया लेकिन महिला नहीं मिली। इसके बाद आरपीएफ ने रिश्तेदारों को भागलपुर जाकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। फिर वे लोग भागलपुर आए और आरपीएफ थाने में मामला दर्ज कराने के बाद वहीं रुक गए। रविवार को लाश मिलने के बाद रिश्तेदारों ने शव की शिनाख्त की। लाश को कानूनी प्रक्रिया के लिए भागलपुर भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के डीजीपी अभयानंद ने एसएसपी को अपनी मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया।

शहीद के परिवार ने दबाव में तोड़ा अनशन?

मथुरा।। शहीद हेमराज के परिजनों ने अनशन तोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को शहीद के परिवार से मिलने मथुरा पहुंचे। उन्होंने शहीद हेमराज की मां और पत्नी को जूस पिलाकर अनशन खत्म करवाया। शहीद हेमराज के भाई का कहना है कि उनकी भाभी अनशन तोड़ने के हक में नहीं थीं, लेकिन परिवार के मनाने पर उन्होंने अनशन तोड़ने का फैसला किया।

परिवार के कहने पर तोड़ा अनशन शहीद हेमराज की पत्नी धर्मवती देवी अनशन तोड़ने के लिए तैयार नहीं थीं। जूस पीने के कुछ देर बाद उन्होने कहा था कि उनका अनशन भले ही टूट गया हो, लेकिन विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा, 'मैं तब तक अन्न ग्रहण नहीं करूंगी, जब तक सेना प्रमुख नहीं आ जाते।' हालांकि, बाद में शहीद हेमराज के छोटे भाई ने बताया कि दिन भर आए नेताओं और परिवार के सदस्यों के मनाने पर धर्मवती देवी ने अपनी जिद छोड़ दी।

यूपी सरकार करेगी परिवार की मदद सरकार के रवैये से नाराज शहीद हेमराज के परिजन अनशन पर बैठ गए थे। मीडिया में खबरें आने के बाद आखिरकार उत्तर प्रदेश सरकार जागी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को मथुरा पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ अनशन तुड़वाया, बल्कि शहीद के परिवार की हर संभव मदद करने का वादा किया। उन्होंने शहीद के परिवार को 25 लाख रुपये देने और दोनों भाइयों को नौकरी देने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने शहीद के घर तक सड़क बनाने समेत दूसरी मांगों को पूरा करने का भी वादा किया।

बीजेपी को भी आई शहीद की याद सोमवार को बीजेपी के बड़े नेता भी शहीद के गांव शेरगढ़ में पहुंचे। पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह और सुषमा स्वराज एक हफ्ते बाद शहीद के परिवार से मिले और उनकी लड़ाई का समर्थन किया। बीजेपी नेताओं ने शहीद सैनिक के प्रति सरकारी नजरिए को संवेदनहीन बताते हुए कड़ी आलोचना की। 

महाकुंभ: पहला शाही स्नान संपन्न, 82 लाख ने लगाई डुबकी

  
सोमवार को पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम तट पर शाही स्नान के साथ पर महाकुंभ शुरू हो गया। तीर्थराज के नाम से मशहूर प्रयाग (इलाहाबाद) में चल रहे इस महा आयोजन में परंपरा के हिसाब से सुबह साढ़े पांच बजे सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के संतों ने शाही स्नान किया। अखाड़ों के स्नान का क्रम शाम साढ़े पांच बजे तक चला। इस दौरान 13 अखाड़ों के करीब 3 लाख साधुओं ने स्नान किया। कुंभ मेला प्रशासन के मुताबिक पहले दिन 82 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई।
इलाहाबाद में आस्था का महाकुंभ के आगाज हो गया है. 55 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व के पहले दिन मकर संक्रांति के दिन संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. लोग संगम में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं.
महानिर्वाणी अखाड़े ने किया पहला शाही स्नान
सबसे पहले शाही स्नान महानिर्वाणी अखाड़े ने किया. संगम तट पर जब ये अखाड़ा पुहंचा तो बस हर ओर नागा साधुओं की भीड़ ही नजर आ रही थी. महानिर्वाणी अखाड़े के साथ अटल अखाड़ा भी थी. महानिर्वाणी अखाड़े का जूलुस भी देखने लायक था. अखाड़े के महामंडलेश्वर रथ पर सवार थे. जुलूस के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे.
शुरू हुआ अखाड़ों का शाही स्नान
महानिर्वाणी अखाड़े के बाद निरंजनी अखाड़े की शाही सवारी निकली. इस अखाड़े के साथ ही आनन्द अखाड़े के साधु सन्त भी थे. जूना अखाड़े, आवाहन और अग्नि अखाड़े के साधु-संत भी शाही स्नान के लिए निकल रहे हैं. कुल 13 अखाड़े आज शाही स्नान करेंगे. शाही स्नान शाम साढ़े पांच बजे तक चलेगा. इसके लिए सारे जरूरी इंतजाम किये गये हैं. संगम में डूबकी लगाने से पहले ही तड़के से ही साधु संन्यासियों ने पूजा पाठ और हवन शुरू कर दिया था.
सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब
पवित्र डूबकी के लिए लोग इतने बेताब थे कि सुबह 4 बजे से पहले ही संगम में उतर पड़े. ठंड को मात देते हुए लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई. इस पवित्र स्नान का आनन्द इतना कि बुजर्ग महिलाएं भी नाचती गातीं नजर आईं. जैसे जैसे दिन चढ़ने लगा, संगम तट श्रद्धालुओं से पट गया. लोग मकर संक्रांति के पावन मौके पर संगम में डुबकी लगाने लगे. लोगों का सैलाब स्नान के लिए लगातार पहुंच रहा है. आज एक करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान है. संगम तट पर उत्सव का माहौल है और लोगों में गजब का उत्साह है.
संगम तट पर उत्सव का माहौल
कभी कुंभ में राजे रजवाड़ों की शाही सवारी धूमधाम से पहुंचती थी. अब राजे रजवाड़े नहीं रहे लेकिन शाही सवारी की शान आज भी बरकरार है. अखाड़े बड़े ही शान के साथ कुंभ क्षेत्र में प्रवेश करते है. किसी भी कुंभ में शाही सवारी की ये शान देखने के लिए उमड़ पड़ती है लोगों की भीड़ और फिर इलाहाबाद के महाकुंभ की तो बात ही निराली है.
उदासीन अखाड़े की शाही सवारी यानि पेशवाई बड़े ही शान के साथ कुंभ क्षेत्र में प्रवेश हुई. 12 सालों के इंतजार के बाद आई इस घड़ी के स्वागत के लिए कोई कमी नहीं रखी गई. हाथी, घोड़े, ऊंट से सजी सवारी में सबसे आगे भगवान राम का रथ और उसके पीछे अखाड़े के आचार्य थे.
वैष्णव अखाड़े की पेशवाई में साधू संतों का पराक्रम दिखा. हथियारों से लैस और उससे तरह तरह के करतब करते साधू दिखे. इस पराक्रम के खेल में संदेश छिपा था कि केवल वैराग नहीं बल्कि पराक्रम में भी भारतीय संत किसी से पीछे नहीं हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
मकर संक्रांति पर संगम तट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है. एक तो जबर्दस्त भीड़ और ऊपर से शाही स्नान के लिए अखाड़ों का जुलूस. अखाड़ों के जुलूस के साथ भी कड़ी सुरक्षा है. पावन स्नान के लिए देश भर से लोग पहुंचे हैं. अगले 10 मार्च तक कुंभनगरी में ये नजारा आम रहेगा.

महाकुंभ में जुटे संन्यासी पर्यावरण और गंगा की सेहत के लेकर भी चिंतित नजर आए. इसलिए वो अपनी कुटिया या टेंट बनाने में इको फ्रेंडली सामानों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि उनकी वजह से गंगा प्रदूषित ना हो.

82 लाख ने लगाई संगम में डुबकी
इलाहाबाद कुंभ के पहले शाही स्नान के दौरान 82 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया। देश के सबसे बड़े धार्मिक मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे हैं। लोगों के उत्साह का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सुबह 11 बजे तक ही 30 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। इलाहाबाद महाकुंभ के मेला कमिश्नर दिनेश चतुर्वेदी ने स्नान संपन्न होने के बाद मीडिया सेंटर में कहा कि स्नान पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा।

शंकराचार्यों ने ब्रह्ममुहूर्त में किया स्नान
आम जनता रविवार रात से ही संगम घाट पहुंचना शुरू हो गई थी। अखाड़ों से पहले सुबह ब्रह्म महुर्त में रात 3 बजे से ही शंकराचार्यो और कुछ दूसरे संतों ने अपने भक्तों के सन्ना किया। शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद , निश्चलानंद वगैरह को अखाड़ों से पहले स्नान करने की इजाजत दी गई थी।

...ताकि साधुओं में विवाद न हो
कुंभ में हर आखाड़े के साधुओं के स्नान की समय अवधि निश्चित है। दरअसल, शाही स्नान को लेकर अलग-अलग आखाड़े के साधु एक दूसरे से झगड़ पड़ते थे, इसलिए अंग्रेजों के समय में ही इन आखाड़ों के स्नान का वक्त निश्चित कर दिया गया। आखाड़ों के आकार को देखते हुए उनके स्नान की अवधि को निश्चित किया गया है। यह अवधि 30 मिनट से एक घंटे तक की है। साधु जिस रास्ते से स्नान के लिए जाते हैं, उस रास्ते से लौटते नहीं हैं क्योंकि दो आखाड़ों के साधुओं के बीच झड़प की आशंका बनी रहती है। महानिर्माणी अखाड़ा के साथ अटल आखाड़ा और उसके बाद निरंजनी, आनंद, जूना, अवाहन, अग्नि, निर्वाणी, दिगंबर, निर्मोही, नया उदासीन, बड़ा उदासीन और निर्मल आखाड़ा के साधुओं का स्नान होता है।

विदेशी टूरिस्ट्स और पत्रकार हैरान
कुंभ देखने के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक और पत्रकार इलाहाबाद पहुंचे हैं। इलके अलावा कुछ विदेशी श्रद्धालुओं को भी भगवा बाना पहने डुबकी लगाते हुए देखा जा सकता है। कुंभ में जुटी भी़ड़ को देखकर विदेशी पत्रकार और टूरिस्ट हैरान हैं। उन्हें भक्तों के सैलाब को देखकर अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो पा रहा। कुछ विदेशी पर्यटकों और भक्तों के मुताबिक नागा साधु उनके आकर्षण के मुख्य केंद्र हैं।

योगी आदित्यनाथ नाराज
इतने बड़े आयोजन के दौरान हर कोई खुश और संतुष्ट हो, ऐसा भी नहीं है। पहले स्नान करने को लेकर संतों के बीच में विवाद जैसी स्थिति भी पैदा हो गई। बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ कुंभ प्रशासन से खासे नाराज दिखे। एबीपी न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट ठीक न होने की वजह से संतों के बीच में विवाद की स्थिति बन गई।

इस तरह की गई थी तैयारी
उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खान ने शनिवार देर शाम महाकुंभ मेला क्षेत्र का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया था। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। शहर के एसएसपी आर. के. एस. राठौर ने बताया कि करीब 30 कंपनी केंद्रीय बलों के साथ 50 कंपनी पीएसी और बीस हजार से ज्यादा सिविल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है।

मेला अधिकारी मणिप्रसाद मिश्रा ने बताया कि 55 दिन चलने वाले इस महाकुंभ मेले में छह शाही स्नान होंगे। पहला 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन, दूसरा 27 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर, तीसरा 10 फरवरी को मौनी अमावस्या पर, चौथा 15 फरवरी को वसंत पंचमी पर, पांचवां 25 फरवरी माघी पूर्णिमा पर और छठा 10 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन होंगे। गौरतलब है कि संगम तट पर लगने वाला महाकुंभ मेला 10 मार्च तक चलेगा। इलाहाबाद में कुंभ इससे पहले वर्ष 2001 में लगा था।

कुंभ का इतिहास
राक्षसों और देवताओ में जब अमृत के लिए लड़ाई हो रही थी तब भगवन विष्णु ने एक जादूगरनी ( मोहिनी ) का रूप लिया और राक्षसों से अमृत पा लिया। भगवान विष्णु ने अपने वाहन गरूड़ को अमृत सैंप दिया। राक्षसों और गरूड़ के संघर्ष में अमृत की कुछ बूंदें इलाहाबाद, नासिक, हरिद्वार और उज्जैन में गिर गईं। तब से हर 12 साल में इन सभी स्थानों में कुंभ मेला आयोजित किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार यहां डुबकी लगाने से मोक्ष मिलता है।











अगर अब पाकिस्‍तान नहीं सुधरा तो करारा जवाब देंगे: बिक्रम सिंह

 
नयी दिल्‍ली। भारत-पाकिस्‍तान के बीच आज होने वाले फ्लैग मीटिंग के पहले भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि भारतीय सैनिक के सर काटे जाने की घटना बर्दाश्‍त नहीं की जायेगी। उन्‍होंने पाकिस्‍तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अब सीजफायर का उल्‍लंघन किया गया तो पाक को उसी अंदाज में जवाब दिया जायेगा। श्री सिंह ने कड़े लहजे में कहा कि अगर अब भी पाकिस्‍तान नहीं सुधरता तो उसे आक्रमक जवाब दिया जायेगा। प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए जनरल बिक्रम सिंह ने कहा कि पाकिस्‍तान की कार्रवाई उकसाने वाली है। उन्‍होंने कहा कि चुरुंडा गांव में पाकिस्‍तान सेना का दबदबा है। 6 जनवरी को भारतीय सेना ने पाक सैनिक पर हमला नहीं किया। 7 जनवरी को पाक सैनिकों ने दो भारतीय जवानों की हत्‍या कर दी। ये दोनों घटना पाकिस्‍तान की चाल है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से की गई फायरिंग बहुत ही चालाकी से और प्लान कर की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के ऑपरेशन में समय लगता है और पाकिस्तान ने पहले से ही तैयारी की। दोनों जवानों की शहादत को सलाम करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान के साथ होने वाली फ्लैग मीटिंग में शहीदों के शव के साथ हुई बर्बरता पर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। मालूम हो कि सोमवार को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट तनाव को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच फ्लैग मीटिंग होगी। यह मीटिंग 1 बजे होने की संभावना जताई जा रही है।

गुजराती पतंग ने विश्व को मोहित किया: मोदी

 
अहमदाबाद। पतंग उत्‍सव गुजरात में भले ही काफी लंबे समय से मनाया जाता रहा है लेकिन नरेन्‍द्र मोदी की सरकार ने इसे अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर लाने का काम किया है। गुजरात के साबरमती नदी के किनारे 25वें अंतरराष्‍ट्रीय पतंग उत्‍सव का उद्घाटन करने के बाद मुख्‍यमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि पतंग उत्‍सव एक नियमित कार्यक्रम रहा है। वैसे तो यह काफी लंबे समय से मौजूद था लेकिन इसे विश्‍व को दिखाने का कौशल नहीं था। मोदी ने कहा कि हमने दिखाया कि कैसे एक पतंग विश्‍व को गुजरात की तरफ आकर्षिम कर सकती है। मोदी ने कहा कि इस बार राज्‍य सरकार अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव को मोधेरा जैसे छोटे शहरों तक ले जा रही है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मोदी ने गुजरात सरकार के प्रयासों की बात की और कहा कि अन्‍तरराष्‍ट्रीय पतंग उत्‍सव ने पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही साथ गरीबों को भी फायदा पहुंचाएगा।

नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि गुजरात के पास पूरी दुनिया को दिखाने और देने के लिये बहुत कुछ है। मोदी ने कहा कि पहले पर्यटन को उतना बढ़ावा नहीं मिला था ताकि लोग गुजरात को जान सके मगर अब हमें लोगों को गुजरात बुलाना है और उन्‍हें दिखाना है। मालूम हो कि अंतरराष्ट्रीय पतंग उत्सव में 50 देशों और भारत के 10 राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल हुये।

शनिवार, 12 जनवरी 2013

बस एक बटन दबा और पाकिस्तान तबाह


नई दिल्ली। पाकिस्तान के सैनिकों ने जिस तरह भारतीय सीमा में घुसकर दो सैनिकों के सिर काट दिए उसके लिए बर्बर, दुर्दात, जघन्य जैसे शब्द भी छोटे हैं। पाकिस्तान का दुस्साहस लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पिछले पांच महीने में उसने 26 बार संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। इसके मद्देनजर भारत को अपना ढुलमुल रवैया छोड़कर कोई कड़ा कदम उठाना ही होगा। 2008 में मुंबई पर आतंकी हमले के बाद ऐसा महसूस किया जा रहा था कि दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति आ सकती है, लेकिन भारतीय हुक्मरानों की कमजोर राजनीतिक इच्छाशक्ति के कारण यह टल गया। अब जब दो-तीन साल की तनातनी के बाद माहौल सामान्य हो रहा था तब ऐसे समय में पाकिस्तानी सेना के एक और बर्बर कृत्य ने दोनों देशों के बीच कड़वाहट बढ़ा दी है।
संसद पर हमला, मुंबई हमला और अब ताजा घटना पर जनता का रोष खत्म होता नहीं दिख रहा है। बेशक हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन यदि ऐसी परिस्थिति आई तो हम कितने तैयार हैं, आइए करते हैं दोनों देशों की सैन्य शक्तियों की तुलना-
-जहां तक थल सेना की बात है तो भारत के पास 13 लाख सैनिक हैं जबकि पाकिस्तान के पास लगभग सात लाख थल सैनिक हैं। भारतीय वायुसेना के बेड़े में दुनिया की सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमान मौजूद हैं। भारत के पास करीब 800 ऐसे विमान हैं जिनमें सुखोई, मिराज, मिग-21, मिग-27, मिग-29 और जगुआर शामिल हैं। पाकिस्तान के सिर्फ 400 लड़ाकू विमान हैं जिनमें चीनी एफ-7, अमेरिकी एफ-16 और मिराज शामिल हैं।
मिसाइलों के मामले में भारतीय सेना पाकिस्तान के मुकाबले काफी आगे है। भारतीय सेना के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल पृथ्वी, अग्नि, आकाश, ब्रह्मोस, त्रिशूल और नाग जैसी मिसाइलें हैं। पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर मिसाइलें हैं। भारत के पास लगभग 200 परमाणु मिसाइलें हैं वहीं, पाकिस्तान के पास लगभग 50 के करीब परमाणु मिसाइलें हैं। भारत के बेड़े में ब्रह्मोस की तकनीक सबसे आधुनिक है और इसे 5 मिनट में दागने के लिए तैयार किया जा सकता है।
इसके साथ ही भारत के पास 27 युद्ध पोत हैं जबकि पाकिस्तान के सिर्फ आठ युद्धपोत हैं। वहीं पनडुब्बी के मामले में भी भारत पाकिस्तान से आगे है। भारत के पास 16 पनडुब्बी हैं तो पाकिस्तान के पास सिर्फ 10 पनडुब्बी। जहां तक परमाणु हथियारों की बात है तो भारत के साथ लगभग 90 परमाणु हथियार हैं वहीं, पाक सेना के पास 50 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं।
भारत के परमाणु मिसाइल की जद में पूरा पाकिस्तान आता है। भारत की अग्नि-1 से 5 तक मिसाइलें पांच हजार किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखते हैं जिसके जद में इस्लामाबाद तक आता है, जबकि पाकिस्तान गौरी-3 से अधिकतम 3000 किलोमीटर तक मार कर सकता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत ने इंटरसेप्टर मिसाइल तकनीक बना ली है। इसके तहत किसी मिसाइल को हवा में ही मारकर गिराया जा सकता है।

निदा फाजली ने बिग बी की तुलना कर दी कसाब से


नई दिल्ली। जाने माने शायर निदा फाजली द्वारा बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन और मुंबई हमले के दोषी पाकिस्तानी आतंकी अजमल कसाब की तुलना किए जाने से विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई हमले [26/11] में एकमात्र जिंदा पकड़े गए कसाब को पुणे की यरवदा जेल में गत 21 नवंबर को फांसी दी गई थी।
फाजली द्वारा साहित्यिक पत्रिका में लिखे गए लेख में कसाब को एंग्री यंगमैन बताया गया है जो पिछली सदी के आठवें दशक में बड़े पर्दे पर अमिताभ द्वारा निभाए गए किरदार के समान है। इस बेतुकी तुलना पर बिग बी के प्रशंसक जहां फाजली से नाराज हो गए हैं, वहीं साहित्यिक जगत में भी उबाल है।
फाजली उर्दू के वरिष्ठ शायर व फिल्म गीतकार हैं। उन्होंने लिखा, 'एंग्री यंगमैन को 70 के दशक तक ही कैसे सीमित किया जा सकता है। मुझे लगता है कि 70 के दशक की तुलना में अधिक गुस्सा तो आज की जरूरत है और फिर अमिताभ को एंग्री यंगमैन की उपाधि से क्यों नवाजा गया? वह कसाब की तरह किसी और का बना हुआ खिलौना हैं।' उन्होंने लिखा, 'एक को हाफिज सईद ने बनाया था तो दूसरे को सलीम-जावेद की कलम ने गढ़ा। कसाब को फांसी दे दी गई, लेकिन उसे खिलौना बनाने वाले को पाकिस्तान खुलेआम उसका फातिहा पढ़ने के लिए आजाद छोड़े हुए है।
दूसरे खिलौने [बिग बी] की भी प्रशंसा की जा रही है, लेकिन खिलौना बनाने वाले [सलीम जावेद] को भुला दिया गया।' लेखक असगर वजाहत ने इस बयान को मूर्खतापूर्ण और हास्यास्पद बताया है। वहीं दूसरी ओर शायर असद जैदी ने फाजली का समर्थन किया है। असद ने कहा है कि 70 के दशक में अमिताभ ने कई ऐसे किरदार बड़े पर्दे पर निभाए जो अलोकतांत्रिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वाले थे। ऐसे किरदारों को नायक बनाकर दर्शकों के बीच लाया जा रहा था। यह आज के आतंकवाद की तरह ही था। यह किरदार निश्चित रूप से सलीम जावेद की जोड़ी ने ही गढ़ा था। वजाहत ने कहा कि फिल्मों में किरदार निभाते अमिताभ के स्थान पर उनके व्यक्तिगत जीवन को देखने की जरूरत है। कसाब से उनकी तुलना करना हास्यास्पद है।

मोदी को चुनावी कमान देने की तैयारी


नई दिल्ली। 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को केंद्रीय भूमिका में रखने पर अब सिर्फ मुहर लगना शेष है। गुजरात में तीसरी धमाकेदार जीत के बाद ब्रांड मोदी' को संघ और भाजपा दोनों ने स्वीकार लिया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी मोदी लोकसभा चुनाव की मुख्य धुरी होंगे। उन्हें केंद्रीय चुनाव संचालन समिति की कमान सौंपने की तैयारी कर ली गई है। जब कांग्रेस जयपुर में लोकसभा चुनाव को लेकर चिंतन करेगी तब भाजपा और संघ में 2014 के आम चुनाव में मोदी की भूमिका पर मंथन शुरू हो गया है।
संघ और भाजपा दोनों ही चाह रहे हैं कि राजग के मौजूदा स्वरूप पर कोई आंच भी न आए और ब्रांड मोदी का लाभ भी भाजपा को मिले। यह संकेत मिल रहे हैं कि मोदी को केंद्रीय चुनाव संचालन समिति की कमान देकर कार्यकर्ताओं को संदेश स्पष्ट दे दिया जाए। पार्टी 2014 को अपने लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देख रही है। मोदी के आलोचक भी मानने लगे हैं कि मोदी को पृष्ठभूमि में रखकर 2014 की लड़ाई लड़ना समझदारी नहीं है। लिहाजा उन्हें ऐसी भूमिका दी जाए जहां से वह भाजपा का चेहरा दिखें। पार्टी मान रही है कि यदि इन परिस्थितियों का चुनावी लाभ न मिल पाया तो उसके लिए दिल्ली कम से कम एक दशक दूर हो जाएगी।
मोदी को भी शायद केंद्र में परोक्ष नेतृत्व का यह फार्मूला ज्यादा मुफीद लगेगा। यदि भाजपा का चुनावी पासा ठीक बैठा तो मोदी के गुजरात से केंद्र में आने का रास्ता खुद ब खुद साफ हो जाएगा। अगर मनमाफिक संख्या में सीटें न मिलीं तो भी ब्रांड मोदी पर कोई आंच नहीं आएगी। यह गौरतलब है कि राहुल गांधी को भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रही कांग्रेस ने भी फिलहाल उन्हें चुनाव संचालन समिति की कमान देने का फैसला किया है।
मोदी की केंद्रीय भूमिका को लेकर हो रहे मंथन का केंद्रबिंदु यह है कि गठबंधन न केवल बरकरार रहे, बल्कि चुनाव के बाद नए समर्थकों को जोड़ा भी जा सके। भाजपा का जोर उत्तर प्रदेश, गुजरात, असम, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल, उत्तराखंड, हरियाणा जैसे राज्यों में अपनी सीटें बढ़ाने पर है। मोदी के हालिया प्रदर्शन के बाद गुजरात में पार्टी को अपनी सीटें बढने की पूरी उम्मीदें हैं। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश में कम से कम 25 सीटें लानी होंगी। जबकि दिल्ली और उसके उत्तर के अन्य राज्यों से दो दर्जन सीटों से ज्यादा लानी होंगी। फिलहाल इन राज्यों की लगभग चार दर्जन सीटों में भाजपा के खाते में आधा दर्जन भी नहीं हैं। येद्दयुरप्पा की बगावत के बाद कर्नाटक से निराश भाजपा वहां भी मोदी के जरिये नुकसान को कम करने की कोशिश करेगी। ध्यान रहे कि येद्दयुरप्पा खुल कर मोदी की वकालत कर चुके हैं। गुजरात की जीत के साथ मोदी ने यह साबित कर दिया है कि उनके साथ सभी वर्ग का मतदाता है। सभी सर्वे यह भी दिखा रहे हैं कि युवा मतदाताओं में ब्रांड मोदी की धूम है। इंडिया इंक' ने भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि देश को मोदी जैसे नेता की जरूरत है।
पार्टी और संघ को इसका भी एहसास है कि कार्यकर्ताओं में उत्साह के लिए भी मोदी को सामने लाना जरूरी है। गौरतलब है कि मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करने का दबाव बढ़ रहा है। मोदी के जरिये पार्टी गठबंधन का दायरा बढ़ाने की भी कोशिश करेगी। मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में अन्नाद्रमुक नेता जयललिता और इनेलो प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला की मौजूदगी को लेकर काफी चर्चा रही है। कोशिश होगी कि पार्टी लोकसभा चुनाव में 200 सीटों के करीब पहुंचे।

टिकट के लिए कतार में खड़ी रहीं धौनी की भाभी


रांची। टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के घर रांची में पहला अंतरराष्ट्रीय मैच 19 जनवरी को खेला जाना है और इस मैच के लिए स्थानीय लोगों में खासा रोमांच है। स्टेडियम में बैठकर मैच का मजा लेने की चाह रखने वालों में दर्शकों के अलावा धौनी की भाभी में भी जबर्दस्त उत्साह है और उन्हें भी टिकट पाने के लिए लंबी कतार का हिस्सा बनना पड़ा।
धौनी की भाभी ने 19 तारीख को भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाले तीसरे वनडे मैच के लिए काउंटर से टिकट खरीदा है। उन्होंने यह टिकट तीन घंटे लाइन में खड़े रहकर हासिल की। ममता सिंह धौनी भारतीय कप्तान के बड़े भाई नरेंद्र सिंह की पत्नी हैं और कल वह टिकट के लिए अपनी बेटी के साथ महिलाओं की कतार में खड़ी थी। भीड़ ने उन्हें तब पहचान लिया जब उनकी छोटी बेटी बार-बार अपनी मां से पूछ रही थी कि चाचू मैच में खेलेंगे की नहीं।
लोगों ने उनसे पूछा कि आप काउंटर के जरिए टिकट क्यों खरीद रही हैं, इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने झारखंड स्टेट क्रिकेट संघ [जेएससीए] के अधिकारियों को कई बार फोन लगाने का प्रयास किया पर उन तक नहीं पहुंच सकी। उनके अनुसार उन्होंने 1500-1500 रुपये के दो टिकट खरीदे हैं। इस बीच जेएससीए ने प्रेस रिलीज कर बताया कि टिकटों की बिक्री के लिए कल से खुले काउंटर से 1200, 1500 और 2000 रुपये के टिकट बिक चुके हैं। हालांकि दस हजार, 12 हजार और 15 हजार रुपये के टिकट अभी भी उपलब्ध हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ भारत ने तीखे किए तेवर


नई दिल्ली। सीमा पर तनाव सुलगाने से बाज आने को लेकर चेतावनियों के बावजूद पाकिस्तान पर कोई असर न होते देख अब भारत ने अपने तेवर तीखे कर दिए हैं। तीनों सेना प्रमुखों की समिति के अगुवा और वायुसेनाध्यक्ष एनएके ब्राउन ने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम उल्लंघन जारी रहा तो भारत को 'दूसरे विकल्पों' पर विचार करना होगा। वहीं, घुसपैठ कर दो भारतीय सैनिकों की निर्मम हत्या व लगातार जारी युद्धविराम उल्लंघन पर भारत की ओर से मांगी गई फ्लैग मीटिंग का पाकिस्तान ने कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि राजस्थान में बाड़मेर सीमा पर तय अधिकारियों की बैठक भी टाल दी है।
सख्त रुख दिखाते हुए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भी शनिवार को कहा कि द्विपक्षीय संबंध और रक्षा तैयारियां संवेदनशील मामला है इसलिए इनके बारे में सार्वजनिक तौर पर बातें संभव नहीं लेकिन भारत को कमजोर समझने की गलती किसी को नहीं करनी चाहिए। एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन के मुताबिक 'नियंत्रण रेखा पर शांति समझौता एक व्यवस्था है, जिसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए। स्थिति पर हमारी नजर है और अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा तो हमें समझौतों के अनुपालन के लिए दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़े।' हालांकि वायुसेना अध्यक्ष ने अधिक बताने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि 'विकल्पों पर इस तरह बात संभव नहीं। लेकिन अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा तो हमें इस पर नए सिरे से विचार करना होगा। '
इस बीच, सेना मुख्यालय के मुताबिक सीमा तनाव पर भारत की ओर से ब्रिगेडियर स्तर पर फ्लैग मीटिंग के लिए बुलाए जाने के 24 घंटे बाद भी पाकिस्तान की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। भारत ने मेंढर सेक्टर के बारासिंघा में दो भारतीय सैनिकों की हत्या व युद्धविराम उल्लंघन पर शुक्रवार को पाकिस्तान को ब्रिगेडियर स्तर फ्लैग मीटिंग के लिए बुलाया था। वहीं बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने बाड़मेर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा बल व पाक रेंजर्स के बीच 16 जनवरी को तय बैठक को भी टाल दिया है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से इसका कोई कारण नहीं बताया गया है। यह बैठक अब 20 फरवरी को हो सकती है। उल्लेखनीय है कि नए साल में पाकिस्तान आधा दर्जन से अधिक बार युद्धविराम का उल्लंघन कर चुका है। यही नहीं, सीनाजोरी पर आमादा पड़ोसी देश ने न केवल पुंछ-रावलकोट मार्ग पर आवाजाही रोक दी है बल्कि सीमा पर गोलीबारी को लेकर भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर तोहमतें भी मढ़ी हैं।
सरकार को कड़ा रुख अपना चाहिए: जनरल सिंह
नागपुर। पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत के दो सैनिकों की नृशंस हत्या किए जाने की निंदा की है। उन्होंने शनिवार को कहा कि भारत को इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाना चाहिए क्योंकि यह जिनेवा वार्ता का स्पष्ट उल्लंघन है।
नई दिल्ली से मध्यप्रदेश के मुल्ताई जाने के क्रम में यहां पहुंचे जनरल सिंह ने संवाददाताओं से शनिवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने जो यह दुश्मनी दिखाई है उस पर सरकार को कड़ा रुख अपनाना चाहिए। ये हत्याएं मानवता के खिलाफ हैं और यह हमारे जिनेवा समझौते [जिसमें यह लिखा गया है कि पकड़े गए सैनिकों से किस तरह का व्यवहार किया जाए] का भी उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि हमारे जवानों की हत्या के खिलाफ पूरे देश में जो गुस्सा है और विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं वह जायज है।
तीन दिनों से दोनों ओर से हुई गोलीबारी को लेकर नियंत्रण रेखा पर बढ़े हुए तनाव के बीच रक्षामंत्री एके एंटनी ने शुक्रवार को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में पर्याप्त सेना है और सरकार देश के हितों की रक्षा के लिए सभी कदम उठा रही है।

बुधवार, 9 जनवरी 2013

जिंदगी में दो चीजें तय है- मौत और आयकर: अमिताभ

जिंदगी में दो चीजें तय है- मौत और आयकर: अमिताभ

मुम्बई: बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को सर्वोच्च न्यायालय ने आयकर भुगतान के मामले में सम्मन भेजा है। बॉलीवुड के महानायक कहे जाने वाले बिग बी ने कहा है कि वह न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे। आयकर विभाग ने याचिका दाखिल की है, जिसमें बिग बी को साल 2001-02 में अपने टीवी कार्यक्रम `कौन बनेगा करोड़पति` के लिए 1.66 करोड़ की आयकर राशि का भुगतान करने को कहा गया है। अमिताभ ने कहा कि जीवन में दो बातें अवश्यमभावी हैं मौत और आयकर। खर, मैं न्यायालय के नियमों का पालन करूंगा। अमिताभ फिल्म `जॉली एलएलबी` की प्रथम झलक के अनावरण के अवसर पर मौजूद थे। फिल्म भारतीय न्याय व्यवस्था के बारे में है। अमिताभ ने कहा कि सौभाग्य से उन्हें कभी भी इस तरह की मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ा है। फिल्म में अमिताभ के अलावा अभिनेता अरशद वारसी, अमृता राव व बोमन ईरानी भी मु़ख्य भूमिका में हैं।

डेलनाज `बिग बॉस` के घर से बाहर


डेलनाज `बिग बॉस` के घर से बाहरमुम्बई: रिएलिटी शो `बिग बॉस` का छठा संस्करण ताज्जुबों से भरा रहा। अब जब यह शो अपने अंतिम चरण में है तो एक और नया ताज्जुब यह है कि प्रतिभागी अभिनेत्री डेलनाज ईरानी को आधी रात के वक्त `बिग बॉस` के घर से बाहर जाने के लिए कह दिया गया। मंगलवार की रात बिग बॉस ने सभी प्रतिभागियों से गार्डन एरिया में इकट्ठा होने के लिए कहा और उन्हें बताया कि उनमें से एक को बाहर निकाला जाएगा।

डेलनाज व उनके पूर्व पति राजीव पॉल को दो अलग स्टूलों पर खड़े होने के लिए कहा गया। इसके बाद घोषणा की गई कि डेलनाज को सबसे कम वोट मिले हैं इसलिए उन्हें बाहर किया जा रहा है।

शो की बीते अक्टूबर में शुरुआत होने के समय से ही डेलनाज बिग बॉस के घर में हैं। घर में वह अपनी सह-प्रतिभागी आशिका गोराडिया के नजदीक थीं। आशिका पहले ही बाहर हो चुकी हैं।

अब घर में पांच प्रतिभागी सना खान, राजीव, उर्वशी ढोलकिया, ईमाम सिद्दिकी और निकेतन मधोक बचे हैं, जिनमें 50,00,000 रुपये की पुरस्कार राशि के लिए प्रतिस्पर्धा है। शो का फिनाले शनिवार को है। 

लखनऊ में पारा शून्य से नीचे लुढ़का, 34 और मरे


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ठंड कहर बरपा रही है और भयंकर सर्दी तथा कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त होने के साथ-साथ रेल, सड़क तथा हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ है। राजधानी लखनउ में पारा शून्य से और नीचे लुढ़क गया है।

सूत्रों के मुताबिक सितमगर बनी ठंड की चपेट में आने से पिछले 24 घंटे के दौरान कम से कम 34 लोगों की मृत्यु होने की खबर है। इनमें देवरिया में पांच गाजीपुर, कुशीनगर तथा महराजगंज में चार-चार, बलिया, रायबरेली तथा एटा में तीन-तीन, बिजनौर, मिर्जापुर तथा चंदौली में दो-दो एवं बहराइच और हाथरस में एक-एक मौत शामिल है। इसके साथ ही इस मौसम में ठंड लगने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 233 हो गयी है।

मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान गोरखपुर और गाजीपुर प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे एक-एक डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से क्रमश: 10 तथा नौ डिग्री कम था।

इसके अलावा राजधानी लखनउ में न्यूनतम तापमान शून्य से और नीचे लुढ़क गया। पिछले 24 घंटे के दौरान राजधानी में पारा शून्य से नीचे 0.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से सात डिग्री कम था।

रेल किराया 20 फीसदी बढ़ा


नई दिल्‍ली। महंगाई की मार झेल रही जनता को बड़ा झटका लगा है। रेल मंत्री पवन बंसल ने रेल किराया बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। उन्‍होंने कहा कि बढ़ा किराया 21 जनवरी से लागू होगा। रेल मंत्री ने साफ किया कि इस बार के बजट में किराया नहीं बढ़ेगा। उन्‍होंने कहा कि पिछले 10 सालों में रेल किराया नहीं बढ़ा है। रेल किराया बढ़ने से होने वाली आमदनी का इस्‍तेमाल मुसाफिरों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने में किया जाएगा।

 
इस तरह बढ़े किराये
 
सेकेंड क्‍लास (आर्डिनरी सब-अर्बन) : 2 पैसे प्रति किलोमीटर
सेकेंड क्‍लास (आर्डिनरी नॉन सब-अर्बन) : 3 पैसे प्रति किलोमीटर
सेकेंड क्‍लास मेल/एक्‍सप्रेस : 4 पैसे प्रति किलोमीटर
स्‍लीपर क्‍लास: 10 पैसे प्रति किलोमीटर
एसी चेयरकार : 10 पैसे प्रति किलोमीटर
एसी 3 टियर : 10 पैसे प्रति किलोमीटर
एसी 2 टियर : 15 पैसे प्रति किलोमीटर पहले बढ़े और अब 6 पैसे एडिशनल
एसी फर्स्‍ट क्‍लास : 30 पैसे प्रति किलोमीटर पहले बढ़े थे और अब 10 पैसे एडिशनल
रेलवे ने बजट से पहले यात्री किराये में बढ़ोत्तरी की घोषणा कर दी है। किराये में यह इजाफा 10 साल बाद किया गया है। सभी बढ़ा हुआ किराया 21 जनवरी से लागू होगा। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने बढ़े हुए किराये की घोषणा करते हुए यह भी कहा है कि आगामी बजट में किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। हर क्लास के लिए यह बढ़ोत्तरी अलग-अलग है। जहां स्लीपर के किराये में 6 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है, वहीं एसी3 में 10 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा एसी 1 में 3 पैसे और उपनगरीय सेकेंड क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा। वहीं, एसी चेयरकार में भी हर किलोमीटर के 10 पैसे बढ़ाए गए हैं। एसी-1 एक्जीक्यूटिव का 10 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी 2 में 6 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है।
 
दिल्ली से मुंबई
 स्लीपर एसी3 एसी2 एसी1
पहले 418   1162 1810 3120
अब    501 1300 1947 3161
 
दिल्ली से भोपाल
स्लीपर एसी3 एसी2 एसी1
पहले 272 762 1155 1970
अब     314 831 1197 2039
 
दिल्ली से पटना
स्लीपर एसी3 एसी2 एसी1
पहले  355 999 1490 2555
अब     415 1099 1550 2655
 
दिल्ली से कोलकाता
स्लीपर एसी3 एसी2 एसी1
पहले  438  1219   1905  3295
अब     529  1371  1996  3447
 
दिल्ली से लखनऊ
स्लीपर एसी3 एसी2 एसी1
पहले  232   612 910 1560
अब   262 661   940 1609
 
दिल्ली से जम्मू
स्लीपर एसी3 एसी2
पहले  244   682 1030
अब    279 740 1065  
 
दिल्ली से चंडीगढ़
सेकंड क्लास
पहले   अब
68 रु. 80 रु.
स्लीपर
पहले अब
123 रु. 140 रु.
 
दिल्ली से जयपुर
सेकंड क्लास
पहले अब
77 रु. 90 रु.
स्लीपर
पहले अब
138 रु. 160 रु.
 
मुंबई से अहमदाबाद
सेकंड क्लास
पहले अब
109 रु. 130 रु.
स्लीपर
पहले अब
192 रु. 225 रु.
 
दिल्ली से हावड़ा
सेकंड क्लास
पहले अब
218 रु. 280 रु.
स्लीपर
पहले अब
386 रु. 475 रु.
 
रेलवे ने बजट से पहले यात्री किराये में बढ़ोत्तरी की घोषणा कर दी है। किराये में यह इजाफा 10 साल बाद किया गया है। सभी बढ़ा हुआ किराया 21 जनवरी से लागू होगा। रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने बढ़े हुए किराये की घोषणा करते हुए यह भी कहा है कि आगामी बजट में किराया नहीं बढ़ाया जाएगा। हर क्लास के लिए यह बढ़ोत्तरी अलग-अलग है। जहां स्लीपर के किराये में 6 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है, वहीं एसी3 में 10 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा एसी 1 में 3 पैसे और उपनगरीय सेकेंड क्लास में 2 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा। वहीं, एसी चेयरकार में भी हर किलोमीटर के 10 पैसे बढ़ाए गए हैं। एसी-1 एक्जीक्यूटिव का 10 पैसे प्रति किलोमीटर और एसी 2 में 6 पैसे प्रति किलोमीटर का इजाफा किया गया है।
 
 
 
 
 
 
 

 
 
 
 
 

 

 
 
 
 

मंगलवार, 8 जनवरी 2013

लोगों का गुस्सा बढ़ा तो नरम हुए आसाराम, माफी मांगने को तैयार

नई दिल्ली। दिल्‍ली गैंग रेप की शिकार 'दामिनी' को गैंग रेप की घटना के लिए बराबर का जिम्मेदार ठहराकर विवादों में घिरे आसाराम बापू के खिलाफ मंगलवार को भी हमले जारी रहे। 'दामिनी'  के पिता ने आसाराम बापू को 'निराशाराम बापू' कहा है। दामिनी के पिता ने आसाराम बापू पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे बयान से साफ़ है कि आसाराम बापू संत नहीं बल्कि संत का चोला ओढे शैतान हैं जिन्‍हें लोक कल्याण की कोई परवाह नहीं है। अपनी बेटी खोने के गम में डूबे दामिनी के पिता ने कहा कि पहले से ही आसाराम बापू के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चल रहा है और अब मेरी बेटी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने के लिए मैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की पुरजोर मांग करता हूं। वहीं दामिनी के भाई ने कहा कि उनका परिवार आसाराम बापू का सम्मान करता था लेकिन उनके इस बयान के बाद वो उनकी किताबों को जला देंगे। 
 
वहीं मंगलवार को आसाराम बापू के तेवर थोड़े नरम हो गए। दिल्ली गैंगरेप पीड़िता पर दिए बयान पर हुए विवाद के बाद जब उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि जो मैं पहले कह चुका हूं उस पर कोई टिप्पणी करके मैं नए विवाद को जन्म नहीं देना चाहता। मैं तो सिर्फ  सबका भला चाहता हूं। इससे पहले मीडिया का उपहास उड़ाते हुए आसाराम ने कहा, 'पहले एक कुत्ता भौंका, फिर दूसरा और फिर आस पड़ोस के कुत्ते भी भौंकने लगे। लेकिन क्या कुत्तों के भौंकने से हाथी उनके पीछा भागता है, ऐसे करने से हाथी की ही महत्ता कम होती है।'
 मंगलवार शाम तक आसाराम बापू के सुर बदल गए। आसाराम बापू ने कहा, 'अगर मैंने कुछ गलत कहा है तो मैं हजार बार माफी मांगने के लिए तैयार हूं। मैंने कभी भी नहीं कहा कि लड़की की कोई गलती है, लड़की का कोई गुनाह नहीं है। मैंने उस बच्ची के लिए कभी कुछ गलत नहीं सोचा। मैंने मीडिया के लिए भी कुछ गलत नहीं कहा है। जिन्हें लगता है कि मैं पीड़िता के प्रति क्रोध करता हूं या नाराज हूं वह मेरा सत्संग सुने और उसके बाद फैसला करे।' वहीं मीडिया को कुत्ता कहने के बयान से पीछे हटते हुए आसाराम ने कहा, 'मैं  तो सांप से भी नाराज नहीं रहता हूं फिर मीडिया से कैसे नाराज रह सकता हूं।' पीड़ित लड़की के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए बापू ने कहा, 'जो लोग जीवित हैं मैं कभी उनके बारे में बुरी बात नहीं करता तो फिर उस स्वर्गवासी लड़की के बारे में कैसे कुछ गलत बोल सकता हूं। जिन्हें लगता है मैंने कुछ गलत बोला है उन्हें मेरा सत्संग सुनना चाहिए।'
 
समाजवादी पार्टी नेता अबु आसिम आजमी भी गैंगरेप के मामले में संघ प्रमुख मोहन भागवत के सुर में बोले हैं। उन्होंने कहा, 'मैं मानता हूं कि मॉडर्न लोग, जो भारतवर्ष की जगह इंडिया शब्द का इस्तेमाल करते हैं, जिनके यहां गर्लफ्रेंड बनाना गलत नहीं है वही लोग ऐसी वारदातों के लिए जिम्मेदार होते हैं। गांव के भारत का कल्चर जब होगा तब इस तरह के मामले कम हो जाएंगे। मैं मानता हूं कि फिल्मों में बढ़ रही नग्नता और महिलओं के प्रति हिंसा भी ऐसे घटनाओं का एक अहम कारण है। फूहड़ता, फैशन और नग्नता ही महिलाओं के प्रति हिंसा को जन्म देती है। ऐसे कानून की भी जरूरत है जो कुंवारी महिलाओं को पुरुषों के साथ खुले घूमने से रोके।' आजमी ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड को गांवों की संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना चाहिए और इसमें ऐसे लोग भी होने चाहिए जो गांवों की संस्कृति को समझें। 
 
अबु आजमी ने रेप के मामले में फांसी की सजा का भी विरोध किया। उन्होंने कहा, 'रेप के मामलों में मौत की सजा के प्रावधान का बेतहाशा गलत इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी नया कानून इस बात को भी ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए।' 

इससे पहले आसाराम बापू ने राजस्‍थान के टोंक में अपने प्रवचन में दामिनी को घटना के लिए बराबर का जिम्मेदार ठहराया था और कहा था कि उसको उन युवकों और लड़कों को धर्म भाई बनाकर घटना को होने से रोकना चाहिए था।

वहीं अपनी बेटी के गैंग रेप केस के दो आरोपियों द्वारा सरकारी गवाह बनने की बात पर दामिनी के पिता ने कहा कि उस काण्ड में गवाह कई हैं, पर इन दोनों को भी अन्य आरोपियों की तरह कठोर से कठोर सज़ा मिलनी चाहिए जो सिर्फ फांसी ही हो सकती है।

आइटम गर्ल राखी सावंत ने भी आसाराम पर अपनी भड़ास निकाली है। राखी ने कहा, 'खुद बाबा के आश्रम में सबसे ज्यादा महिलाएं रहती हैं। क्या बापू उन्हें भी यही सलाह देंगे? लगता है कि आसाराम बापू की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। ज्यादा सर्दी लगने से उनके दिमाग का पारा गिर गया है।' राखी ने कहा कि बाबा खुद बताएं कि जब उनके आश्रम में बच्चों के साथ हुई गलत हरकतों की बात आई, तब उन्होंने क्यों नहीं कहा था कि ताली दो हाथ से बजती है।

ओवैसी को गिरफ्तार कर आदिलाबाद ले गई पुलिस, समर्थकों पर लाठीचार्ज

 
हैदराबाद/दिल्ली.  एमआईएम के विधायक अकबरउद्दीन ओवैसी को पुलिस ने गांधी अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ओवैसी को हैदराबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित निर्मल पुलिस स्टेशन ले जा रही है।
 
अकबरउद्दीन ओवैसी के वकील शफीउद्दीन शाह ने गिरफ्तारी के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, 'उन्होंने हमसे कहा कि हम मेडिकल जांच की जानकारी आपको सही समय पर देंगे, मुझे नहीं पता कि उनका सही समय क्या होगा। अभी तक कोई भी मेडिकल रिपोर्ट हमें नहीं दी गई है। हमने पुलिस का पूरी तरह सहयोग किया। उनकी हर बात सुनी लेकिन पुलिस ने सुबह उन्हें घर पर खाना तक नहीं खाने दिया। उन्होंने पुलिस से कहा था कि मैं खाना खा रहा हूं, अगर आप चाहें तो आप भी साथ खाना खा सकते हैं लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी।'
 
ओवैसी के वकील ने यह भी बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि पुलिस उन्हें कहां ले जा  रही है। ओवैसी के स्वास्थ्य के प्रति चिंता जाहिर करते हुए उनके वकील ने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें पेन किलर देने से इंकार किया है। यदि उन्हें कोई पेन किलर दी गई तो वह बेहोश हो सकते हैं। बिना दवाई दिए गए ही उन्हें पुलिस गिरफ्तार करके ले गई है। वकील ने कहा, 'उनके शरीर में गोली घुंसी हुई है, उन्हें हर्निया की शिकायत भी है लेकिन पुलिस ने किसी भी बात पर ध्यान दिया। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी है।' 
 
वहीं पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि ओवैसी को हैदराबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर स्थित निर्मल कस्बे ले जाया जायेगा जहां उन्होंने यह भाषण दिया था। 
इससे पहले भड़काऊ भाषण देने के आरोपी अकबरउद्दीन ओवैसी के भाई और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के दिल्ली स्थित सरकारी बंगले पर मंगलवार को तोड़फोड़ की गई। सैंकड़ों की तादाद में पहुंचे युवाओं ने सांसद के घर पर लगे पोस्टर और रेलिंग तोड़ दिए और उनके खिलाफ नारेबाजी की।

गैंगरेप में अभियुक्तों को मिला वकील


दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले में तीन अभियुक्तों को पैरवी के लिए एक वकील मिल गया है.
मनोहर लाल शर्मा नामक एक वकील ने बीबीसी को बताया है कि वह अभियुक्त मुकेश सिंह, अक्षय ठाकुर और राम सिंह का अदालत में बचाव करेंगे.
इस मामले की अगली सुनवाई साकेट कोर्ट में दस जनवरी को होनी है.
इससे पहले, वकील बिरादरी ने सामूहिक बलात्कार के किसी भी अभियुक्त की पैरवी नहीं करने की बात कही थी.
इस मामले में सात जनवरी को पहली बार अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया गया था.
लेकिन अभियुक्तों के कोर्ट में पहुंचने से पहले ही मीडिया की उपस्थिति और हो-हल्ले को देखते हुए मजिस्ट्रेट नमरिता अग्रवाल ने मामले की सुनवाई बंद कमरे में करने के निर्देश दिए थे.

विरोध और पैरवी

"हम एक आधुनिक समाज में रह रहे हैं. हम शिक्षित हैं. जिस पर भी आरोप लगा है, चाहे वो कोई भी अपराध हो. बचाव उसका क़ानूनी अधिकार है. अगर कोई उसका बचाव नहीं करेगा तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा."
मनोहर लाल शर्मा
इससे पहले जब वकील मनोहर लाल शर्मा ने इस मामले में अभियुक्तों की पैरवी की पेशकश की थी तो बाकी वकीलों ने उनका विरोध किया था.
साकेत कोर्ट के बार एसोसिएशन ने इस मामले में अभियुक्तों की तरफ से केस नहीं लड़ने का फैसला किया है.
मनोहर लाल शर्मा का कहना था, ''हम एक आधुनिक समाज में रह रहे हैं. हम शिक्षित हैं. जिस पर भी आरोप लगा है, चाहे वो कोई भी अपराध हो. बचाव उसका क़ानूनी अधिकार है. अगर कोई उसका बचाव नहीं करेगा तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.''
अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या की कोशिश, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, डकैती के दौरान हिंसा, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं लगाई गई हैं.
इस मामले का छठा अभियुक्त एक किशोर है, उसका मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा.
पुलिस ने राम सिंह, मुकेश सिंह, विजय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल किया है.

लोग भौंक रहे हैं, उन पर क्या कहें: आसाराम

आसाराम बापू के बयान की हर ओर हो रही है आलोचना.
धार्मिक गुरु आसाराम बापू ने अपने विवादास्पद बयान पर हो रही आलोचनाओं का मज़ाक उड़ाते हुए कहा है कि लोग 'कुत्तों की तरह भौंक'रहे हैं.
आसाराम ने अपने प्रवचन के दौरान कहा, ‘‘कल मुझसे किसी ने पूछा कि मेरी बीवी मुझसे लड़ती है तो मैंने कहा कि ताली एक हाथ से नहीं बजती. उस टिप्पणी पर कुत्तों की तरह लोग भौंक रहे हैं. मैं तो हाथी हूं उन पर टिप्पणी नहीं करुंगा.’’
असल में आसाराम बापू ने अपने प्रवचन में दिल्ली गैंग रेप का पूरा ज़िक्र करते हुए कहा था कि रेप पीड़ित भी ज़िम्मेदार है. उन्होंने कहा था कि रेप पीड़िता अगर रेप करने वालों को भइया कह के राखी बांधती तो रेप नहीं होता.
इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक दलों समेत आम और खा़स लोगों ने आसाराम की कड़ी आलोचना की थी.
जब मीडिया ने आसाराम बापू से इस बारे में पूछा तो उनकी प्रतिक्रिया नाराज़गी भरी थी. उनका कहना था, ‘‘सब भौंक रहे हैं. इस पर क्या कहना. मैंने जो कहा है वो कहा है.’’

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता को लेकर जिस तरह से धार्मिक गुरु आसाराम बापू ने टिप्पणी की है, उस पर सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.
आम से लेकर ख़ास लोगों तक ने आसाराम बापू की आलोचना की है. उनका ये बयान सोमवार को सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था, “केवल पांच-छह लोग ही अपराधी नहीं हैं. बलात्कार की शिकार हुई बिटिया भी उतनी ही दोषी है जितने बलात्कारी. वह अपराधियों को भाई कहकर पुकार सकती थी. इससे उसकी इज्जत और जान भी बच सकती थी. क्या ताली एक हाथ से बज सकती है, मुझे तो ऐसा नहीं लगता.”
युवा लेखक चेतन भगत ने आसाराम बापू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया वक्त करते हुए ट्विट किया है, “प्रिय आसाराम जी, आप मेरे भाई जैसे हैं. क्या आप हमें ज्ञान देना बंद करेंगे. भाई, प्लीज़ प्लीज़”
वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रंजना कुमारी ‏ने ट्विट किया है, “केवल विकृत मानसिकता वाले लोग ही बलात्कार पीड़िता को दोषी मान सकते हैं.”
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर भी लोग आसाराम की आलोचना कर रहे हैं. सागर वासुदेव ने अपने फेसबुक पर लिखा है, “क्यों न इन बाबाओं को सज़ा दी जाए जो ये कहते हैं कि ताली एक हाथ से नहीं बजती है. रेप के मामलों में भी.”

आसाराम बापू नहीं निराशाराम बापू

वहीं गीतकार और रेडियो प्रजेंटर नीलेश मिश्रा ने अपने फेसबुक पर लिखा है, “आसाराम बापू सफेद लबादे में हनी सिंह ही हैं.”
वहीं एक अन्य युवा अंकुर त्यागी ने थोड़े तल्ख़ अंदाज़ में ट्विट करते हुए लिखा है, “प्रिय बापू जी, कुत्ते भाई-बहन की रिश्तों का आदर नहीं करते. मैं ऐसा कहते हुए शर्मिंदा हूं लेकिन आप बुद्धिमान बनिए और ये जानिए की मौन सबसे बेशकीमती होता है.”
वहीं कुणाल चौधरी ने तो बापू को अपना नाम बदलने की सलाह दे डाली है. उन्होंने ट्विट किया है, “आसाराम बापू का नाम बदलकर बेशर्म भौंपू कर देना चाहिए.”
वहीं महिला पत्रकार अनुराधा मंडल ने फेसबुक के अपने स्टेट्स पर लिखा है, “संत का अंत तो पहले हो चुका है. आज भी उसे संत कहा जा रहा है.”
वहीं रति हेगड़े ने ट्विट किया है, “हमें आसाराम बापू को निराशाराम बापू का संबोधन देना चाहिए, उनसे कोई उम्मीद नहीं हैं.”
वैसे इन आलोचनाओं में एक आलोचना दिलचस्प है. नीरज उपाध्याय‏@NeerajUpadhyay ने आसाराम बापू से भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने की अपील कुछ इस तरह से की है- य आसाराम बापू, भारतीय अर्थव्यवस्था के साथ सालों से बलात्कार हो रहा है. आप हमारा नेतृत्व कीजिए और मनमोहन सिंह के पास चलिए और कहिए, “भईया, ये बलात्कार बंद कर दो.”
आसाराम बापू के बयानों की सभी राजनीतिक दलों ने भी निंदा की है.