सोमवार, 30 अप्रैल 2012

मसालेदार सिनेटेली खबरें

राखी बनेंगी 'डर्टी गर्लÓ
विवादास्पद बॉलीवुड आयटम गर्ल राखी सावंत जल्द ही शताब्दी रॉय द्वारा निर्देशित एक बंगाली रीमेक 'द डर्टी पिक्चरÓ में दिखने वाली हैं। राखी का दावा है कि वह विद्या बालन से अच्छा किरदार और उससे भी अधिक हॉट सीन देने वाली हैं। राखी के अनुसार विद्या ने तो डर्टी पिक्चर में कुछ भी डर्टी नहीं किया। उनके अनुसार विद्या राखी का किरदार देखकर हैरान होने वाली हैं। राखी ने दावा कि है कि 'मैं इस फिल्म में उससे ज्यादा बेहतर काम करूंगी। इस फिल्म में साड़ी को पहनने के लिए नहीं उतारने के लिए बनाया गया था, फिल्म इसकी वजह से हिट हुई ना कि सितारों की वजह से। राखी के मुताबिक वे बॉलीवुड की नंबर 1 आयटम गर्ल हैं और कोई उनसे अच्छा आयटम नंबर नहीं कर सकता। राखी ने कहा मुझे लगता है विद्या ने आयटम डांस मुझसे कॉपी किया है। खैर, राखी हम यही कहेंगे कि अगर हॉट सीन करके कोई बॉलीवुड में अपनी फिल्म हीट करवा सकता है तो आप अब तक पीछे क्यों हैं? वार्डरोब मॉलफंक्शन का शिकार बॉलीवुड हो या हॉलीवुड वार्डरोब मॉलफंक्शन का शिकार होना कोई नई बात नहीं है, पर हाल ही में सुपरस्टार एक्ट्रेस और सिंगर कैटी पैरी एक म्यूजिक अवार्ड इवेंट में रेड कार्पेट पर चलती हुई वार्डरोब मॉलफंक्शन की शिकार हो गईं। वैसे तो उन्होंने बहुत ही खूबसूरत ड्रेस पहनी थीं। लेकिन, उस ड्रेस के स्ट्रैप ढीले थे। वह इतने ढीले थे कि कैटी उन्हें संभाल नहीं पाईं और हो गई वार्डरोब मॉलफंक्शन का शिकार। रेड कार्पेट पर चलती हुई कैटी की ड्रेस के स्ट्रैप सही जगह पर थे, लेकिन बाद में कुछ ऐसा हुआ कि यह घटना घट गई। हालांकि कैटी ने स्ट्रैप को संभालने की बिल्कुल कोशिश नहीं की। एक तस्वीर में तो उसने स्माइल के साथ फोटो क्लिक करवाई, लेकिन बाद में वह थोड़ी असहज लग रही थी। एड्स पर बन रही फिल्म में आमिर अभिनेता आमिर खान निर्देशक प्रियदर्शन की एड्स पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म में नजर आ सकते हैं। प्रियदर्शन ने कहा, 'एड्स पर आधारित फिल्म को लेकर काम चल रहा है, लेकिन अभी पटकथा तैयार नहीं है। अभी पटकथा पर काम पूरा नहीं हो सका है। मैंने पहले इस बारे में आमिर से बातचीत की थी और उस वक्त वह फिल्म करना चाह रहे थे।Ó प्रियदर्शन वर्ष 2009 से इस फिल्म के बारे में बात कर रहे हैं। पता चला है कि अपनी मौजूदा फिल्म 'कमाल धमाल मालामालÓ को पूरा करने के बाद एड्स पर आधारित फिल्म पर काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं पहले पटकथा पूरी करूंगा और फिर आमिर से संपर्क करूंगा। अगर उनके पास समय होगा तो वह इसमें काम करेंगे।Ó तन्हा हो गई हैं क्रिस्टन हॉलीवुड की दिलकश अदाकारा क्रिस्टन स्टीवर्ट ने सुपर स्टार का तमगा तो हासिल कर लिया, लेकिन इस दौरान वह तन्हा हो गई हैं। हॉलीवुड लाइफ की खबरों के मुताबिक, फिल्म 'ट्विलाइटÓ के अपने सह अभिनेता रॉबर्ट पेटिंसन के साथ डेटिंग कर रही 22 वर्षीय अभिनेत्री ने कहा, मुझे ऐसा महसूस होता है कि मैं अपनी जिंदगी से लोगों को बेदखल कर रही हूं। स्टीवर्ट ने कहा, मैं यह नहीं कह रही हूं कि मैं प्रयास नहीं करती हूं और मुझमें विरोधाभास है। मैं इस तरह की नहीं हूं। वास्तव में, मैं लोगों से प्यार करती हूं। मैं अधिक लोगों से मिलना पसंद करती हूं। सलमान का जलवा सलमान के साथ सोनाक्षी हिट क्या हुईं, अब हर कोई बॉलीवुड में हिट होने के लिए सलमान का साथ ढूंढ़ रहा है। बॉलीवुड में सुभाष घई, महेश भट्ट जैसे डायरेक्टर्स नए चेहरों को फिल्म इंडस्ट्री में लाने और चमकाने के लिए मशहूर रहे हैं। लेकिन आज के दौर में इस काम के लिए मशहूर हैं सलमान खान। सलमान खान की मेंटर वैल्यू इतनी ज्यादा है कि एक्टर्स सलमान से अपने बच्चों की लांचिंग की मिन्नते करते हैं। गोविंदा अपनी बेटी नर्मदा को सलमान की हीरोइन के तौर पर लांच करना चाहते थे, पर सलमान की कृपा न हुई, सो नर्मदा अभी भी परदे पर चमकने के लिए संघर्ष कर रही हैं। दरअसल, सलमान ने जिसे अपने साथ लांच कर लिया, उसकी लाइफ बन जाती है। कहते हैं कि फिल्म पार्टनर में गोविंदा को लिए जाने की राय सलमान ने ही डायरेक्टर डेविड धवन को दी थी। गोविंदा का कैरियर लगभग डूब चुका था। लेकिन सलमान की नजर उन पर पड़ी और वे फिर से चर्चा में आ गए। मोटी-ताजी सोनाक्षी को फिल्म में बतौर हीरोइन लेने की राय उन्होंने अरबाज को दी और सोनाक्षी भी हिट हो गईं। जरीन खान पर उनकी नजर पड़ी और एक एक्स्ट्रा से सुपरहिट हाउसफुल-2 तक का सफर जरीन खान ने बहुत कम समय में ही कर लिया। कैटरीना को तो उन्होंने अपना दिल और वरद हस्त प्रदान किए। कैटरीना इस समय बॉलीवुड पर राज कर रही हैं। अब सलमान की नजर में आए हैं आदित्य पंचोली के बेटे। अब उनकी चमक सब देखेंगे। का पो चे में सुशांत निर्देशक अभिषेक कपूर की फिल्म का पो चे में टीवी अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अभिनय करते नजर आएंगे। इस फिल्म में उनके अलावा अमित संध व रागिनी एमएमएस से मशहूर हुए राजकुमार यादव भी नजर आएंगे। अभिषेक कपूर इन दिनों चेतन भगत की किताब द 3 मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ पर आधारित का पो चे फिल्म बना रहे हैं। करीब 150 नवोदित कलाकारों के ऑडीशन के बाद इन तीन कलाकारों को चुना गया। इस फिल्म का निर्माण यूटीवी कर रहा है। अभिषेक कपूर इससे पहले सफलतम फिल्म रॉक ऑन का निर्देशन कर चुके हैं। लम्बे अंतराल के बाद निर्देशन के क्षेत्र में लौटने पर काफी खुश होते हुए उन्होंने कहा, रॉक ऑन पूरी होने के बाद से साढ़े तीन साल बीत गया है। मैं पटकथाओं पर काम कर रहा था, इनमें रॉक ऑन का अगला संस्करण भी शामिल है, लेकिन कैमरे के पीछे वापसी करने का एहसास सुखद है। उन्होंने कहा, मैं कुछ बेहतरीन सितारों के साथ काम कर रहा हूं, ऐसा लगता है कि ये सितारे इन्हीं किरदारों के लिए जन्मे हैं। फिलहाल, इस फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वह इन दिनों गुजरात में हैं। उन्होंने कहा कि वह फिल्म के कलाकारों के सम्बंध में अभी ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। उन्होंने कहा, हम अहमदाबाद के बाहर वादनगर में शूटिंग कर रहे हैं। हमें अहमदाबाद में शूटिंग की इजाजत मिलने में कुछ परेशानी हो रही थी। इसलिए हमने उपन्यास की दृष्टि के मुताबिक इस जगह को चुना। उन्होंने कहा, जरूरी नहीं है कि पर्दे पर सभी उपन्यासों को सफलता मिले, लेकिन द 3 मिस्टेक्स ऑफ माय लाइफ तो अपने फिल्मी संस्करण का इंतजार कर रहा था। मुझे खुशी है कि मैं रॉक ऑन से पूरी तरह से अलग कुछ कर रहा हूं। मेरी अगली फिल्म में पुराने किरदारों के साथ लौटने में न तो मजा था और न ही चुनौती थी। 'सत्यमेव जयतेÓ 6 मई से बॉलीवुड के सुपरस्टार आमिर खान का पहला टीवी शो सत्यमेव जयते ऐसा पहला मनोरंजक कार्यक्रम होने जा रहा है, जो कि 6 मई से एक निजी चैनल और दूरदर्शन दोनों पर दिखाया जाएगा। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पहले सत्यमेव जयते को रविवार को सिर्फ निजी चैनल स्टार प्लस पर ही प्रसारित करने का विचार था, लेकिन आमिर अपने शो के लिए ज्यादा से ज्यादा दर्शक चाहते थे। इसलिए इस शो को स्टार प्लस के साथ-साथ दूरदर्शन पर भी प्रसारित करने के लिए प्रसार भारती से बात की गई। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक,' ऐसा पहली बार है कि इस तरह का मनोरंजक कार्यक्रम एक ही समय पर दूरदर्शन के साथ-साथ एक निजी चैनल पर भी प्रसारित होगा। अभी तक ऐसा सिर्फ खेल कार्यक्रमों तक ही सीमित था।Ó कार्यक्रम को तो ज्यादा बड़े दर्शक वर्ग के साथ-साथ ज्यादा प्रचार मिलेगा ही, इसके साथ ही प्रसार भारती को भी काफी आमदनी होगी। अधिकारी के अनुसार,'साधारणतया दूरदर्शन के लिए रविवार सुबह 11 बजे का स्लॉट कुछ खास नहीं होता, लेकिन आमिर के शो का मतलब है कि लगभग एक करोड़ का राजस्व विज्ञापनों से मिल जाएगा।Ó वल्र्ड टूर पर गागा अजीबो-गरीब पोशाक पहनने के लिए विख्यात पॉप की मलिका लेडी गागा अपने विश्व टूर की शुरुआत में जामुनी रंग के बालों से बने एक अनोखे परिधान में दिखाई दीं। सन ऑनलाइन की खबरों के मुताबिक, अपनी विश्व यात्रा पर हांगकांग पहुंची इस 25 वर्षीय गायिका ने इस परिधान के साथ सफेद जूते, सफेद दस्ताने और सफेद हैट पहना था। पॉप स्टार गागा कच्चे मांस से बनी ड्रेस सबसे विवादित रही थी, जो उन्होंने 2010 के एमटीवी वीडियो म्यूजिक अवार्ड में पहनी थी। गागा की यात्रा कल रात दक्षिण कोरिया से शुरू हुई और इस दौरान वह दो मई को हांगकांग में और क्रमश: 10 और 28 मई को तोक्यो और सिंगापुर में कार्यक्रम पेश करने वाली हैं। उनके कार्यक्रमों की खास बात यह है कि इनमें 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग ही भाग ले सकते हैं। वह दुनियाभर में 110 शो करने वाली हैं। सनी का असली नाम पॉर्न फिल्म इंडस्ट्री में तहलका मचाने के बाद बॉलीवुड फिल्मों में काम कर रही पॉर्न स्टार सनी लियोन को खुद को सुर्खियों में बनाए रखने की कला खूब आती है। सनी तमाम खुलासे कर लोगों को चौंकाती है और खुद के बारे में अपनी बेबाक राय भी बखूबी रखती हैं। लेकिन इस बार खुलासों की फेहरिस्त में अब उनका नाम सामने आ रहा है। बिग बॉस सीजन- 5 में शिरकत करने वाली सनी लियोन के बारे में आप यही जानते होंगे कि वह इंडो-कनाडाई मूल की हैं और उनका असली नाम करेन मल्होत्रा है। लेकिन ठहरिए अब उनके असली नाम का खुलासा होने जा रहा है। अब यह कहा जा रहा है कि उनका असली नाम करेन मल्होत्रा नहीं, बल्कि करनजीत कौर है। दरअसल यह कई वेबसाइट पर कहा जा रहा है और इस सिलसिले में सबूत के तौर पर उनका पासपोर्ट भी दिखाया जा रहा है, जिनमें उनका असली नाम करनजीत कौर लिखा हुआ है। सूत्रों का दावा है कि कौर से लियोन सरनेम रखने की वजह यह है कि वह पंजाबी कौर (लायनेस ) है। इस नेम गेम पर कई लोग खुलकर बोलने भी लगे हैं। कुछ का कहना है कि नाम जो भी हो क्या फर्क पड़ता है। अब तो उनका ब्रांड नेम सनी लियोन ही है, जिससे वह पूरी दुनिया में जानी जाती हैं। सनी इस वक्त पूजा भट्ट की फिल्म जिस्म-2 में काम कर रही हैं। गर्मियों में फिल्मों की भरमार इस बार गर्मियों की छुट्टियों के दौरान लोगों को हॉलीवुड एवं बॉलीवुड की एक से बढ़कर एक फिल्में देखने को मिलेंगी। इनमें रोमांस, ड्रामा, एक्शन एवं कॉमेडी से भरपूर हॉलीवुड की द एवेंजर्स, मेडागास्कर 3 से लेकर बॉलीवुड की जन्नत 2 से राउडी राठौर शामिल हैं। वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स के सीओओ, विक्रम मल्होत्रा ने आईएएनएस से कहा, हम इस बार बहुप्रतीक्षित दो फिल्मों लाए हैं। ऑस्कर विजेता ह्युगो 3डी चार मई को और आठ जून को मेडागास्कर प्रदर्शित हो रही है। हमें गर्मियों की छुट्टियों में इन फिल्मों को जबरदस्त सफलता मिलने की उम्मीद है। ह्युगो 1930 के दशक के कथानक पर बनी फिल्म है, जबकि मेडागास्कर 3 वन्यजीवों पर आधारित है। हॉलीवुड फिल्म के चाहने वालों के लिए जबरदस्त एक्शन से भरपूर द एवेंजर्स भी है। यूटीवी मोशन पिक्चर्स द्वारा वितरित यह फिल्म एक साथ देश के 800 स्क्रींस पर दिखाई जाएगी, जो किसी भी हॉलीवुड की फिल्म के लिए अब तक का रिकार्ड है। यह हिंदी, तमिल एवं तेलुगू भाषाओं में भी आएगी। इसके अलावा सिंड्रेला 3डी, मेन इन ब्लैक 3, ब्रेव 3डी और चिम्पैजी भी सिनेमाहालों में प्रदर्शित होंगी। इस धूमधड़ाका में बॉलीवुड भी पीछे नहीं है। मई में जहां जन्नत 2, द फॉरेस्ट, डैंजरस इश्क, इश्कजादे और डिपार्टमेंट प्रदर्शित होगी। जबकि जून में राउडी राठौर, शंघाई, फरारी की सवारी, गैंग्स ऑफ वासेपुर और तेरी मेरी कहानी दर्शकों के मनोरंजन के लिए हाजिर होगी। यूटीवी मोशन पिक्चर्स के वितरण उपाध्यक्ष गौरव वर्मा ने कहा, इस बार गर्मियों में बॉलीवुड फिल्मों की मजेदार भीड़ है। हमें बड़ी फिल्मों में अक्षय कुमार एवं सोनाक्षी सिन्हा अभिनीत राउडी राठौर से बड़ी उम्मीदें हैं। इस मौसम में आने वाली हॉलीवुड की अधिकतर फिल्में जहां बच्चों को केंद्रित करके बनाई गई हैं, वहीं बॉलीवुड में ऐसा कुछ नहीं है। दूसरे बच्चे को जन्म देंगी सारा हॉलीवुड अभिनेत्री सारा मिशेल गेलर दूसरी बार मां बनने वाली हैं। सारा और उनके पति फ्रैडी प्रिंजे जूनियर इसकी वजह से बेहद प्रसन्न हैं। वेबसाइट शोबिजस्पाइ डॉट कॉम ने एक सूत्र के हवाले से बताया, सारा और फ्रैडी दोनों बेहद उत्साहित हैं। वे अद्भुत माता-पिता हैं। वे अभी तक एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं और बहुत सामान्य जीवन बिताते हैं। उन्हें काम करना पसंद है, लेकिन उनके लिए उनका घर बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों की मुलाकात 1997 में आई नो व्हॉट यू डिड लास्ट समर के सेट पर हुई थी और तीन साल बाद उनके बीच मुलाकातों का दौर शुरू हो गया। 2002 में वे विवाह बंधन में बंध गए और सितम्बर 2009 में उनके यहां एक बेटी ने जन्म लिया।

डाक विभाग स्थापित करेगा 1,000 एटीएम

डाक विभाग ने 1,000 एटीएम लगाने का प्रस्ताव किया है और एटीएम की स्थापना के लिए 820 बड़े डाकघरों की पहचान की है. डाक विभाग ने अपनी आधुनिकीकरण योजना के तहत देशभर में 1,000 आटोमेटेड टेलर मशीनें (एटीएम) स्थापित करने की योजना बनाई है. यह जानकारी संचार एवं आईटी राज्यमंत्री सचिन पायलट ने दी है. पायलट ने बीते सप्ताह संसद को बताया, ‘‘डाक विभाग ने 1,000 एटीएम लगाने का प्रस्ताव किया है और एटीएम की स्थापना के लिए 820 बड़े डाकघरों की पहचान की है. शेष 180 डाकघरों की पहचान परियोजना लागू करने के दौरान की जाएगी.’’ सभी राज्यों के मुख्यालय एटीएम स्थापना के लिए चुने गए हैं जिसमें सबसे अधिक 100 एटीएम आंध्र प्रदेश में लगाए जाएंगे, जबकि तमिलनाडु में 92 और उत्तर प्रदेश में 73 एटीएम स्थापित किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि इसके अलावा, 61 एटीएम महाराष्ट्र में, 60 एटीएम कर्नाटक में, 51.51 एटीएम केरल और राजस्थान में स्थापित किए जाएंगे. पायलट ने कहा कि डाक विभाग ने आधुनिकीकरण अभियान 24,969 डाकघरों को कंप्यूटरीकृत कर दिया है. डाक विभाग ने 2013 तक अपने सभी 1.55 लाख डाकघरों को कंप्यूटरीकृत करने की योजना बनाई है.

दम्पति साल में 167 बार लड़ते हैं

दम्पति किसी न किसी मुद्दे पर साल में कम से कम 167 बार लड़ते हैं. यह बात एक अध्ययन में सामने आई. ब्रिटेन के सबसे बड़े होटल ब्रांडों में से एक प्रीमियर इन की ओर से कराए गए एक अध्ययन में कहा गया कि ब्रिटेन में हर 10 में से एक दम्पति सप्ताह में दो बार रात में जीवनसाथी के की ओर से पैदा की गई ध्वनि को लेकर लड़ते हैं. 20 फीसदी से अधिक दम्पति शोर के कारण हर रात दो घंटे की नींद गंवाते हैं. 10 फीसदी ने कहा कि वे इस मुद्दे पर एक-दूसरे से अलग होने के बारे में भी सोच रहे हैं.

लजीज व्यंजन खाएं

लंदन : एक नये अध्ययन से पता चला है कि यदि आप लंबे समय तक स्वस्थ जीवन बिताना चाहते हैं तो जहां तक संभव हो सके कई प्रकार का स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। कैंब्रिज में मेटाबोलिक साइंस संस्थान के शोधकर्ताओं ने दावा किया कि खाने की प्लेट में यदि विभिन्न प्रकार के भोजन हों तो यह मधुमेह, ह्दय रोग और दिल का दौरा पड़ने जैसी बीमारियों से बचाता है । शोध में कहा गया है कि जो लोग 16 विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां हरेक सप्ताह खाते हैं उनमें आठ प्रकार के फल और सब्जियां खाने वाले लोगों की अपेक्षा मधुमेह होने का औसतन खतरा 40 प्रतिशत कम रहता है।

धर्म के नाम पर ठगी

निर्मल बाबा पर जनता को बरगलाने, ठगने और लोगों के बीच अंधविश्वास फैलाने के आरोप लग रहे हैं। न्यूज चैनलों और अखबारों द्वारा निर्मल बाबा के पोल खोले जा रहे हैं। भक्तों को कैसे और किस प्रकार बाबा ने अपने जाल में फंसाया? कैसे अपनी संपत्ति बनाई? कैसे लोगों को ठगा? अपने भक्तों के सवालों के कितने अटपटे जवाब दिये। किसी भक्त के रिश्तेदार ने दावा किया कि बाबा द्वारा बताई गई बीमारी के उपायों से उसकी बहन की जान चली गई। मीडिया द्वारा ऐसे कई खुलासे किए गए जिससे निर्मल बाबा की निर्मल छवि धूमिल हो गई। खुद को ईश्वर का दूत बताकर भोली-भाली जनता को ठगने वाले निर्मल बाबा अकेले बाबा नहीं हैं। देश भर में हर गली मोहल्लों में ऐसे बाबाओं से लोगों का रोज आमना-सामना होता है। इतना ही नहीं छोटे से लेकर बड़े मंदिरों में भगवान के दर्शन कराने के लिए भक्तों को रोज ठगा जाता है। सवाल यह उठता है कि जब हर रोज जीवन को 12 राशियों में समेटकर देश की 125 करोड़ जनता को उसके भविष्य के बारे में बताकर बरगलाया जाता है तो फिर केवल निर्मल बाबा पर हायतोबा क्यों? देश की जनसंख्या 1.25 अरब है। पूंजी और प्राकृतिक संसाधनों पर चंद लोगों का एकाधिकार है। यानी कुछ प्रतिशत लोगों के पास ही देश की 80 फीसदी संपत्ति है। पूंजी (रुपया) से जीवन जीने के मूलभूत जरूरतों से लेकर सुख के साधन प्राप्त होते हैं। जिसके पास जितना अधिक रुपया होता है वो उतना ही ज्यादा बेहतर जीवन जीता है। रोटी, कपड़ा, मकान सहित हर बुनियादी जरुरत की चीजें पैसे से ही मिलती है। जब पूंजी चंद लोगों तक सीमित होगी तो अधिकांश लोगों के पास कुछ न कुछ कमी रहेगी। जाहिर है लोगों में असंतोष भी होगा। असंतोष और दुखी मन मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए मेहनत करता है पर उससे भी उसे संतुष्टि नहीं मिलती है तो फिर ईश्वर अंतिम सहारा होता है। जब कोई व्यक्ति अपनी मुराद पूरी करने के लिए ईश्वर के दर पर जाता है तो वहां तथाकथित भगवान के दूत से मुलाकात होती है और यहीं से भगवान के भक्तों को ठगने का सिलसिला जारी होता है। ये भगवान के दूत भक्तों की परेशानियों का नाजायज फायदा उठाते हैं, उनसे भारी मात्रा में धन और रुपए भगवान को चढ़ाने को कहते हैं ताकि रूठे हुए भगवान को मनाया जा सके, उसके भाग्य का उदय हो सके। लेकिन आज तक कभी कोई भगवान ने किसी भक्त से चढ़ावा नहीं मांगा है। कहने का तात्पर्य यह कि आज धर्म के नाम पर ठगी का धंधा जोरों पर है। जीवन के किसी न किसी मोड़ पर आपने अंधविश्वास का मजा जरूर लिया होगा और उसका नतीजा भी भुगता होगा। एक बार जीवन में अंधविश्वास को त्याग कर जीवन का मजा लेकर देखिए। दोबारा अंधविश्वास की गर्त में आप नहीं गिरेंगे। मेहनत तो अंधविश्वास को आत्मसात कर सफलता पाने में भी करनी होगी लेकिन इसमें सफलता की गारंटी नहीं है, लेकिन अगर आप जीवन में सौ फीसदी सफल होना चाहते हैं तो अंधविश्वास को त्याग कर लक्ष्य की दिशा में मेहनत करें। मुझे लगता है यह ज्यादा टिकाऊ और संतोषप्रद होगा। सरकार को भी इस ओर ठोस कदम उठाने चाहिए। सभी धर्मों के ठेकेदारों (बाबाओं) की संपत्ति को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित कर देना चाहिए ताकि इस ठगी प्रथा का अंत हो सके। - रामनुज सिंह

शनिवार, 28 अप्रैल 2012

अगले प्रधानमंत्री बनेंगे लालकृष्ण आडवाणी

ज्योतिषीय आकलन के अनुसार 2014 में होने वाले लोकसभा चुनाव में एनडीए की ओर से लालकृष्ण आडवाणी प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। अन्य विपक्षी दलों की इसमें मुख्य भूममका रहेगी। लोकसभा चुनाव में यूपीए गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ सकता है। कालचक्र विश्लेषण करता है, मानव के पौरुषेय का, उसके जीवन में उत्थान-पतन का, उसकी मिथ्या धारणाओं का। मनुष्य वस्तुत: ब्रह्माण्ड का सबसे प्रबलतम पराक्रमी और उग्रवादी ऐसा अध्येता है, जो इतिहास के पृष्ठों को बदल देता है। भौगोलिक सीमाएं तोड़ता है। प्रश्न अनंत हैं। प्रश्नों के घेरे अभिमन्यु का चक्रव्यूह है, और कोई नहीं दे सका प्रश्नों के उत्तर! किन्तु हे जातक, मैं प्रयत्न कर सकता हूं, आपके प्रश्नों के उत्तर देने का। ज्योतिष, वेदों में पांचवां वेद है। वह कहता है - कालखण्ड का कोई टुकड़ा मुझे तोड़ नहीं सकता, क्योंकि मैं कालजयी हूं। यदि आप जिज्ञासु हैं, अपने आसपास के भविष्य के कालखण्ड को जानने हेतु- तो आइएगा- साक्षात्कार की इस वीथिका में जहां आप और हम होंगे-और होंगे लालकृष्ण आडवाणी की जन्म कुंडली की ग्रहीय विवेचना, जिसमें उनके आने वाले कालखण्ड में देश का भावी प्रधानमंत्री बनने के योगों को तलाशेंगे और राज योग किस कालखण्ड में घटित होगा यह भी जानेंगे। आवश्यकता मात्र इतनी है कि जीवन के रहस्यों को समझने के लिए पारदृष्टि चाहिए। - श्री लालकृष्ण आडवाणी (पूर्व गृहमंत्री एवं उप प्रधानमंत्री) जन्म - 8/11/1927 मंगलवार समय- प्रात: 9:16 सुबह जन्म स्थान : करांची (सिन्ध) पाकिस्तान कुंडली
अन्तर महायोग (राशि परिवर्तन योग) बुध तुला में, शुक्र कन्या राशि में स्वक्षेत्री ग्रह : गुरु,नवांश कुण्डली में : सूर्य चंद्र, गुरु उच्च राशि में, बुध - स्वक्षेत्री वर्गोत्तम ग्रह : शनि मूलांक 8 श्री लालकृष्ण आडवाणी की जन्म तारीख 8 है। अत: मूलांक 8 हुआ। अंक शास्त्र के अनुसार जिसका मूलांक 8 होता है, ऐसे व्यक्तियों के प्रति प्राय: लोगों की गलत धारणाएं होती हैं। जबकि इस मूलांक वाले जातक बहुत दृढ़ स्वभाव के होते हैं। इनमें अपने व्यक्तित्व की शक्ति होती है। जीवन के रंगमंच पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं, जिसे प्राय: भाग्य से संबंधित माना जाता है। यदि इनका झुकाव धर्म की ओर हो तो ये चरम सीमा तक उत्साहित होते हैं। ऐसे जातक अपनी रुचियां प्रकट नहीं करते। यद्यपि दुखी लोगों के प्रति उनके दिल में बहुत सहानुभूति होती है, लेकिन वे अपनी भावनाओं को प्रकट नहीं करते। ऐसे जातक अपने कर्म क्षेत्र में अत्यंत सफल होते हैं। यदि उनके मन में कोई आकांक्षा जाग्रत हो जाए तो बड़े संघर्षों के बाद अपने लक्ष्य की पूर्ति में वे सफल होते हैं। श्री लालकृष्ण आडवाणी ने श्री अटल बिहारी बाजपेयी के साथ नेहरू युगीन लोकसभा में जनसंघ के 2 सांसदों के साथ उपस्थिति दर्ज कराई। लम्बी प्रतीक्षा के बाद जब जनसंघ भारतीय जनता पार्टी के रूप मेंं अवतरित हुआ- उसमें भी दशकों के अन्तराल के बाद भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनी। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि श्री लालकृष्ण आडवाणी के मन में भी प्रधानमंत्री बनने की चाहत प्रबल वेग से हिलोरे मार रही है। मूलांक 8 विश्वास का अंक कहा गया है, जिसका स्वामी शनि है। इस मूलांक वाले जातक का स्वभाव सहयोगी तथा मित्रों के जीवन में ढाल बन कर, एक विशाल वट-वृक्ष की भांति अपनों को अर्थात् भारतीय जनता पार्टी तथा मित्र दलों को शीतल छाया देते आ रहे हैं। श्री आडवाणी का सबल-सजग व्यक्तित्व है कि इतने उतार चढ़ाव के बाद भी वे टूटे नहीं, जबकि दो शरीर एक आत्मा कहे जाने वाले विराट व्यक्तित्व के धनी श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी अस्वस्थ हैं। संयुक्तांक द्वारा भाग्य का विश्लेषण अंकों का यह विवेचन विश्वविख्यात भविष्यवक्ता कीरो की विशिष्ट प्रणाली के आधार पर संयुक्तांकों पर रहस्यमयी दृष्टि डाल रहा हूं, श्री आडवाणी जी के व्यक्तित्व पर- L A L K R I S H A N A A D W A N I 3+1+3 2+2+1+3+5+1+5+1 1+4+6+1+5+1 = 45 संयुक्तांंक 45 यह अच्छा अंक है और इसका प्रतीक राज-दण्ड याने सत्ता के अधिकार को दर्शाने वाला है। यह अधिकार शक्ति और आज्ञा का संकेत होता है। यह अंक प्रकट करता है कि क्रियात्मक बुद्धि से फल की प्राप्ति होती है। यह अंक भावी योजनाओं के संबंध में भी सौभाग्यशाली है। आडवाणी पर आचार्य चाणक्य का कथन सटीक बैठता है- दण्ड का प्रयोग भले ही न करो, पर हाथ में लिए रहो, लोगों में भय बना रहेगा। वस्तुत: कोई भी पार्टी में कोई भी अध्यक्ष हो, कोई भी नेता प्रतिपक्ष हो- राज्य सभा या लोकसभा में आडवाणी का व्यक्तित्व इन सबसे ऊपर है। जैसे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में श्रीमती सोनिया गांधी एकमेव नेता है, उसी तरह आडवाणी है। किन्तु फर्क है- दोनों की चाह में। श्रीमती सोनिया गांधी प्रधानमंत्री नहीं बन सकी- राजनैतिक परिस्थितियां अनुकूल होते हुए भी। किन्तु 2014 के आम चुनाव में अथवा लोकसभा की मध्यावधि चुनावी परिस्थिति में श्री आडवाणी के प्रधानमंत्री बनने के ज्योतिषी आसार नजर आ रहे हैं। क्या श्री आडवाणी प्रधानमंत्री बन रहे हैं ? राजनैतिक परिदृश्य में क्या श्री लालकृष्ण आडवाणी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे? यह एक अद्भुत प्रश्न है ? ज्योतिष के लिए चुनौती है। आइए- श्री आडवाणी जी की कुण्डली के सितारे क्या कह रहे हैं। राजसिंहासन की ओर बढ़ते कदमों की आहट क्या है ? आपको सुनाई दे रही है क्या ? ज्योतिष का नियम है कि जातक की कुण्डली में योग कौन-कौन से है और यदि हैं, तो किस ग्रह की महादशा - अन्तर्दशा अथवा प्रत्यन्तर दशा में घटित होंगे। सर्वप्रथम कुण्डली में बन रहे योगों पर एक रहस्यमय दृष्टि डाल लें। (1) अनफा योग (2) उभयचर योग (3) नीच भंग राज योग (4) भारती योग (5) केन्द्र त्रिकोण राज योग (6) राज योग (7) हर्ष योग (8) सरल योग (9) धन योग (10) कर्म जीव योग (11) बन्धु पूज्य योग (12) बुद्धि मातुर्य योग (13) त्रिकाल लग्न योग (14) जप ध्यान समाधि योग (15) भाग्य योग (16) महापरिवर्तन योग (17) पुर्णायु योग (18) राज संबंध योग (19) सूर्य बुध योग (20) मंगल बुध योग मूलांक 8 स्वामी शनि है। शनि में बुध की अन्तर्दशा 20-9-2011 से 30-5-2014 तक चलेगी। मध्यावधि चुनाव की सम्भावना हो अथवा अप्रैल-मई 2014 में आम (लोकसभा) चुनाव की बात हो - जातक की कुण्डली में शनि वर्गोत्तम है। 17 मई 2012 से 1-8-2012 के मध्य शनि वक्री होकर तुला राशि से कन्या राशि में भ्रमण करेगा। जो केन्द्रीय सत्ता पक्ष के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है? राष्ट्रपति चुनाव की समय सारिणी भी 25 जुलाई 2012 के पूर्व राष्ट्रपति का चुनाव हो जाना सुनिश्चित है, जो कुछ भी घटेगा, राजनैतिक आकाश में वहीं कमोबेश सत्ताधीशों के माथे पर बल तो डालेगा ही। यदि लोक सभा चुनाव अपने निर्धारित समय पर हुए तो आडवाणी की कुण्डली में शनि में बुध के अन्तर में शनि की प्रत्यन्तर दशा चलेगी अर्थात् 25-12-2013 से 30-5-2014 के मध्य। ज्योतिषी गणना क्रम में मेरा दृष्टिकोण योगनी महादशा पर सदैव सार्थक रहा। एक चमत्कार देखिए- श्री आडवाणी के कुण्डली मेें 20-1-2013 से 1-6-2014 तक सिद्धा में सिद्धा की अन्तर्दशा चलेगी। ज्योतिष गं्रथों में लिखा है, सिद्धा महादशा के विषय में यथा नाम तथा गुण: अर्थात् जैसे उसका नाम है- वैसा ही वह फल देती है- अर्थात् कार्य सिद्धि। यदि चुनावी प्रक्रिया में श्री आडवाणी की भूमिका रही तो इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि श्री लालकृ ष्ण आडवाणी ही अगले प्रधानमंत्री के पद की शपथ लें ? कालचक्र की परिधि में राजयोग 1.राजयोग - यदि ग्रह दुर्बल राशि में हो, परन्तु नवांश में उच्च के हो तो राजयोग होता है। (सर्वार्थ चिन्तामणी 9/15) आडवाणी को कुण्डली में सूर्य (तुला) चन्द्र (मेष : रिपुभवन) में विराजमान है, किन्तु नवांश में सूर्य राज्येश तथा चन्द्र भाग्येश अपनी अपनी उच्च राशि में पदस्थ है- अत: शासक के समान प्रभावशाली है, प्रजातंत्र में देश का शासक अर्थात प्रधानमंत्री होता है। 2.Effect of Saturn-( SA 29-13) Saturn in scorpio and is aspected by jupiter one will be endowed with happiness and fortune, be a kings minister and be chief. 3. The Moon's Yogas : (Raj Yoga) (SA 39-5) Even if a single plenet gives as aspect to natal ascendant or Hora ascendant or Ghatika ascendant, the native will be a king. 4. SA 39-15- If yhere are benefics in angles from Kara Kamsha ascendant, He will become a king. वृह्त पाराशरी होरा शास्त्र के अनुसार राजयोग 1. Chapter 36 (11-12) Lordship of kendras and konaas : if there is an exchange between a lord of a Kendra and a Lord of Kona, they cause a Yoga, A person born in such a yoga will become a king and be famous. 2. Chapter 41 (12) Even if a single graha gives a drishti to the natal Lagna or Hora Lagna or Ghatik Lagna. The person will become a king. लालकृष्ण आडवाणी की कुण्डली में बन रहे राज्य योग इस बात का संकेत दे रहे हैं, कि आडवाणी भी भारत के शासनाध्यक्ष के पद पर शपथ ले सकते हैं ?
मध्यावधि चुनाव न होने की स्थिति लोकसभा चुनावों के दरम्यान गोचर ग्रहों की स्थितियां ऐसे होंगी अनुकूल - - सूर्य और शनि अपनी अपनी उच्च राशि में भ्रमण करेंगे। दिनांक 24-4-2014 से शुक्र भी अपनी उच्च राशि मीन में प्रवेश करेगा। - यदि प्रकृति अनुकूल रही, तो स्वक्षेत्री और वर्गोत्तम शनि की विंशोत्तरी दशा तथा योगनी में सिद्धा की महादशा और सर्वाष्टक वर्ग के राज्य भवन में 40 बिन्दुओं का चमत्कारिक सुयोग, भाजपा के शिखर पुरूष लाल कृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के गठन का संकेत दे रहा है।
सारी भव्यताएं : कर्म की संरचना की आधार शिला पर तराशें - ग्रहीय मूल्यांकन करते समय तत्कालीन राजनैतिक परिदृश्यों की भूमिका पर निर्भर रहेगा, लालकृष्ण आडवाणी की ताजपोशी का सुयोग। - लआने वाला समय लोकसभा में कांग्रेस के शक्ति बल को घटाएगा, यह सुनिश्चित है। क्योंकि उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में मात्र 27 सीटें जीतकर शक्तिहीनता का जो परिचय दिया, वह गम्भीर प्रश्न चिन्ह बन कर उभरा है। कांग्रेस, तमिलनाडु, से लेकर आंध्रप्रदेश में तेलंगाना विवाद, महाराष्ट्र, उड़ीसा, बिहार, केरल, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, पशिचम बंगाल, सरीखे बड़े राज्यों में 150 सीटों के भीतर सिमटकर रह जाने की सम्भावना को नकारा नहीं जा सकता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु की सुश्री जे. जयललिता, आंध्रप्रदेश के चन्द्राबाबू नायडू, उड़ीसा के पटनायक का झुकाव कांग्रेेस की अपेक्षा भाजपा की अगुवाई के गठबन्धन को महत्ता दे सकता है। - कांग्रेस की शक्ति की क्षीणता में श्री अन्ना हजारे और योगगुरू रामदेव बाबा की चुनावी परिक्रमा प्रभावी भूमिका निभायेगी। - साथ ही कांग्रेस में कदावर नेताओं की कमी भी कांग्रेस की कमजोरी की द्योतक है। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक सम्पूर्ण राष्ट्र में श्रीमती सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी को छोड़कर भी राष्ट्रीय स्तर का नेता नहीं अन्य सभी क्षेत्रीय नेता, जो या स्वयं भ्रष्टचार में लिप्त हैं, अथवा जिनका जनाधार भी अपने अपने राज्यों की लक्ष्मण रेखा में कैद होकर रह गए। - भाग्य संकेत देता है कि जातक का राज योग कितना प्रबल है। कर्म की शक्ति और आयु की दीर्घता तथा स्वास्थ्य की सबलता, और राजनैतिक समीकरण लालकृष्ण आडवाणी को शासनाध्यक्ष/राष्ट्राध्यक्ष के सिंहासन पर पदारोहण कर सकता है। - सुविज्ञ देवज्ञों से आग्रह कि ग्रहीय स्थितियों का आंकलन कर अपनी विवेचनात्मक स्थिति से अवगत कराने का अनुरोध स्वीकारें। साथ ही वक्त उद्घाटित करेगा, मेरी ज्योतिषीय आंकलन को। वेगमान अंधड़ भी जिन पत्तों को शाखाओं से अलग नहीं कर पाते, वे ही पत्ते पतझर के हल्के झोकों में, टूट कर गिर जाते हैं। नहीं शक्तियां होती खुद उतनी सशक्त, जितनी उनको बना दिया करता है- वक्त। ----------------------------

गुरुवार, 26 अप्रैल 2012

राहुल का अमेठी दौरा 30 अप्रैल से

लखनउ: कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के तीन दिवसीय दौरे पर आगामी 30 अप्रैल को पहुंचेंगे। राहुल के कार्यालय से प्राप्त सूचना के मुताबिक कांग्रेस महासचिव आगामी 30 अप्रैल से दो मई के बीच अमेठी में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। गत फरवरी-मार्च में सम्पन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पराजय के बाद राहुल पहली बार अमेठी आ रहे हैं।

गिलानी छोडे प्रधानमंत्री पद: विपक्ष

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने न्यायालय की अवमानना के दोषी ठहराए जाने के बाद प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से पद छोडऩे की मांग की है। क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान ने माइक्रोब्लागिंग साइट ट्विटर पर लिखा, ‘सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद गिलानी के पास रहा सहा कानूनी एवं नैतिक अधिकार खत्म हो चुका है।’ सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी को गुरुवार को न्यायालय की अवमानना का दोषी करार देते हुए महज 30 सेकेंड का प्रतीकात्मक दंड दिया। गिलानी ने न्यायालय के निर्देश के बावजूद राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को दोबारा खोलने के लिए स्विस अधिकारियों को पत्र नहीं लिखा था। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) प्रमुख एवं पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद गिलानी को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। शरीफ ने कहा, ‘निर्णय आने के बाद मैं सोचता हूं कि प्रधानमंत्री को मामले को लम्बा खींचने के बजाए पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’ उन्होंने तुरंत चुनाव कराने एवं स्विस अधिकारियों को पत्र लिखने के लिए निष्पक्ष प्रधानमंत्री की नियुक्ति की मांग की। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता इमरान खान ने गिलानी के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, ‘पीटीआई कानून एवं सर्वोच्च न्यायालय के साथ खड़ी है। विधि का शासन एवं न्यायपालिका की स्वतंत्रता अवश्य बनाए रखनी चाहिए।’

देश में 3,019 महिला वैज्ञानिक कार्यरत

नई दिल्ली: सरकार ने आज बताया कि देश के विभिन्न विज्ञान प्रौद्योगिकी विभागों में कार्यरत महिला वैज्ञानिकों की संख्या ३,०१९ है। लोकसभा में अशोक तंवर और आर धु्रवनारायण के प्रश्न के लिखित उत्तर में पृथ्वी विज्ञान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री अश्वनी कुमार कुमार ने कहा कि जनवरी २०१० में विज्ञान में महिलाओं से संबंधित राष्ट्रीय कार्यबल की रिपोर्ट में जारी आंकड़ों के अनुसार सरकार के विभिन्न विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभागों में कार्यरत महिला वैज्ञानिकों की संख्या ३,०१९ थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अधिक खर्च करने का विचार किया है ताकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मौजूदा योजनाओं को व्यापक बनाने के साथ लैंगिक समानता सुनिश्चित की जा सके। कुमार ने कहा, च्च् इस उद्देश्य से च्दिशाज् योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत सार्वजनिक वित्तपोषित संस्थाओं में पदों का सृजन करके पारिवारिक कारणों से अन्य शहरों में बसने की इच्छा रखने वाली महिलाओं की समस्याओं का समाधान किया जाता है। चालू वित्त वर्ष में इसके तहत ५७ करोड़ रूपये का बजट रखा गया है।

चिदंम्बरम इस्तीफा दें

नई दिल्ली: जनता पार्टी प्रमुख सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एयरसेल-मैक्सिस करार मामले में केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम पर अपने बेटे कार्ति पी चिदम्बरम को आॢथक फायदा पहुंचवाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने एवं संबंधित प्राथमिकी में पिता-पुत्र को शामिल करने का केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)को निर्देश देने की मांग की है। डॉ. स्वामी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को कल पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने चिदम्बरम को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है। उन्होंने एयरसेल-मैक्सिस करार मामले से संबंधित प्राथमिकी में पूर्व दूरसंचार मंत्री दयानिधि मारन के साथ-साथ चिदम्बरम और उनके बेटे को भी शामिल करने की मांग की है। डॉ. स्वामी ने कहा कि जब तक चिदम्बरम केंद्रीय गृह मंत्री के पद पर तैनान रहेंगे तब तक सीबीआई उनके ऊपर हाथ नहीं डाल सकेगी। ऐसी स्थिति में केंद्रीय मंत्रिमंडल से चिदम्बरम को हटाकर प्राकृतिक न्याय का रास्ता साफ करना चाहिए। डॉ. स्वामी के अनुसार चिदम्बरम ने वित्त मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में बेटे को आॢथक फायदा पहुंचाया। वित्तीय दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चलता है कि कार्ति चिदम्बरम ने 26 लाख 444 रुपये के बदले शिवशंकरन की कंपनी एयरसेल टेलीवेंचर्स लिमिटेड में पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी हासिल की और मलेशियाई कंपनी मेक्सिस से प्राप्त 4000 करोड रुपये में उन्हें 200 करोड का हिस्सा प्राप्त हुआ।

राज्यसभा जाएंगे सचिन तेंदुलकर

नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर को राज्यसभा सदस्य के रूप में नामांकित करने की गुरुवार को अनुशंसा की गई। प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री रेखा सहित चार प्रतिष्ठित हस्तियों को राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत करने की सिफारिश की गई है। क्रिकेट की दुनिया में बुलंदियां छू चुके 39 वर्षीय तेंदुलकर और हिन्दी सिनेमा की 80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रेखा संविधान के एक प्रावधान के तहत संसद के उच्च सदन की सदस्यता हासिल करेंगे। इस प्रावधान के तहत राष्ट्रपति 12 सदस्यों को उच्च सदन के लिए मनोनीत कर सकते हैं। सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि तेंदुलकर और रेखा के अलावा राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत होने वाले दो अन्य सदस्य कौन हैं। सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस संबंध में कल गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है जिसे राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पास अधिसूचना जारी करने के लिए भेजा गया है। संविधान के अनुच्छेद 80 में साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवाओं के क्षेत्र में विशेष ज्ञान अथवा व्यावहारिक अनुभव रखने वालों को मनोनीत करने का प्रावधान है। उधर, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपनी पत्नी अंजलि के साथ कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से गुरुवार के उनके आवास पर मुलाकात की। सोनिया गांधी सचिन के हाल में 100 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरे होने पर उन्हें मिलकर बधाई देना चाहती थीं। इस मौके पर सोनिया के आवास पर बीसीसीआई के वरिष्ठ पदाधिकारी और आइपीएल प्रमुख राजीव शुक्ला भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, तेंदुलकर और उनकी पत्नी ने सोनिया के साथ करीब आधा घंटा बिताया। माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया ने सचिन से क्रिकेट के बारे में सामान्य बातें कीं और उनके बेहतर भविष्य के लिए कामना की। गौरतलब है कि तेंदुलकर ने इस साल 16 मार्च को बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप के मुकाबले में 100वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने का गौरव हासिल किया था। सचिन प्रोफाइल सचिन रमेश तेंदुलकर का जन्म मुंबई में 24 अप्रैल 1973 को हुआ था। वर्तमान समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को किसी भी परिचय की जरूरत नहीं है। उनको भारत सरकार ने अब तक पद्म भूषण, पद्म श्री, राजीव गांधी खेल रत्न और अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया है जबकि उनको भारत रत्न दिए जाने की मांग भी तेंजी पकड़ चुकी है। इसके अलावा वह इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें भारतीय वायु सेना ने ग्रुप कैप्टन का दर्जा भी दिया। सचिन तेंदुलकर को अगर चलती फिरती रिकार्ड बुक बोला जाए तो कुछ गलत नहीं होगा। सचिन ने अपने 23 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में एक बल्लेबाज के तौर पर लगभग सारे ही रिकार्ड अपने नाम कर लिए हैं। सचिन के नाम वनडे और टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा रन और शतक जड़ने का रिकार्ड है। टेस्ट क्रिकेट में सचिन अपने शतकों का अर्धशतक भी बना चुके हैं। जबकि हाल ही में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में सौवां शतक भी पूरा कर लिया। इतना ही नहीं सचिन एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने वनडे मैचों में दोहरा शतक ठोका है। कभी टेनिस एल्बो तो कभी कमर दर्द से परेशान होकर सचिन को क्रिकेट से दूर भी होना पड़ा है, लेकिन मास्टर ब्लास्टर हर मुश्किल परिस्थितियों से निकल कर इस मुकाम पर पहुंचे हैं। सचिन ने महज 16 साल की उम्र में क्रिकेट में पदार्पण किया। 1989 में इस धुरंधर बल्लेबाज ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच से अपना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का सफर शुरू किया। सचिन 15 रन पर वकार यूनुस की गेंद बोल्ड हो गए थे। लेकिन सचिन ने जिस तरह पाक के तेज गेंदबाजों का सामना किया वह काबिल-ए-तारीफ था। सियालकोट में हुए फाइनल टेस्ट में सचिन को एक बाउंसर गेंद नाक पर लगी, उनकी नाक से खून निकलने लगा। लेकिन सचिन ने प्राथमिक चिकित्सा नहीं ली और बल्लेबाजी के लिए फिर से तैयार हो गए। आज सचिन को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है। हालांकि सचिन ऐसा नहीं मानते हैं। सचिन जितने अच्छे खिलाड़ी हैं उतने ही अच्छे इंसान भी हैं। हालांकि सचिन टीम इंडिया के सफल कप्तान नहीं बन सके। सचिन ने खुद इसको स्वीकार किया और कप्तानी छोड़ दी। जब भी सचिन के खेल की आलोचना हुई है इस बल्लेबाज ने जवाब हमेशा अपने बल्ले से दिया है। सचिन के खौफ का यह आलम था कि दुनिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने कहा था कि सचिन उनके सपने में आकर उनकी गेंदों पर शाट मारते हैं। भारत का कोई ऐसा सम्मान नहीं है जिससे इस बल्लेबाज को नवाजा नहीं गया हो। सचिन ने अभी तक छह विश्व कप में हिस्सा लिया और 2011 में वह पहली बार विश्व विजेता टीम का हिस्सा बनने में भी सफल रहे।

ऐसे बनाएं सुंदर सेहत

नीम जूस पीने का गुणकारी फायदा नीम एक आयुर्वेदिक दवाई है, जिसके कई सारे स्वास्थ्यवर्धक फायदे हैं। नीम, हमारे शरीर, त्वचा और बालों के लिये बहुत फायदेमंद है। इसका कडुआ स्वाद बहुत से लोगों को खराब लगता है इसलिए वे इसे चाहकर भी नहीं खा पाते। इसी कारण नीम का रस पीना ज्यादा आसान होता है। आइये जानते हैं इस गुणकारी नीम के रस का फायदा। नीम जूस पीने के फायदे 1. नीम में एंटी इंफ्लेमेट्री तत्व पाए जाते हैं, नीम का अर्क पिंपल और एक्ने से मुक्ति दिलाने के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। इसके अलावा नीम जूस शरीर की रंगत निखारने में भी असरदार है। 2. नीम की पत्तियों के रस और शहद को 2:1 के अनुपात में पीने से पीलिया में फायदा होता है, और इसको कान में डालने से कान के विकारों में भी फायदा होता है। 3. नीम जूस पीने से, शरीर की गंदगी निकल जाती है। जिससे बालों की क्वालिटी, त्वचा की कामुकता और डायजेशन अच्छा हो जाता है। 4. इसके अलावा नीम जूस मधुमेह रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। अगर आप रोजाना नीम जूस पिएंगे तो आपका ब्लड शुगर लेवल बिल्कुल कंट्रोल में हो जाएगा। 5. नीम के रस की दो बूंदें आंखों में डालने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और अगर कन्जंगक्टवाइटिस हो गया है, तो वह भी जल्द ठीक हो जाता है। 6. शरीर पर चिकन पॉक्स के निशान को साफ करने के लिये, नीम के रस से मसाज करें। इसके अलावा त्वचा संबंधी रोग, जैसे एक्जिमा और स्मॉल पॉक्स भी इसके रस पीने से दूर हो जाते हैं। 7. नीम एक रक्त-शोधक औषधि है, यह बुरे कैलोस्ट्रोल को कम या नष्ट करता है। नीम का महीने में 10 दिन तक सेवन करते रहने से हार्ट अटैक की बीमारी दूर हो सकती है। 8. मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में औंटकर कुल्ला करने से लाभ होता है। इससे मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी इसमें लाभ होता है। नीम का दातुन नित्य करने से दांतों के अन्दर पाए जाने वाले कीटाणु नष्ट होते हैं। दांत चमकीला एवं मसूड़े मजबूत व निरोग होते हैं। इससे चित्त प्रसन्न रहता है। 9. नीम के रस का फायदा मलेरिया रोग में किया जाता है। नीम वाइरस के विकास को रोकता है और लीवर की कार्यक्षमता को मजबूत करता है। 10. प्रेगनेंसी के दौरान नीम का रस योनि के दर्द को कम करता है। कई प्रेगनेंट औरतें लेबर पेन से मुक्ति पाने के लिए नीम के रस से मसाज करती हैं। प्रसूता को बच्चा जनने के दिन से ही नीम के पत्तों का रस कुछ दिन तक नियमित पिलाने से गर्भाशय संकुचन एवं रक्त की सफाई होती है, गर्भाशय और उसके आस-पास के अंगों का सूजन उतर जाता है, भूख लगती है, दस्त साफ होता है, ज्वर नहीं आता, यदि आता भी है तो उसका वेग अधिक नहीं होता। नीम का जूस कैसे पिएं 1. नीम का रस बहुत कडुआ होता है, जिसे पीना बहुत मुश्किल होता है। अगर आपको इसके फायदे चाहिए तो इसे एक ग्लास में डाल कर इसको दवा समझ कर पूरा एक साथ पी लें। इसके अलावा ये भी देखिये की नीम के रस को और किस-किस प्रकार से पिया जा सकता है। 2. नीम के रस में थोड़ा मसाला डाल दें जिससे उसमें स्वाद आ जाए। इसको पीने से पहले उसमें नमक या काली मिर्च या फिर दोनों ही डाल दें। 3. कई लोगों को नीम की महक अच्छी नहीं लगती। इसलिए जब रस निकाल लें तब उसको फ्रिज में 15-20 मिनट के लिए रखें या फिर उसमें बर्फ के कुछ क्यूब डाल दें और फिर पिएं। लेकिन सबसे अच्छा होगा कि नीम के रस को निकाल कर तुरंत ही पी लिया जाए। इसको 30 मिनट से ज्यादा स्टोर कर के नहीं रखना चाहिये। 4. नीम का रस पीने से पहले अपनी नाक को दबा लें, इससे जूस को पीने में आसानी होगी। अगर आपको नीम जूस का पूरा फायदा उठाना है, तो इसमें चीनी बिल्कुल भी न मिलाएं। 5. नीम का रस हमेशा सुबह-सुबह पिएं। इसकी कडुआहट को कम करने के लिए इसमें नमक मिलाएं और हल्का सा पानी भी। गर्मी में रखें तरोताजा एक आदमी को कितना पानी पीने की जरुरत होती है यह बिल्कुल फिक्स नहीं है क्योंकि हर शरीर की अपनी एक अलग जरूरत होती है, और वह उस हिसाब से पानी पीता है। इसके अलावा पानी पीने की मात्रा कई अन्य बातों पर भी निर्भर करती है जैसे, उम्र, तापमान, बीमारी, खेलकूद शारीरिक गतिविधियां आदि। केवल पानी ही ऐसा पेय नहीं है, जो शरीर की पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि ऐसे कई अन्य पेय भी उपलब्घ हैं, जो हमें हाइड्रेट रहने में मदद करते हैं और साथ में पोषण भी देते हैं। कौन से हैं वे पेय पदार्थ, आइये जानते हैं। 1. नारियल पानी पानी के बाद यही एक ऐसा प्राकृतिक पेय है जो प्यास बुझा सकता है। इसमें मोटेशियम और मैगनीशियम भारी मात्रा में पाया जाता है, इसके अलावा इसमें बहुत कम कैलोरी होती। यह बिल्कुल प्राकृतिक रूप से मिलता है, न तो इसकी कोई पैकेजिंग होती है और न ही प्रोसेसिंग। इसलिए जब भी आपको लगे कि आपको पानी की जरूरत है और नारियल पानी आपके सामने हो तो बिना झिझक एक पूरा नारियल पानी पी डालिये। फ्रेश लाइम जूस दूसरा प्राकृतिक पेय है नींबू का रस, जिसे तुरंत निचोड़ते ही पीना सेहतमंद होता है। इसमें विटामिन सी पाया जाता है। इसमें शहद मिलाएंगे तो यह एक प्राकृतिक स्वीटनर का काम करेगी। लाइम जूस को तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखें कि पानी साफ हो। देखा जाता है कि कई लोग इसे सुबह पीते हैं पर लाइम जूस को दिन भर में कभी भी और कई बार पिया जा सकता है। ताजा फलों का रस जूस पीने से भी वही लाभ होता है जो पूरा फल खाने पर। लेकिन ये है कि जूस में रेशा नहीं होता। वे लोग जो मेहनत वाला शरीरिक काम करते हैं और जिनको तुरंत शक्तिकी जरूरत पड़ती है, वे फल का जूस पीकर ताकत पा सकते हैं। बिना चीनी के जूस पीना ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि फल में उसकी प्राकृतिक मिठास पहले से ही मौजूद होती है। इसके अलावा अगर चीनी डालकर जूस पिया जाए तो उसमें कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। फल के रस को आप कभी भी खाने के पहले या बाद में पी सकते हैं, पर ध्यान रहे कि वह साफ-सुथरे तरीके से निकाला गया हो। फ्रूट स्मूदी स्मूदी तैयार होती है, दही, दूध, शहद और फल से। यह न केवल गर्मी से राहत दिलाती है बल्कि इसमें भरा होता है खूब सारा पोषण। इसको पीने से शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल मिलते हैं। इसके अलावा अगर आपका वजन कम है और आपको वजन बढ़ाना है, तो केवल दूध और दही से बनाई गई स्मूदी को भोजन के बीच में खाएं, आपका वजन जरूर बढ़ जाएगा। रेड वाइन फेशियल के फायदे रेड वाइन फेशियल रूखी त्वचा वाले नहीं करवा सकते कयोंकि यह केवल ऑयली और पिंपल रहित त्वचा वाले लोंगो के लिए है। इसलिए अगर आपकी त्वचा रूखी है और आपने रेड वाइन फेशियल करवा लिया तो आपकी त्वचा काली पड़ सकती है। इसके आलावा रेड वाइन को कभी भी त्वचा पर डायरेक्ट नहीं लगाना चाहिए क्योंकि इसमें अल्कोहल कंटेंट होता है। इसको हमेशा पानी या तो रोजवॉटर के साथ मिलाकर ही लगाना चाहिये। आइये जानते हैं रेड वाइन किस तरह प्रयोग किया जाता है- 1. किसी भी फेशियल को शुरू करने से पहले चेहरे को क्लीजिंग मिल्क के द्वारा अच्छे से साफ करें और फिर ओट को रेड वाइन में पेस्ट बना कर चेहरे को स्क्रब करें। चाहें तो बादाम या अखरोठ या फिर कोई साधारण सा स्क्रब भी इस्तेमाल कर सकती हैं। चेहरे को स्क्रब करने के बाद स्टीम से ब्लैकहेड और वाइटहेड को भी हटाएं। 2. जब चेहरा अच्छी तरह से साफ हो जाए तब अपने चेहरे को एलो वेरा जैल से मसाज करें। वैसे इस फेशियल के लिए कोई भी क्रीम इस्तेमाल की जा सकती है। मसाज के बाद स्किन सीरम लगाएं, जिसे आप अपनी स्किन की टाइप को देख कर खरीद सकती हैं। 3. पैक मिंट, मिल्क, सैफरॉन, नीम पैक को एक या दो चम्मच रेड वाइन के साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें और चेहरे पर लगाएं। जब पैक सूख जाए तब एक कपड़े को रेड वाइन में गीला करके चेहरे को भी गीला करें। फिर अंडा लें और उसके सफेद भाग को चेहरे पर पूरी तरह लगाएं, इससे स्किन टाइट होती है। इस पैक को 15 से 20 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें। 4. जब पैक पूरी तरह से सूख जाए, तब पानी का हल्का स्प्रे मारें और एक कपड़े को रेड वाइन में भिगों कर चेहरे से पैक पोंछ लें। जब फेशियल हो जाए तब चेरहे पर सन ब्लॉक लगाएं, जो कि एसपीएफ 15 या 20 हो। सन ब्लॉक लगाना जरूरी हो जाता है क्योंकि रेड वाइन फेशियल करवाने के बाद चेहरा सूरज की धूप के प्रति बहुत संवेदनरशील हो जाता है और स्किन बर्न होने का खतरा दोगुना हो जाता है। सेहत बनाए दही दही, जिसका हर घर में बड़ा ही उपयोग होता है, खाने में स्वादिष्ट और तरह-तरह के पौष्टिक तत्वों से भरी हुई है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। दही को अपने खानपान में शामिल करने से खूबसूरती और स्वास्थ्य दोनों ही बनते हैं। यह दूध के मुकाबले सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इसमें दूध की अपेक्षा कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, लैक्टोज, आयरन, फास्फोरस आदि पाया जाता है, इसलिए दही को अधिक पोषक माना जाता है। आइये जानते हैं, दही हमारे स्वास्थ्य के लिए और कैसे उपयोगी है। दही खाने के फायदे 1. दही के सेवन से हार्ट में होने वाले कोरोनरी आर्टरी रोग से बचाव किया जा सकता है। डॉक्टरों का मानना है कि दही के नियमित सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है। 2. चेहरे पर दही लगाने से त्वचा मुलायम होने के साथ उसमें निखार भी आता है। अगर दही से चेहरे की मसाज की जाए तो यह ब्लीच के जैसा काम करता है। इसका प्रयोग बालों में कंडीशनर के तौर पर भी किया जाता है। 3. गर्मियों में त्वचा पर सनबर्न हो जाने पर दही मलने से राहत मिलती है। 4. दही दूध के मुकाबले सौ गुना बेहतर है, क्योंकि इसमें कैल्शियम के चलते हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी से लडऩे में भी मददगार है। 5. हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों को रोजाना दही का सेवन करना चाहिए। 6. दही में अजवायन डालकर खाने से कब्ज दूर होता है। 7. दही में बेसन मिलाकर लगाने से त्वचा में निखार आता है। मुंहासे दूर होते हैं। 8. दही को आटे के चोकर में मिलाकर लगाने से त्वचा को पोषण मिलता है और त्वचा कांतिमय बनती है। सिर में रूसी होने पर भी दही फायदेमंद होता है। ये रूसी को हटाकर बालों को मुलायम बनाता है। 9. मुंह के छालों पर दिन में 2-4 बार दही लगाने से छाले जल्द ही ठीक हो जाते हैं। शरीर के ब्लड सिस्टम में इन्फेक्शन को कंट्रोल करने में वाइट ब्लड सेल्स का महत्तवपूर्ण योगदान होता है। 10. पेट की बीमारियों से परेशान होने वाले लोग यदि अपनी डाइट में प्रचुर मात्रा में दही को शामिल करें तो अच्छा होगा। इसमें अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पेट की बीमारी को ठीक करते हैं। पेट में जब अच्छे किस्म के बैक्टीरिया की कमी हो जाती है तो भूख न लगने जैसी तमाम बीमारियां पैदा हो जाती हैं। इस स्थिति में दही सबसे अच्छा भोजन बन जाता है। यह इन तत्वों को हजम करने में मदद करता है। 11. यदि आपकी त्वचा रूखी है तो आप आधा कप दही में एक छोटा चम्मच जैतून का तेल तथा एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाकर गुनगुने पानी से चेहरा धोने से त्वचा का रूखापन समाप्त हो जाता है। 12. डॉक्टर और वैद्य मानते है कि दूध जल्दी हजम नहीं होता है कब्ज पैदा करता है, दही व मट्ठा तुरंत हजम हो जाता है। जिन लोगों को दूध नहीं हजम होता है। उन्हें दही या मट्ठा लेना चाहिए। सरसों के तेल के फायदे भारत में सरसों के तेल को लगभग हर घर में पारंपरिक रूप से पसंद और इस्तमाल किया जाता है। इसके अलावा इस तेल को उत्तर भारत में शरीर पर मालिश और रगडऩे के लिए भी किया जाता है। इससे रक्त परिसंचरण, मांसपेशी विकास और त्वचा की बनावट में सुधार होता है; यह तेल जीवाणुरोधी भी होता है। देखा जाए तो यह तेल स्वास्थ्य के हिसाब से बहुत अच्छा और पौष्टिक माना गया है। चलिये जानते हैं इसके स्वास्थ्य लाभ- 1. दांतों और मसूड़ों पर सरसों का तेल रगडऩे से वह मजबूत बनते हैं। इसके अलावा यह सर्दी, जुखाम, सिरदर्द और शरीर के दर्द में भी बहुत लाभदायक होता है। 2. यहां तक यह तेल एक टॉनिक के रूप में भी प्रयोग होता है। यह शरीर की कार्य क्षमता बढ़ाकर शरीर की कमजोरी को एकदम दूर कर देता है। 3. सरसों के तेल में ओलिक एसिड और लीनोलिक एसिड पाया जाता है, यह फैटी एसिड होते हैं जो कि बालों की ग्रोथ बढ़ाने के लिए अच्छी दवा है। यह बालों की जड़ों को पोषण देकर ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। अगर आप इस तेल को हफ्ते में दो दिन इस्तेमाल करेंगी तो आपके बाल झडऩा बंद हो जाएंगे। 4. यह शरीर को गर्माहट भी प्रदान करता है, अगर इसे ठंडक में खाया जाए तो ठंड बिल्कुल नहीं लगेगी। यह अदंर के बैक्टीरिया से लड़ता है। 5. सरसों के तेल में एलिल आइसोथियोसाइनेट के गुण शामिल हैं। यह फंगस संबंधित त्वचा विकारों के लिए सबसे अच्छे इलाज के रूप में कार्य करता है। साथ ही यह शरीर के किसी भी भाग में फंगस के और विकास को बढऩे से रोकता है। 6. अगर आपको भूख नहीं लगती तो अपने खाने को सरसों के तेल में बनाना शुरू कर दें। क्योंकि यह तेल भूख बढ़ाकर शरीर में पाचन रस की सिकरीशन को सही कर देता है। 7. इसके अलावा इस तेल में विटामिन ई भी होता है। अगर यह त्वचा पर लगाया जाता है, तो अल्ट्रावाइलेट और पल्यूशन से बचाव होता है। साथ ही यह झाइयों और झुर्रियों से भी काफी हद तक रहात दिलाता है। 8. इस तेल की मालिश से गठिया और जोड़ों का दर्द भी ठीक हो जाता है। इसके सेवन से कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा भी थोड़ा कम हो जाता है। इसलिए सरसों के तेल को अपने खाने में जरूर शामिल करें। 9. जिन लोगों की त्वचा रूखी-सूखी है, वे लोग अपने हाथों, पैरों में तेल लगाने के बाद पानी से स्नान कर लें। इससे त्वचा को पोषण मिलता है और वह नम हो जाती है। मसाज करने से पहले तेल को हल्का गरम जरुर कर लें।

फिल्म की ताजा खबरें

सोनाक्षी की बहन फिल्म में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की चचेरी बहन भावना रूपरेल भी अब 'चलो पिक्चर बनाते हैंÓ के जरिए बॉलीवुड में एंट्री लेने के लिए तैयार हैं। सितारों के भाई-बहनों के बॉलीवुड में आने के इस दौर में भावना सबसे नई एंट्री हैं। पिछले साल प्रियंका चोपड़ा की चचेरी बहन परीनीति ने भी यशराज फिल्म्स की 'लेडीज वर्सेज रिकी बहलÓ से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके अलावा सोनम कपूर के चचेरे भाई और बोनी कपूर के बेटे अर्जुन कपूर भी 'इश्कजादेÓ के जरिए और महेश भट्ट की बेटी आलिया और डेविड धवन के बेटे वरुण करण जौहर की 'स्टूडेंट ऑफ द ईयरÓ के जरिए बॉलीवुड में कदम रखने को तैयार हैं। 'ना तुम जानो ना हमÓ और 'जॉगर्स पार्कÓ में काम कर चुकीं भावना एक म्यूजिक वीडियो 'पहला नशाÓ में भी नजर आईं थीं। इसके साथ ही वे मॉडलिंग और कई विज्ञापन करती रही हैं। इस फिल्म में रोल मिलने के बारे में भावना कहती हैं, ''इस फिल्म का प्रस्ताव मुझे फेसबुक पर मिला। मैं ऑडिशन देने गई और मुझे चुन लिया गया। यह अब तक अभिनय के लिए मेरा सबसे बड़ा प्रस्ताव है। मुझे कहानी और मेरा किरदार पसंद आया इसलिए मैंने फिल्म के लिए हां कर दी।ÓÓ इस फिल्म का निर्देशन प्रितीश चक्रबर्ती कर रहे हैं। भावना कहती हैं कि ''इस फिल्म में मेरा किरदार एक प्रसिद्ध अभिनेता राहिल टंडन की प्रेमिका का है। लगभग 80 प्रतिशत फिल्म पूरी हो चुकी है। इसकी ज्यादातर शूटिंग गोवा में हुई है। यह फिल्म इस साल जून के अंत तक आ सकती है। मैं बस इतना कह सकती हूं कि यह फिल्म के भीतर फिल्म है। यह फिल्म निर्देशक के नजरिए से फिल्म बनने को दिखाती है।ÓÓ
क्लम का हॉट लुक सौंदर्य प्रसाधन कंपनी के विज्ञापन के लिए सुपरमॉडल हायदी क्लम निर्वस्त्र हो गईं। 'डेली मेल ऑनलाइनÓ के मुताबिक 38 वर्षीय मॉडल विज्ञापन में बिल्कुल निर्वस्त्र हो गईं, लेकिन उनका शरीर रंगा हुआ है। क्लम ने ट्वीट किया है, 'एस्टर सेलिब्रेटिंग कलर के लिए मैंने एक और अनूठा फोटो शूट किया है।Ó 'प्रोजेक्ट रनवेÓ की होस्ट रह चुकी क्लम इससे पहले एल्यूर पत्रिका के लिए बेपरदा हो चुकी हैं। सील के साथ सात वर्ष तक शादी के बंधन में रहने के बाद इस जोड़ी के बीच जनवरी में दरार पैदा हो गई थी। शादी के बारे में अपने बुरे अनुभवों को क्लम पहले ही जाहिर कर चुकी हैं। सलमान-रजनीकांत एक साथ अब आपको दबंग सलमान खान और सुपरस्टार रजनीकांत एक साथ एक फिल्म में नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि सोहेल खान रजनीकांत और सलमान को लेकर एक फिल्म प्लान कर रहे हैं। इसके लिए सोहेल ने रजनीकांत के पास फिल्म का प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल रजनीकांत की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। सोहेल रजनीकांत के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। सलमान और रजनीकांत दोनों के ही प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में है। सलमान भी रजनीकांत के साथ फिल्म करने को लेकर उत्साहित हैं। सलमान का कहना है कि उन्हें रजनीकांत बनने में 20 साल और लगेंगे। अगर दोनों सुपरस्टार फिल्म में एक साथ नजर आए तो सोचिए वह फिल्म पर्दे पर क्या कमाल दिखाएगी। दोनों ही स्टार की फिल्में उनके नाम से चलती हैं। प्यार के लिए टाइम नहीं गायिका जेसी जे कहती हैं कि उनके पास प्यार करने या रिश्ते बनाने के लिए समय नहीं है। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड सितारों के उनकी ओर आकर्षित होने पर भी वह इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सकतीं। हाल ही में अभिनेता डेविड आक्र्वेट ने स्वीकार किया था कि वह जेसी जे से प्रभावित हैं और उन पर मुग्ध हैं। वेबसाइट शोबीज स्पाय डॉट कॉम के मुताबिक 24 वर्षीया जेसी जे का कहना है, सच्चाई यह है कि यहां सिर्फ मैं हूं। मुझे इस समय अपने संगीत से प्यार है। आक्र्वेट मुझ पर मुग्ध हो सकते हैं लेकिन मेरी जिंदगी में सिर्फ मैं और मेरा संगीत है। आई लव न्यूयार्क अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन ने एक नया टैटू बनवाया है। उन्हें न्यूयार्क से अपना ताल्लुक होने पर बहुत गर्व है, यही वजह है कि उनके इस नए टैटू में आई लव एनवाई लिखा हुआ है। स्कारलेट का टैटू उनकी कलाई पर बना है। वेबसाइट कांटेक्ट म्यूजिक डॉट कॉम के मुताबिक जोहानसन ने पिछले सप्ताह अपनी नई फिल्म द एवेंजर्स के लंदन प्रीमियर के अवसर पर वहां मौजूद फोटोग्राफर्स को अपना टैटू दिखाया। उनकी दाईं कलाई पर बना यह टैटू एक कंगन जैसे आकार में है और इस पर आई लव एनवाई संदेश लिखा हुआ है। जोहानसन का जन्म व परवरिश न्यूयार्क में हुई है लेकिन अब वह यहां बस गई हैं। वापस लौटीं कोंकणा अभिनेता रणवीर शौरी का कहना है कि उनकी पत्नी व अभिनेत्री कोंकणा सेन शर्मा फिल्मी सेट्स पर फिर लौट आईं हैं। कोंकणा अपने बेटे हारून को जन्म देने के बाद कुछ समय से फिल्मों से दूर थीं। साल 2001 में प्रदर्शित सात खून माफ में एक छोटी सी भूमिका निभा चुकीं कोंकणा की आने वाली फिल्म अनंत महादेवन की गौर हरि दास्तान है। वह फिल्म में ओडिशा के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गौर हरि दास की पत्नी की भूमिका निभा रही हैं। रणवीर ने कहा, वह फिल्मों में पूरी तरह से वापसी के लिए तैयार हैं। बच्चे के जन्म के बाद मैंने छह महीने की छुट्टी ली और उन्होंने दो साल का अंतराल लिया। हारून जब एक साल से भी छोटा था तो वह गौर हरि दास्तान के सेट्स पर आता था। फिल्म में रणवीर ने भी अभिनय किया है। कोंकणा व रणवीर सितम्बर 2010 में विवाह बंधन में बंधे थे और 2011 में उनके बेटे का जन्म हुआ। सबसे सुन्दर महिला 'पीपुलÓ पत्रिका ने पॉप स्टार बेयोंसे नोल्स को दुनिया की सबसे सुन्दर महिला का खिताब दिया है।30 वर्षीय बेयोंसे और उनके पति जे-जेड इसी साल जनवरी में माता-पिता बने हैं। पॉप स्टार ने एक बेटी 'ब्लू ईवी कार्टरÓ को जन्म दिया। इस खिताब के साथ ही बेयोंस 'पीपुलÓ पत्रिका के ताजा अंक में कवर पेज पर भी नजर आईं।पत्रिका का नवीन अंक शुक्रवार को बाजार में आ रहा है। बेयोंसे का कहना है कि अपने बच्चे को जन्म देने के बाद वह स्वयं को और सुन्दर महसूस करती हैं। पिता जैसा बनूंगा अभिनेता-निर्माता संजय दत्त कहते हैं कि वह अपने दिवंगत पिता सुनील दत्त जैसे बनना चाहते हैं। उन्होंने कहाकि उनके पिता उनके परिवार के लिए मजबूती के स्तम्भ की तरह थे। दत्त ने कहा, मैं अपने पिता जैसा बनना चाहता हूं। वह हमारी जिंदगी में बहुत बड़ा सम्बल थे। मैं बिल्कुल उन जैसा बनना चाहता हूं। मैं अपने बच्चों को बताता हूं कि मैं अपने बचपन के दिनों में कैसा था और वे मेरे जैसे न बनें। दत्त को अपनी नशे की लत के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उनके तीन बच्चे हैं। पहली पत्नी ऋचा शर्मा से उनकी सबसे बड़ी बेटी त्रिशला है। ऋचा की मस्तिष्क में ट्यूमर से मौत हो गई थी। दत्त के दो जुड़वां बच्चे शाहरान व इकरा हैं। इन्हें उनकी दूसरी पत्नी मान्यता ने जन्म दिया है। दत्त ने 2008 में 52 वर्ष की उम्र में मान्यता से विवाह किया था। त्रिशला की परवरिश अमेरिका में हुई है, इसलिए दत्त उनके साथ ज्यादा समय नहीं बिता सके। अब वह अपने जुड़वां बच्चों के साथ ज्यादा व अच्छा समय बिताने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा, मैं त्रिशला के साथ कभी पितृत्व का सुख नहीं ले पाया। मैं उन स्वर्णिम पलों की कमी महसूस करता हूं। अब मेरे लिए यह एक अद्भुत अनुभव है। यह एक सुंदर एहसास है। दत्त बीते दौर के सितारों नर्गिस व सुनील दत्त के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी अपने अभिभावकों के चलते अच्छा सितारा नहीं बनता। दत्त ने कहा कि उनके पिता ने 1981 में रॉकी में उन्हें पेश किया था। उन्होंने कहा कि लेकिन बाद में आप अपनी क्षमताओं के आधार पर ही खुद को साबित कर सकते हैं। दत्त ने नाम, सड़क, साजन, खलनायक, वास्तव और मुन्नाभाई श्रृंखला जैसी फिल्मों में अभिनय किया है।
घोड़े पर होंगे सवार! शादी एक सादे समारोह में होगी लेकिन कब यह मैं नहीं कह सकता। शायद इसमें कुछ महीने लगे या फिर कुछ हफ्ते भी। उन्होंने कहा कि मैं बहुत ही जल्द आवेग में आ जाने वाला व्यक्ति हूं। यह भी हो सकता है कि यह शादी अगले हफ्ते भी हो। यह कहना है बॉलीवुड के हैंडसम हंक जॉन अब्राहम का। बिपाशा बसु से ब्रेकअप हो जाने के तुरंत बाद ही उनका नाम प्रिया रुंचाल से जोड़ा जाने लगा। बाद में हर किसी को बिप्स से ब्रेकअप की वजह पता चली। जॉन ने प्रिया के लिए अपने 8 साल पुराने रिश्ते को तोड़ दिया। इन दिनों जॉन बॉक्स ऑफिस में कमाल कर रहे हैं। इसी के चलते उनके हौसले भी अब काफी बुलंद हो चले हैं उन्होंने पहली बार अपने रिलेशन को लेकर पब्लिक के सामने मुंह खोला है। उनकी बातों से तो यही लग रहा है कि जॉन अगले हफ्ते अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया रुंचाल से शादी रचा सकते हैं। जॉन अब्राहम बैंकर प्रिया के साथ काई बार देखें जा चुके हैं। बीच में खबरें भी आ रही थीं कि इन दोनों ने सगाई भी कर ली है। इतना ही नहीं खबरें तो यह भी थीं कि दोनों ने अमेरिका के लॉस एंजिल्स में शादी कर ली है। हालांकि बाद में यह कोरी अफवाह ही साबित हुई। जॉन ने कहा शादी तो वक्त की बात है और यह किसी भी दिन हो सकता है। वैसे जॉन काफी कम ही बोलते हैं और उनकी एक ही बात में कई बातें छिपी होती हैं। जॉन की बातों से एक बात तो साफ होती है कि जल्द ही उनके फैन्स उन्हें घोड़े पर सवार होते देखेंगे। भ्रष्टाचार से लड़ेंगे नसीर ए वेडनेस्डे में व्यवस्था बदलने के लिए तैयार एक व्यक्तिका किरदार निभा चुके अनुभवी अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपनी नई फिल्म जॉन डे में भ्रष्टाचार से लड़ते दिखेंगे। अंजुम रिजवी व के. आसिफ ने फिल्म का निर्माण किया है जबकि सोलोमन एहिशर ने इसका निर्देशन किया है। सोलोमन ने कहा है, फिल्म बदला लेने की नाटकीय कहानी है। नसीर ने एक ऐसे आम आदमी की भूमिका निभाई है जो भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ लड़ता है। इसमें ए वेडनेस्डे में कोई समानता नहीं है। जॉन डे में रणदीप हुड्डा, विपिन शर्मा, शेरनाज पटेल व सलीम ने अभिनय किया है। आनंद-मिलिंद की वापसी कयामत से कयामत तक, अंजाम और दिल जैसी फिल्मों का सफलतम संगीत बना चुकी आनंद-मिलिंद की संगीतकार जोड़ी छह साल के अंतराल के बाद ये खुला आसमान से बॉलीवुड में वापसी कर रही है। इस संगीतकार डुओ की अंतिम हिंदी फिल्म 2006 में आई वी आर फ्रेंड्स थी। जैकी श्रॉफ ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी। मिलिंद ने ये खुला आसमान फिल्म का संगीत जारी होने के अवसर पर कहा कि एक अंतराल के बाद बॉलीवुड की मुख्यधारा में लौटने का एहसास अद्भुत है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि यह एलबम भी उतना ही खास हो जितना कि हमारा पुराना संगीत रहा है। हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि यह हमारे अब तक के कामों में से सबसे अच्छा है और उम्मीद करते हैं कि श्रोता भी ऐसा ही कहेंगे। संगीतकार चित्रगुप्त के बेटे आनंद श्रीवास्तव व उनके छोटे भाई मिलिंद ने 200 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्मों में संगीत दिया है। इस अवसर पर फिल्म के सितारे रघुवीर यादव, यशपाल शर्मा, राज टंडन व अन्या आनंद भी मौजूद थे। फिल्म की निर्देशक गीतांजलि सिन्हा भी वहां मौजूद थीं। फिल्म के गीत रवि चोपड़ा ने लिखे हैं और सुरेश वाडेकर, स्वप्निल बांडोडकर, गायत्री गांजावाला, रघुवीर यादव, सोहम व अमए दाते ने उन्हें सुरों में पिरोया है। एलबम में छह गीत हैं। ये खुला आसमान 25 मई को प्रदर्शित होगी। _ Rajkumar Soni

बुधवार, 25 अप्रैल 2012

नार्वे से लौटे बच्चों से एक साल बाद मिली मां

कोलकाता अदालती आदेश के बाद नार्वे से भारत लौटे दोनों बच्चों की मां सागरिका के लिए बुधवार का दिन भावुक करने वाला था क्योंकि करीब एक साल बाद वह अपने दो मासूम बच्चों को गले लगा रही थीं। सागरिका ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं क्योंकि उन्हें एक साल बाद चूम पा रही हूं और गले लगा रही हूं। मैं अपनी खुशी बयां नहीं कर सकती। वह बीते महीने भारत लौट आई थीं और 24 परगना जिले में अपनी मां के साथ रह रही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता और मुझे आज का दिन देखने के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ा। नार्वे की अदालत के आदेश के कारण मैं एक साल तक अपने बच्चों को नहीं देख पाई। उल्लेखनीय कि तीन साल का अभिज्ञान और एक साल की ऐश्वर्य लंबे विवाद के बाद कल दिल्ली पहुंचे। नार्वे की एक अदालत ने दोनों बच्चों का संरक्षण उनके चाचा को सौंपा है। सागरिका ने भारत सरकार, भारतीय लोगों, नेताओं, मीडिया, नार्वे के लोगों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने मेरी काफी मदद की। सागरिका के पति अनुरूप भट्टाचार्य नार्वे में जियोसाइंटिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

निजी फाइलों के लिए गूगल ने शुरू की स्टोरेज सर्विस

कैलिफोर्निया ।। अब गूगल में निजी फाइलों के लिए स्टोरेज का भी इंतजाम हो गया है। कल गूगल ड्राइव पेश कर गुगल ने इस दिशा में शुरुआत कर दी। दरअसल, गूगल डिजिटल फाइलों का जखीरा बनाने की कवायद में जुटी है। यदि गूगल की यह कोशिश कामयाब हो जाती है तो इंटरनेट प्रेमियों की इस पर निर्भरता और ज्यादा बढ़ जाएगी। गूगल ने कल 'गूगल ड्राइव' नाम का एक उत्पाद पेश किया जो निजी दस्तावेजों, तस्वीरों,वीडियो और ढेर सारी डिजिटल सामग्री को सहेज कर रखने में मददगार साबित होगा। बड़े डेटा केंद्रों में फाइल सहेज कर इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले अपने स्मार्टफोन, टैबलेट कंप्यूटरों, लैपटॉप और इंटरनेट से जुड़ी किसी भी चीज पर सूचना हासिल कर सकेंगे। 'गूगल ड्राइव' से दोस्तों, परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों को भी लिंक के जरिए सामग्री भेजी जा सकेगी जिससे बड़ी-बड़ी फाइलें लगाकर ई-मेल करने के झंझट से लोगों को मुक्ति मिलेगी।

मंगलवार, 24 अप्रैल 2012

Rajkumar Soni blog's http://khabarlok.blogspot.in http://sathi.mywebdunia.com http://chetneybhavishyajigyasa.blogspot.in http://nirmalindianews.blogspot.in http://panditraj.blogspot.in http://sonimediacom.blogspot.in http://samay-jigyasa.blogspot.in http://jyotishrahasya.blogspot.in http://shaktibav.blogspot.in http://aksharkhabar.blogspot.in http://rajkumarsoni-samay.blogspot.in http://newmailcom.blogspot.in http://samaykasathi-samay.blogspot.in http://samaykasathi.blogspot.in http://dharm-karm-adhyatm.blogspot.in http://trikaldarshi.blogspot.in http://rajkumarsoni.blog.com Rajkumar Soni Frind's Blog's http://nilimptripathi.webs.com http://sheelay-sheelay.blogspot.in http://jainastro.mywebdunia.com http://rajendrachaturvedi.blogspot.in http://ashishshukla.mywebdunia.com

सोमवार, 23 अप्रैल 2012

अब्दुल कलाम फिर बनेंगे राष्ट्रपति!

नई दिल्ली: देश के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अब सिर्फ तीन महीने बच गए है। देश के तेरहवें राष्ट्रपति के लिए एक बार फिर राष्ट्रपति रह चुके एपीजे अब्दुल कलाम के नाम की चर्चा जोरों पर है। इस बात की चर्चा जोरो पर है कि कलाम एक बार फिर राष्ट्रपति बन सकते हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम देश के अगले राष्ट्रपति पद के लिए तगड़े उम्मीदवार के तौर पर उभर रहे हैं। राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए सरकार के पास संख्या बल की कमी के बाद उभरे समीकरणों से यह तय लग रहा है कि इस बार कोई गैर राजनीतिक उम्मीदवार ही देश का अगला राष्ट्रपति होगा। सूत्रों के मुताबिक ऐसे में कलाम का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। ऐसा माना जा रहै कि कलाम के नाम पर मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी, जयललिता की एआईएडीएमके और ममता बनर्जी की तृणणूल कांग्रेस में सहमति बन चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने भी कहा है कि देश के अगले राष्ट्रपति के तौर पर कोई गैर-राजनीतिक व्यक्ति ही एक आदर्श पसंद हो सकता है। पवार ने कहा कि यूपीए और एनडीए दोनों के पास ही अपने पसंद के उम्मीदवार को अगला राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं है। ऐसे में मुझे लगता है कि राषट्रपति ऐसा हो जिसका कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि ना हो। सभी दलों को योग्य राष्ट्रपति के मुद्दे पर आम राय बनाने के लिए बातचीत की शुरुआत करनी चाहिए। कहा यह भी जा रहा है कि इस मसले पर कांग्रेस के सैम पित्रोदा, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी और शिरोमणि अकाली दल के मुखिया प्रकाश सिंह बादल के बीच भी बातचीत हुई है।

शहला हत्याकांड: एनसीडब्ल्यू करेगा जांच, विधायक पर कस सकता है शिकंजा

इंदौर: राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भोपाल की आरटीआई कार्यकर्ता शहला मसूद के हत्याकांड का संज्ञान लेते हुए जांच समिति गठित करने का फैसला किया है। एनसीडब्ल्यू ने यह कदम हाई प्रोफाइल मामले में सीबीआई जांच के घेरे में आ चुके भाजपा विधायक ध्रुवनारायण सिंह के कथित बयान के बाद उठाया, जिसमें उन्होंने करीब 20 महिलाओं से अपने अनैतिक रिश्तों का दावा किया था। एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष ममता शर्मा ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ‘इस मामले शहला हत्याकांड में भाजपा विधायक का नाम कई बार सामने आया है। अखबारों की खबरों में हमने उनके बयान में यह भी पढ़ा कि वह करीब 20 महिलाओं से इस तरह के अनैतिक संबंध रखते हैं।’ उन्होंने बताया, ‘इस स्थिति में हमने मामले का संज्ञान लेने का निर्णय किया है। हम एक समिति गठित करके उससे बारीकी से जांच करायेंगे, ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।’ ममता ने एक सवाल पर इशारा किया कि शहला हत्याकांड पर एनसीडब्ल्यू की प्रस्तावित समिति खासकर इस पहलू को लेकर पड़ताल करेगी कि अनैतिक संबंधों का आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या से कितना जुड़ाव है।

एक साथ निकलेगी 1170 दूल्हों की बारात

भोपाल : मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में 24 अप्रैल को सिरोंज में अक्षय तृतीया पर सामूहिक विवाह सम्मेलन में करीब 1170 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा सहित हजारों की संख्या में क्षेत्र के नागरिक इस ऐतिहासिक विवाह समारोह के साक्षी बनेंगे। सिरोंज में शासकीय लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन स्थल पर 1170 वेदियां बनाई गई हैं जिनमें प्रत्येक जोड़े के साथ उनके परिजनों के बैठने के लिए स्थान सुनिश्चित किया गया है। विवाह के लिए प्रधान आचार्य एवं 100 सहयोगी ब्राह्मणों की व्यवस्था की गई है।

सीडी कांडः सिंघवी का संसदीय स्‍थाई समिति से इस्तीफा

नई दिल्ली। अश्लील सीडी कांड के बाद से विवादों में घिरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सोमवार को संसद की विधि एवं न्याय समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद से भी इस्तीफा दे दिया है। पार्टी ने सिंघवी का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। सिंघवी ने आज जारी एक बयान में कहा कि उन्होंने यह भी निर्णय लिया है कि वह कांग्रेस की ओर से संवाददाताओं को संबोधित नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि समिति की अध्यक्षता से इस्तीफा देने के निर्णय की जानकारी उन्होंने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को दे दी है। उन्होंने कहा, 'मैंने यह निर्णय मेरे बारे में वितरित की जा रही सीडी को लेकर संसद में व्यवधान होने की तनिक भी संभावनाओं को खत्म करने की खातिर लिया है। पार्टी का अनुशासित सिपाही होने के नाते मैं इस कारण पार्टी को रत्ती भर भी असुविधा नहीं होने देना चाहता।' उन्होंने कहा कि अब यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि सीडी में उन्होंने किसी को कोई पद दिलाने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि यह प्रपंच इसलिए फैलाया जा रहा है ताकि एक नितांत निजी मामले को सार्वजनिक मामले के रूप में पेश किया जा सके जबकि सीडी में पद का लालच देने की बात किसी ने नहीं सुनी। उन्होंने कहा, 'ऐसा जिक्र नहीं है क्योंकि ऐसा कुछ था ही नहीं।' कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर सीडी की बातें सही भी हैं जो कतई सही नहीं हैं तो उनके सामने आने से कुछ निजी और सहमति की बातों को खुलासा होता जिसके मामले में पीडि़त परिवार ही कोई कार्रवाई कर सकता है और कोई नहीं। मेरा परिवार पूरी तरह मेरे साथ है। उन्होंने इस बात पर अफसोस जाहिर किया कि यह दुष्प्रचार ऐसी सीडी को लेकर किया जा रहा है जिसे तीन तीन बार जाली बताया गया है। लोकपाल विधेयक की पड़ताल करने वाली स्थाई समिति की अध्यक्षता करने वाले सिंघवी ने कहा कि उनके दुश्मनों ने दस दिन तक सीडी को खोजने, उसे सुनने और उसके बारे में बढा़ चढा़कर बोलने में कडी़ मेहनत की लेकिन वे किसी प्रकार की गैर कानूनी बात, भ्रष्ट व्यवहार या गलती दूर तक भी नहीं ढूंढ पाए। सीडी को चटखारे लेकर देखने वालों पर चोट करते हुए सिंघवी ने कहा कि राजनीतिक और पेशेवर वर्ग को इसे मजे लेकर देखने, इसे बढ़ावा देने या किसी व्यक्ति की स्वाभाविक पीडा़ का आनंद लेने के बजाए हमें निजता के मुद्दों का सम्मान करना चाहिए। सीडी मनगढंत है या नहीं, लेकिन इससे जनहित का कोई मुद्दा नहीं जुडा है। फिर भी इंटरनेट पर धडल्ले से निजता का उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि ड्राइवर इस बात का खुलासा पुलिस के सामने और फिर उच्च न्यायालय में कर चुका है कि उसने यह सीडी क्यों बनाई थी। इस सीडी को दिखाने पर अदालत रोक लगा चुकी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने संकेत दिया है कि अभिषेक सीडी मामले को संसद की आचरण या विशेषाधिकार समिति के पास ले जाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि यदि सीडी असली है तो यह आचरण समिति का मामला बनता है और अगर गढी़ गई है तो यह किसी सांसद के विशेषाधिकार का मामला है। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरूण जेटली ने कहा है कि सिंघवी को अपने इस्तीफे के संबंध में संसद के समक्ष बयान देना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले दिनों एक महिला वकील के साथ सिंघवी का सेक्स वीडियो फेसबुक और सोशल नेटवर्किंग साइट पर छाया रहा। कहा जा रहा था कि ये सीडी सिंघवी के कार चालक ने मीडिया को दी। सरकार ने कई बार इस सीडी को फेसबुक से बैन किया लेकिन हर बार ये सीडी फेसबुक पर आती रही। और तो और सीडी डालने वाले ने धमकी दी थी कि यदि इस सीडी को रोका गया तो गृहमंत्री चिंदबरम की सीडी फेसबुक पर अपलोड कर दी जाएगी। अपने महारथियो की सीडी से घबराई कांग्रेस के पास फिलहाल कोई चारा नहीं था।

रविवार, 22 अप्रैल 2012

सीवीसी ने 1100 करोड़ की ऋण धोखाधड़ी का पता लगाया

केंद्रीय सतर्कता आयोग ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से 1100 करोड़ रूपए का ऋण धोखाधड़ी का पता लगाया है. सीवीसी अधिकारियों ने बताया कि एक निजी कंपनी यह कहकर विभिन्न बैंकों से ऋण ले रही थी कि उसका उपयोग विभिन्न राज्यों के किसानों द्वारा अरंडी के बीज की खेती करने और आपूर्ति करने के लिए किया जाएगा. विस्तृत जांच के दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मुख्य सतर्कता अधिकारी को अनियमितता नजर आयी और उन्होंने पाया कि कंपनी ने 50 करोड़ रूपए की कथित धोखाधड़ी की है. एक सीवीसी अधिकारी ने कहा, ‘मामला अन्य बैंकों और आयोग के संज्ञान में लाया गया तथा आयोग ने पाया कि इस पूरे मामले में 1100 करोड़ रूपए शामिल है.’ उन्होंने बताया कि नौ बैंकों के समूह ने उसे ऋण दिया. अधिकारी ने कहा, ‘ऋण की राशि कंपनी द्वारा नियुक्त ग्राम स्तरीय समूहों के माध्यम से गबन कर ली गयी. यह ऋण अब गैर निष्पादित संपत्ति हो गयी है और उसे धोखाधड़ी घोषित कर दिया गया.’ हालांकि अधिकारी ने ज्यादा ब्यौरा नहीं दिया. आयोग ने बैंकों को सलाह दी कि मामले में कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और उनसे सीबीआई में मामला दर्ज कराने को कहा गया है. उन्होंने कहा, ‘सीबीआई को मामला दर्ज करने और जांच करने को कहा गया है.’

पासबुक में होगा बैंकों का सुरक्षा कोड

मुंबई : बैंक ग्राहकों की पासबुक और खाते में लेनदेन की जानकारी देने वाली ‘बैंक स्टेटमेंट’ में भी बैंकों को सुरक्षा कोड प्रकाशित करना होगा। रिजर्व बैंक ने इस संबंध में सभी बैंकों को निर्देश जारी किया है। रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों के लिए ग्राहकों की पासबुक और लेखाजोखा पर बैंकों का ‘मैगनेटिक इंक करेक्टर रिकाग्नीशन (एमआईसीआर),’ और ‘इंडियन फाइनेंसियल सिस्टम कोड (आईएफएससी)’ कोड की प्रिटिंग को अनिवार्य बना दिया है। रिजर्व बैंक ने बयान में कहा, ‘फिलहाल बैंक शाखा के आईएफएससी कोड और एमआईसीआर की प्रिंटिंग चेक पर ही की जाती है। समीक्षा के बाद निर्णय किया गया है कि इस सूचना को खाताधारक के पासबुक अथवा बैंक स्टेटमेंट पर भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।’ रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के मुताबिक एमआईसीआर कोड सभी तरह के इलेक्ट्रोनिक सेवा (क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड) के लिए जरूरी है। आईएफएससी कोड राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक कोष हस्तांतरण (एनईएफटी) और आरटीजीएस सौदों के लिए जरूरी है।

रिहाई के लिए नक्सलियों ने रखी शर्त

रायपुर : नक्सलियों द्वारा सुकमा के अपहृत जिलाधिकारी एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के बदले रविवार को कई शर्ते रखे जाने की सूचना पुलिस ने दी। इन शर्तो में उनके आठ साथियों की रिहाई और ऑपरेशन ग्रीन हंट बंद करने की मांग शामिल है। नक्सलियों ने अपनी मांगें पूरी करने के लिये सरकार को 25 अप्रैल तक का समय दिया है। राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि नक्सली नेताओं ने यहां के कुछ संवाददाताओं को अपना रिकॉर्ड किया हुआ बयान जारी कर अपनी मांगों से अवगत कराया है। अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सलियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के बदले आपरेशन ग्रीनहंट बंद करने के क्षेत्र में तैनात सुरक्षा कर्मियों को वापस बैरक में भेजने फर्जी मामलों में जेलों में बंद लोगों को रिहा करने और अपने आठ साथियों मरकाम गोपन्ना उर्फ सत्यम रेड्डी, निर्मल अक्का उर्फ विजय लक्ष्मी, देवपाल चन्द्रशेखर रेड्डी, शांतिप्रिय रेड्डी, मीना चौधरी, कोरसा सन्नी, मरकाम सन्नी और असित कुमार सेन की रिहाई की मांग की है। नक्सलियों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार को 25 अप्रैल तक का समय दिया है तथा इसके बाद वे जिलाधिकारी का फैसला जन अदालत में करेंगे। नक्सलियों द्वारा रखी गई शर्तों को लेकर किए गए सवाल पर राज्य के नक्सल मामलों के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रामनिवास ने बताया कि नक्सलियों ने अभी तक सरकार से सीधे संपर्क नहीं किया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस बात का पता लगा रही है कि ये मांगे वास्तव में नक्सलियों ने रखी हैं या नहीं और जिलाधिकारी के अपहरण में नक्सलियों के किस समूह का हाथ है। इससे पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) राम निवास ने कहा कि पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और 32 वर्षीय मेनन सुरक्षित हैं । उधर स्वामी अग्निवेश ने कहा कि वह मेनन की रिहाई के लिए मध्यस्थता करने को तैयार हैं और वह सरकार या नक्सलियों की तरफ से उनसे संपर्क किए जाने का इंतजार कर रहे हैं । उन्होंने यह मांग भी की कि हालात से निपटने के लिए जितना हो सके उतने कम बल का इस्तेमाल करना चाहिए। इस बीच, एक ताजा अपील में मेनन की पत्नी आशा ने कहा कि नक्सलियों को उनके पति को छोड़ देना चाहिए। उनकी शादी कुछ महीने पहले ही हुई है और उनके पति ने हमेशा लोगों के लिए काम किया है। आशा ने कहा कि उनके पति को कुछ स्वास्थ्य समस्या है और जब उन्हें अगवा किया गया उस वक्त उनके पास पर्याप्त दवाएं नहीं थीं। उन्होंने कहा, वह दमा के मरीज हैं और मैं सरकार और नक्सलियों से अनुरोध करती हूं कि वह इस बात को समझें कि वह दवा के सिर्फ दो डोज अपने साथ ले गए हैं। आपात परिस्थिति में वह मुश्किल का सामना नहीं कर पाएंगे। आशा मेनन ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी लगातार बातचीत हो रही है और केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और मलकानगिरी ओडिशा के पूर्व कलक्टर आर विनील कृष्ण ने भी उनसे बात की और धर्य रखने की सलाह दी है। माओवादियों ने पिछले साल कृष्ण का भी अपहरण कर लिया था। अपने पति की रिहाई की अपील करते हुए आशा ने कहा कि मेनन ने नए जिले के विकास के लिए काफी काम किया है। उन्होंने कहा, मैं उनसे (नक्सलियों से) सिर्फ यह अनुरोध करूंगी कि जल्द से जल्द उन्हें रिहा कर दें। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के केरलापाल क्षेत्र के माझीपारा गांव में नक्सलियों ने शनिवार शाम सुकमा जिले के कलेक्टर तथा वर्ष 2006 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मेनन (32) का अपहरण कर लिया था तथा उनके दो अंगरक्षकों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। इन अंगरक्षकों के शवों को आज सुकमा जिला मुख्यालय में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। माझीपारा गांव में कल ग्राम सूरज अभियान कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे अधिकारियों ने बताया कि करीब 50 की संख्या में आए नक्सली कार्यक्रम स्थल पर आए और जिलाधिकारी के दो गाडरें को गोलियों से भूनने के बाद मेनन को अपने साथ अगवा कर ले गए। अग्निवेश ने कहा कि पिछले साल उन्होंने माओवादियों के कब्जे से पांच पुलिसकर्मियों को छुड़ाने में कामयाबी दिलायी थी। उस वक्त, उन्होंने मुख्यमंत्री रमण सिंह से अपील की थी कि जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को रिहा किया जाए। लेकिन उनकी इस सलाह पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी। इस बीच, राज्य में आईएएस अधिकारियों के संघ ने आज एक बैठक कर माओवादियों से मेनन को रिहा करने की अपील की। इससे पहले दिन में स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी की रिहाई के लिए शांति मार्च निकाला। मेनन के पिता ए वरधास ने कहा कि उन्हें अपनी बहू से बेटे के अपहरण के बारे में पता चला। उन्हें अधिकारियों की ओर से सूचना नहीं दी गयी। मेनन के पिता ने कहा, उन्होंने मुख्यमंत्री रमण सिंह से बातचीत की है। वह जरूरत के मुताबिक काम कर रहे हैं। अपहृत जिलाधिकारी के ससुर वेणुगोपाल ने कहा, उन्होंने (मेनन ने) अपनी जिंदगी में कभी किसी का बुरा नहीं किया और न ही मेरी बेटी ने कभी किसी का बुरा किया।

‘गैर राजनीतिक हो अगला राष्ट्रपति’

मुंबई : केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने आज कहा कि देश के अगले राष्ट्रपति के लिये एक ‘गैर राजनीतिक’ उम्मीदवार ‘आदर्श’ पसंद हो सकता है जबकि उन्होंने इस बात का खंडन किया कि उनकी पार्टी ने पी ए संगमा को संभावित उम्मीदवार के रूप में समर्थन किया है। पवार ने यहां नवी मुंबई में लड़कियों के हॉस्टल का उद्घाटन करने के बाद कहा, अगले राष्ट्रपति के लिये संप्रग और राजग दोनों ही के पास अपनी पसंद का उम्मीदवार जिताने के लिये आवश्यक संख्याबल नहीं है। इसलिये मैं समझता हूं कि एक गैर राजनीतिक व्यक्ति एक आदर्श पसंद हो सकता है। पवार राकांपा द्वारा पार्टी के नेता और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी ए संगमा को संभावित उम्मीदवार के रूप में नाम सुझाये जाने को लेकर पूछे गये सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, हमारे पास कुल 16 सांसद हैं और अपनी सीमायें जानते हैं। सभी राजनीतिक दलों को योग्यता के आधार पर एक सर्वमान्य उम्मीदवार तलाश करने के लिये एक बातचीत शुरू करनी चाहिये जिसका राजनीतिक आधार नहीं है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का कार्यकाल जुलाई महीने में खत्म हो रहा है।

शुक्रवार, 20 अप्रैल 2012

फैसले लेने में नाकाम रही सरकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार कौशिक बसु ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आर्थिक घोटाले व गठबंधन की सरकार देश में आर्थिक सुधारों में रोड़ा बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा फैसला नहीं लेने का खामियाजा देश को आने वाले और दो साल तक भुगतना पड़ेगा। कौशिक बसु ने कहा कि एक के बाद एक हो रहे घोटाले से देश पर बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा गठबंधन सरकार में महंगाई व कृषि उत्पादन में गिरावट के चलते सरकार की फैसले लेने की रफ्तार भी मंद पड़ी है। बसु का कहना है कि देश में आर्थिक सुधार की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है और 2014 में होने वाले आम चुनाव से पहले इसमें रफ्तार पकड़ने की उम्मीद नहीं है। सुधार के उपाय बसु की माने तो रिटेल सेक्टर में विदेशी निवेश [एफडीआई] को मंजूरी देना भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण सुधार है, जो अभी तक रूका पड़ा है। कौशिक बसु ने ये बातें वाशिंगटन में इंटरनेशनल मानेटरी फंड [आईएमएफ] व वर्ल्ड बैंक की सालाना बैठक के दौरान कही। विपक्ष का सरकार पर हमला बसु के इस खुलासे के बाद विपक्ष ने अपना हमला तेज कर दिया है। पूर्व वित्त मंत्री व बीजेपी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा का कहना है कि बसु के इस ब्यान से विदेशी निवेशकों में भारत में निवेश को लेकर आशंका बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। बचाव में सरकार केंद्रीय मंत्री नारायण सामी का कहना है कि आर्थिक मंदी के इस दौर में भारत को गहरा झटका लगा है, लेकिन सरकार विकास को बढ़ाने में पुरी तरह से प्रयत्‍‌न कर रही है। गौरतलब है कि यूपीए-2 में विकास दर की रफ्तार मई 2009 से अब तक 10 फीसदी से घटकर 6 फीसदी तक पहुंच गई है। सरकार सब्सिडी पर अपनी जीडीपी का 3 फीसदी पैसा खर्च कर रही है जो बहुत ज्यादा है। यदि सरकार सब्सिडी को घटा देती है तब बहुत हद तक हालात को काबू में किया जा सकता है, लेकिन गठबंधन के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा है।

पाक में विमान हादसा, 121 के मरने की आशंका

पाकिस्तान की राजधानी इसलामाबाद के निकट शुक्रवार को शाम के समय एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में करीब 121 लोगों के मारे जाने की आशंका है। विमान में चालक दल के सदस्यों सहित 127 यात्री थे। इसलामाबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट यह विमान दुर्घटना हुई। कंट्रोल टावर से संपर्क टूटने से हुआ हादसा सूत्रों के मुताबिक बोइंग 737 विमान शाम को 5 बजे कराची से उड़ा था। विमान में 118 यात्री और चालक दल के नौ सदस्य सवार थे। लैंड करते समय विमान का संपर्क कंट्रोल टॉवर से टूट गया, और यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। बताया जा रहा है कि मौसब खराब होने के कारण यह हादसा हुआ।

अन्ना, रामदेव भरेंगे हुंकार

नई दिल्ली। जन लोकपाल, भ्रष्टाचार और काला धन के खिलाफ अलग-अलग अभियान चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे व योग गुरु बाबा रामदेव के एक साथ मिलकर आंदोलन करने के एलान के बाद सरकार की मुश्किलें बढ़ने की भी संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। क्योंकि अभी तक अन्ना हजारे व बाबा रामदेव अलग-अलग आंदोलन कर रहे थे, और जाकर एक हुए हैं। अब यह भी देखना है कि क्या बाबा रामदेव विदेश में जमा काला धन वापस लाने में और अन्ना जन लोकपाल कानून बनवाने में कामयाब हो पाएंगे? गौरतलब है कि अन्ना हजारे जन लोकपाल कानून के लिए और बाबा रामदेव काला धन के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं। दोनों की लड़ाई केंद्र सरकार से है। कौन हैं अन्ना हजारे? भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का जन्म 15 जून, 1937 को महाराष्ट्र के अहमदनगर के भिंगार गांव के एक मराठा किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबूराव हजारे और मां का नाम लक्ष्मीबाई हजारे था। उनका बचपन बहुत गरीबी में गुजरा। पिता मजदूर थे। दादा फौज में। दादा की तैनाती भिंगनगर में थी। वैसे अन्ना के पुरखों का गांव अहमद नगर जिले में ही स्थित रालेगण सिद्धि में था। दादा की मौत के सात साल बाद अन्ना का परिवार रालेगण आ गया। अन्ना के छह भाई हैं। परिवार में तंगी का आलम देखकर अन्ना की बुआ उन्हें मुंबई ले गई। वहां उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की। परिवार पर कष्टों का बोझ देखकर वह दादर स्टेशन के बाहर एक फूल बेचनेवाले की दुकान में 40 रुपये की पगार में काम करने लगे। इसके बाद उन्होंने फूलों की अपनी दुकान खोल ली और अपने दो भाइयों को भी रालेगण से बुला लिया। भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन भ्रष्टाचार के धुर विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पहचान नब्बे के दशक में बनी। अन्ना की राष्ट्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार के धुर विरोधी सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पहचान नब्बे के दशक में बनी जब उन्होंने 1991 में भ्रष्टाचार विरोधी जनआंदोलन की शुरुआत की। सरकार विरोधी मुहिम रालेगांव सिद्धी गांव में अन्ना इसी मंदिर में रहते हैं। 2003 में अन्ना ने कांग्रेस और एनसीपी सरकार के कथित तौर पर चार भ्रष्ट मंत्रियों-सुरेश दादा जैन, नवाब मलिक, विजय कुमार गावित व पद्मसिंह पाटिल के खिलाफ मुहिम छेड़ दी और भूख हड़ताल पर बैठ गए। कौन हैं बाबा रामदेव? बाबा रामदेव का जन्म संभवत: सन् 1965 में हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अलीपुर के नारनौल गांव के एक अशिक्षित परिवार में हुआ। माता-पिता ने उनका नाम 'रामकृष्ण यादव रखा। रामदेव के बचपन ने उनके भविष्य के जीवन पर एक चिरस्थायी प्रभाव डाला था। जब वे बालक थे, उनके शरीर का बायां हिस्सा पक्षाघात से ग्रस्त हो गया। योग शिक्षा या व्यापार? रामदेव को एक सफल कॉरपोरेट व्यवसायी भी माना जाता है। योग शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए बनाया गया उनका पातंजलि योगपीठ दुनिया में अपनी तरह का सबसे बड़ा संस्थान है। रामदेव का दावा है कि योग और उनकी दवाओं से अधिकतम बीमारियां ठीक की जा सकती हैं। उन्होंने हरिद्वार में ही दिव्या फार्मेसी नाम की एशिया की सबसे बड़ी औषधियों की फैक्ट्री भी लगाई है। वहां दवाओं के अलावा जैविक तरीके से बनाई गई खाने-पीने की चीजें [आटा, बेसन, जैम, पिस्ता, दलिया, जूस, तेल, बिस्कुट, शर्बत इत्यादि] भी बिकती हैं। महत्वाकांक्षी राजनीतिज्ञ हरिद्वार में अपना आश्रम बनाने वाले रामदेव का जन्म हरियाणा के एक गांव में हुआ था। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने संस्कृत और योग शिक्षा में आगे की पढ़ाई की। बताया जाता है कि शुरुआत में उन्होंने कई गुरुकुलों में योग सिखाया। अब स्कॉटलैंड का एक द्वीप भी उनकी ट्रस्ट के नाम पर है। वो ब्रिटेन, अमरीका, जापान, चीन, वियतनाम व सीरिया जैसे देशों का दौरा भी कर चुके हैं। जानकारों का मानना है कि बाब रामदेव की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ने के पीछे एक बड़ी वजह मीडिया की बढ़ती पहुंच है। ब्रिटेन में तो उन्हें महारानी एलिजाबेथ ने विशेष अतिथि के तौर पर चाय की दावत पर बुलाया था। सफल रहा है अनशन का अस्त्र बाबा रामदेव ने जब 27 फरवरी 2011 को रामलीला मैदान में जनसभा की थी तो उसमें प्राय: सभी विचारधाराओं के लोग शामिल हुए थे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच अप्रैल 2011 से अन्ना हजारे ने सत्याग्रह के साथ आमरण अनशन की घोषणा की, जिसमें एक दिन के लिए बाबा रामदेव भी शामिल हुए। उसके पश्चात जंतर-मंतर पर बढ़ रही अप्रत्याशित भीड़ को देख कर सरकार चिंतित हुई और लोकपाल बिल लाने का आश्वासन देकर अन्ना का अनशन तुड़वा दिया। जैसे ही अन्ना ने दिल्ली से प्रस्थान किया सरकार द्वारा लोकपाल कमेटी में शामिल लोगों के प्रति जनता में अविश्वास फैलाने का कुचक्र रचा जाने लगा और भ्रष्टाचार रूपी सार्वजनिक मुद्दे के सांप को लोकपाल के बिल में घुसा दिया गया। रामलीला मैदान में रावण लीला बाबा व उनके साथी सत्याग्रही दिन भर की गर्मी और भूख से शिथिल होकर रामलीला मैदान में पुलिस के साए में अपने को पूरी तरह से सुरक्षित मानकर गहरी निद्रा में सोए हुए थे, मीडिया कर्मी भी अपने-अपने साजो-सामान के साथ वहीं सो रहे थे कि रात के अंधेरे में सरकारी आदेश पाकर बहुत बड़ी संख्या में रिजर्व पुलिस फोर्स व रैपिड एक्शन फोर्स के अधिकारी व सिपाही भूखे भेड़िये की तरह सत्याग्रहियों पर बुरी तरह टूट पडे़ और उन पर लाठी चार्ज करके उन्हें रामलीला मैदान से बाहर खदेड़ने लगे। आधी रात चीख पुकार सुन कर मीडिया कर्मी भी हड़बडाहट में उठ बैठे और उन्होंने अपने-अपने कैमरे ऑन कर दिए। पुलिस शायद इस गलतफहमी में थी कि आधी रात गए वहां कौन होगा, जो उनकी इस बर्बरता पूर्ण कार्रवाई को रिकार्ड करने आएगा। छीना झपटी में कई के कैमरे टूटे, कइयों के हाथ पैर टूटे और जो बाकी बचे उनके हौंसले टूटे। परंतु फिर भी मीडिया कर्मी नौजवान डटे रहे, हटे नहीं।

गुरुवार, 19 अप्रैल 2012

शनिचरी अमावस्या पर बरसेगी विशेष किरपा

- राजकुमार सोनी शनिवार के दिन शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। 21 अप्रैल को शनिचरी अमावस्या है। श्यामवर्णी शनिदेव को काला रंग बहुत प्रिय है इसीलिए शनिदेव की कृपा पाने के लिए आज अमावस्या के अंधकार में शनि देव का ध्यान किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार- यह संपूर्ण ब्रह्मांड 360 डिग्री में विभक्त है। जिसे 12 राशियों में विभक्त करने पर 30 डिग्री की एक राशि होती है। सूर्य की परिक्रमा करने वाले नौ ग्रहों में शनि भी एक ग्रह है। जिसे सबसे धीमी गति के ग्रह के नाम से जाना जाता है क्योंकि इस ग्रह को 30 डिग्री की एक राशि को पार करने में लगभग ढ़ाई वर्ष का समय लगता है। क्या कहता है ज्योतिष : ज्योतिषाचार्य पंडित विष्णु राजौरिया के अनुसार- यह अमावस्या कर्क, सिंह और कन्या राशि वाले जातकों के लिए कष्टकारी है। सबसे अधिक प्रभाव सिंह राशि वाले जातकों पर पड़ेगा। अत: उन्हें आज के दिन शनिदेव की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए। 15 नवंबर 2011 से शनि राशि बदलकर कन्या से तुला में आ गया था। इस वजह से सभी कन्या, तुला एवं वृश्चिक राशि वालों को शनि की साढ़ेसाती एवं कर्क तथा मीन राशि वालों को ढैय्या का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी लोगों को शनिश्चरी अमावस पर शनि के निमित्त दान-पुण्य और काल सर्प दोष, पित्र दोष, ग्रहण दोष एवं चाण्डाल दोष आदिकी पूजा अवश्य करनी चाहिए। शनि की पूर्ण दृष्टि धनु एवं कर्क राशि पर पडऩे से अशांति, बीमारी, मानसिक तनाव एवं सामाजिक परेशानियां से इस राशि वाले भी प्रभावित हो रहे हैं। शनिवार को आने वाली शनिश्चरी अमावस्या के दिन शनि दोष से प्रभावित व्यक्ति , काल सर्प दोष, पित्र दोष, ग्रहण दोष एवं चाण्डाल दोष से प्रभावित लोग इस अमावस्या पर पूजन एवं दान कर परेशानियों से राहत प्राप्त कर सकते हैं। क्या करें : शनिचरी अमावस्या के दिन दान-पुण्य, स्नान आदि का विशेष महत्व है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कुछ लोग मंदिरों के बाहर अपने चप्पल व कपड़े छोड़कर चले जाते है। आज के दिन हमें जरूरतमंदों को वस्त्र, फल, अनाज आदि का दान करना चाहिए तथा विपदानाश के लिए ओम शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए। पवित्र नदी के जल में स्नान कर शनि देव को तेल, लौहा व काले तिल अर्पित करना चाहिए। मोक्षदायिनी उज्जैयिनी एक ऐसी नगरी है जहाँ हरसिद्धी देवी, काल भैरव और महाकाली तीनों ही विराजीत है। अत: शनिवार के दिन पुण्यसलिला क्षिप्रा में स्नान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। कोई ग्रह खराब या बुरा नहीं होता। शनि के बारे में हमारे मन में कई भ्रामक धारणाएँ है। शनि भी फलदायक ग्रह है। आज शनिचरी अमावस्या के दिन शनि की उपासना करके हम शनि के कृपा पात्र बन सकते हैं। राशियों पर प्रभाव मेष : अच्छा समय, चिंता का निवारण होगा, पद-प्रतिष्ठा और घर-वाहन सुख के लिए अच्छा है। वृषभ : शुक्र के कारण कला के कार्य में सफलता व प्रतिष्ठा मिलेगी। संतान की चिंता का निवारण होगा। खान-पान का ध्यान रखें। मिथुन : समय बहुत पक्ष का नहीं है। आलस, निराशा और कटु वाणी से बचें। माँ के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। कर्क : समय पक्ष का है। तनाव कम होगा। अटके काम बनेंगे। गुरु का आशीर्वाद और स्त्री पक्ष से लाभ होगा। सिंह : स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। जिन्हें शुगर या कफ की शिकायत हैं वे परहेज करें। बाकी समय ठीक है। कन्या : मन का असमंजस दूर होगा। काम में मन लगेगा। कला या लेखन से आय होगी। तुला : भावावेश में निर्णय न लें। अधिक जोश व रिस्क लेने का समय नहीं है। शान्ति और संयम से कार्य करते रहें। वृश्चिक : शुक्र और शनि कलाकारों को निश्चित ही लाभ देने वाले हैं। मेहनत जारी रखें। निर्णय शान्ति से लें। गुरु की सेवा करें। धनु : कफ व साँस के रोगी सावधानी रखें। शेष के लिए अच्छा समय है। चिंता दूर होगी, अटके काम बनते जाएँगे। मकर : नए परिचय लाभ देंगे। पुरानी मेहनत या निवेश का फायदा मिलेगा। जल्दबाजी न करें। माता-पिता का अनादर न करें। कुंभ :थोड़ा सावधान रहना होगा। शत्रु सक्रिय होंगे। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर रह सकता है। परहेज करें व कागज-पत्रों के व्यवहार में चुस्त रहें। मीन : मन में असमंजस और तनाव रह सकता है। अपने निर्णयों पर शंका रहेगी। अत: गुरु या बड़ों की सलाह अवश्य लें। कार्य सिद्धि हेतु अधिक प्रयास करना होगा। विशेष : अगर आप कई वर्षों से जटिल समस्याओं से घिर हैं और तत्काल निदान चाहते हैं तो संपर्क करें : panditraj259@gmail.com

बुधवार, 18 अप्रैल 2012

सूरज सी हैं तेज बेटियां

31 अक्टूबर का दिन भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिये बहुत खास था। खास इस लिये कि इसी दिन दुनिया के सात अरबवें शिशु का जन्म हुआ। और वह भी एक लड़की के रूप में। हमारे अपने प्रदेश लखनऊ के माल कस्बे में पैदा हुई नरगिस को दुनिया की सात अरबवां शिशु बनने का गौरव मिला। पूरी दुनिया से उसे बधाइयां मिली। वह अखबारों, न्यूज चैनल की सुर्खियों में आई। धरती पर नरगिस का खूब जोरदार स्वागत हुआ। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून से लेकर मल्लिका साराभाई, सुनीता नारायण जैसी हस्तियों और तमाम स्वयंसेवी संस्थाओं ने नरगिस के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कुल मिलाकर पूरी दुनिया में उसके पैदा होने की चर्चा से एक जश्न का माहौल बन गया। एक तरह से देखा जाय तो दुनिया भर की बेटियों के लिये यह बहुत ही शुभ अवसर था। लेकिन अगर हम सच्चाई की बात करें तो हमारे देश में परिदृश्य काफ़ी भयावह है। हमारे देश और समाज में आज भी लड़कियों को वह दर्जा नहीं मिल सका जो उसे मिलना चाहिये। आज भी हमारे देश में कन्या का जन्म एक अभिशाप माना जा रहा है। तमाम सरकारी कानून और बन्दिशों के बावजूद आज भी लोग पैथालॉजी सेन्टर्स पर जाकर भ्रूण लिंग परीक्षण करवा रहे हैं। आज भी ऐसी बर्बर मानसिकता के लोग हैं जो ऑनर किलिंग जैसे पाशविक कारनामे करते हैं। आज भी सड़क पर चलने वाली लड़कियां सुरक्षित नहीं। और इसी का नतीजा है कि 2011 की जनगणना के अनुसार हमारे देश में शून्य से छह साल की उम्र में एक हजार लड़कों के पीछे लड़कियों की संख्या महज 914 हो गयी है। यानि कि लड़के लड़कियों की संख्या में भी अन्तर बढ़ रहा है। यहां सवाल यह उठता है कि यह अन्तर कम कैसे किया जाय? लोगों की मानसिकता कैसे बदली जाय? लड़कियों को उनका हक कैसे दिलवाया जाय? समाज की सोच कैसे बदली जाय? हमें इन प्रश्नों का उत्तर सीधे अपने परिवार से ही ढूंढ़ना पड़ेगा। क्योंकि परिवार हमारे समाज की इकाई है। परिवार से ही लड़की और लड़के के बीच अन्तर की शुरुआत होती है। और इस अन्तर को खतम करने की शुरुआत और रास्ते भी हमें अपने परिवार में ही बनाने होंगे। सबसे पहले हमें यह देखना होगा कि परिवार में हम किस तरह से अपने ही बच्चों में यह भेद पैदा कर रहे हैं। शिशु के जन्म का उत्सव: आज इतने शिक्षित, सभ्य और सुसंस्कृत हो जाने के बावजूद बहुत से परिवार आपको ऐसे मिलेंगे जहां बेटे के पैदा होने पर तो अच्छा खासा जश्न मनाया जाता है। लेकिन अगर कहीं गलती से पैदा होने वाला शिशु बेटी है तो उसके पैदा होने पर जश्न की मात्र औपचारिकता निभा दी जाती है। घर वालों में वह उत्साह नहीं दिखता जो एक नवागत के आने पर होना चाहिये। खानपान में अन्तर: मेरे समझ में यह बात आज तक नहीं आई कि परिवार में खाना खाते समय घर के पुरुषों, लड़कों को खाना पहले क्यों परोसा जाता है और महिलाओं और लड़कियों को बाद में? अगर लड़कियों को पहले खाना खिला दिया जायेगा तो क्या खाना खतम हो जायेगा या उसकी महत्ता कम हो जायेगी? घरों की बात छोड़िये अगर आप शादी विवाह या किसी अन्य समारोह में जायेंगे तो वहां भी यही रीति अपनायी जाती है। जबकि हम हमेशा नारा देते हैं “लेडीज फ़र्स्ट” का। इतना ही नहीं अक्सर हम यह मानकर कि लड़कों को ज्यादा मेहनत करनी है—उन्हें अधिक पोषक खाना देते हैं और लड़कियों को कम। क्या लड़कियों को पोषण की जरूरत नहीं है? (जबकि सच्चाई यह है कि लड़कियां ज्यादा शारीरिक श्रम करती हैं, उन्हें भविष्य में मां भी बनना है इस दृष्टि से भी उन्हें ज्यादा पोषक खाने की जरूरत रहती है। घरेलू काम काज : आज भी हमारे परिवारों की मनसिकता यही बनी है कि घरेलू कामकाज लड़कियों की जिम्मेदारी है। अगर आपका बेटा-बेटी दोनों सामने हैं तो हमेशा आप कहते हैं कि “बिटिया जरा एक गिलास पानी पिलाना—न कि बेटा जरा एक गिलास पानी लाओ। ऐसा हम क्यों करते हैं? यदि पति पत्नी दोनों ही सर्विस करने वाले हैं तो घर लौटने पर पति पत्नी से उम्मीद करता है कि वो एक प्याली चाय बना कर उसे दे। कभी खुद इस दिशा में पहल नहीं करता। घर की सब्जी काटना, बर्तन, चूल्हा चौका, कपड़े धोना इन सबके लिये हम परिवार की लड़कियों को ही क्यों आदेश देते हैं। लड़कों को क्यों नहीं? हमे अपनी इस सोच और मानसिकता को बदलना ही होगा। शिक्षा दीक्षा : अपने ही बच्चों को शिक्षा देने के मामले में भी हम हमेशा लड़कों को ही स्कूल भेजने की दिशा में पहल करते हैं। लड़कियों को बाद में यह अवसर देते हैं। जबकि लड़कियों को शिक्षित करना ज्यादा जरूरी है। इस दृष्टि से कि उसे तो दो घरों की(आपके और ससुराल के) की जिम्मेदारियां सम्हालनी हैं। लड़का तो बस आपके ही परिवार को चलायेगा। यद्यपि इस दिशा में हमारे समाज की सोच थोड़ा तो बदली है लेकिन उतनी नहीं जितनी बदलनी चाहिये। हमें इस बिन्दु पर खास तौर से अधिक ध्यान देने की जरूरत है। कहीं कहा भी गया है कि मां ही पहली शिक्षक होती है। यानि कि आपकी लड़की का पढ़ना लिखना इस लिये भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि वह भविष्य में मां बनेगी। अगर वह पढ़ी लिखी रहेगी तो आपके ,ससुराल के घर को स्सुव्यव्स्थित रूप से संचालित करने के साथ ही अपने शिशु को शिक्षित, संस्कारित करके देश को एक अच्छा जिम्मेदार नागरिक भी प्रदान करेगी। खेलकूद एवम अन्य गतिविधियों के अवसर: आम भारतीय परिवारों में अक्सर यह दृश्य देखने को मिलता है कि लड़के लड़की दोनों स्कूल से आये। और लड़का तो आते ही बस्ता एक तरफ़ फ़ेंक कर भागा सीधे मैदान की ओर। दोस्तों के साथ खेलने के लिये। और लड़की बेचारी बस्ता रखते ही जुट गई मां के साथ घरेलू कामों में हाथ बटाने के लिये। और परिवार का मुखिया यानि पिता बड़े गर्व से अपने दोस्तों, रिश्तेदारों से यह कहता है कि देखो मेरी बिटिया कितनी समझदार है जो स्कूल से आते ही घर के काम में जुट गई। बात उनकी सही है—लड़की तो समझदार है ही। लेकिन क्या उसको खेलने कूदने मनोरंजन का अवसर नहीं मिलने चाहिये? वो खुद कभी अपनी बिटिया से यह कहते कि बिटिया जाओ तुम भी थोड़ी देर अपनी सहेलियों के साथ खेल कूद आओ। लाओ घर के काम मैं करवा देता हूं। हमें अपने परिवारों की यह मानसिकता भी बदलने की जरूरत है। कपड़े पहनावे के स्तर पर अन्तर: कभी भी कोई त्योहार या उत्सव होगा नये कपड़े बनवाने का अवसर हम परिवार में सबसे पहले लड़के को देते हैं। लड़कियों का नम्बर बाद में आता है? क्यों भाई? क्या लड़की को नये कपड़े पहनने का हक नहीं? या उसके कपड़े बनवाने पर आपका खजाना खतम हो जायेगा। आप पहले लड़कियों के कपड़े बनवाने की बात क्यों नहीं करते? हमें इस सोच को भी बदलने की आवश्यकता है। शादी विवाह का निर्णय : लड़के लड़की के अन्तर का सबसे अहम प्रश्न और महत्वपूर्ण बिन्दु है यह हमारे भारतीय समाज का। हम अपने बेटे की शादी तय करते समय तो लड़की देखने, पसन्द-नापसन्द, पढ़ाई-लिखाई हर मुद्दे पर अपने बेटे को अपने साथ रखते हैं। उसकी सलाह लेते हैं। उसके कहने पर कई लड़कियों को देख कर रिजेक्ट कर देते हैं। लेकिन लड़की के लिये? क्या कभी हम शादी विवाह के समय उसकी पसन्द-नापसन्द के बारे में सोचते हैं। या उससे पूछते हैं कि बेटी तुम्हें किस नौकरी वाले लड़के को अपना जीवन साथी बनाना है? या कि अभी तुम विवाह करने के लिये मानसिक रूप से तैयार हो? क्या लड़कियों को अपने जीवन साथी के बारे में निर्णय लेने का कोई अधिकार नहीं है? क्या वह मात्र एक हाड़ मास की पुतली है जिसे हम किसी भी व्यक्ति के साथ बांध कर अपने उत्तरदायित्व से छुटकारा पा जाना चाहते हैं? भारतीय समाज और परिवार की इस सोच को भी बदलना ही होगा। तभी हम लड़कियों की बराबरी का दर्जा देने के स्वप्न को पूरा कर सकेंगे। ये कुछ ऐसे महत्वपूर्ण बिन्दु हैं हमारे समाज और परिवार के जिन पर चिन्तन करके, जिनमें बदलाव लाकर ही हम दुनिया की सात अरबवीं शिशु बनने का गौरव पाने वाली प्यारी बिटिया नरगिस और उसके जैसी दुनिया भर की सभी बेटियों को उनका हक़, सम्मान, और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को बढ़ा सकेंगे। और कवियत्री पूनम श्रीवास्तव के गीत बेटियां की इन पंक्तियों को साकार कर सकेंगे। सूरज से हैं तेज बेटियाँ/चाँद की शीतल छाँव बेटियाँ/झिलमिल तारों सी होती हैं/दुनिया को सौगात बेटियाँ/कोयल की संगीत बेटियाँ/पायल की झंकार बेटियाँ/सात सुरों की सरगम जैसी/वीणा की वरदान बेटियाँ/घर की हैं मुस्कान बेटियाँ/लक्ष्मी का हैं मान बेटियाँ/माँ बापू और कुनबे भर की/सचमुच होती जान बेटियाँ। डा. हेमंत कुमार (लेखक वतर्मान में शैक्षिक दूरदर्शन केंद्र,लखनऊ में लेक्चरर प्रोडक्शन पद पर कार्यरत हैं)

लकी ड्रॉ ने भारतीय को बनाया करोड़पति

दुबई ।। अबू धाबी में रहने वाले एक भारतीय की किस्मत अचानक ऐसी चमकी कि कोई भी दंग रह जाए। इन जनाब को एक लकी ड्रॉ में पूरे पांच करोड़ रुपए हाथ लगे। इससे पहले उन्होंने चार बार और इस ड्रॉ में हाथ आजमाया था लेकिन, तब किस्मत उसके साथ नहीं थी। इस जीत के साथ ही सुगुमारन राजन कतर ड्यूटी फ्री के नौंवे विजेता बन गए हैं। ड्रॉ का टिकट उन्होंने दोहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खरीदा था। जीत पर उन्होंने कहा, मेरे और मेरे परिवार के लिए यह सरप्राइज है। मैंने इससे पहले भी चार बार ड्रॉ का टिकट खरीदा था, लेकिन इस बार मुझे इसका इनाम मिला। इस पैसे का इस्तेमाल मैं अपने बच्चों के भविष्य के लिए करूंगा। इनाम के लिए कतर ड्यूटी फ्री को धन्यवाद।

दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में ममता 'दीदी'

न्यू यॉर्क।। पश्चिम बंगाल में तीन दशक तक शासन करने वाले वामपंथियों के विकल्प के तौर पर राज्य के लोगों को एक नया नेतृत्व देने वालीं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को मशहूर मैगज़ीन 'टाइम' ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में शुमार किया है। ममता के अलावा अमेरिका के मशहूर उद्योगपति वॉरेन बफे, पाकिस्तान की ओर से ऑस्कर जीतने वालीं फिल्मकार शरमीन ओबैद चिनॉय और फेसबुक सीओओ शेरिलन सैंडबर्ग के साथ कई अन्य मशहूर हस्तियों को टाइम की लिस्ट में जगह मिली है। भारतीय वकील अंजलि गोपालन को भी टाइम ने प्रभावशाली लोगों में जगह दी है। वह समलैंगिकों और किन्नरों के अधिकारों के लिए काम करती रही हैं। भारत से सिर्फ इन दो लोगों को टाइम ने 100 ताकतवर लोगों में शामिल किया है। टाइम ने साल 2012 के लिए 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट जारी की है। इस बार अमेरिकी बॉस्केटबाल खिलाड़ी जेरेमी लिन को टॉप पॉजिशन दी गई है। टाइम ने कहा है कि ममता को उनके समर्थक दीदी कहते हैं और आलोचक भी उनके संघर्ष को स्वीकार करते हैं। मैगज़ीन ने लिखा, 'ममता ने खुद को एक परिपूर्ण नेता के तौर पर साबित किया है। एक के बाद एक चुनाव में उन्होंने अपनी ताकत का विस्तार किया है।' टाइम ने कहा कि ममता एक लोअर मिडिलक्लास बैकग्राउंड वाली महिला हैं। लेकिन यह उस देश में उनकी राह में रोड़ा नहीं बना जो वंशवाद के कारण जाना जाता है। हाल के दिनों में 57 साल की ममता और केंद्र सरकार के बीच कई बार टकराव की स्थिति पैदा हुई है। केंद्र के साथ टकराव और अपने कुछ फैसलों के कारण पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुर्खियों में रही हैं। किराए बढ़ाने के कारण अपनी पार्टी के रेल मंत्री (पूर्व) दिनेश त्रिवेदी को हटाने, एनसीटीसी, खुदरा क्षेत्र में एफडीआई और कई अन्य ऐसे मुद्दे रहे, जब ममता केंद्र सरकार के सामने तनकर खड़ी नजर आईं।